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Latest Astrology Updates in Hindi

Surya Ka kark Rashi Mai Gochar Ka Fal

Surya ka kark rashi mai gochar kab hoga 2024, सूर्य का गोचर कर्क राशि में, क्या असर होगा 12 राशियों पर, Rashifal in Hindi Jyotish. Surya Ka kark Rashi Mai Gochar:  वैदिक ज्योतिष में सूर्य ग्रह एक बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रह है क्योंकि इसके राशि परिवर्तन से मौसम में, लोगों के जीवन में, राजनीति में बड़े बदलाव होने लगते हैं। सूर्य हर महीने राशि बदलता है और उसके अनुसार हमारे जीवन में भी बदलाव होते रहते हैं। सूर्य 16 जुलाई, 2024 को भारतीय समय के अनुसार  सुबह लगभग  11:07 बजे कर्क राशि में गोचर करेंगे । यहाँ ये  17 अगस्त 2024 तक रहेंगे | कर्क राशी में सूर्य सम के हो जाते हैं | कर्क राशि वालों के लिए यह गोचर महत्वपूर्ण है। इस समय के दौरान, कर्क राशि के लोग अधिक भावुक और सहज महसूस कर सकते हैं, और वे अपने  आप के साथ अधिक संपर्क में रह सकते हैं। वे दूसरों का अधिक पोषण करने वाले और देखभाल करने वाले भी हो सकते हैं। यह गोचर अन्य राशियों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि सूर्य एक शक्तिशाली ग्रह है जो सकारात्मक ऊर्जा और अवसर लाने में मदद करता है।  Surya Ka kark Rashi Mai Gochar Watch Video here

Ashadh Mahine Ki Gupt Navratri Ka Mahattw

अषाढ़ महीने की गुप्त नवरात्री की महिमा, क्या करे जीवन को सफल बनाने के लिए, कैसे करे माँ दुर्गा की पूजा गुप्त नवरात्री में, Ashad mahine ki gupt navratri 2024.  इस बार    06 July, शनिवार से 15 जुलाई, सोमवार तक अषाढ़ महीने की गुप्त नवरात्री रहेगी , इन दिनों तांत्रिक, सिद्धि हेतु पूजाएँ करते हैं, अध्यात्मिक जिज्ञासु ज्ञान हेतु साधनाएं करते हैं और सांसारिक लोग भौतिक इच्छाओं की पूर्ति हेतु साधना करते हैं. Ashadh Mahine Ki Gupt Navratri Ka Mahattw अनुक्रमणिका : क्या करे गुप्त नवरात्री में जीवन को सफल बनाने के लिए? क्या ना करे गुप्त नवरात्री में दुर्भाग्य को दूर रखने के लिए: आइये जानते हैं की ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी २०२२ के गुप्त नवरात्रि में ? कौन कौन सी पूजाएँ कर सकते है गुप्त नवरात्री में ? Read in english about Ashadh month gupt navratri 2024 क्या करे गुप्त नवरात्री में जीवन को सफल बनाने के लिए? अगर विवाह में बाधा आ रही हो तो माँ कात्यायनी का पूजन करे रोज और प्रार्थना करे. माँ की कृपा से अच्छा जीवन साथी मिलेगा. अगर कोई काला जादू से ग्रस्त है तो उन्हें देवी कवच

Dhumawati Jayanti Ke Upaay

Dhumavati Jayanti 2024, जानिए कौन है धूमावती माता, कैसे होती है इनकी पूजा, dhumawati mata ka mantra kaun sa hai,  Dhumawati Jayanti Ke Upaay. Dhumavati Jayanti 2024:  10 महाविद्याओं में से एक हैं माँ धूमावती और ये भगवती का उग्र रूप हैं | इनकी पूजा से बड़े बड़े उपद्रव शांत हो जाते हैं, जीवन में से रोग, शोक, शत्रु बाधा का नाश होता है | माना जाता है कि धूमावती की पूजा से अलौकिक शक्तियाँ प्राप्त होती हैं जिससे मुसीबतों से सुरक्षा मिलती हैं, भौतिक और अध्यात्मिक इच्छाएं पूरी होती हैं| इनकी पूजा अधिकतर एकल व्यक्ति, विधवाएँ, तपस्वी और तांत्रिक करते हैं |  Dhumawati Jayanti Ke Upaay  Dhumavati Jayanti Kab aati hai ? हिन्दू पंचांग के अनुसार हर साल ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को माँ धूमावती जयंती मनाई जाती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार , मां धूमावती धुएं से प्रकट हुई थीं और ये माता का विधवा रूप भी कहलाती है इसीलिए सुहागिन महिलाएं मां धूमावती का पूजन नहीं करती हैं, बस दूर से दर्शन करती हैं और आशीर्वाद लेती है | Read in english about Importance of Dhumawati jayanti 2024   Dhumava

Navratri Ke liye 9 Shaktishaali Mantra

 नवरात्री के लिए 9 शक्तिशाली मंत्र, Navratri mai puri hongi manokamnaayen in 9 mantro se | मंत्रों में ही देवी देवता का वास माना जाता है इसीलिए किसी भी साधना में मंत्रो की भूमिका अहम् होती है | नवरात्रि के 9 दिनों में हम अपने जीवन में सफलता को आकर्षित करने के लिए, सुख शांति को आकर्षित करने के लिए माता के विभिन्न मंत्रो का जप कर सकते हैं | नवरात्रि के नौ दिनों में शक्ति के नौ रूपों की पूजा होती है | तो इस लेख में हम देवी के 9 रूप और उनसे सम्बंधित मंत्र को जानेंगे | इनके जप से देवी का आवाहन होता है और जीवन में से दुःख, दरिद्रता का नाश होता है |  मन्त्रों का जप दिव्य उर्जा को उत्पन्न करने का सबसे शक्तिशाली तरीका है | मंत्रो के लगातार जप से शरीर और मन शुद्ध होते जाते हैं और साधक इस जीवन के महान उद्देश्य की और बढ़ता जाता है | Navratri Ke liye 9 Shaktishaali Mantra Read about 9 Powerful Mantras For Navratri आइये जानते हैं देवी के 9 शक्तिशाली रूपों से सम्बंधित मंत्रो के बारे में : नवरात्री के प्रथम दिन देवी शैलपुत्री की पूजा होती है : देवी शैलपुत्री पहाड़ों की बेटी हैं | माता शैलपुत्री को

Chaitra Navratri Ki Mahima in hindi Jyotish

कब है चैत्र नवरात्री 2024, chaitra navratri ka mahattwa in hindi, kya kare, जानिए क्या कर सकते हैं जीवन को सफल बनाने के लिए, ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी | जैसा की हम सब जानते है की नवरात्री के 9 दिन बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं, साधना के लिए, मनोकामना पूर्ण करने के लिए, पूजा पाठ करने के लिए. इस बार चैत्र नवरात्री 9 april मंगलवार से शुरू होके 17 april बुधवार तक रहेगी और इस बार 1 सर्वार्थ सिद्धि का योग भी रहेगा |  अगर कोई अपनी मनोकामना पूर्ण करना चाहते है तो उन्हें जरुर माताजी की साधना करना चाहिए इन दिनों मे. Chaitra Navratri Ki Mahima in hindi Jyotish चैत्र महिना हिन्दू पंचांग के हिसाब से पहला महिना होता है इसिलिये भी बहुत महत्त्वपूर्ण है. चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को नवरात्री का पहला दिन होता है. ये दिन गुडी पडवा के रूप मे भी मनाया जाता है, इसके ठीक दूसरे  दिन चेटी चंड मनाया जाता है |चैत्र नवरात्री का नौवा दिन राम नवमी के रूप मे भी मनाया जाता है. ये गर्मियों के दिन की शुरुआत का संकेत भी है अतः हमे साधना द्वारा शक्ति हासिल करना चाहिए जिससे की हम बदलते हुए वाता

Magh Mahine Ki Gupt Navratri Ka Mahattw

Gupt navratri kab se shuru hogi 2024,  माघ महीने की गुप्त नवरात्री का महत्त्व, क्या करे जीवन को आसान और साल बनाने के लिए गुप्त-नवरात्री में. 10 फ़रवरी शनिवार से गुप्त नवरात्री शुरू हो रही है जो की साधना, आराधना, तंत्र, मंत्र साधना, अध्यात्मिक उन्नति के लिए साधना के लिए बहुत ज्यादा महत्त्व रखता है. हिन्दू पंचांग अनुसार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से गुप्त नवरात्री शुरू होती है और दैविक आराधना के लिए अती महत्त्वपूर्ण है.  Magh Mahine Ki Gupt Navratri Ka Mahattw Read in english about when is gupt navratri of maagh month in 2024 ? गुप्त नवरात्री क्यों महत्त्व रखता है? गुप्त नवरात्री भी साधना के लिए अति महत्त्वपूर्ण दिनों में आते हैं और इस समय में कोई भी व्यक्ति अपनी मनोकामना की पूर्ति हेतु देवी आराधना कर सकते हैं | अगर कोई तंत्र साधना करना चाहते हैं तो भी उसकी शुरुआत गुप्त नवरात्री में कर सकते हैं | कोई अगर दीक्षा लेना चाहते हैं तो भी ये समय बहुत अच्छा होता है | अध्यात्मिक सफलता के लिए भी गुप्त नवरात्री में साधना को बढ़ाया जा सकता है | सांसारिक ईच्छा की पूर्ती के ल

Bhagyoday Hetu Navratri

Navdurgao ki puja se faayde, Navratri main siddhi kaise paaye, Navratri mai safaltaa ke upaay, kaise chamkaaye bhaagya ko, Jyotish aur navratri. हर साल नवरात्री आती है पितृ पक्ष के बाद और दशहरा दिवाली से पहले. नवरात्रि से मतलब होता है 9 दिव्य रातें जिनमें कोई भी व्यक्ति मातारानी के नौ रूपों की पूजा करके अपनी मनोकामनाए पूरी कर सकता है. हर आध्यात्मिक विद्याओं के अभ्यास करने वाले साधक को इन रात्रियों का इन्तेजार होता है. क्यूंकि इन्ही दिनों मंत्रों को आसानी से जागृत किया जा सकता है, इन्ही दिनों माता को प्रसन्न किया जा सकता है, इन्ही दिनों कुछ परसहक्तियों को प्राप्त करने की साधना की जा सकती है. Bhagyoday Hetu Navratri ये नवरात्रियाँ होती हैं शारीर और मस्तिष्क को शुद्ध करने के लिए. ये 9 दिन बहुत शक्तिशाली होते हैं, बहुत पवित्र होते हैं. नवरात्रियों में अभ्यास करके कुंडली के दोषों को भी कम किया जा सकता है, मातारानी की दिव्य कृपा भी पाई जा सकती है और अपने आपको शक्तिशाली बनाया जा सकता है. आज के इस युग में लोग अलग अलग प्रकार के समस्याओं से ग्रस्त हैं जिनका सम्बन्ध, स्वास्थ्य,

Shardiya Navratri Aur Jyotish

Kab se shuru honge Shardiya Navratri 2023, शारदीय नवरात्री और ज्योतिष,क्या करे सफलता के लिए, जानिए ग्रहों की चाल, घट स्थापना कैसे करें| एक और शक्तिशाली समय आ रहा है जिसमे की हम शक्ति की आराधना कर सकते हैं, माँ दुर्गा की पूजा कर सकते हैं अपने उज्जवल भविष्य के लिए. ये दिन माँ की पूजा और उनके अवतारों की पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन होते हैं. Shardiya Navratri Aur Jyotish देखा जाए तो साल में 4 नवरात्री आती है , उनमे 2 गुप्त नवरात्रियाँ होती है , साधारणता चैत्र मास की नवरात्री और शारदीय नवरात्री प्रसिद्ध है. इन 9 दिनों में पूजा का विशेष महत्तव होता है कोई भी व्यक्ति अपनी किसी विशेष अभिलाषा को पूरी करने के लिए साधना कर सकता है. जो लोग पूरे साल भर विशेष पूजा नहीं कर पाते हैं उनको इन 9 दिनों में जरुर पूजा आराधना करना चाहिए. तांत्रिक, अघोरी , संत, महात्मा, अध्यात्मिक साधक गण आदि पुरे साल नवरात्रीयों का इन्तेजार करते हैं अपनी साधना को सफल करने के लिए , अपनी साधना को गति देने के लिए. Read about when is Shardiya navratri in 2023? साधारण लोग भी इन दिनों का लाभ बहुत आसानी से उठा सकत

Baglamukhi Mantra ke fayde

Baglamukhi Mantra, बगलामुखी मंत्र, बगलामुखी पूजा के लाभ, किन बातो का ध्यान रखना चाहिए, बगलामुखी माता की पूजा में | इस प्रतिस्पर्धी युग में हर कोई विभिन्न प्रकार की समस्याओं से पीड़ित है जैसे वित्तीय समस्या, शत्रु समस्या, काले जादू की समस्या, बुरी नजर का प्रभाव, ऋण आदि। ज्योतिषियों द्वारा जीवन में विभिन्न समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए कई प्रकार के उपाय बताए जाते हैं जैसे विशिष्ट चीजों का दान करना, रत्न धारण करना, पूजा करना आदि। बगलामुखी मंत्र सबसे अच्छे और शक्तिशाली मंत्रों में से एक है जिसका उपयोग जीवन में बाधाओं को दूर करने के लिए दशकों से किया जा रहा है। माँ बगलामुखी सबसे शक्तिशाली देवी में से एक हैं जो अपने भक्तों को किसी भी प्रकार की समस्याओं से बचाती हैं। देवी बगलामुखी मंत्र एक ढाल के रूप में काम करता है जो मंत्र को नकारात्मक ऊर्जा, काला जादू, बुरी नजर, शत्रु आदि से बचाता है। Baglamukhi Mantra ke fayde ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा । Om hleem baglamukhi sarwdushtanam waacham mukham padam stambhay jivhaam keela

Durga Ashtmi Ka Mahattw

दुर्गा अष्टमी कब है march 2023 में,  पढ़िए महा-अष्टमी से सम्बंधित प्रथाएं, क्या करे बेहतर जीवन के लिए.  नवरात्री का आठवां दिन बहुत महत्त्व रखता है भक्तो के लिए. ये दिन महा-अष्टमी या फिर दुर्गा अष्टमी के नाम से जाना जाता है. इस दिन लोग विशेष प्रकार की पूजा पाठ करते हैं कुलदेवी, माँ काली, दुर्गा जी को प्रसन्न करने के लिए. अष्टमी तिथि 28 मार्च को शाम 07:04 बजे से शुरू होकर 29 मार्च 2023 को  की शाम 9:08 बजे तक रहेगी.  Durga Ashtmi Ka Mahattw अगर कोई नवरात्री के ७ दिनों में पूजा पाठ नहीं कर पाते हैं तो सिर्फ अष्टमी की पूजा से भी लाभ ले सकते हैं.  महाष्टमी से सम्बंधित कई पौराणिक कथाएं सुनने को मिलती है – कुछ के अनुसार इस दिन माँ काली का अवतरण हुआ था.  कुछ भरोसा करते है की इस दिन माता जी ने महिसासुर राक्षस का वध किया था.  ज्योतिष के अनुसार तो हर माह की अष्टमी तिथि बहुत महत्त्व रखती है क्यूंकि ये तिथि का सम्बन्ध महा-शक्ति से है,  ये दिन कुलदेवी पूजा , दुर्गा पूजा के लिए श्रेष्ठ होता है. इसी कारण नवरात्री की अष्टमी विशेष महत्त्व रखती है. ये समय वैसे भी साधना के लिए बहु

Navratri october 2021 tarikh, mahurat jyotish

अक्टूबर 2021 में नवरात्रि कब है, घटस्थापना का मुहूर्त, ग्रहों की स्थिति, वैदिक ज्योतिष के अनुसार सफलता के लिए क्या करें?, नवरात्रि मंत्र। अक्टूबर 2021 में नवरात्रि केवल 8 दिनों की होगी और 7 तारीख गुरुवार से 14 अक्टूबर 2021, गुरुवार तक रहेगी। Navratri october 2021 tarikh, mahurat jyotish अध्यात्मिक साधना और तंत्र साधना करने के लिए नवरात्रि के दिन बहुत शक्तिशाली होते हैं और इसलिए विद्वान हर साल इस समय की प्रतीक्षा करते हैं। जब शक्ति पूजा की बात आती है तो नवरात्रि/दुर्गा पूजा जरूर याद आती है, इन दिनों भक्त देवी को प्रसन्न करने के लिए गरबा खेलते हैं। जीवन को बदलने, देवी और दिव्य ऊर्जाओं के आशीर्वाद को आकर्षित करने के लिए शक्ति प्राप्त करने के लिए नवरात्रि या नवदुर्गा   की 9 रातें बहुत महत्वपूर्ण हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ, इस नवरात्रि 2021 में जीवन को सफल बनाने के लिए क्या करें। 7 अक्टूबर 2021 को कब करें घट स्थापना: प्रतिपदा या एकम तिथि ७ अक्टूबर, गुरुवार को दोपहर १:४८ बजे तक रहेगी, इसलिए उसी के अनुसार निर्णय लें। पहला सबसे अच्छा मुहूर्त सुबह 6:00 बजे से सुबह 7:30 बजे तक