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Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, कुंडली का अध्ययन हिंदी में,ज्योतिष से संपर्क के लिए यहाँ क्लिक करे>> , .
ज्योतिष सेवा ऑनलाइन: एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है. विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है. ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है.
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है.
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है. आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आपके व…
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Shraadh Se Sambandhit Kuch Tathya In Hindi

श्राद्ध से सम्बंधित कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्य, तर्पण में उपयोग होने वाले वस्तुए, गोत्र का महत्तव , पितरो को प्रसन्न करने का सही समय, तर्पण के लिए 7 मुख्य स्थल.

श्राद्ध अर्थात पितृ पक्ष या फिर महालया जो की 16 दिनों का विशेष समय होता है जब पितृ गण अपने परिवार को आशीर्वाद देने आते हैं. अतः इस समय कोई भी व्यक्ति बहुत आसानी से अपने जीवन को निष्कंटक कर सकता है और उन्नति के रस्ते खोल सकता है.

भारत के ऋषि मुनियों ने अपने तपोबल से आत्माओं के अस्तित्तव को दिखाया है और पूरी दुनिया आज आत्माओं के अस्तित्व को मानती है. अतः हम पितृ पक्ष को एक अंधविश्वास नहीं मान सकते हैं. ये भी सत्य है की हम अगर है तो वो सिर्फ हमारे पितरो के कारण और हमे ये भूलना नहीं चाहिए. भारत में तो हर मुख्य कार्य से पहले पितरो को पूजने का भी नियम है. उनके आशीर्वाद के बिना कोई कार्य संभव नहीं है.

श्राद्ध एक ऐसा समय है जब हम पितरो के लिए अपनी कृतज्ञता दिखा सकते हैं. ये वो समय है जब हम उनके प्रेम और कृपा के लिए उनका धन्यवाद कर सकते हैं उनके उन्नति के लिए प्रार्थना करके. पूजा में गोत्र का महत्तव: किसी भी पूजा को करने पर नाम के साथ गोत्र…

Motapa Kam Karne Ke liye Kya Kare

मोटापा कम कैसे करे, free में जाने मोटापा कम करने के उपाय, fat loss tips free, special ring for fat loss, best ways to control fat.

अच्छा और स्वस्थ शारीर जहा वरदान है वही मोटापा हमारे लिए एक अभीशाप है जिसके जिम्मेदार वास्तव में हम खुद ही हैं. गलत रहन सहन, गलत खान पान, अनियमित दिनचर्या का परिणाम होता है मोटापा और उससे जुड़ी कई बीमारियाँ.

पूरी दुनिया में लोग इस रोग से ग्रस्त है और यहाँ तक की आज की इस युग में बच्चे भी मोटापा का शिकार हो रहे है, इसीलिए इसे रोकने के उपाय जरुरी है. 
आज कल मोटापा कम करने के courses भी चलाये जाते हैं जहा लोग खूब अभ्यास करके मोटापा कम कर रहे है. विभिन्न प्रकार के तरीको द्वारा मोटापा को कम किया जा सकता है जैसे योग के द्वारा, व्यायाम के द्वारा, भोजन प्रबंध द्वारा, ज्योतिष के द्वारा, दवाइयों द्वारा आदि.  मोटापा के कारण क्या हो सकते हैं ? ऐसे बहुत से कारण है जिनके द्वारा मोटापा आ जाता है , आइये जानते है उन सबको – अगर नींद पूरी नहीं होती है तो भी इस प्रकार की समस्या से जूझना होता है.अगर खाने पिने में ध्यान नहीं दिया जाता है तो भी फैट बढने लगता है.फ़ास्ट फ़ूड और कोल्ड ड्…

Pitru Paksh Kya Hai In Hindi

pitra paksh kya hai, पितृ पक्ष क्या है, पितरो को खुश करने के उपाय, तर्पण का महत्तव. आइये जानते हैं कुछ पितृ पक्ष के बारे में: ये समय पितरो के पूजन के लिए होता है, ये वो अच्छा समय होता है जब कोई व्यक्ति पितृ दोष से मुक्ति हेतु पूजा पाठ कर सकता है, अनुष्ठान कर सकता है. पितृ पक्ष को महालय भी कहते हैं और इस समय में पितरो की उन्नति के लिए भी पूजाए की जाती है.

महालया 16 दिनों का होता है और ऐसा माना जाता है की इन दिनों में पितृ गण हमारे घरो में आते हैं उन चीजो को ग्रहण करते हैं जो हम उनके नाम से दान करते हैं, गाय, कुत्ते, कौए आदि को खिलाते हैं. अगर कोई अपने पितरो के लिए कुछ करना चाहते है, उनसे आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते है तो ये सबसे अच्छा समय होता है. सभी लोग इस समय का पुरे साल इन्तेजार करते हैं.

इस संसार में ऐसा कोई नहीं जो की बिना पितरो के आशीर्वाद के जीवन जी रहा हो , हमारे जीवन में सफलता में पितरो का आशीर्वाद भी एक बहुत महत्त्वपूर्ण कारण है. उनके कारण ही हमारा अस्तित्व हैं अतः ये हमारा कर्त्तव्य है की हम उनके लिए कुछ न कुछ करते रहे जीवन भर. शाश्त्रों में ऐसा कहा गया है की जो भी अनुष्ठान…

Pitr Paksh Ka Mahattw

Importance of pitra paksh in Hindi, what to do on pitra paksh
भारतीय ज्योतिष शाश्त्र में श्राद्ध पक्ष का बहुत महत्तव है जिसके कारण इन दिनों मंदिरों में और नदी तट पर खूब भीड़ दिखाई देती है.  शाश्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष में हमारे पितृ स्वछंद होकर धरती पर भ्रमण कर सकते हैं और वो अपने वन्सजो के यहाँ पर आते हैं. अतः जो लोग पितृ श्राप या पितृ दोष से ग्रस्त है उनके लिए ये समय वरदान है क्यूंकि इन्ही दिनों में पितरो का आशीर्वाद बड़ी आसानी से लिए जा सकता है.
पितृ दोष के कारण परेशानियां : देखा गया है की अगर कुंडली में पितृ दोष हो तो जातक को नौकरी मिलने में परेशानी, अगर जाए तो कार्य करने में परेशानी, इसके अलावा, वैवाहिक जीवन में परेशानी, प्रेम संबंधों में असफलता, अनावश्यक खर्चा, बिमारी आदि का लगा रहना आदि से जीवन बड़ा संघर्षमय हो जाता है, अतः ये जरुरी हो जाता है की इससे मुक्ति के उपाय किये जाए.  वैसे तो हर महीने की चौदस और अमावस को इसके निमित्त पूजा की जाती है परन्तु अगर हम बात करते हैं विशेष समय की जब हम बड़ी आसानी से किसी भी प्रकार के पितृ दोष बढ़ा से छुटकारा पा सके तो मैं ये कहूंगा की महालय/श्राद…

Kaise Kare Tarpan In Hindi

कैसे करे तर्पण,  किस मन्त्र से करे प्रयोग, जानिए कैसे करे घर में तर्पण आसानी से पितरो की कृपा प्राप्त करने के लिए.  तर्पण मंत्र और विधि: इससे पहले के लेख में हमने जाना की तर्पण क्या होता है? , तर्पण का महत्त्व, तर्पण के प्रकार आदि. इस लेख में हम जानेंगे की तर्पण के लिए कौन से मंत्रो का प्रयोग करना चाहिए. इन मंत्रो का प्रयोग करके कोई भी अपने घर पर भी तर्पण प्रयोग कर सकते हैं और पितरो की कृपा प्राप्त कर सकते हैं.  पहला कदम: सबसे पहले यम देवता का ध्यान करते हुए दक्षिण दिशा में चावल के ढेर पर दीपक प्रज्वलित करना चाहिए क्यूंकि वो मृत्यु के देवता है.  नोट: किसी भी आवाहन मंत्र का प्रयोग करने से पहले हाथ में थोडा चावल के दाने रखना चाहिए और आवाहन के बाद दीपक पर छोड़ देना चाहिए.  यम देवता के नाम से दीप दान के समय निम्न आवाहन मंत्र का जप करना चाहिए – “ॐ यमाय नमः | आवाहयामी, स्थापयामी, ध्यायामी | ततो नमस्कार करोमि.” इसके बाद कुछ समय तक यम मंत्र का जप करे “ॐ यमाय नमः ” दूसरा कदम: अब एक काले तिल के ढेरी पर पितरो के नाम से दीपक जलाए और निम्न आवाहन मंत्र का जप करे. “ॐ पितृभ्यो नमः | अवाह्यामी , स्थाप्य…

Mangal Dosh Karan Aur Nivaran

जानिए क्या है मंगल दोष कुंडली मे , कैसे दूर करे मांगलिक दोष को, क्या समस्याए आ सकती है मंगल दोष के कारण जातक को.
आज के दौर मे देखा जा रहा है की मांगलिक दोष के कारण बहुत लोग परेशान है परन्तु यहाँ ये भी बताना चाहेंगे की हर मांगलिक कुंडली खराब नहीं होती, कई बार ऐसा भी होता है की समस्या किसी और ग्रह के कारण होती है और व्यक्ति सिर्फ मंगल के उपायों को करता रहता है अतः अच्छे ज्योतिष से परामर्श लेना जरुरी होता है.

मंगल दोष को कुज दोष या भौम दोष के नाम से भी जाना जाता है.  अगर कुंडली मांगलिक हो और मंगल अशुभ हो तो जातक को जीवन में बहुत अधिक परेशानी होती है.

आइये अब जानते हैं की कुंडली मे मंगल कब माना जाता है ? कुंडली मई १२ भाव होते हैं परन्तु इनमे से प्रथम भाव, चौथा भाव, सातवा भाव, आठवां भाव, और बारहवे का मंगल की मांगलिक दोष को जन्म देता है. ऐसी कुंडली मांगलिक कुंडली कहलाती है. मांगलिक दोष का प्रयोग साधारणतः विवाह मे ही महत्त्व रखता है, जब कुंडली मिलान होता है तो ऐसी मान्यता है की मांगलिक वर को मांगलिक वधु ही चाहिए, अगर गुण मिलान हो रहे हो और कोई एक मांगलिक हो तो भी विवाह उपयुक्त नहीं माना जाता …