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Sarp Shraap in Kundli in hindi

कुंडली में सर्प श्राप कैसे बनता है, sarp shraap ke upaay in hindi, saanp ke dar se bahaar aane ke liye mantra.
अभिशाप हमारे जीवन में समस्याओं का मूल कारण है। हम सभी अपने पुण्यो और पापों के साथ जन्म लेते हैं। और जैसे-जैसे दिन बीतते हैं, हम अपने भाग्य के अनुसार सुख और दुःख का सामना करते हैं। श्राप मुख्य रूप से दु: ख से संबंधित है। इसका मतलब है कि अगर कोई इस जीवन में किसी चीज से पीड़ित है, तो वह किसी प्रकार के श्राप के प्रभाव में जरुर है।
प्राचीन काल में, ऋषि-मुनि दुर्व्यवहार करने वाले किसी भी व्यक्ति को श्राप देने में सक्षम होते थे लेकिन वास्तव में, हर व्यक्ति के पास श्राप देने की शक्ति होती है। अगर कोई किसी पर अत्याचार करता है तो पीड़ित उस व्यक्ति के लिए नकारात्मक सोचता है और यह उस व्यक्ति के लिए अभिशाप बन जाता है। संत कबीर का एक बहुत प्रसिद्ध दोहा है: दुर्बल को न सताइये, जा की मोटी हाय ।
बिना जीव की हाय से, लोहा भसम हो जाय ॥

अर्थात संत कबीर दास जी कहते हैं कि कमजोर व्यक्ति को कभी भी मत सताइए क्योंकि दुखी ह्रदय कि हाय बहुत ही हानिकारक होती है । जिस प्रकार लोहार कि चिमनी निर्जीव होते हु…

DAR Ke liye Kon Se grah Jimmedar Ho Sakte Hai

Dar Ke liye Kon se Grah jimmear hain jyotish anusar, Janiye kundli se apne bhay ke karan ko, dekhiye ek case study. 
डर एक बहुत ही सामान्य लक्षण है जो हम बच्चों, युवाओं, वयस्कों और वृद्धों में भी देख सकते हैं। डर कई तरह के होते हैं और हर कोई किसी भी तरह से डर से बाहर आने की कोशिश कर रहा है, लेकिन गलत मार्गदर्शन के कारण हर एक के लिए डर की समस्या से उबरना संभव नहीं होता है। यहाँ इस लेख में हम जानेंगे कि वास्तव में डर क्या है और हम इस समस्या से कैसे उबर सकते हैं। हमारे कुंडली में कौन से ग्रह और योग के कारण हम डरने लगते हैं ? डर क्या है? एक बहुत ही सरल शब्द में हम कह सकते हैं कि यह एक ऐसी भावना है जिसके मूल में असुरक्षा की भावना रहती है । यह एक अप्रिय भावना है जो की किसी चीज के खोने के कारन पैदा होती है | आइये जानते हैं की जब व्यक्ति डरता है तो क्या होता है? सामान्य मानव में भय के समय कुछ विशेष प्रकार की प्रतिक्रियाएँ दिखने लगती है जैसे कि - हार्ट बीट में वृद्धि।पसीना आना।आँखों का विस्तार और कभी-कभी संकुचन।उच्च रक्तचाप।कंपकपी ।शक्ति की कमी।धुंधलापन भूख मर जाना आदि | ज्योतिष की दृष्टि…

Manglagauri Vrat Mahima in Hindi

मंगला गौरी व्रत का महत्त्व, कैसे करते है ये, किनको करना चाहिए मंगला गौरी व्रत और कब?, जानिए सबकुछ इस लेख में|
Mangala gauri vrat shrwan mahine me kiya jaata hai wo bhi har mangalwar ko. Ye vrat un logo ke liye bahut hi khaas hota hai jin logo ke vivah hone me pareshani aa rahi hai ya fir jin logo ko vivah ke baad swasthy sambandhi pareshani aa rahi hai. Agar kundli me mangal dosh ho to uske nivaran me bhi ye vrat bahut faydemand hota hai.
Anek samasyaao ka samadhan hai mangala gauri vrat . Bhagwati maa parwati ki kripa prapt karne ka achook saadhan hai ye vrat.
Is varsh 2020 me 4 din milenge mangala gauri vrat ke liye aur ye din hai 7 july, 14 july, 21 july aur 28 july. In charo din koi bhi mata ki pooja karke jivan mai khushali ke liye prarthna kar ke laabh le sakte hain. Aiye ab jante hai Mangala Gauri Vrat Karne Ki Vidhi:Agar aap is din ka laabh lene ke ichuk hai to aapko ye karna chahiye-Is din subah jaldi uthe brahm mahurat mai.Apne nitya karne ke baad maa ka ek chitr chauki pa…

Guru Poornima Importance In Hindi

Guru Poornima Importance In Hindi, गुरु पूर्णिमा का महत्तव हिन्दी में, क्या करे गुरु पूर्णिमा को.
2020 में 5 जुलाई ,रविवार को  गुरु पूर्णिमा आ रही है |

हम सभी जानते हैं की हर साल भारत में गुरु पूर्णिमा बहुत ही उल्लास के साथ मनाया जाता है परन्तु इसका महत्तव बहुत ही कम लोग जानते हैं, आइये जानते हैं कुछ ख़ास बाते गुरु पूर्णिमा के ऊपर. गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्व रः । गुरु साक्षात्‌ परब्रह्म तस्मै श्रीगुरुवे नमः ॥ हमे ये श्लोक पढाया जाता है शुरू से ही , इसका मतलब है “गुरु ही ब्रह्मा है, गुरु ही विष्णु है , गुरु ही महेश्वर है और गुरु ही साक्षात् भगवान् है इसीलिए गुरुदेव को नमस्कार है ”.
गुरु के बिना संसार की कल्पना भी संभव नहीं है, कई अध्यात्मिक साधको से मिलके ये पता चलता है की गुरु मिलने के बाद ही उनको वास्तव में जीवन का रहस्य समझ में आया, गुरु मिलने के बाद ही उनको उनके जन्म का कारण समझ आया, गुरु मिलने के बाद ही उनको उनके शक्ति का परिचय मिला.
हमलोगों ने भगवान् को तो नहीं देखा परन्तु हम लोगो को जो शिक्षा देते हैं उनको हम जरुर जानते हैं इसी कारण हमे अपने गुरुजनों का सम्मान करन…

Chamatkari Lo Shu Grid Ka Truth In Hindi

लो शू मैजिकल स्क्वायर की वास्तविकता, ज्योतिषी, वास्तु सलाहकार और न्यूमेरोलॉजिस्ट द्वारा लो शू की सच्चाई और छिपी शक्ति का खुलासा।

लो शू ग्रिड दुनिया भर में और चीनी ज्योतिष के नाम से बहुत प्रसिद्ध है लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह भारतीय ऋषियों का शोध है। जी हाँ! लो शू ग्रिड कोई नया आविष्कार नहीं है, बल्कि चीन द्वारा हमारे पंद्रह यंत्र या सूर्य यंत्र को दिया गया नया नाम है। यदि आप इस आर्टिकल में दिए गए इमेज को देखे तो आपको वास्तविकता अपने आप नजर आने लगेगी | देखा जाए तो वास्तव में इनमे कोई अंतर नहीं है सिर्फ यन्त्र को घुमा दिया गया है।
लो शू के ऊपरी ग्रिड में जो नंबर दिए जाते हैं, वे सूर्य यंत्र या 15 यंत्र में लोअर ग्रिड में मौजूद होते हैं और जो नंबर लो शू ग्रिड में लोअर ग्रिड में दिए जाते हैं, वे ऊपरी ग्रिड में सूर्य यंत्र में मौजूद होते हैं और मध्य ग्रिड की संख्या भी बिलकुल एक जैसी है ।
तो हम कैसे कह सकते हैं कि लो शू ग्रिड चीन की खोज है।
इस यन्त्र की जानकारी हमारे ग्रंथो में पहले से मौजूद है। यदि हम यन्त्र महार्णव का अध्ययन करे तो हम इस यंत्र के बारे में विवरण पा सकते हैं। बाजार में अन…

30 june 2020 ko Guru In Dhanu Rashi

Jupiter Transit In Sagittarius on 30th june 2020, Prediction by astrologer in hindi.
गुरु अपनी नीच राशी से स्व राशी में प्रवेश कर चूका है ३० june 2020, मंगलवार को और ये काफी अच्छे बदलाव करने वाला है | अब 20 नवम्बर शुक्रवार तक ये धनु राशी में रहेंगे जिसके कारण देश विदेश में बड़े परिवर्तन नजर आयेंगे | गुरु ग्रह का सम्बन्ध ज्ञान से है, विद्द्या से है, मार्गदर्शन से है , धन से भी है| अगर कुंडली में गुरु शुभ हो जाए तो जातक को सभी प्रकार के सुखो की प्राप्ति करा देता है वहीँ अगर शत्रु का हो जाए तो जातक को कष्टों से युक्त जीवन जीना होता है | यहाँ पर विशेष बात ये है की गुरु वक्री अवस्था में है इस समय अतः परिणाम भी काफी बदले हुए नजर आयेंगे | कई बार सोचा कुछ जाएगा और होगा कुछ | आइये सबसे पहले जाने की धनु राशी वालो के साथ क्या क्या हो सकता है गुरु के इसमें प्रवेश करने पर: धनु राशि राशिफल धनु राशी वालो को अब अपने लम्बे समय से चले आ रहे संकतो से निजात मिलेगी. रुके हुए कार्य पुरे होंगे, धनागमन के रास्ते खुलेंगे | आपको नए अवसर मिलेंगे अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए | जो कुंवारे हैं उनके लिए अब विवाह के…

Saawan Ke Liye Chamatkaari Upaay

सावन के चमत्कारी उपाय,  श्रावण में धन लाभ के उपाय, सावन में भगवान शंकर को प्रसन्न करने के उपाय , सावन के प्रभावशाली उपाय, सावन में शीघ्र फल के उपाय,  श्रावण में दरिद्रता दूर करने के उपाय, सावन में भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के उपाय, सावन में काल सर्प दोष के उपाय, रुद्राभिषेक से लाभ



सावन का पवित्र  महिना भगवान शंकर को बहुत प्रिय है। इस महीने में शिव भक्त भगवान् शिव को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न उपाय करते है | सावन में भोलेनाथ की नित्य कुछ खास उपायों को करने से चमत्कारी लाभ दिखने को मिलते हैं. भोलेनाथ बहुत ही भोले है और आसानी से भक्तो का कल्याण करते हैं, इनकी पूजा में कोई विशेष वस्तुओ की जरुरत भी नहीं होती है | इनको महादेव भी कहा गया है । सावन माह में भगवान भोले नाथ (Bhagwaan Bhole Nath) की पूजा अर्चना का विशेष ही महत्व है। कहते है सावन में भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा करने से जातक को सभी सिद्धियाँ प्राप्त होती है उसकी समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण होती है
हिंदी ज्योतिष के अनुसार श्रावण महीने में आने वाले सोमवार बहुत ही महत्त्वपूर्ण होते हैं, सावन सोमवार को व्रत करके शिव पूजा करने से पुण…

2020 Shrawan Mahina Aur Jyotish Yog

2020 Sawan Mahine Ka Mahattw, ज्योतिष के अनुसार सावन महीने में क्या करे सफलता के लिए, श्रावण सोमवारों की तारीख और महाकाल साही सवारी की तारीख, मुख्य त्यौहार जो आ रहे है 2020 श्रावण महीने में.

वर्ष 2020 श्रावण महिना 6 जुलाई सोमवर से शुरू हो रहा है और ३ अगस्त सोमवार को ख़त्म होगा, साथ ही अनेक महत्त्वपूर्ण त्यौहार भी आ रहे है इस बार सावन महीने में. ज्योतिष के हिसाब से श्रवण महिना भगवान् शिव का महिना है और इसी कारण लोग सावन के महीने में भगवान् शिव को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न प्रकार की पूजाएँ करते हैं. आइये जानते हैं 2020 सावन सोमवारों की तारीखे:पहला श्रवण सोमवार ६ जुलाई को रहेगा इसी दिन उजैन में बाबा महाकाल की पहली सवारी निकलेगी.दूसरा सावन सोमवार १३ जुलाई को है जब महाकाल बाबा की दूसरी सवारी उज्जैन में निकलेगी.तीसरा श्रावण सोमवार 20 जुलाई को है और इस दिन निकलेगी महाकाल की तीसरी सवारी.चौथा सावन सोमवार २७ जुलाई को है और इस दिन बाबा की चौथी सवारी निकलेगी.पांचवा श्रावन सोमवार ३ अगस्त को है , इस दिन पांचवी सवारी निकलेगी महाकाल बाबा की.नोट : उज्जैन में हर सावन सोमवार को बाबा की सवारी निकलती ह…

Gola Khisakna Kya Hota Hai Aur Iska Ilaaj Kya Hai

Kya Hota hai gola khisakna, nabhi hatne ka matlab kya hai, kaise thik kar sakte hain dharan ko, janiye kuch asaan tarike nabhi ko thik karne ke.
साधारण शब्दों में नाभि खिसकना : जब हम बात करते हैं शारीर के मध्य इस्थान का तब नाभि का ध्यान आता है, जब हम योग के सन्दर्भ में मनिपुरक चक्र की बात करते हैं तब हमे ध्यान आता है नाभि का, जब भी पेट में दर्द होता है तो ध्यान आता है नाभि का. अतः नाभि हमारे शारीर का एक महात्वपूर्ण अंग है, इसी नाभि को गोला या धारण भी कहते हैं. अंग्रेजी में नाभि को Navel कहते हैं.
ये वास्तव में एक संगम है जहाँ से नाड़ियाँ गुजरती हैं हर प्रकार की , अतः यहाँ पर जाल बना हुआ है नाड़ियों का, इन नाड़ियो को सहारा देने के लिए मांसपेशियां भी होती है और जब ये अपनी जगह से कभी खिसकती हैकिसी कारण से तो उसे कहते हैं “नाड़ी का खिसकना या गोला खिसकना या धरण ”. कभी ये बाएं खिसकता है, कभी ये दायें खिसकता है, कभी ऊपर और कभी निचे खिसकता है.
गोला खिसकने के ज्योतिषीय कारण: मैंने अपने शोध में पाया है की जिन लोगो का गोला ज्यादा खिसकता है उनके कुंडली में छ्टे भाव में कमजोरी होती है अर्थात वहां या त…

Gajkesari Yoga Jyotish Mai in Hindi

Gajkesari Yoga Jyotish Mai in Hindi, क्या होता है गजकेसरी योग, क्या लाभ होता है गजकेसरी योग के, कब इस योग का असर जीवन में दिखाई नहीं देता है?
ज्योतिष के अन्दर जब भी राज योग की बात होती है तो गजकेसरी योग एक महत्वपूर्ण योग के रूप में सामने आता है. अगर ये योग कुंडली में सही तरीके से बनता है तो निश्चित ही व्यक्ति भाग्यशाली होता है, स्वास्थ्य, संपत्ति, सम्पन्नता जीवन में प्रवेश करता है और जीवन आसान हो जाता है.

परन्तु ऐसे बहुत से लोग है जो की इस योग के होने पर भी संतोषप्रद जीवन नहीं जी रहे है. इस लेख में आपको मैं इस विषय पर बताने जा रहा हूँ. इस लेख के द्वारा आप जानेंगे की कब बनता है गजकेसरी योग, कब ये कमजोर पड़ता है और जीवन को सफल बनाने के लिए क्या करना चाहिए?. क्या होता है गजकेसरी योग ज्योतिष में? इस योग के अंतर्गत चन्द्रमा को या फिर चन्द्र लग्न को गुरु या अन्य शुभ ग्रहों द्वारा शक्ति और शुभता प्राप्त होती है और चन्द्र जो की मन का करक है और जल तत्त्व को संबोधित करता है तो व्यक्ति को मान सम्मान, स्वस्थ्य, स्थिरता, शक्ति, धैर्य, धन, प्रेम, पारिवारिक सुख आदि की प्राप्ति आसानी से हो जाती है. ज्…