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Latest Astrology Updates in Hindi

Surya Ka Mithun Rashi Mai Gochar Ka Prabhav

Surya Ka Mithun Rashi Mai Gochar Ka Prabhav, Surya Mithun Rashi Mai kab jayenge, surya gochar june 2025, मिथुन संक्रांति क्या है, १२ राशियों पर असर | मिथुन संक्रांति का महत्त्व: Surya Ka Mithun Rashi Mai Gochar 2026:  जब सूर्य वृषभ राशि से मिथुन में प्रवेश करते हैं  तो उसे मिथुन संक्रांति कहते हैं| ज्योतिष के हिसाब से इस दिन के बाद अगले करीब ३१ दिन तक सूर्य मिथुन राशी में रहता है| जब सूर्य मिथुन राशि में रहते हैं तो भारत के गुवाहाटी में कामख्या मंदिर में  अम्बुबाची का मेला लगता है जब मंदिर के कपाट कुछ दिनों के लिए बंद किये जाते हैं, ऐसा कहा जाता है की साल में एक बार माता कामख्या रजस्वला होती है अतः इसीलिए कुछ दिनों के लिए मंदिर का पठ बंद रहता है और इन्ही दिनों मंदिर में मेला लगता है | ये सिर्फ साल में एक बार होता है और पुरे विश्व से लोग यहाँ आते है| भारत के बहुत से भागो में इस दिन लोग भगवान् विष्णु की पूजा करते हैं. कई भागो में मानसून आ जाता है और लोग बारिश का भी आनंद लेते हैं|  Surya Ka Mithun Rashi Mai Gochar 2026 Surya Ka Mithun Rashi Mai Gochar Ka Prabh...
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Ambubachi Mela Ka Mahatwa In Hindi

Ambubachi Mela Ka Mahatwa In Hindi, क्या है अम्बुबाची मेला, क्यों लगता है ये मेला कामख्या मंदिर में, जानिए कामख्या माता की चमत्कारी शक्ति को. Ambubachi Mela 2026 : जब तंत्र की बात चलती है तो माता कामख्या की कृपा को नजरंदाज नहीं कर सकते हैं, माता की पूजा अलग अलग कार्यो के लिए लोग करते हैं, परन्तु तांत्रिक क्रियाओं के लिए कामख्या मंदिर अति प्रसिद्ध है| ये एक प्रसिद्ध, पवित्र और शक्तिशाली स्थान है आसाम के गुवाहटी में जहा विश्वभर से लोग माता की कृपा और चमत्कार को देखने लोग प्रतिवर्ष आते हैं. Ambubachi Mela Ka Mahatwa In Hindi क्या है अम्बुबाची?  Ambubachi Mela 2026 ये नाम उस मेले को दिया जाता है जो की प्रतिवर्ष 5 दिनों के लिए लगता है कामाख्या में. साधक लोग इस 5 दिन का इन्तेजार पूरे साल भर करते हैं. बड़े हर्ष और उल्लास के साथ ये 5 दिन मनाये जाते हैं. ऐसी मान्यता है की साल में एक बार माँ रजोधर्म से गुजरती है और इसीलिए 5 दिनों के लिए मंदिर के पट बंद रहते हैं और मंदिर प्रांगन में मेला लगता है.  इस समय यहाँ पर विभिन्न तांत्रिको को देखा जा सकता है जो की विभिन्न प्रकार...

Kundli Milan Ka Satya Vivah Se Pehle

Kundli Milan Ka Satya Vivah Se Pehle अष्टकूट मिलान का सत्य विवाह से पहले, क्या कुंडली न मिलने पर भी विवाह संभव है? क्या अपने प्रेमी से विवाह संभव है कुंडली न मिलने पर भी? विवाह जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय होता है। यह सिर्फ दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का भी मिलन होता है। इसी संदर्भ में वैदिक ज्योतिष में कुंडली मिलान का विशेष महत्व है। अगर अष्टकूट मिलान में अंक कम आएं तो अक्सर यह माना जाता है कि रिश्ता उपयुक्त नहीं है। लेकिन क्या यह सत्य है? आइए जानते हैं। Kundli Milan Kyu Jaruri Hai दुर्भाग्यवश अधूरी जानकारी और केवल सॉफ्टवेयर आधारित मिलान के आधार पर कई रिश्ते तोड़ दिए जाते हैं। प्रेमी युगल जिनके बीच सच्चा प्यार था, वो सिर्फ अंक कम आने के कारण विवाह नहीं कर पाते। ध्यान देने योग्य बातें: हर कुंडली में छिपे गहरे रहस्यों को समझना आवश्यक है, जो केवल अनुभवी ज्योतिष ही बता सकते हैं। सिर्फ अष्टकूट अंक पर निर्भर रहना गलत हो सकता है। कुंडली के अन्य पहलुओं जैसे ग्रह स्थिति, भाव और योग भी मायने रखते हैं। ...

Jyotish Mai Shadi Mai Deri Ke Karan Aur Upay

ज्योतिष में विवाह में देरी के कारण और समाधान Jyotish Mai Shadi Mai Deri Ke Karan Aur Upay, देर से विवाह के कारण और समाधान, विवाह में देरी रोकने के उपाय, वैवाहिक समस्याओं के ज्योतिष समाधान “मेरी शादी में देरी क्यों हो रही है?” यह सवाल उन लोगों के मन में अक्सर उठता है जो लंबे समय से विवाह की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आधुनिक युग में भले ही देर से शादी करना एक ट्रेंड बन चुका हो, लेकिन जब लगातार प्रयासों के बावजूद भी योग्य जीवनसाथी नहीं मिल पाता, तो चिंता होना स्वाभाविक है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, सही जीवनसाथी मिलना और भी कठिन हो जाता है। इसलिए समय रहते ज्योतिष मार्गदर्शन और उचित उपायों को अपनाना आवश्यक हो जाता है। देर से विवाह के ज्योतिष कारण और उपाय 🎥 Watch Jyotish Video Here 🔍 ज्योतिष अनुसार विवाह में देरी के कारण सप्तम भाव में अशुभ ग्रहों की दृष्टि या स्थिति। मंगल दोष या अंगारक योग की उपस्थिति। शनि या राहु की सजीव उपस्थिति सप्तम या अष्टम भाव में। जन्म कुंडली में सप्तम भाव का स्वामी वक्री या नीचस्थ। चंद्र कुंडली या नवांश में विवाह भाव क...

Shaadi Ke Baad Barbaad Kyu Hote Hain

Kuch log Shaadi ke baad barbaad kyu hote hain,  शादी में बर्बादी क्यों होती है, kya karan hai rishto ke tootne ke, kin upaayo ko kar sakte hain rishto ko bachaane ke liye ?, jyotish tips. ऐसा कहते हैं की शादी का लड्डू जो चखता है वो पछताता है और जो शादी का लड्डू नहीं चकता है वो भी पछताता है | हालांकि ये सभी के लिए सही नहीं है पर अधिकतर लोग विवाह के बाद परेशां नजर आते हैं| कुछ लोग बिमार रहने लगते हैं | कुछ लोग अशांत रहने लगते हैं | कुछ लोग भयंकर गुस्सा करने लगते हैं, चिडचिडे हो जाते हैं | कुछ लोग कर्ज में डूबने लगते हैं | कुछ लोगो का शादीशुदा जीवन पूरी तरह से ध्वस्त हो जाता है | कुछ लोगो का शादी के बाद सुख चैन और आजादी छिन जाती है |  Shaadi Ke Baad Barbaad Kyu Hote Hain Shaadi Ke Baad Barbaad Kyu Hote Hain Read in English about  Astrology Reasons of Bad luck After Marriage तो इस ज्योतिष लेख में हम SHAADI KE BAAD BARBAADI ke Karano प्रकाश डालेंगे | हम उन ज्योतिषी कारणों को जानेंगे जो विवाह के बाद जीवन को कष्टों से भर देते हैं | एक सुखी विवाह का सपना हर कोई देखता है पर ...

Shaadi Na Hone Ke 14 Jyotishi Karan

Shaadi Na Hone Ke 14 Jyotishi Karan – विवाह में देरी के प्रमुख ज्योतिषीय कारण, सही उपाय और जन्म कुंडली के भावों की भूमिका। यदि आप विवाह में बार-बार बाधाओं का सामना कर रहे हैं, तो यह लेख आपकी मदद करेगा। विवाह में विलंब एक गंभीर समस्या बन जाती है, जिससे न सिर्फ व्यक्ति मानसिक तनाव में आता है बल्कि सामाजिक और पारिवारिक दबाव भी बढ़ता है। यदि आप बार-बार रिश्तों के टूटने या शादी की बात पक्की न होने जैसी परेशानियों से गुजर रहे हैं, तो जरूरी है कि आप इसकी जड़ यानी जन्म कुंडली में मौजूद कारणों को समझें। एक अच्छा और अनुभवी ज्योतिषी न सिर्फ समस्याओं की पहचान करता है, बल्कि सही उपायों से आपको समाधान भी प्रदान करता है। जन्म कुंडली में अशुभ ग्रहों, कमजोर योगों और दोषपूर्ण भावों की स्थिति विवाह में विलंब का मुख्य कारण बनती है। उचित ज्योतिषीय परामर्श से इन बाधाओं को दूर किया जा सकता है। Shaadi Na Hone Ke 14 Jyotishi Karan Read in English – 14 Astrology Reasons of Delay in Marriage शादी में देरी के 14 मुख्य ज्योतिषीय कारण: सातवां भाव (विवाह भाव) अगर अशुभ ग्रहो...

Vivah Bandhan Dosh ka Samadhan

Vivah Bandhan Dosh ka Samadhan, विवाह बंधन दोष के उपाय, शादी में देरी के कारण और शीघ्र विवाह के लिए समाधान कई बार व्यक्ति के पास अच्छी शिक्षा, नौकरी, धन और व्यक्तित्व होने के बावजूद विवाह नहीं हो पाता। न तो योग्य जीवनसाथी मिल पाता है और न ही रिश्ते बनते हैं। ऐसी स्थिति में Vivah Bandhan Dosh या अन्य ग्रह दोष मुख्य कारण हो सकते हैं। माता-पिता और रिश्तेदार योग्य वर या वधु की तलाश में भटकते हैं, लेकिन बार-बार रिश्ते टूट जाते हैं। कभी कुंडली मेल नहीं खाती, कभी परिवार नहीं जमता और कभी विचारों का मेल न होने से विवाह अटक जाता है। ✅ विवाह में देरी या बाधा के मुख्य ज्योतिषीय कारण: सप्तम भाव (विवाह स्थान) में अशुभ ग्रहों की दृष्टि या स्थिति। विवाह के स्वामी का निर्बल या पीड़ित होना। पितृ दोष या ग्रहण दोष का प्रभाव। नवमांश कुंडली में सुख व विवाह भाव में दोष। श्रापित योग या शनि-केतु का प्रभाव। 👉 Read in English: Obstacles in Marriage Solutions 🪔 Vivah Bandhan Dosh ke Jyotish Upay (विवाह बंधन दोष दूर करने के उपाय): 🔹 पहला उपाय: गौरी पूजन व मंत...