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ज्योतिष संसार के माध्यम से आप पा सकते हैं अपने कुंडली का विश्लेषण, अपने कुंडली में मौजूद ख़राब ग्रहों के बारे में, अपने ताकतवर ग्रहों के बारे में, भाग्यशाली रत्नों के बारे में, ग्रहों के अनुसार सही कैरियर, सरकारी नौकरी, प्रेम विवाह, संतान योग, काले जादू का निवारण, ज्योतिषीय समाधान आदि के बारे में.



पाइये कुंडली विश्लेषण
कुंडली का सटीक विश्लेषण प्राप्त करने के लिए अपना जन्म तारीख, जन्म समय और जन्म स्थान सही –सही भेजे साथ ही अपने प्रश्न भेजे.
जानिए अपने कुंडली में मौजूद शक्तिशाली ग्रहो के बारे में.जानिए कौन से ग्रह जीवन में समस्या उत्पन्न कर रहे हैं.किन ज्योतिष कारणों से जीवन में असफलता प्राप्त हो रही है?जानिए कौन से रत्न भाग्योदय में सहायक होंगे?कौन सी पूजा आपके लिए सही है.आपके प्रश्नों का उत्तर, कुंडली अनुसार. Get The Indepth Analysis of your horoscope संपर्क करे ज्योतिष से अभी >>


पाइये कुंडली मिलान विवाह हेतु
कुंडली मिलान के लिए लड़के और लड़की, दोनों की जन्म तारीख, जन्म समय और जन्म स्थान भेजे साथ ही अपने प्रश्न भेजे
ज…
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Janam Kundli Horoscope Reading Service

Horoscope Janam Kundli Service in hindi, जन्म पत्रिका का महत्त्व, ज्योतिष में कुंडली क्या काम आती है, जानिए ज्योतिष से अपनी कुंडली का विश्लेषण.
अगर आप अपने भविष्य के बारे में ज्योतिष से जानना चाहते हैं तो जन्म कुंडली की सबसे पहले आवश्यकता पड़ती है. जन्म पत्रिका के आधार पर ही कामकाजी जीवन, वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, नौकरी, व्यापार आदि के बारे में जाना जाता है. वैदिक ज्योतिष में कुंडली बनाने के लिए जन्म समय, जन्म तारीख और जन्म स्थान की आवश्यकता पड़ती है. www.jyotishsansar.com पर आप १००% वैदिक ज्योतिष(डॉ. ओम प्रकाश) द्वारा कुंडली का विश्लेषण और समाधान पायेंगे.

ज्योतिष से आप पायेंगे कुंडली में मौजूद अच्छे और बुरे ग्रहों की जानकारी, उनका जीवन पर प्रभाव, समस्याओं का समाधान, भाग्योदय हेतु रत्न की जानकारी, पूजा की जानकारी, दान की जानकारी. ज्योतिष सही भविष्यवाणी के लिए गोचर का अध्ययन भी करते हैं. Horoscope Janam Kundli Service in hindi.

कुंडली या जन्म पत्रिका का विवरण हिंदी और अंग्रेजी में भेजा जाता है मांग के अनुसार. भविष्यवाणी बहुत ही आसान भाषा में लिखा जाता है जिससे कोई भी उसे आसानी से समझ सकत…

Kundli Vishleshan, कुंडली विश्लेषण

Kundli Vishleshan, कुंडली विश्लेषण, नए साल में क्या कहते हैं सितारे, क्या कहते हैं ग्रह –नक्षत्र  में , अपनी जन्मपत्रिका विश्लेषण से जाने कैसा जायगा नया साल.
क्या आप जानना चाहते हैं की नया साल आपके लिए क्या ला रहा है आपके कुंडली के हिसाब से, क्या आप नए साल के लिए सही रत्न जानना चाहते हैं, क्या आप जानना चाहते हैं की कौन सी पूजा आपके लिए सही रहेगी. क्या नए साल में आप ग्रह नक्षत्रो के बारे में जानना चाहते हैं तो आज ही प्राप्त करे कुंडली विश्लेषण.


जानिए अपने करियर के बारे में वैदिक ज्योतिष से.जानिए अपने वैवाहिक जीवन के बारे में अपने कुंडली में मौजूद ग्रहों के हिसाब से.जानिए अपने स्वास्थय के बारे में ज्योतिष से.जानिए अपने जीवन में प्रेम के बारे में.कुंडली मिलान करवाए और जानिए कैसा रहेगा आपका जीवन आपके जीवन साथी के साथ.मांगलिक दोष के बारे में जानिए और समाधान पाए.पितृ दोष, कालसर्प योग, अंगारक योग, ग्रहण योग के बारे में जानिए और समाधान पायें ज्योतिष से.महादशा , अन्तर्दशा का जीवन में क्या प्रभाव पड़ेगा जानिये.ज्योतिष के मध्यम से जीवन के बहुत से रहस्यों को जाना जा सकता है, व्यक्तित्व को समझा जा स…

Ashubh Shani Ke Upaay Jyotish Me

अशुभ शनि के उपाय, जानिए कुछ आसान उपाय शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के, कैसे पायें शनि की कृपा.
शनि के उपाय जानने से पहले आइये जानते हैं की ख़राब शनि और कमजोर शनि में क्या अंतर है. अशुभ शनि मतलब है की शनि शत्रु राशि में बैठा है परन्तु कमजोर शनि शुभ और अशुभ दोनों हो सकता है.इस लेख में हम सिर्फ अशुभ शनि के उपाय ही देखने वाले है. कमजोर और दूषित शनि के उपाय अलग अलग होते हैं अतः भ्रमित नहीं होना चाहिए.शनि हमारे जीवन में बहुत महत्त्व रखता है और वैदिक ज्योतिष के हिसाब से शनि का सम्बन्ध चमड़ा, सीमेंट, तेल, आवागमन के साधन, रबर, लकड़ी, मशीनरी, भूमि आदि से है. अगर कुंडली में शनि शुभ है तो जातक को सफल और आनंदायक जीवन की प्राप्ति बहुत ही आसानी से हो जाती है. वही दूषित शनि अनेको समस्याएं उत्पन्न करता है जीवन में.
आइये सबसे पहले जानते हैं की अशुभ शनि कब होता है कुंडली में ?जब कुंडली में शनि मेष राशी का बैठा हो तो बहुत अशुभ परिणाम देता है |जन्मपत्रिका में कर्क राशी का शनि भी अशुभ होता है|कुंडली में सिंह राशि का शनि भी बहुत हानी देता है |वृश्चिक राशि में अगर शनि हो तो भी घातक होता है |देखिये विडियो:
आइये…

Shukra ka Mithun Rashi Mai Gochar 1 August 2020 Ko

शुक्र बदलेगा राशी १ अगस्त 2020 शनिवार को, जानिए क्या होगा असर १२ राशियों पे ज्योतिष के हिसाब से.
ज्योतिष में शुक्र ग्रह आकर्षण का केंद्र होता है और साधारणतः सभी ज्योतिष प्रेमी की निगाह शुक्र की चाल पर रहती है की ये क्या करने वाला है | और ये सही भी है क्यूंकि शुक्र का सम्बन्ध ऐसे विषयो से है जिनसे जीवन में आनंदरस की बढ़ोतरी होती है |
शुक्र का सम्बन्ध होता है है सौंदर्य से, प्रेम से, रोमांस से, वैवाहिक सुख से, ऐशो आराम से आदि | अतः शुक्र की शुभता व्यक्ति के जीवन में सुखो में वृद्धि करती है वही इसकी अशुभता जीवन में संघर्ष बढ़ा देती है |
१ अगस्त 2020 को शुक्र बदल रहा है अपनी राशि
अभी तक वीनस अपनी स्व राशी वृषभ में था परन्तु अब ये मिथुन राशि में आ रहा है जिसके कारण १२ राशी वाले लोगो के जीवण में बहुत कुछ बदलने वाला है |
और जो सबसे बड़ी बात है वो ये की शुक्र पर अब गुरु की भी पूर्ण दृष्टि रहेगी जिससे बहुत बड़े बदलाव जीवन में देखने को मिल सकते हैं. वैसे तो वीनस का राशी परिवर्तन सभी के लिए शुभ रहेगा परन्तु कुछ को विशेष धन लाभ, प्रेम लाभ मिलने वाला है और कुछ लोगो को कर उन्नति, स्टेटस में बढ़ोतरी देगा…

Ashubh Guru Ke Upaay Jyotish Me

अशुभ गुरु के उपाय, जानिए कुछ आसान उपाय गुरु के दुष्प्रभाव को कम करने के, कैसे पायें गुरु की कृपा.
गुरु के उपाय जानने से पहले आइये जानते हैं की ख़राब गुरु और कमजोर गुरु में क्या अंतर है. अशुभ गुरु मतलब है की गुरु शत्रु राशि में बैठा है परन्तु कमजोर गुरु शुभ और अशुभ दोनों हो सकता है.इस लेख में हम सिर्फ अशुभ गुरु के उपाय ही देखने वाले है. कमजोर और दूषित गुरु के उपाय अलग अलग होते हैं अतः भ्रमित नहीं होना चाहिए.गुरु हमारे जीवन में बहुत महत्त्व रखता है और वैदिक ज्योतिष के हिसाब से गुरु बुद्धिमत्ता, पढ़ाई की शक्ति, धर्म, बैंकिंग, ज्ञान अर्जित करने की शक्ति, दुसरो को प्रभावित करने की शक्ति आदि से सम्बन्ध रखता है.अगर कुंडली में गुरु शुभ है तो जातक को सफल और आनंदायक जीवन की प्राप्ति बहुत ही आसानी से हो जाती है. वही दूषित गुरु अनेको समस्याएं उत्पन्न करता है जीवन में.
आइये जानते हैं की जन्मपत्रिका में गुरु अशुभ कैसे होता है ?कुंडली में गुरु अगर वृषभ राशि का बैठा हो तो ख़राब प्रभाव उत्पन्न करता है |मिथुन राशी का गुरु भी शत्रु का होता है और जातक के जीवन में परेशानी उत्पन्न करता है |तुला राशी का बृहस्…

Autism Bimari Ke Jyotishiy Karan

स्वलीनता और ज्योतिष उपचार, आटिज्म रोग के लिए कुंडली पढ़ने और वैदिक ज्योतिष के माध्यम से समाधान। स्वलीनता (ऑटिज़्म) मस्तिष्क के विकास के दौरान होने वाला विकार है जो व्यक्ति के सामाजिक व्यवहार और संपर्क को प्रभावित करता है। हिन्दी में इसे 'आत्मविमोह' और 'स्वपरायणता' भी कहते हैं | ऑटिज्म एक विकासात्मक विकार है जो सामाजिक संपर्क और संचार के साथ कठिनाइयों को दिखता है | ऑटिज्म आनुवांशिक और पर्यावरणीय कारकों के संयोजन से जुड़ा हुआ है।
चिकित्सा ज्योतिष में, हम जन्म चार्ट को सूक्ष्मता से पढ़कर स्वलीनता (ऑटिज़्म) के ग्रह कारणों को खोजने में सक्षम हैं क्योंकि वैदिक ज्योतिष के अनुसार, हर घटना के पीछे ग्रह होते हैं।
ऑटिज्म या विकास के मुख्य ज्योतिष कारणों का पता लगाने के लिए लग्न, द्वितीय भाव और तृतीय भाव का अध्ययन महत्वपूर्ण है। इसके साथ बुध ग्रह का अध्ययन भी महत्वपूर्ण है। ऑटिज्म के लक्षण क्या हैं? यह रोग विकास विकार से संबंधित है और इसलिए स्वलीनता (ऑटिज़्म) से प्रभावित व्यक्ति कई मुद्दों से पीड़ित हो सकता है जैसे - ध्यान की कमी, अवसादग्रस्तता की प्रवृत्ति, जुनूनी बाध्यकारी विकार …

Ashubh Sury ke Upaay Jyotish Me

अशुभ सूर्य के ज्योतिषीय उपाय, कुंडली में ख़राब सूर्य के लिए क्या करे, कैसे कम करे सूर्य के दुष्प्रभाव को.

इस लेख को शुरू करने से पहले आइये जानते हैं की ख़राब सूर्य और कमजोर सूर्य में क्या अंतर है. ख़राब सूर्य तब होता है जब सूर्य किसी शत्रु राशि के साथ कुंडली में बैठता है, परन्तु कमजोर सूर्य ख़राब भी हो सकता है और अच्छा भी.

इस लेख में हम सिर्फ ख़राब सूर्य के लिए उपाय देखेंगे न की कमजोर सूर्य के लिए. सूर्य हमारे जीवन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ज्योतिष के हिसाब से तो सूर्य पिता, नाम, यश, यात्रा, उच्च अधिकारी वर्ग आदि का करक होता है. अगर कुंडली में सूर्य अच्छी स्थिति में है तो जातक को आसानी से नाम , यश की प्राप्ति हो जाती है और जातक सफल जीवन व्यतीत कर लेता है.
वहीँ अगर सूर्य कुंडली में ख़राब स्थिति में हो तो कई समस्याओं को जन्म देता है.
आइये जानते हैं की कब होता है सूर्य अशुभ कुंडली में ?जन्मपत्रिका मे वृषभ राशि मे बैठा सूर्य अशुभ परिणाम देता है |अगर कुंडली में सूर्य तुला राशि का हो तो नीच का हो जाता है और जातक को इसके गंभीर परिणाम भोगने होते हैं |अगर सूर्य राहु या केतु के साथ युति क…

Ashubh Chandrama ke Upaay Jyotish Me

कैसे कम करे अशुभ चन्द्रमा के प्रभाव को, जानिए कुछ आसान उपाय चन्द्रमा के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए ज्योतिष से, ख़राब चन्द्रमा के उपाय

इस लेख को शुरू करने से पहले आइये जानते हैं की ख़राब चन्द्रमा और कमजोर चन्द्रमा में क्या अंतर है. ख़राब चन्द्रमा तब होता है जब चन्द्रमा किसी शत्रु राशि के साथ कुंडली में बैठता है, परन्तु कमजोर चन्द्रमा ख़राब भी हो सकता है और अच्छा भी.

इस लेख में हम सिर्फ ख़राब चन्द्रमा के लिए उपाय देखेंगे न की कमजोर चन्द्रमा के लिए. चन्द्रमा हमारे जीवन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ज्योतिष के हिसाब से तो चन्द्रमा माता, यात्रा, महिलाओं के साथ संबंद, बीमारियाँ, स्थिरता आदि से सम्बन्ध रखता है.

अगर कुंडली में चन्द्रमा अच्छी स्थ्तिती में हो तो जातक बहुत ही ऐशो आराम के साथ जीवन जी लेता है वहीँ ख़राब चन्द्रमा के कारन संघर्ष बढ़ जाता है.
आइये जानते हैं की कुंडली में चन्द्र ग्रह कब दुष्प्रभाव उत्पन्न करते हैं ?अगर जन्मपत्रिका में चन्द्रमा वृश्चिक राशि का होके बैठ जाए किसी भी भाव में तो ये नीच का हो जाता है और जातक को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं |अगर कुंडली में चन्द्रमा राहू…