] } Skip to main content

Posts

Latest Astrology Updates in Hindi

Hanuman Kawach Ke laabh

पंचमुखी हनुमान कवच के फायदे || Panchmukhi Hanuman Kavac, Panchmukhi Hanuman Kavach lyrics, श्री हनुमान कवच का पाठ कैसे करे ?| यह एक अत्यंत शक्तिशाली कवच है जो व्यक्ति को हर प्रकार के बुरे प्रभाव से बचाने में समर्थ है जैसे काले जादू से बचाएगा, नजर दोष से बचाएगा,ग्रहों के अशुभ प्रभाव से सुरक्षा देगा, नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा देगा| इसी के साथ इस कवच के पाठ करने वाले में साहस उत्पन्न होता है, जपकर्ता निडर बनता है, उसमे निर्णायक शक्ति पैदा होती है, बुद्धि का विकास होता है आदि | हनुमानजी अमर है इसीलिए कलयुग में उनकी अराधना बहुत ही जल्दी फलदाई होती है | वे महाबली है, महा दयालु है, शत्रु हन्ता है | उनके कवच का पाठ व्यक्ति की हर प्रकार से रक्षा करता है |  Hanuman Kawach Ke laabh पंचमुखी हनुमान कवच के पाठ के लाभ क्या है ? पंचमुखी हनुमान कवच का पाठ करने से पढने वाले के आस पास एक कवच का निर्माण हो जाता है हनुमान जी की कृपा से और कोई भी नकारात्मकता उसे छु भी नहीं पाती है |  हर प्रकार के रोग, शोक, ग्रह दोष, भय से भगवान् रक्षा करते हैं |  पंचमुखी हनुमान की आराधना करने से साधक ...
Recent posts

Budh ka tula rashi me gochar ka rashifal in hindi jyotish

बुध का तुला राशि में गोचर कब होगा, वैदिक ज्योतिषी की भविष्यवाणी, Mercury transit in libra 2026 predictions, 12 राशियों पर बुध के तुला राशि में गोचर का क्या होगा प्रभाव, love rashifal, Budh ka tula rashi me gochar ka rashifal in hindi jyotish. Budh Ka Gochar Tula Rashi Mai 2026: बुध ग्रह 26 September को दोपहर में लगभग 12:29 बजे तुला राशि में प्रवेश करेंगे जो की इनकी मित्र राशि है |  तुला राशि में पहले से ही शुक्र मौजूद है जिससे बुध और शुक्र की युति होगी और बनेगा "लक्ष्मी नारायण योग"   इसके कारण हमे बाजार में और लोगो के जीवन में काफी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे | बुध ग्रह व्यापार, वाणिज्य, मस्तिष्क शक्ति, बैंकिंग, तर्क आदि से संबंधित है, इसलिए देश और दुनिया में बड़े बदलाव देखे जा सकते हैं। बाजार में अच्छे बदलाव होंगे, शेयर बाजार में भी बड़े बदलाव दिखाई देंगे, नई नीतियां बनाकर व्यवसायी आगे बढ़ेंगे, बाजार में धन का रोटेशन बढेगा|  Budh Ka Gochar Tula Rashi Mai 2026 Budh ka tula rashi me gochar ka rashifal in hindi jyotish बुध ग्रह का मंत्र है: ||Om Braam breem ...

Mangal Ka Kark Rashi Mai Gochar Ka Rashifal

Mangal Ka Kark Rashi Mai Gochar September 2026 , मंगल प्रवेश करेंगे कर्क राशि में, जानिए राशिफल,  Mars Transit in Cancer 2026 predictions in hindi  |  साहस, उर्जा और शक्ति का ग्रह मंगल जब अपनी राशि परिवर्तन करते हैं तो बड़े परिवर्तन नजर आते हैं मौसम में और लोगो के जीवन में |  18 September 2026 को शाम में लगभग 5:02 PM पे मंगल ग्रह मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में गोचर करेंगे और नीच के हो जायेंगे, ये स्थिति १२ नवम्बर तक बनी रहेगी, अतः बहुत से लोगो को बहुत ज्यादा ध्यान रखने की जरुरत होगी |  खास बात यह है कि इस दौरान गुरु भी कर्क राशि में मौजूद रहेंगे और कर्क में गुरु को उच्च का माना जाता है। ऐसे में मंगल और गुरु की युति को ज्योतिष की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गुरु की मजबूत स्थिति मंगल की कमजोर स्थिति को कुछ हद तक संभाल सकती है और इससे नीचभंग जैसी स्थिति बनने की संभावना मानी जाती है।  Mangal ka gochar kark rashi mai April 2026 मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी है अतः इनके ऊपर भी प्रभाव आसानी से देखा जा सकता है मंगल के गोचर का |  Mangal ...

GarbhRakshaAmbika Strotram Lyrics

गर्भरक्षाम्बिका स्तोत्रम् माता श्री गर्भरक्षाम्बिका की स्तुति और प्रार्थना का एक श्रद्धापूर्ण स्तोत्र है। इसमें देवी को गर्भस्थ शिशु की रक्षिका, मातृस्वरूपा, कल्याणदायिनी और जगन्माता के रूप में स्मरण किया गया है। परंपरा में इस स्तोत्र का पाठ विशेष रूप से गर्भवती माताओं और उनके परिवारों द्वारा माता की कृपा, संरक्षण और मंगल की भावना से किया जाता है। इस स्तोत्र में भक्त माता से प्रार्थना करता है कि वे गर्भस्थ शिशु की रक्षा करें, माता को शक्ति एवं शांति प्रदान करें और परिवार पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें। स्तोत्र में देवी के करुणामयी, सुंदर और मंगलकारी स्वरूप का वर्णन करते हुए उनके चरणों में श्रद्धा और समर्पण व्यक्त किया गया है। GarbhRakshaAmbika Strotram Lyrics ॐ श्री गर्भरक्षाम्बिकायै नमः। गर्भरक्षाम्बिकास्तोत्रम् श्रीमाधवी-काननस्थे गर्भरक्षाम्बिके पाहि भक्तं स्तुवन्तम् ॥ वापीतटे वामभागे वामदेवस्य देवस्य देवी स्थिता त्वम् । मान्या वरेण्या वदान्या पाहि गर्भस्थजन्तून् तथा भक्तलोकान् । श्रीमाधवी-काननस्थ...

Saptahik Rashifal

Saptahik Rashifal Aur Panchang, 21 से 27 सितम्बर 2026 तक की भविष्यवाणियां| प्रेम जीवन की भविष्यवाणी, आने वाले सप्ताह में किस राशि के जातकों को लाभ मिलेगा, आने वाले सप्ताह के महत्वपूर्ण दिन और राशिफल, जानें आने वाले सप्ताह में कितने सर्वार्थ सिद्धि योग मिलेंगे। Saptahik Rashifal : ज्योतिष में चंद्रमा के गोचर पर आधारित साप्ताहिक भविष्यवाणियाँ महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि चंद्रमा हमारी भावनाओं, सहज प्रवृत्तियों और दैनिक मनोदशाओं को नियंत्रित करता है। सबसे तेज़ गति से चलने वाला खगोलीय पिंड होने के नाते, यह लगभग हर 2.25 दिनों में राशि बदलता है, जिससे साप्ताहिक आधार पर हमारी भावनाओं, प्रतिक्रियाओं और दूसरों के साथ जुड़ाव पर असर पड़ता है। विभिन्न राशियों में चंद्रमा के गोचर और अन्य ग्रहों पर इसके प्रभावों पर नज़र रखकर, ज्योतिषी सप्ताह के दौरान भावनात्मक रुझानों, विकास के अवसरों और संभावित चुनौतियों के बारे में जानकारी प्रदान कर सकते हैं। ये भविष्यवाणियाँ व्यक्तियों को अपनी गतिविधियों को ब्रह्मांडीय लय के साथ संरेखित करने में मदद करती हैं—संचार, निर्णय लेने, आत्म-देखभाल या आत्मनिरीक्षण के लिए ...

Radha Ashtmi Ka Mahattw In Hindi

Radha Ashtmi kab Hai 2026, राधा अष्टमी का महत्त्व, राधा अष्टमी की कथा, किस मंत्र का जप करें, गोचर कुंडली में ग्रहों की स्थिति | 2026 Radha Ashtmi:  राधा और कृष्णा जी की प्रेम कहानियां विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, आज के इस आधुनिक युग में भी लोग राधा और कृष्णजी की कथाओं का श्रवण करते हैं और अपने आपको धन्य समझते हैं. इनकी कथाये शांति देती हैं, प्रेम की भावनाओं को बल देती है, वास्तविक प्रेम का अर्थ समझाती हैं. radha ashtmi कब है 2026 में राधा अष्टमी ? हिन्दू पंचाग के अनुसार राधा अष्टमी का उत्सव हर वर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष के आठवे दिन बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है. इस साल ये पवित्र दिन 19 सितम्बर, Shaniwar को आ रहा है. अष्टमी तिथि 18 सितम्बर को दोपहर में लगभग 1:02 PM से शुरू होगी और 19 सितम्बर को दोपहर में लगभग 3:26 बजे   तक रहेगी |  मध्याह्न पूजा मुहूर्त: दिन में 11:01 बजे से दोपहर 1:28 बजे तक (अवधि: 2 घंटे 27 मिनट)  आइये जानते हैं कौन है राधाजी? राधाजी वृषभानु और किर्तिकुमारी जी की पुत्री के रूप में जानी जाती हैं , इन्हें लोग प्रेम से राधा रानी भ...

Santan Saptmi Ka Vrat Kab Hai | Katha

🌸 संतान सप्तमी व्रत — कब है? संतान सप्तमी का व्रत 18 सितंबर को रखा जाएगा। 📅 सप्तमी तिथि विवरण समय सप्तमी तिथि प्रारंभ 17 सितंबर, सुबह लगभग 10:48 बजे सप्तमी तिथि समाप्त 18 सितंबर, दोपहर लगभग 1:01 बजे व्रत का दिन उदया तिथि के अनुसार 18 सितंबर Santan Saptmi Ka Vrat Kab Hai | Katha  🪔 संतान सप्तमी पूजा का शुभ समय संतान सप्तमी की पूजा दिन में तथा प्रदोष काल में की जा सकती है। ☀️ दिन का पूजा मुहूर्त दोपहर 12:08 बजे से 12:57 बजे तक 🌅 प्रदोष काल शाम 5:39 बजे से 7:09 बजे तक ⚠️ राहु काल सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक इसलिए दिन में पूजा करते समय राहु काल का ध्यान रखें। प्रदोष काल में भी पूजा की जा सकती है। 🙏 संतान सप्तमी की पूजा के खास नियम देवता संतान सप्तमी पर मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। 🧵 सात गांठ वाला कलावा 7 गा...