Skip to main content

Rog Mukti Ke Liye Totka In Hindi Jyotish

Rog Mukti Ke Liye Totka In Hindi Jyotish, क्या करे रोग मुक्ति के लिए, कैसे दूर करे रोगों को जीवन से ज्योतिष के माध्यम से.

इसमें कोई शक नहीं की हममे से कोई भी रोग या बीमारी नहीं चाहता है और इससे कोई बच भी नहीं पाता है. किसी ना किसी प्रकार के रोग हमेशा ही जीवन में परेशानी उत्पन्न करते रहते हैं. अगर कोई रोगों से ग्रस्त है तो ये लेख आपकी मदद कर सकता है.
all about Rog Mukti Ke Liye Totka In Hindi Jyotish
Rog Mukti Ke Liye Totka In Hindi Jyotish
ऐसे बहुत सी पूजाएँ है, टोटके है, कर्म काण्ड है जिनके द्वारा गंभीर रोगों से मुक्ति में सहायता मिलती है.

आइये जानते हैं कुछ आसान टोटके बिमारी से बचाव के लिए:

  1. अगर कोई लम्बे समय से बिमारी से ग्रस्त है संतोषजनक परिणाम नहीं मिल रहा हो तो गेहू के आटे का एक पेड़ा बनाएं और एक लोटा पानी ले. अब इन दोनों चीजो को बीमार व्यक्ति के ऊपर से २१ बार उतारे, पेड़ा तो गाय को खिला दे और पानी किसी पौधे में डाल दे. ऐसा रविवार से शुरू करके ७ दिन करे और परिणाम देखे.
  2. इलाज के लिए जब भी डॉक्टर के पास जाए तो सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को जाएँ.
  3. ये भी अच्छा रहेगा अगर आप अमृत के चोघडिये में डॉक्टर से सलाह लेने जाएँ.
  4. जब भी दावा ले तो सबसे पहले महामृत्युंजय मंत्र का जप करे थोड़ी देर फिर दावा पे फूंक मारे और फिर उस दावा लो ले. इससे दवा बहुत अच्छा असर करेगी.
  5. अगर कुंडली में ख़राब शनि के कारण रोग परेशान कर रहा हो तो शनिवार को शनि की किसी वास्तु से तुला दान करे जैसे तेल, कोयला, लोहा आदि. इसके अलावा शनि शांति की पूजा के लिए ज्योतिष से संपर्क करे.
  6. ज्योतिष से संपर्क करे और अपनी कुंडली दिखा कर ग्रहों के हिसाब से उपाय करे क्यूंकि ज्योतिष में कुछ स्वास्थ्य सम्बंधित योगो का उल्लेख है जिसके कारण भी जातक को कष्ट उठाना पड़ता है और उसके उपाय उसके हिसाब से करने होते हैं.
  7. रोग मुक्ति के लिए पीपल पर जल चढ़ाएं प्रातः काल और शाम को एक दीपक जालायें सरसों के तेल का और ७ परिक्रमा लेके रोग मुक्ति के लिए प्रार्थना करे. ये टोटका कम से कम ७ दिन जरुर करे, पीपल के टोटके बहुत जल्दी असर दिखाते हैं. .
  8. बीमारी दूर करने के लिए एक और टोटका काफी अच्छा है, इसके लिये काले तिल और जौ का आटा लेके सरसों के तेल से मेल और रोटी बनाएं. इसे रोगी के ऊपर से २१ बार उतार के भेंस को खिला दे.
  9. अगर कुंडली में अशुभ चन्द्रमा के कारण बिमारी तकलीफ दे रहा हो तो रोज सोने के समय एक गिलास पानी अपने सिरहाने रखे और प्रातः काल उसे किसी पेड़ पर डाल दे. ऐसा ४० दिन करे और साथ ही चन्द्र शांति पूजा करवाए ज्योतिष से परामर्श लेके.Rog Mukti Ke Liye Totka In Hindi Jyotish, क्या करे रोग मुक्ति के लिए, कैसे दूर करे रोगों को जीवन से ज्योतिष के माध्यम से.
  10. अगर कुंडली में अशुभ मंगल के कारण रोग दे रहा हो तो मंगलवार को लाल गाय को गुड़ खिलाएं और साथ थी ज्योतिष से परामर्श करके मंगल शांति पूजा करवाएं.
  11. अगर अशुभ बुध के कारण स्वास्थ्य बिगड़ रहा हो तो बुधवार को चिडियों को हरी डाल खिलाएं साथ ही गाय को घास खिलाएं. ज्योतिष से परामर्श लेके बुध शांति पूजा भी लाभदायक रहेगा.
  12. अगर शत्रु राशि का गुरु कुंडली में बैठके रोग उत्पन्न कर रहा हो तो गुरुवार को चना दाल का दान करे और गुरु शांति पूजा करवाएं.
  13. अगर अशुभ शुक्र ग्रह के कारण कुछ परेशानी आ रही हो तो शुक्रवार को खीर का प्रसाद बांटे और ज्योतिष से परामर्श करके शुक्र शांति पूजा करवाएं.
  14. अगर आपको लगता है की काले जादू के कारण आपका स्वास्थ्य खराब हो रहा है तो आपको उतारे करने चाहिए ज्योतिष से परामर्श करके और कवच धारण करना चाहिए.
अतः रोग मुक्ति के लिए हम बहुत कुछ कर सकते हैं. अगर आप भी किसी गंभीर रोग से ग्रस्त है और दवाइयां काम नहीं कर रही है तो ज्योतिष से संपर्क करे और पायें समाधान.



Rog Mukti Ke Liye Totka In Hindi Jyotish, क्या करे रोग मुक्ति के लिए, कैसे दूर करे रोगों को जीवन से ज्योतिष के माध्यम से.

Comments

Popular posts from this blog

Suar Ke Daant Ke Totke

Jyotish Me Suar Ke Daant Ka Prayog, pig teeth locket benefits, Kaise banate hai suar ke daant ka tabij, क्या सूअर के दांत का प्रयोग अंधविश्वास है.

सूअर को साधारणतः हीन दृष्टि से देखा जाता है परन्तु यही सूअर पूजनीय भी है क्यूंकि भगवान् विष्णु ने वराह रूप में सूअर के रूप में अवतार लिया था और धरती को पाताल लोक से निकाला था. और वैसे भी किसी जीव से घृणा करना इश्वर का अपमान है , हर कृति इस विश्व में भगवान् की रचना है.
सूअर दांत के प्रयोग के बारे में आगे बताने से पहले कुछ महत्त्वपूर्ण बाते जानना चाहिए :इस प्रयोग में सिर्फ जंगली सूअर के दांत का प्रयोग होता है.किसी सूअर को जबरदस्त मार के प्रयोग में लाया गया दांत काम नहीं आता है अतः किसी भी प्रकार के हिंसा से बचे और दुसरो को भी सचेत करे.वैदिक ज्योतिष में सूअर के दांत के प्रयोग के बारे में उल्लेख नहीं मिलता है.इसका सूअर के दांत के प्रयोग को महुरत देख के ही करना चाहिए.कई लोगो का मनना है की सुकर दन्त का प्रयोग अंधविश्वास है परन्तु प्रयोग करके इसे जांचा जा सकता है , ऐसे अनेको लोग है जो अपने बच्चो को इसका ताबीज पहनाते हैं और कुछ लोग खुद भी पहनते है …

Kala Jadu Kaise Khatm Kare

काला जादू क्या है , कैसे पता करे काला जादू के असर को, कैसे ख़त्म करे कला जादू के असर को, hindi में जाने काले जादू के बारे में. काला जादू अपने आप में एक खतरनाक विद्या है जो की करने वाले, करवाने वाले और जिस पर किया जा रहा है उन सब का नुक्सान करता है. यही कारण है की इस नाम से भी भय लगता है. अतः ये जरुरी है की इससे जितना हो सके बचा जाए और जितना हो सके उतने सुरक्षा के उपाय किया जाए.
ज्योतिष संसार के इस लेख में आपको हम उसी विषय में अधिक जानकारी देंगे की कैसे हम काले जादू का पता कर सकते हैं और किस प्रकार इससे बचा जा सकता है. प्रतियोगिता अच्छी होती है परन्तु जब ये जूनून बन जाती है तब व्यक्ति गलत ढंग से जीतने के उपाय करने से भी नहीं चुकता है. आज के इस प्रतियोगिता के युग में लोग बस जीतना चाहते हैं और इसके लिए किसी भी हद तक जाने से नहीं चुकते हैं और यही पर काला जादू का प्रयोग करने की कोशिश करते है. संपर्क करे ज्योतिष से मार्गदर्शन के लिए >>
आखिर में क्या है काला जादू? हर चीज के दो पहलु होते हैं एक अच्छा और एक बुरा. काला जादू तंत्र, मंत्र यन्त्र का गलत प्रयोग है जिसके अंतर्गत कुछ शक्तियों को प…

Gola Khisakna Kya Hota Hai Aur Iska Ilaaj Kya Hai

Kya Hota hai gola khisakna, nabhi hatne ka matlab kya hai, kaise thik kar sakte hain dharan ko, janiye kuch asaan tarike nabhi ko thik karne ke.
साधारण शब्दों में नाभि खिसकना : जब हम बात करते हैं शारीर के मध्य इस्थान का तब नाभि का ध्यान आता है, जब हम योग के सन्दर्भ में मनिपुरक चक्र की बात करते हैं तब हमे ध्यान आता है नाभि का, जब भी पेट में दर्द होता है तो ध्यान आता है नाभि का. अतः नाभि हमारे शारीर का एक महात्वपूर्ण अंग है, इसी नाभि को गोला या धारण भी कहते हैं. अंग्रेजी में नाभि को Navel कहते हैं.
ये वास्तव में एक संगम है जहाँ से नाड़ियाँ गुजरती हैं हर प्रकार की , अतः यहाँ पर जाल बना हुआ है नाड़ियों का, इन नाड़ियो को सहारा देने के लिए मांसपेशियां भी होती है और जब ये अपनी जगह से कभी खिसकती हैकिसी कारण से तो उसे कहते हैं “नाड़ी का खिसकना या गोला खिसकना या धरण ”. कभी ये बाएं खिसकता है, कभी ये दायें खिसकता है, कभी ऊपर और कभी निचे खिसकता है.
गोला खिसकने के ज्योतिषीय कारण: मैंने अपने शोध में पाया है की जिन लोगो का गोला ज्यादा खिसकता है उनके कुंडली में छ्टे भाव में कमजोरी होती है अर्थात वहां या त…