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Latest Astrology Updates in Hindi

Karwachoth Ka Mahatwa| करवा चौथ का महत्तव

Karwachoth Kab hai 2026 mai,  करवा चौथ का महत्तव, कैसे करे करवा चौथ की पूजा, ज्योतिष और करवा चौथ hindi में, karwachauth ki katha. Karwachoth 2026:  एक ऐसा दिन जिसका इन्तेजार पुरे साल भर किया जाता है ख़ास तौर पर विवाहित महिलाए इस दिन का इन्तेजार पुरे जोर शोर से करती है. इस दिन महिलाए व्रत रखती है अपने पति की लम्बी आयु के लिए और इसके लिए माता करवा की पूजा की जाती है. भारत में कर्वाचोथ को बहुत ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है, इस दिन पतियों की पूजा की जाती है रात्री को जिसके कारण उनको भी इस दिन का इन्तेजार रहता है. 2026 मे करवाचौथ 29 अक्टूबर, Guruwar को है  चंद्रोदय का समय रहेगा रात्री में लगभग 8:33 PM करवा चौथ का महत्तव करवा चौथ शरद पूर्णिमा के 4 दिन बाद आता है और दीपावली से पहले भी आता  है, इस दिन को महिलाए पूरे आनंद से मनाती है, खेलती है, मस्ती करती है, भजन करती है, पूजन करती है और सबसे ख़ास उनको अपने पतियों से उपहार भी प्राप्त होता है जिसका इन्तेजार वो करती है. कर्वाचोथ कार्तिक महीने की शुरुआत में आता है जब हलकी हलकी गुलाबी ठण्ड भी दस्तक दे रह...

12 Bhavo ke Adhar Par Mangal Ka Fal

 कुंडली में १२ भावो के आधार पर जीवन में क्या बदलाव होंगे मंगल के मेष राशि में आने से जानिए | वैदिक ज्योतिष में मंगल को क्रूर ग्रह माना जाता है और ये दक्षिण दिशा से सम्बन्ध रखता है, इसका सम्बन्ध अग्नि तत्त्व से है और कुंडली में इसके द्वारा भूमि लाभ, पराक्रम, शक्ति, छोटे भाई , साहस, स्वतंत्रता, क्रोध, नेतृत्त्व क्षमता, उत्साह आदि को देखते हैं | 12 Bhavo ke Adhar Par Mangal Ka Fal in hindi 12 भावो के आधार पर मंगल का मेष राशि में आने का फल : अगर कुंडली के पहले भाव में मेष राशि है तो जहाँ आत्म विश्वास बढेगा वहीँ क्रोध में भी ये वृद्धि करेगा जिससे आपको संभल के रहना होगा अन्यथा कई सम्बन्ध ख़राब कर बैठेंगे | इस समय आपके पूरे शारीर में उर्जा बढ़ जायेगी जिससे आप दुसरो की अपेक्षा कुछ ज्यादा अच्छी तरह से कार्यो को कर पायेंगे और इसी कारण आपको दुसरो की जलन के कारण भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है | आप अपने लिए हुए निर्णयों को पूरा करके दिखाएँगे, भावी जीवन के लिए नई योजनायें आप बनायेंगे और उन्हें क्रियान्वित भी करेंगे | अगर कोई आपको चुनौती देगा तो आप उसे स्वीकार करेंगे अतः लड़ाई झगड़े भी बढ़ सकत...

Ashubh Mangal Ke Upaay

अशुभ मंगल के उपाय, जानिए कुछ आसान उपाय मंगल के दुष्प्रभाव को कम करने के, कैसे पायें मंगल की कृपा. मंगल के उपाय जानने से पहले आइये जानते हैं की ख़राब मंगल और कमजोर मंगल में क्या अंतर है. अशुभ मंगल मतलब है की मंगल शत्रु राशि में बैठा है परन्तु कमजोर मंगल शुभ और अशुभ दोनों हो सकता है. इस लेख में हम सिर्फ अशुभ मंगल के उपाय ही देखने वाले है. कमजोर और दूषित मंगल के उपाय अलग अलग होते हैं अतः भ्रमित नहीं होना चाहिए. Ashubh Mangal Ke Upaay मंगल हमारे जीवन में बहुत महत्त्व रखता है और वैदिक ज्योतिष के हिसाब से मंगल छोटे भाई, रक्त/खून, गुस्से,शक्ति, आदि से सम्बन्ध रखता है. आइये जानते हैं की कब मंगल अशुभ होता है ? मंगल मिथुन और कन्या राशि में अशुभ हो जाता है और कर्क राशि में ये नीच का हो जाता है अतः अगर कुंडली में मंगल मिथुन राशि, कर्क या फिर कन्या राशि के साथ बैठा हो तो जातक को इसके गंभीर परिणाम भुगतना पड़ते हैं | अगर आप अपनी कुंडली  देखे तो मंगल अगर ३, ४ या ६ नंबर के साथ बैठा हो तो इसका मतलब होगा की मंगल अशुभ है  और इसके कारण जातक को बहुत समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है | अग...

Mangal Dosh Karan Aur Nivaran

जानिए क्या है मंगल दोष कुंडली मे , कैसे दूर करे मांगलिक दोष को, क्या समस्याए आ सकती है मंगल दोष के कारण जातक को.   आज के दौर मे देखा जा रहा है की मांगलिक दोष के कारण बहुत लोग परेशान है परन्तु यहाँ ये भी बताना चाहेंगे की हर मांगलिक कुंडली खराब नहीं होती, कई बार ऐसा भी होता है की समस्या किसी और ग्रह के कारण होती है और व्यक्ति सिर्फ मंगल के उपायों को करता रहता है अतः अच्छे ज्योतिष से परामर्श लेना जरुरी होता है. Mangal Dosh Karan Aur Nivaran मंगल दोष को कुज दोष या भौम दोष के नाम से भी जाना जाता है.  अगर कुंडली मांगलिक हो और मंगल अशुभ हो तो जातक को जीवन में बहुत अधिक परेशानी होती है. आइये अब जानते हैं की कुंडली मे मंगल कब माना जाता है ? कुंडली मई १२ भाव होते हैं परन्तु इनमे से प्रथम भाव, चौथा भाव, सातवा भाव, आठवां भाव, और बारहवे का मंगल की मांगलिक दोष को जन्म देता है. ऐसी कुंडली मांगलिक कुंडली कहलाती है. मांगलिक दोष का प्रयोग साधारणतः विवाह मे ही महत्त्व रखता है, जब कुंडली मिलान होता है तो ऐसी मान्यता है की मांगलिक वर को मांगलिक वधु ही चाहिए, अगर गुण मिलान...

Mangal Dosh Ka Samadhan In Hindi

मंगल दोष का समाधान हिंदी में ज्योतिष द्वारा, कैसे दूर करे मांगलिक दोष के दुष्प्रभाव को, कुज दोष का कारण और समाधान. क्या आप मंगल दोष के कारण परेशान है, अगर आप कुज दोष या भोम दोष के कारण संकट का सामना कर रहे हैं जीवन में तो ये जरुरी है की इसके दुष्प्रभाव को कम करने के लिए कुछ कुछ उपाय किये जाएँ. Mangal Dosh Ka Samadhan In Hindi मांगलिक दोष का समाधान जरुरी है अगर किसी के वैवाहिक जीवन में इसके कारण परेशानी आ रही हो. कुज दोष का समाधान जरुरी है अगर किसी को सामाजिक जीवन में परेह्शानी का सामना करना पड़ रहा है. भोम दोष का उपाय जरुर करे अगर आप इसके कारण आर्थिक समस्या से गुजर रहे हैं. अगर मंगल का प्रभाव आपके स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है तो भी इसका समाधान जरुरी है. ज्योतिष के अनुसार अगर पहले, चोथे, सातवे, आठवे और बारहवे घर में मंगल आ जाए तो कुंडली मांगलिक कहलाती है. इसके कुछ दुष्परिणाम जातक को भोगने होते हैं अतः जीवन को सफल बनाने के लिए कुछ उपाय करना चाहिए. कुछ लोग मंगल दोष के कारण शादी नहीं कर पाते हैं. कुछ लोगो का अपने जीवन साथी के साथ हमेशा ग़लतफ़हमी पैदा होती रहती है. ...