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Latest Astrology Updates in Hindi

Bhadrapad Amavasya Kab Hai jyotish upaay

Bhadrapad Amavasya 2026 Date, Amavasya Kab Hai, भाद्रपद अमावस्या कब है 2025, Kush Grahani Amavasya kab hai. इस साल कुशग्रहणी अमावस्या 10 September को है.  अमावस्या तिथि प्रारंभ : 10 September को दिन में लगभग 10:34  बजे. अमावस्या तिथि समाप्त : 11 September को दिन में लगभग 8:57 बजे   अमावस्या का पूजन 10 सितम्बर गुरुवार को ही किया जाएगा.   हिंदी पंचांग के अनुसार भाद्रपद महीने की अमावस्या को कुश ग्रहणी और कुशोत्पतिनी अमावस्या के नाम से भी जानते हैं| ये अती महत्त्वपूर्ण दिन है और इस दिन जीवन में से बाधाओं को दूर करने के लिए विभिन्न प्रकार की पूजाओं को किया जाता है | Bhadrapad Amavasya Kab Hai jyotish upaay इस अमावस्या का एक नाम कुश ग्रहणी अमावस्या है जिससे पता चलता है की इस दिन एक पवित्र घास को इकट्टा किया जाता है और पूरे साल प्रयोग किया जाता है, इस घास का नाम है कुश | हर पूजा में इसका प्रयोग किया जाता है, हर कर्मकांड में इसका उपयोग होता है| पूजन के अवसर पर हम अनामिका अंगुली में कुश की अंगूठी पहनते हैं जिसे की पवित्री कहा जाता है | आइये जानते हैं कुश घास का महत...
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Budh ka kanya rashi me pravesh rashifal in hindi jyotish

Budh ka kanya rashi mai pravesh kab hoga, बुध के कन्याराशि में गोचर का राशिफल | september 2026 में बुध के राशी परिवर्तन का क्या असर होगा 12 राशियों पर, जानिए लव राशिफल | वैदिक ज्योतिष के हिसाब से बुध 7 September को दिन में लगभग 1:21 पे सिंह राशि से निकल के अपने उच्च राशि कन्या में प्रवेश करेंगे |  इस गोचर के कारण काफी अच्छे बदलाव हमे देखने को मिलेंगे सभी तरफ | बुध ग्रह का सम्बन्ध व्यापार, वाणिज्य, दिमागी शक्ति, बैंकिंग, तर्क आदि से होता है अतः देश और दुनिया में बहुत बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं | अन्तराष्ट्रीय स्तर पर नए समझौते हो सकते हैं, बाजार में तेजी मंदी देखने को मिलेगी, शेयर मार्केट भी काफी ऊपर –निचे होगा, व्यापारी वर्ग नई नीतियाँ बना के आगे बढ़ेंगे, हरी सब्जियों की पैदावार बढ़ेगी | Budh ka kanya rashi me pravesh rashifal in hindi jyotish बुध ग्रह का मन्त्र है : || ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम: || आइये जानते हैं 12 राशियों पर क्या असर होगा बुध के कन्या राशि में प्रवेश का : 1. मेष राशि मेष राशि वालों के लिए बुध का गोचर आपके छठे भाव में होगा। यह भाव नौकरी, प...

Aja ekadashi kab hai | अजा एकादशी कब है

Aja ekadashi kab hai, अजा एकादशी कब है| August  Ekadashi| Gyaras ki sahi tarikh, पारण का समय, पारण का मंत्र, gyaras puja mantra, कथा. "अजा एकादशी" भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष में आती है। 2026 में Aja Ekadashi 7 September,Somwar को है.  Aja ekadashi kab hai | अजा एकादशी कब है हिन्दू पंचांग के अनुसार, एकादशी का समय अजा एकादशी तिथि प्रारंभ : 6 September 2026 की शाम को लगभग 7:31 बजे अजा एकादशी तिथि समाप्त : 7 September शाम  को लगभग 5:04 बजे तो उदय तिथि के अनुसार एकादशी का व्रत 7 September को को किया जायेगा। पारण 8 September को किया जाएगा प्रातः 6:07 बजे से 10:18 दिन के बीच. धार्मिक महत्व अजा एकादशी व्रत विशेष रूप से भगवान विष्णु को समर्पित होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किया गया व्रत, कथा श्रवण और भक्तिभाव से किए गए पूजन से व्रती के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। 📖 अजा एकादशी व्रतकथा एक समय महर्षि पुलस्त्यजी ने युधिष्ठिर महाराज से कहा – “राजन! भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की जो एकादशी आती है, उसे ‘अजा एकादशी’...

Saptahik Rashifal

Saptahik Rashifal Aur Panchang, 6 से 13 सितम्बर 2026 तक की भविष्यवाणियां| प्रेम जीवन की भविष्यवाणी, आने वाले सप्ताह में किस राशि के जातकों को लाभ मिलेगा, आने वाले सप्ताह के महत्वपूर्ण दिन और राशिफल, जानें आने वाले सप्ताह में कितने सर्वार्थ सिद्धि योग मिलेंगे। Saptahik Rashifal : ज्योतिष में चंद्रमा के गोचर पर आधारित साप्ताहिक भविष्यवाणियाँ महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि चंद्रमा हमारी भावनाओं, सहज प्रवृत्तियों और दैनिक मनोदशाओं को नियंत्रित करता है। सबसे तेज़ गति से चलने वाला खगोलीय पिंड होने के नाते, यह लगभग हर 2.25 दिनों में राशि बदलता है, जिससे साप्ताहिक आधार पर हमारी भावनाओं, प्रतिक्रियाओं और दूसरों के साथ जुड़ाव पर असर पड़ता है। विभिन्न राशियों में चंद्रमा के गोचर और अन्य ग्रहों पर इसके प्रभावों पर नज़र रखकर, ज्योतिषी सप्ताह के दौरान भावनात्मक रुझानों, विकास के अवसरों और संभावित चुनौतियों के बारे में जानकारी प्रदान कर सकते हैं। ये भविष्यवाणियाँ व्यक्तियों को अपनी गतिविधियों को ब्रह्मांडीय लय के साथ संरेखित करने में मदद करती हैं—संचार, निर्णय लेने, आत्म-देखभाल या आत्मनिरीक्षण के लिए स...

Shukra Ka Gochar Tula Rashi Mai Kab Hoga

Shukra Ka Gochar Tula Rashi Mai Kab Hoga,  शुक्र का तुला राशि में गोचर September 2026, Shukra gochar, jyotish updates, rashifal. Shukra Ka Gochar Tula Rashi Mai: शुक्र ग्रह जीवन में बहुत महत्व रखता है और इसका गोचर जीवन में बड़े बदलाव लाता है। शुक्र ग्रह भौतिक सुख-सुविधाओं, प्रेम, रोमांस, सौंदर्य, ग्लैमर आदि से संबंधित है और इसलिए हर कोई शानदार जीवन जीने के लिए शुक्र की शक्ति को बढ़ाना चाहता है। 2 September को दोपहर लगभग 1:40 बजे शुक्र तुला राशि में प्रवेश करेंगे जो कि इसकी अपनी राशि है और इसलिए यह सभी के लिए मजबूत और सहायक बन जायेंगे । इस गोचर से मालव्य नाम का राजयोग बनेगा. तो इस ज्योतिष लेख में हम 12 राशियों पर पड़ने वाले प्रभावों को देखेंगे। Shukra Ka Gochar Tula Rashi Mai Shukra Ka Gochar Tula Rashi Mai Kab Hoga आइये जानते हैं 12 राशियों पर शुक्र के गोचर का क्या प्रभाव होगा ? मेष राशि मेष राशि वालों के लिए शुक्र का तुला राशि में गोचर विशेष रूप से विवाह, साझेदारी और व्यक्तिगत संबंधों के क्षेत्र को प्रभावित करेगा, क्योंकि तुला आपकी कुंडली का सप्तम भाव बनता ह...

September Grah Gochar In Hindi Jyotish

September 2026 Grah Gochar, कौन से ग्रह बदलेंगे राशि सितम्बर महीने में, September rashifal, Gochar Kundli. सितंबर 2026 का महीना वैदिक ज्योतिष की दृष्टि से कई महत्वपूर्ण खगोलीय परिवर्तन लेकर आ रहा है। इस माह ग्रहों की स्थिति जीवन के विविध पहलुओं—धन, करियर, स्वास्थ्य, संबंध एवं आध्यात्मिकता पर गहरा प्रभाव डालेगी। 🌟 September 2026 Grah Gochar | सितंबर 2026 ग्रह गोचर भविष्यफल 🌟 September 2026 Grah Gochar: वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह एक निश्चित समय पर अपनी राशि बदलते हैं, जिसे गोचर कहा जाता है। इस बदलाव का सीधा असर हमारे जीवन, स्वास्थ्य, करियर, व्यापार और वातावरण पर पड़ता है। आइए जानते हैं कि सितंबर 2026 ग्रह गोचर में कौन-कौन से ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे ।   सितंबर माह में 5 बड़े राशि परिवर्तन होंगे गोचर कुंडली में, जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग प्रकार से होगा | हिन्दू पंचांग के अनुसार, इस महीने में मंगल, बुध, सूर्य और शुक्र राशि परिवर्तन करेंगे. कुछ लोगो को बहुत लाभ होगा और कुछ लोगो को बड़े परिवर्तन से गुजरना पड़ेगा 📌 September ...

Janmashtmi Mahattw In Hindi and Jyotish

Janmashtmi 2026 me kab hai, 2026 में जन्माष्टमी की वास्तविक तिथि की जानकारी?, कब रखें जन्माष्टमी व्रत?, रोहिणी नक्षत्र कब से कब तक है?, कृष्ण जन्म के लिए ज्योतिष उपाय | शाश्त्रो के हिसाब से श्रीकृष्ण का जन्म- अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, वृषभ राशि और बुधवार के दिन हुआ था |  2026 में जन्माष्टमी 4 सितम्बर को है | अष्टमी तिथि 4 तारीख को तडके लगभग 2:26 पे शुरू होगी और 5  तारीख को तडके लगभग 12:13 AM तक रहेगी | तो उदया तिथि के अनुसार जन्माष्टमी का व्रत 4 को किया जायेगा. janmashtmi 2026 जन्माष्टमी 2026 पूजा मुहूर्त (Janmashtami 2026 Puja Muhurat): श्रीकृष्ण पूजा का समय - 4 सितम्बर  रात्री में 11:57 से 12:43  तक  (निशीथ काल ) रोहिणी नक्षत्र 4 तारीख को तडके लगभग 12:30 पे शुरू होगा और 4 तारीख को रात्री में लगभग 11:04 पे समाप्त होगा.  कृष्ण जन्माष्टमी एक ऐसा उत्सव है जो की सिर्फ भारत में ही नहीं अपितु संसार के कई देशो में बहुत धूम धाम से मनाया जाता है. इसका कारण ये है की कृष्ण भक्त पुरे संसार में फैले हुए हैं. जन्माष्टमी वह दिन हैं जब कृष्ण जी ने धरती पर जन्म...