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Latest Astrology Updates in Hindi

Saptahik Rashifal

Saptahik Rashifal Aur Panchang, 26 July से 2 अगस्त 2026 तक की भविष्यवाणियां| प्रेम जीवन की भविष्यवाणी, आने वाले सप्ताह में किस राशि के जातकों को लाभ मिलेगा, आने वाले सप्ताह के महत्वपूर्ण दिन और राशिफल, जानें आने वाले सप्ताह में कितने सर्वार्थ सिद्धि योग मिलेंगे। Saptahik Rashifal : ज्योतिष में चंद्रमा के गोचर पर आधारित साप्ताहिक भविष्यवाणियाँ महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि चंद्रमा हमारी भावनाओं, सहज प्रवृत्तियों और दैनिक मनोदशाओं को नियंत्रित करता है। सबसे तेज़ गति से चलने वाला खगोलीय पिंड होने के नाते, यह लगभग हर 2.25 दिनों में राशि बदलता है, जिससे साप्ताहिक आधार पर हमारी भावनाओं, प्रतिक्रियाओं और दूसरों के साथ जुड़ाव पर असर पड़ता है। विभिन्न राशियों में चंद्रमा के गोचर और अन्य ग्रहों पर इसके प्रभावों पर नज़र रखकर, ज्योतिषी सप्ताह के दौरान भावनात्मक रुझानों, विकास के अवसरों और संभावित चुनौतियों के बारे में जानकारी प्रदान कर सकते हैं। ये भविष्यवाणियाँ व्यक्तियों को अपनी गतिविधियों को ब्रह्मांडीय लय के साथ संरेखित करने में मदद करती हैं—संचार, निर्णय लेने, आत्म-देखभाल या आत्मनिरीक्षण के लि...
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August Mai Surya Karenge Bade Badlaaw Gochar Kundli Mai

अगस्त 2026 में सूर्य के चार प्रमुख गोचर का 12 राशियों पर प्रभाव अगस्त 2026 में सूर्य देव चार बार अपनी स्थिति बदलेंगे, जिससे सभी 12 राशियों के जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिलेंगे। 3 अगस्त को सूर्य आश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, 17 अगस्त को सिंह राशि में प्रवेश करने के साथ ही मघा नक्षत्र में गोचर करेंगे तथा 31 अगस्त को पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। आइए जानते हैं इन चारों गोचरों का सभी राशियों पर विस्तृत प्रभाव। August Mai Surya Karenge Bade Badlaaw Gochar Kundli Mai मेष राशि अगस्त का महीना मेष राशि के जातकों के लिए आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सफलता लेकर आएगा। 3 अगस्त को सूर्य के आश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश से पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और घर-परिवार से जुड़े कुछ पुराने मामलों का समाधान मिलने की संभावना रहेगी। आर्थिक मामलों में समझदारी से लिए गए निर्णय भविष्य में लाभ देंगे। 17 अगस्त को सूर्य सिंह राशि और मघा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जिससे आपकी बुद्धि, शिक्षा, संतान सुख, प्रेम संबंध और रचनात्मक कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति होगी। विद्यार्थियों को ...

Dev Shayani Ekadashi Ki Mahima in Hindi

Dev Shayani Ekadashi kab hai 2026 में , पद्मा एकादशी , हरी शयनी एकादशी किसको कहते है, क्या करे देव शयनी एकादशी को सफलता के लिए, जानिए ग्रहों की स्थिति . Devshayani Ekadashi 2026: अषाढ़ शुक्ल पक्ष का ग्यारहवां दिन बहुत ख़ास होता है भारत मे विशेषतः क्यूंकि मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान् विष्णु क्षीर सागर मे सोने के लिए चले जाते हैं. अलग अलग प्रान्तों मे अषाढ़ मास के ग्यारस को अलग लग नामो से जाना जाता है जैसे पद्मा एकादशी, प्रथमा एकादशी, हरी शयनी एकादशी आदि.   Dev Shayani Ekadashi Ki Mahima in Hindi इस पुरे दिन और रात भक्त गण भगवान् विष्णु की पूजा और आराधना मे लगे रहते हैं. इसी दिन चातुर्मास की शुरुआत भी होती है अर्थात इस दिन से ४ महीने तक साधू संत विशेष पूजा आराधना करते हैं और कहीं जाते आते भी नहीं है. वर्ष  2026  मे हरी शयनी एकादशी 25 जुलाई को है|  एकादशी तिथि का आरंभ: 24 जुलाई 2026 को सुबह 09:14 बजे एकादशी तिथि का समापन: 25 जुलाई 2026 को सुबह 11:34 बजे व्रत पारण का समय: 26 जुलाई 2026 को सुबह 05:39 से 08:22 बजे के बीच  मान्यता के अनुसार पद्मा एकादश...

August Grah Gochar bhavishyawani in hindi jyotish

August 2026 Grah Gochar, कौन से ग्रह बदलेंगे राशि अगस्त महीने में, किन राशियों को मिलेगा फायदा, August prediction, अगस्त में कब कौन सा ग्रह करेगा गोचर, planetary transits in August  2026. August Grah Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में रोजाना होने वाली घटनाओं को जानने के लिये, साप्ताहिक घटनाओं को जानने के लिए, मासिक घटनाओं को जानने के लिए, गोचर कुंडली का अध्ययन किया जाता है | सभी ग्रह एक नियमित अंतराल पर अपनी राशि परिवर्तन करते हैं और साथ ही अपनी स्थिति भी बदलते हैं जिसका प्रभाव जातकों के जीवन पर पड़ता है। ऐसे में आने वाला अगस्त का महीना काफी महत्वपूर्ण रहने वाला होगा। अगस्त में कई ग्रह अपनी राशि तो बदलेंगे ही साथ ही कुछ ग्रह की चाल में बदलाव भी देखने को मिलेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह के परिवर्तन से जातकों के जीवन के साथ देश-दुनिया में भी काफी हलचल देखने को मिल सकती है।  August Grah Gochar 2026 August Grah Gochar bhavishyawani in hindi jyotish आइये जानते हैं की अगस्त 2026 में कौन से बड़े परिवर्तन देखने को मिलेंगे गोचर कुण्डली में ? 1 अगस्त शनिवार को शुक्र अपने...

Guru Poornima Importance In Hindi

Guru purnima kab hai 2026,  Guru Poornima Importance In Hindi, गुरु पूर्णिमा का महत्तव हिन्दी में, क्या करे गुरु पूर्णिमा को. Guru Purnima 2026:  गुरु पूर्णिमा एक हिंदू त्योहार है  और इस दिन हम शिक्षक और आध्यात्मिक गुरुओं का सम्मान करते हैं |  यह हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़  महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। "गुरु" शब्द संस्कृत के शब्द "गु" से आया है जिसका अर्थ है "अंधकार" और "रु" का अर्थ है "दूर करना।" इसलिए गुरु वह होता है जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करते है और हमें सत्य का प्रकाश देखने में मदद करते है। हिंदू धर्म में, गुरु पूर्णिमा हमारे सभी जीवित और ब्र्हम्लीन गुरुओं का सम्मान करने का समय है। हम उनके मार्गदर्शन और शिक्षाओं के लिए अपना आभार व्यक्त करते हैं, और उनके निरंतर आशीर्वाद के लिए प्रार्थना करते हैं। गुरु पूर्णिमा पर, लोग आमतौर पर अपने गुरुओं से मिलते हैं, उनका पूजन करते हैं, उन्हें उपहार देते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं |  यह उन लोगों को याद करने का दिन है जिन्होंने हमें बढ़ने और सीखने में मदद की...

July Purnima Ka 12 Rashiyo Par Prabhav

जुलाई पूर्णिमा कब है, जुलाई 2026 पूर्णिमा का 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, ज्योतिष भविष्यवाणियां, July Purnima Ka 12 Rashiyo Par Prabhav, गुरु पूर्णिमा 2026. **जुलाई 2026 में पूर्णिमा** 29 जुलाई को है जो भावनात्मक स्पष्टता, अनुशासन और कर्म संबंधी रहस्योद्घाटन के शक्तिशाली कंपन लेकर आएगा। वैदिक परंपरा में **गुरु पूर्णिमा** के रूप में जानी जाने वाली इस पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि यह गुरुओं के ज्ञान का सम्मान करती है। चाहे आप वैदिक या पश्चिमी ज्योतिष का पालन करें, यह पूर्णिमा हमारे जीवन के उन क्षेत्रों को रोशन करेगा, जिनमें परिपक्वता, संरचना और आधार की आवश्यकता होती है। July Purnima Ka 12 Rashiyo Par Prabhav आइए जानें 🌕 जुलाई 2026 पूर्णिमा का 12 राशियों पर प्रभाव : वैदिक ज्योतिष के अनुसार 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे । शनि की राशि में स्थित चंद्रमा कर्म, अनुशासन, जिम्मेदारी और व्यावहारिक सोच को बढ़ावा देगा। वहीं गुरु पूर्णिमा का आध्यात्मिक प्रभाव गुरु कृपा, ज्ञान, आत्मचिंतन और धर्म-कर्म के लिए अत्यंत शुभ ...

Surya Dakshinayan Kab Honge

वर्ष 2026 में सूर्य दक्षिणायन 16 जुलाई 2026, गुरुवार की रात को होगा। सूर्य का दक्षिणायन (कर्क संक्रांति): धार्मिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व भारतीय संस्कृति में सूर्य को प्रत्यक्ष देवता माना गया है। वे जीवन, ऊर्जा, प्रकाश और चेतना के स्रोत हैं। वैदिक काल से ही सूर्य की गति के आधार पर ऋतुओं, कृषि, पर्व-त्योहारों और धार्मिक अनुष्ठानों का निर्धारण किया जाता रहा है। जब सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करता है, तब इस घटना को कर्क संक्रांति कहा जाता है और इसी के साथ दक्षिणायन का प्रारंभ माना जाता है। वर्ष 2026 में सूर्य का दक्षिणायन 16 जुलाई 2026, गुरुवार की रात को होगा। यह दिन केवल ज्योतिषीय दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक, धार्मिक, सामाजिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। Surya Dakshinayan Kab Honge दक्षिणायन क्या है? दक्षिणायन शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है— दक्षिण + अयन । 'अयन' का अर्थ है 'गमन' या 'यात्रा'। जब सूर्य की आभासी गति उत्तर से दक्षिण की ओर मानी जाती है, तब उस अवधि को दक्षिणायन कहा जाता है। यह लगभग छह महीने तक चलता है और इस...