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ज्योतिष संसार के माध्यम से आप पा सकते हैं अपने कुंडली का विश्लेषण, अपने कुंडली में मौजूद ख़राब ग्रहों के बारे में, अपने ताकतवर ग्रहों के बारे में, भाग्यशाली रत्नों के बारे में, ग्रहों के अनुसार सही कैरियर, सरकारी नौकरी, प्रेम विवाह, संतान योग, काले जादू का निवारण, ज्योतिषीय समाधान आदि के बारे में.
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पाइये कुंडली विश्लेषण


कुंडली का सटीक विश्लेषण प्राप्त करने के लिए अपना जन्म तारीख, जन्म समय और जन्म स्थान सही –सही भेजे साथ ही अपने प्रश्न भेजे.

janm kundli in hindi jyotish
  • जानिए अपने कुंडली में मौजूद शक्तिशाली ग्रहो के बारे में.
  • जानिए कौन से ग्रह जीवन में समस्या उत्पन्न कर रहे हैं.
  • किन ज्योतिष कारणों से जीवन में असफलता प्राप्त हो रही है?
  • जानिए कौन से रत्न भाग्योदय में सहायक होंगे?
  • कौन सी पूजा आपके लिए सही है.
  • आपके प्रश्नों का उत्तर, कुंडली अनुसार.
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पाइये कुंडली मिलान विवाह हेतु


कुंडली मिलान के लिए लड़के और लड़की, दोनों की जन्म तारीख, जन्म समय और जन्म स्थान भेजे साथ ही अपने प्रश्न भेजे
कुंडली मिलान ज्योतिष
जब बात विवाह की हो तो बहुत सोच समझ और जांच पड़ताल के बाद ही कदम उठाना चाहिए अन्यथा पुरे जीवन भर मलाल रह जाता है की पहले अगर सही निर्णय लिया होता तो आज ये दिन नहीं देखना होता.
वैदिक ज्योतिष के माध्यम से हम विवाह के से पहले ये जान सकते हैं की, पूरा जीवन किसी के साथ कैसा बीतेगा. इसके लिए लड़के और लड़की , दोनों की कुंडली देखना होता है.
  • जानिए कितने गुण मिल रहे हैं.
  • जानिए मांगलिक योग के बारे में.
  • जानिए कुंडली नहीं मिलने के कारण
  • वैवाहिक जीवन में समस्याओं का ज्योतिष समाधान.
  • कुंडली अनुसार कौन सी पूजा शुभ रहेगी.
  • पाइये अपने प्रश्नों का उत्तर.

Get The Indepth Analysis of both male and female horoscope for marriage purpose.




प्राप्त करिए काला जादू परिक्षण और समाधान


इसके लिए जन्म तारीख, जन्म समय, जन्म स्थान की सही जानकारियों के साथ ही व्यक्ति का हाल ही का फोटो भी भेजे साथ ही अपने प्रश्न भेजे.
काले जादू का तोड़ ज्योतिष में
कई बार ऐसा होता है की जीवन में अचानक से बुरा ही बुरा होने लगता है, जैसे व्यापर में हानि, स्वास्थ्य समस्या, आकस्मिक मौते, प्रेम सम्बन्ध का टूटना आदि, ऐसा काले जादू के कारण भी हो सकता है. जो नकरातमक दिमाग रखते हैं और ईर्ष्या रखते हैं , वे किसी को गिराने के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं. ऐसे में काले जादू का समाधान जरुरी होता है.

  • जानिए कहीं कला जादू तो आपके जीवन को ख़राब नहीं कर रहा है.
  • पाइये कुछ सटीक और शक्तिशाली घरेलु उपाय काले जादू से बचाव के लिए..
  • जानिए कौन सा कवच आपके लिए अच्छा रहेगा.
  • कौन सी पूजा आपके लिए शुभ रहेगी.
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नयूमेरोलोजी/अंक विज्ञान रिपोर्ट प्राप्त करे


इसके लिए आपको अपना पूरा नाम और जन्म तारीख, जन्म महिना और जन्म साल भेजना होगा साथ ही अपने प्रश्न भेजे..
numerology for success
अंक विद्या का स्तेमाल पश्चिमी देशो में बहुत होता है और इसके माध्यम से बहुत कुछ संभव है, सही अंको का स्तेमाल जीवन में करने से हम कई प्रकार के लाभ उठा सकते हैं, भाग्य जगा सकते हैं, सफलता हासिल कर सकते हैं.
  • अपने भाग्यशाली अंक के बारे में जानिए.
  • भाग्यांक और मूलांक को जानिए.
  • नाम में बदलाव करने के बारे में जानिए.
  • भाग्यशाली रत्न के बारे में जानिए.
Get The Indepth Analysis of of numbers to know about developing personality.




हस्त रेखा रिपोर्ट प्राप्त करे


इसके लिए अपने दोनों हाथो की साफ़ फोटो भेजे अपने प्रश्नों के साथ.
palmist/hasth rekha
जब कुंडली न हो तो ऐसे में हस्त रेखा द्वारा भी भविष्य को देख सकते हैं साथ ही उपाय भी जान सकते हैं. हाथ में बनी लकीरें अलग अलग प्रकार के घटनाओं को दर्शाती है साथ ही हमारे जीवन में पड़ने वाले ग्रहों के असर को भी दर्शाती है. ज्योतिष में हस्त रेखा का भी विशेष स्थान है.अगर आप अपने हाथ द्वारा अपना भाग्य जानना चाहते हैं तो भी ज्योतिष से संपर्क कर सकते हैं.
  • अपने हाथ में मौजूद पर्वतों के बारे में जानिए.
  • जीवन में परेशानियों के कारण जानिए.
  • समस्याओं का ज्योतिष समाधान पाइये..
  • भाग्यशाली रत्न जानिए.
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वास्तु समस्याओं का समाधान पाए


इसके लिए अपने वास्तु का नक्शा और प्रश्न भेजे.
vastu consultant
एक स्वस्थ शारीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है, ऐसे ही एक स्वस्थ वास्तु में ही स्वस्थ जीवन की प्राप्ति होती है. अगर हमारे घर, ऑफिस, स्कूल, बैंक, हॉस्पिटल आदि को वास्तु अनुरूप बनाया जाए तो निश्चित ही बहुत अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं जीवन में.
  • जानिए वास्तु में कहा समस्या है.
  • जानिए कैसे बिना तोड़ फोड़ के समस्या को दूर कर सकते हैं?
  • कौन से यन्त्र या पूजाए वास्तु दोष निवारण में सहायता करेंगी.
  • कैसे स्वास्थ्य, सम्पनता लाया जा सकता है.
  • बचाएं अपने घर, ऑफिस, हॉस्पिटल आदि को नकारात्मक उर्जाओं से.
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Vastu Consultancy


Balanced vastu energy is very important to make personal life successful, business life successful, healthy life etc. Correct vastu principles helps a lot to live a hurdle-free life.
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Rectification of vastu problems by using Charged yantra, by using some fengshui articles is possible. For this, it is necessary to check the map of home, business place, hospital, office etc. You may be interested to know that -
  • क्या मेरा घर वास्तु अनुरूप है?
  • क्या मेरा ऑफिस वास्तु के आधार पर बना है ?
  • क्या मंदिर सही दिशा में है ?
  • क्या सीढ़ियाँ सही दिशा में बनी है?
  • वास्तु दोष का समाधान क्या है ?
जानिए अपने वास्तु के बारे में और पाइए सरल समाधान वास्तु समस्याओं का
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Santan Hone Mai Badha Kab Aati Hai

संतान होने में बाधा कब आती है, Santan Yog Calculation, kundli me kaun se yog santan me badha utpann karte hain, संतान होने में विलम्ब क्यों होता है ज्योतिष अनुसार जानिए.
Santan Hone Mai Badha Kab Aati Hai

ज्योतिष से अक्सर कुछ सवाल दम्पत्तियो द्वारा पूछे जाते हैं –

  1. क्या मेरे कुंडली में संतान योग है ?
  2. यदि संतान योग है तो पुत्र है या पुत्री या दोनों ?
  3. क्या मेरी संतान मेरा ख्याल रखेंगी ?
  4. क्या मेरे बच्चे मुझसे प्रेम करते है ?
  5. क्या मेरे बच्चे की शिक्षा अच्छी होगी ?
  6. जन्मकुंडली में कौन सा भाव संतान भाव है ?
  7. जन्मकुंडली में कौन है संतान कारक ग्रह ?
  8. santan hone me deri hyu ho rahi hai?
इस लेख में आप इन सभी सवालो के जवाब जानेंगे वैदिक ज्योतिष से और अपना ज्योतिष ज्ञान बढ़ा पाएंगे.
सबसे पहले ये जाने की ज्योतिष अनुसार जो ग्रह संतान का कारक है वो है गुरु/ बृहस्पति जिसे अंग्रेजी में जुपिटर भी कहते हैं. इस ग्रह के अध्ययन से हम ये जान सकते है की संतान की स्थिति कैसी होगी, वे सुख देंगे की नहीं, उनके साथ सम्बन्ध कैसे रहेंगे आदि.
परन्तु सिर्फ गुरु का ही अध्ययन काफी नहीं है, इसके साथ पंचम भाव, पंचमेश, नवं भाव, नवमेश आदि का अध्ययन भी किया जाता है.

आइये जानते है इस सवाल का जवाब “क्या मेरे कुंडली में संतान योग है ?

  1. यदि जातक के जन्मकुण्डली में पंचम भाव शक्तिशाली हो और साथ ही पंचमेश बली हो या उच्च को हो या मित्र राशि का हो तो निश्चिंत रहिये, संतान सुख है.
  2. अगर पंचमेश शुभ का होके सप्तम भाव, भाग्य स्थान अर्थात नवम भाव में बैठ जाए तो और निश्चिन्त हो जाइए, संतान बाधा बिलकुल भी नहीं रहेगी.
  3. और जानिए कैसे मजबूत होता है संतान योग. अगर पंचम भाव को लग्न से कोई शुभ ग्रह देखे और पंचम भाव का स्वामी वही मौजूद रहे या फिर पंचम भाव का स्वामी शुभ का होक उसे पूर्ण दृष्टि से देखे तो भी संतान भाव मजबूत होता है.
  4. यदि जातक के कुंडली में गुरु बलवान हो और पंचम भाव शुभ हो या फिर पंचम भाव का स्वामी भी शुभ हो तो ऐसे जातक की संतान उसका ख्याल रखती है.
  5. अगर सप्तम भाव का स्वामी शुभ का हो के पंचम भाव में बैठे और पंचम भाव का स्वामी सप्तम भाव में शुभ का होक बैठ जाए तो भी जातक के संतान योग मजबूत हो जाते हैं.
  6. जब जन्मकुंडली के ग्यारहवे भाव में शुभ ग्रह बैठे तो भी संतान होने के योग को बढ़ा देते हैं.
  7. अगर पंचम भाव में शुभ का गुरु बैठे और बली भी हो तो संतान ज्ञानी होती है.
  8. इसी के साथ अगर नवं भाव भी शुभ ग्रहों से युक्त हो तो उत्तम संतान योग बनेगा.

संतान होने में विलम्ब क्यों होता है या फिर संतान बाधा कब उत्पन्न होती है ज्योतिष अनुसार जानिए:

5 april ko ratri ko 9 baje deepak jalaane ke fayde

5 अप्रेल को रात्रि को 9 बजे रौशनी करने का ज्योतिष महत्त्व, क्या फायदे हो सकते हैं रात्रि को रौशनी करने से.

प्रधान मंत्री जी ने जनता से 5 अप्रैल 2020, रविवार को ९ बजे सभी को दीपक, मोमबत्ती, टोर्च, मोबाइल टोर्च जलाने के लिए कहा है 9 मिनट के लिए.
jyotish mahattw ratri ko 9 baje deepak jalaane ke
kyu jaalaayen deepak ratri ko

देखा जाए तो ये एक महान क्रिया है और जब ये सामूहिक तौर पे किया जायेगा तब इसकी शक्ति का आंकलन करना नामुमकिन होगा.
अग्नि में कुछ भी भस्म करने की शक्ति होती है और जब १३० करोड़ लोग एक साथ अग्नि प्रज्वलित करेंगे तो उसकी शक्ति से क्या नहीं भस्म हो सकता है.
आज तक मोदीजी का कोई भी निर्णय साधारण नहीं हुआ है, उन्होंने जब भी कोई कदम उठाया है उसके पीछे महान कारण रहा है और उसके परिणाम दीखते आये हैं.
माननीय प्रधान मंत्री जी भारत का एक नया ही रूप विश्व के सामने पेश करने में लगे है जिसके कारण भारत के लिए पुरे विश्व में नए विचार जागेंगे और जिसके कारण भारत एक नई ताकत के रूप में उभरेगा.

आइये अब जानते हैं की 5 अप्रेल को रात्रि को 9 बजे रौशनी करने का ज्योतिष महत्त्व:

देखते हैं इस समय की कुंडली को जिससे हमे सब कुछ ज्यादा समझ आयेगा.
kyu jalayen deepak 5 april ko ratri 9 baje
क्यों जलाएं दीपक रात्रि को

  1. इस समय मंगल उच्च का रहेगा और गोचर में सुख स्थान में बैठा रहेगा जिसके कारण सुख स्थान को मजबूती देगा.
  2. शनि स्व राशी का होके सुख स्थान में बैठा रहेगा जिसके कारण भी सुख स्थान मजबूत होगा.
  3. सूर्य भी मित्र राशी का रहेगा और शत्रु भाव में जिससे देश को नुक्सान पहुचने वाले को नुक्सान होगा अर्थात कोरोना का नाश होगा.
  4. शुक्र भी शुभ का रहेगा जिससे लोगो को सुख मिलेगा.
  5. राहू और केतु दोनों मित्र राशि में रहेंगे जिससे नकारात्मक शक्तियों के नाश में सहायता मिलेगी.
  6. चन्द्रमा मित्र राशी में रहेगा जिससे मन की शक्ति बढ़ने से लोग अपनी नकारात्मकताओ पर विजय प्राप्त कर पायेंगे.
अतः ५ अप्रैल २००९ को रात्रि ९ बजे ९ में से ७ ग्रह शुभ के रहेंगे जिससे बहुत प्रबल योग बनेंगे. इस समय जब सारे भारतवासी साथ में दीपक जलाएंगे तो असीम शक्ति का निर्माण होगा और अग्नि सभी नकारात्मकताओ को नाश करेगी.

इसी दिन प्रदोष व्रत का दिन भी रहेगा. प्रदोष की एक कथा है। भगवान शिव ने त्रयोदशी के दिन चन्द्रमा को क्षय रोग से मुक्ति प्रदान की थी. इसीलिए ये तिथि को प्रदोष कहा जाने लगा.
अतः इस दिन जब सारे भारतवर्ष में एक साथ करोड़ो लोग दीपक जला के प्रार्थना करेंगे तो निश्चित ही पूरा देश महामारी से बचेगा.
कोशिश करे की ९ दीपक जलाएं 

आइये हम सभी इस समय का सदुपयोग करे और भारतीय होने का धर्म निभाये, अपनी एकता और शक्ति का परिचय दे.

|| जय हिन्द जय भारत ||

5 अप्रेल को रात्रि को 9 बजे रौशनी करने का ज्योतिष महत्त्व, read in english about advantage of lighting at 9 PM on 5th april, क्या फायदे हो सकते हैं रात्रि को रौशनी करने से.

Shukra ko kaise khush kare

Shukra ko kaise khush kare, शुक्र को प्रसन्न करने के तरीके जानिए, जानिए कब वीनस जीवन में अच्छा प्रभाव देता है और कब ये ख़राब प्रभाव देता है, जानिए कुछ सरल उपाय जीवन को सुखी करने के ज्योतिष से.

इस लेख में मेरे ब्लॉग पाठकों को एक बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रह यानी SHUKRA से संबंधित सभी सवालों के जवाब मिलेंगे। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, शुक्र एक महत्वपूर्ण ग्रह है जो शानदार जीवन, संघर्ष-मुक्त जीवन, रोमांटिक जीवन, गहने, ग्लैमर, समृद्ध जीवन से संबंधित है।
Shukra ko kaise khush kare, शुक्र को प्रसन्न करने के तरीके जानिए ज्योतिष से
Shukra ko kaise khush kare

ज्योतिष प्रेमि ये जरुर जानने में रुचि रखते है कि :

  • यदि कुंडली में शुक्र मजबूत हो तो व्यक्ति को क्या लाभ मिलते हैं?
  • सौंदर्य, प्रेम और रोमांस के लिए कौन सा ग्रह जिम्मेदार है?
  • शुक्र कमजोर हो तो क्या होता है?
  • मैं अपने शुक्र को कैसे खुश कर सकता हूं?
  • मैं अपने कमजोर शुक्र को कैसे मजबूत करूं?
  • मैं अपने शुक्र चिह्न को कैसे सक्रिय करूं?
  • वैदिक उपाय शुक्र के लिए

यदि कुंडली में शुक्र मजबूत हो तो व्यक्ति को क्या लाभ मिलते हैं?

सकारात्मक और शक्तिशाली वीनस प्यार के साथ जीवन बिताने के लिए योग्य साथी पाने में मदद करते हैं। शुक्र एक आकर्षक व्यक्तित्व देता है जो पुरुष और महिलाओं को आकर्षित करने में मदद करता है और यही नहीं, सकारात्मक शुक्र रखने वाले व्यक्ति को रचनात्मकता, धन, सम्मोहक व्यक्तित्व आदि से नवाजा जाता है। ये लोग लोगों को खुश करने, रिश्ते बनाने और सम्बन्ध निभाने के अच्छे तरीके जानते हैं।

यदि शुक्र कुंडली में कमजोर हो या नकारात्मक हो तो क्या होगा?

ख़राब वीनस बहुत खतरनाक है और जीवन को तनावपूर्ण बना देता है क्योंकि व्यक्ति पैसे, सच्चे रिश्ते, प्रेम आदि से वंचित हो सकता है। व्यक्ति को परिवार के सदस्यों, दोस्तों आदि वंचित रह सकता है जो व्यक्ति को निराशा, अवसाद में ले जा सकता है. खराब शुक्र त्वचा की चमक भी छीन लेता है और इसलिए सुंदरता को प्रभावित करता है।

एक और खतरा यह है कि कमजोर और शत्रु राशि के शुक्र के कारण व्यक्ति यौन रोगों से पीड़ित हो सकता है। प्राइवेट पार्ट में एलर्जी कुछ ऐसे लोगों में भी देखी गई, जिनकी कुंडली में शुक्र खराब है। व्यक्ति बिस्तर में साथी को खुश नहीं कर सकता है और ऊर्जा की कमी के कारण भी प्रेम जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो जाता है। यह भी अनुभव किया जाता है कि यदि कुंडली में पुरुष शुक और मंगल एक साथ बैठे हैं तो व्यक्ति का विवाहित जीवन बुरी तरह प्रभावित होता है।

कुंडली के विभिन्न घरों में शुक्र का प्रभाव:

  1. कुंडली में पहले घर में अच्छा शुक्र व्यक्ति को सुंदरता, स्मार्ट, बात करने में चतुर,  आकर्षण-शक्ति प्रदान करता है।
  2. कुंडली के दूसरे घर में सकारात्मक शुक्र व्यक्ति को ससुराल, धन और अच्छे कमाई के स्रोत के साथ अच्छे संबंध प्रदान करते हैं।
  3. तीसरे घर में मजबूत शुक्र व्यक्ति को विपरीत लिंग को आकर्षित करने के लिए मजबूत व्यक्तित्व देता हैं।
  4. चौथे घर में शुक्र मित्रों, सुख, विलासिता, वाहन, संपत्ति आदि के लिए जिम्मेदार है।
  5. कुंडली के पांचवे घर में सकारात्मक शुक्र ज्ञान, भाग्य, महिला बच्चे आदि के साथ जातक को आशीर्वाद देते हैं।
  6. छठे घर में शुभ वीनस शत्रु पर हावी होने में मदद करेगा लेकिन कभी-कभी यह व्यक्ति को हर अच्छी चीज़ को समय पर प्राप्त करने से वंचित करता है।
  7. 7 वें घर में अनुकूल ग्रह व्यक्ति को अच्छे जीवनसाथी के साथ ही सफल वैवाहिक जीवन भी प्रदान करेगा। नकारात्मक शुक्र के मामले में, व्यक्ति को शादी के जीवन के बाद असफलता का सामना करना पड़ेगा।
  8. 8 वां घर ज्यादातर स्वास्थ्य से संबंधित है और इसलिए कुंडली में आठवें घर में ख़राब शुक्र के कारण जातक को स्वास्थ्य हानि हो सकती है. 
  9. कुंडली के 9 वें घर में मौजूद शुभ शुक्र से जातक भाग्यशाली होते हैं और आम तौर पर धार्मिक भी होते हैं। वे इच्छाओं को आसानी से पूरा करने में सक्षम हैं।
  10. कुंडली के 10 वें घर में सकारात्मक और शक्तिशाली शुक्र के बैठने से जातक रचनात्मक होता है और विभिन्न स्रोतों से कमाई करने में सक्षम होता है।
  11. 11 वें घर में उच्च या शुभ शुक्र अच्छी आय अर्जित करने और जीवन को अद्भुत बनाने में मदद करेगा।
  12.  12 वां घर खर्च का घर है और इसलिए अच्छा शुक्र यहां अच्छे कामों में खर्च करने में मदद करता है, जहां पर खराब वीनस अवांछित गतिविधियों, गैरकानूनी गतिविधियों में धक्का देकर व्यक्ति को नष्ट कर सकती हैं।


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सुखी जीवन जीने के लिए शुक्र को कैसे खुश करे ?

यदि कुंडली में शुक्र ग्रह दोषपूर्ण है और व्यक्तिगत जीवन, सामाजिक जीवन, स्वास्थ्य में समस्याएं पैदा कर रहा है, तो अच्छे ज्योतिषी, अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श लेके उचित समाधान करवाना श्रेष्ठ रहता है.
अपने पाठको के लिए मैं यहां कुछ उपाय बता रहा हूं शुक्र ग्रह को प्रसन्न करने के लिए:
  • यदि संभव हो तो कन्यादान करें, वीनस ग्रह को शुभ करने का ये एक शक्तिशाली तरीका है।
  • शुक्रवार को सफेद गाय का दान करें, यदि संभव हो तो नवरात्रि शुक्रवार में,  सर्वश्रेष्ठ परिणाम के लिए ऐसा करें।
  • जीवन में किसी भी महिला को अपमानित नहीं करना चाहिए।
  • घर पर भी कन्याओं को उपहार दें।
  • भाग्य को बढ़ाने के लिए वैभव लक्ष्मी लक्ष्मी व्रत करें ।
  • शुक्रवार को देवी मंदिर में कपूर का दान करें।
  • देवी लक्ष्मी का अभिषेक पंचामृत (दही, घी, शहद, शक्कर और दूध ) के साथ करें।
  • यदि कुंडली में शुक्र की वजह से बहुत अधिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं तो शुक्र शांती पूजा सबसे अच्छा है।
  • यदि आप स्वस्थ हैं, तो शुक्रवार को व्रत उपवास करें।
  • लड़कियों से उपहार लेने से बचें।

कुंडली में शुक्र को मजबूत कैसे करें?

अगर शुक्र सकारात्मक है लेकिन कुंडली में कमजोर है तो उपचार अलग हैं। इसलिए किसी भी उपाय को अपनाने से पहले एक अनुभवी और सबसे अच्छे ज्योतिषी से परामर्श करना हमेशा अच्छा होता है।
सफल जीवन जीने के लिए शुक्र को मजबूत बनाने के कुछ तरीके इस प्रकार हैं:
  • शुक्रवार को अंगूठे में हीरे की अंगूठी पहनें।
  • यदि आप सर्पोखा की जड़ कही से प्राप्त कर सकते हैं तो इसे शुक्र को प्रसन्न करने के लिए एक ताबीज के रूप में उपयोग कर सकते हैं।
  • वीनस पावर बढ़ाने के लिए शुक्रवार को सफेद कपड़े या चमकते हुए रंगीन कपड़े पहनें।


कौन सा रुद्राक्ष धारण करे शुक्र को प्रसन्न करने के लिए:

अगर आप रुद्राक्ष पेंडेंट पहनने के इच्छुक हैं तो सबसे अच्छा 6 मुखी है यानी ऐसा रुद्राक्ष जिसमे 6 रेखाएं होती हैं। यह वीनस की शक्ति को बढ़ाने में मदद करेगा और कुछ दिनों के भीतर आपका जीवन अपने आप बदल जाएगा। इसे वीनस के मंत्र के साथ चार्ज करना बेहतर होगा।

शुक्र का मंत्र जपने हेतु :
ऊं द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:
Om dram dreem droum sah shukraya namah

शुक्रा महादशा में क्या होता है?

जीवन में क्या होगा ये इस बात पर निर्भर करता है की कुंडली में शुक्र की स्थिति कैसी है। अगर कुंडली में शुक्र अच्छा है तो वीनस की महादशा और अंतर्दशा के दौरान जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। जातक को अच्छा जीवन साथी मिल सकता है, विलासिता, वाहन मिल सकते हैं। जातक मित्रों, परिवार, सहकर्मी के साथ आनंद ले सकता है। धन बढ़ सकता है और नए संबंध बढ़ सकते हैं.
रचनात्मकता और योजना के कारण व्यक्ति नया काम शुरू कर सकता है। तो कुल मिलाकर अगर शुक्र अनुकूल है तो कोई शक नहीं कि जीवन सकारात्मक रूप से बदल जाएगा।
लेकिन कुंडली में नकारात्मक शुक्र के मामले में, व्यक्ति को रिश्ते की समस्या, विवाहित जीवन में बाधा, निजी भाग या त्वचा से संबंधित बीमारी का सामना करना पड़ सकता है। गलतफहमी के कारण जीवन में संघर्ष बढ़ जाता है। तो इस मामले में ज्योतिषी से परामर्श करके शुक्र शांति पूजा और अन्य उपायों के लिए आगे बढ़ना अच्छा है।

  • अब मेरे ब्लॉग पाठकों को इन सवालों के जवाब मिल गए हैं:
  • यदि कुंडली में शुक्र मजबूत हो तो व्यक्ति को क्या लाभ मिलते हैं?
  • सौंदर्य, प्रेम और रोमांस के लिए कौन सा ग्रह जिम्मेदार है?
  • शुक्र कमजोर होने पर क्या होता है ?, मैं अपने शुक को कैसे खुश कर सकता हूं?
  • मैं अपने कमजोर शुक्र को कैसे मजबूत करूं?



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Shivji ke totke by Jyotish

शिव को प्रसन्न करने के टोटके, ज्योतिष में किन उपायों के द्वारा भोलेनाथ को प्रसन्न किया जा सकता है, कैसे चमकाए अपना भाग्य, कैसे दूर करे दुर्भाग्य, shivji ke totke. How to make shiv bhagwan happy?, ways to please shiv bhagwan?

भगवन शिव की महिमा अपार है, उन्हें अलग अलग नामो से भक्त पुकारते हैं जैसे भोलेनाथ, भूतनाथ, शिव-शम्भू, महाकाल आदि. सबसे आसानी से प्रसन्न होने वाले, शिवजी भक्तो को अति प्रिय है और इसीलिए देश के हर कोने में हम भगवन शिव के मंदिर देख सकते हैं.
shivji ke totke, शिव को प्रसन्न करने के टोटके
Shivji ke totke by Jyotish

इससे पहले की हम आगे बढ़े, हमे एक बात जरुर ध्यान में रखना चाहिए की तंत्र में इस बात का उल्लेख है की जितना हो सके टोटको को गुप्त रखे, किसी से भी इसके बारे में चर्चा न करे अन्यथा ये कार्य नहीं करते. श्रद्धा और विश्वास से अगर इनको किया जाए तो इसमें कोई शक नहीं की अभिलाषित फल की प्राप्ति होती है.
ॐ नमः शिवाय
भगवन शिव की पूजा से घर में सुख-समृद्धि आती है, शांति का वातावरण बनता है, अध्यात्मिक और भौतिक सुखो की प्राप्ति आसान हो जाती है.
वैसे ये कहा गया है की इस ब्रह्माण्ड में ऐसा कुछ नहीं जो की शिव नहीं अतः उनकी पूजा के लिए सारे काल, सारे दिन, सरे महीने शुभ है परन्तु ज्योतिष अनुसार शिवजी की विशेष पूजा के लिए का दिन है सोमवार और महिना है सावन/श्रावण है.
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आइये जानते हैं शिवजी की कृपा प्राप्त करने के लिए कुछ टोटके ज्योतिष से:

  1. अगर आपके पास में शिव मंदिर हो तो रोजाना करीब ४० दिन तक अगर आप २१ बेल के पत्ते लेके उसपे लाल चन्दन से “ॐ नमः शिवाय” मंत्र लिख के शिवलिंग पे अर्पित करे तो मनोकामना पूर्ण होती है.
  2. अगर किसी को धन की समस्या आ रही है तो २१ दिनों तक शिवलिंग का अभिषेक चावल के दानो से करे.
  3. अगर किसी को विवाह में बहुत परेशानी आ रही हो तो शिव और पार्वती की पूजा साथ में करने से ये बाधा दूर होती है.
  4. शत्रु परेशान कर रहे हो तो ये टोटका करे. शिवलिंग पर भांग अर्पित करे और धतुरा भी अर्पित करे ४० दिनों तक.
  5. केसर मिला के दूध से अगर रोज अभिषेक किया जाये तो विवाह की परेशानी से छुटकारा मिलता है.
  6. अगर प्रेम जीवन में बाधा आ रही हो तो शिवलिंग पर रोज चन्दन का इत्र लगाए और प्रार्थना करे.

Angarak Yoga In Hindi

Angarak Yoga In Hindi, अंगारक योग क्या होता है और इससे कैसे मुक्ति पायें, क्या प्रभाव होता है अंगारक योग का जीवन में, कुछ आसान तरीके अंगारक योग के दुष्प्रभाव को कम करने के.

ज्योतिष में अंगारक योग एक कष्टकारी योग है जिसके कारण व्यक्ति को जीवन में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, साधारणतः लोग इस योग के बारे में कम जानते है परन्तु जो लोग इससे ग्रस्त है वही लोग इसके परिणाम से वाकिफ है. कुछ लोगो को तो पता ही नहीं होता है की अंगारक योग के कारण वो परेशान है जीवन में. अतः ज्योतिष संसार के इस लेख में आपको अंगारक योग की जानकारी देने जा रहे हैं. जो निश्चित ही सभी के लिए उपयोगी सिद्ध होगी.

angarak yog in hindi with solution
angarak yog ka prabhav aur upaay

क्या है अंगारक योग?

ये योग कुंडली में तब बनता है जब राहू और मंगल किसी भाव में साथ में बैठ जाएँ. परन्तु ये और भी कई तरीके से बनता है,ये योग बहुत घातक हो सकता है जब कुंडली में राहू और मंगल दोनों ही शत्रु राशि के हो , उस स्थिति में जातक को मृत्यु तुल्य कष्ट भी उठाना पड़ सकता है , इस योग के कारण जीवन में दुर्घटनाएं बहुत होती है और जातक परेशान रहता है, जिस भाव में कुंडली के ये होता है उस से सम्बंधित विषय में तो व्यक्ति को गहन परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.अंगारक योग के प्रभाव कुंडली के विभिन्न भाव के हिसाब से जानिए
कुछ लोगों की कुंडलियों को देखने से पाया गया ही राहू में मंगल के अन्तर के समय उनको सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा.

यही नहीं कुछ लोग की कुंडली में जिनका गण राक्षस था उन्हें तो नकारात्मक ऊर्जा के कारण भी परेशानियों का सामना करना पड़ा .

कई बार रोगी को दवाइयां लग्न बंद हो जाती है और कारण समझ नहीं आता , कई बार व्यक्ति का व्यापार चोपट हो जाता है , नौकरी चली जाती है और कारण समझ नहीं आता, ऐसे में ज्योतिष से परामर्श लेना चाहिए , एक अच्छा ज्योतिष आपको सही सलाह दे सकता है की किस कारण से ये घटना घट रही है और इसे कैसे दूर कर सकते हैं.



आइये कुछ परिणाम देखते हैं जो की व्यक्ति को भोगने पड़ सकते हैं अंगारक योग के कारण :

  1. जातक दुर्घटना का शिकार हो सकता है.
  2. बीमारियाँ उसे घेर सकती है.
  3. शत्रु द्वारा काले जादू का प्रयोग करने पर जातक को बहुत कष्ट हो सकता है.
  4. व्यापार को भी अंगारक योग के कारण नुक्सान हो सकता है.
  5. वैवाहिक जीवन में भी जातक को बहुत परेशानी आ सकती है.
  6. विद्या स्थान में अगर ये बने तो व्यक्ति को पढ़ाई में भी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
  7. अंगारक योग अगर सप्तम भाव में बने तो तलाक भी करवा सकता है. 
  8. अगर कुंडली के दसवें स्थान में ये योग बने तो व्यक्ति को काम काजी जीवन में अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है.
  9. राहू और मंगल साथ में बैठे अगर लग्न में तो व्यक्ति को बहुत गुस्से वाला बना सकता है.
व्यक्ति गुस्सेल हो जाता है और कई सुखों से वंचित हो जाता है अतः ये जरुरी है की अगर ऐसा कोई योग कुंडली में हो तो उसका परिहार करना चाहिए. पढ़िए  मंगल दोष कारण निवारण हिंदी मे

अंगारक योग को दूर करने के उपाय:

इसमें कोई शक नहीं की ये योग एक घातक योग है परन्तु उपाय जानने से पहले अगर हम कुंडली को सही प्रकार से जांच ले तो सटीक उपाय निकल सकते हैं. जैसा रोग होगा और जैसा असर होगा उसके आधार पर ही उपाय निकाले जाते हैं इसीलिए अच्छे ज्योतिष से संपर्क करना चाहिए.
परन्तु यहाँ पर कुछ सरल उपाय दे रहे हैं जिनका प्रयोग जीवन में शुभता ला सकता है –
  1. राहू शांति पूजा लाभदायक हो सकती है.
  2. कई बार मंगल शांति पूजा की भी जरुरत पड़ती है.
  3. कई बार कवच या ताबीज भी बनाए जाते हैं जिससे की सुरक्षा हो सके.
  4. गणेश जी का पूजन भी बहुत लाभ दायक सिद्ध हो सकता है.
  5. शहद का दान और शहद का सेवन भी लाभदायक हो सकता है परन्तु इसके लिए कुंडली में मंगल की स्थिति का पता होना चाहिए.
  6. हनुमानजी के सिन्दूर को लाके उसे ताबीज में रखके धारण करना भी शुभ फल देता है.
अगर आपको लगता है की आप जीवन में परेशान है, हर तरफ से रुकावटें आ रही है तो बिना झिझक के ज्योतिष से संपर्क करे.
ऑनलाइन विश्वसनीय ज्योतिषीय सेवा के लिए आप संपर्क कर सकते हैं. यहाँ क्लिक करे और जानिए कैसे आप दूर कर सकते हैं ज्योतिष द्वारा अपने जीवन के समस्याओं को.



Angarak Yoga In Hindi, अंगारक योग क्या होता है और इससे कैसे मुक्ति पायें, क्या प्रभाव होता है अंगारक योग का जीवन में, कुछ आसान तरीके अंगारक योग के दुष्प्रभाव को कम करने के.

Surya Ka Mesh Rashi Me ane Se Kya Fal Milega

सूर्य का मेष राशि में होगा प्रवेश का फल ज्योतिष अनुसार, kaise badlaw dekhne ko milenge surya ke mesh rashi me pravesh hone ke baad janiye in hindi jyotish.

हर साल अप्रैल महीने में सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है और उच्च का हो जाता है जो की शुभ फल प्रदान करता है. मेष राशि में आने से सूर्य अपनी पूरी शक्ति से दमकता है और उसका प्रभाव में सभी जगह दिखने लगता है.
2020 में सूर्य १३ अप्रैल, सोमवार को रात्रि को करीब ८ बजे मेष राशि में प्रवेश करेगा जिससे हमे बहुत से शुभ बदलाव नजर आने लगेंगे.
surya ka mesh rashi me aane ka fal
Surya Ka Mesh Rashi Me ane Se Kya Fal Milega

सूर्य एक राशि में 1 महीने रहते हैं अतः 2020 में १३ अप्रैल से १३ मई तक सूर्य मेष राशि में रहेंगे जो की बहुत ही शुभ होगा.

आइये जानते हैं सूर्य किन विषयो से सम्बन्ध रखता है ज्योतिष अनुसार :

वैदिक ज्योतिष में हम कुंडली में सूर्य की स्थिति को देखते हुए अनेक बातो का पता कर सकते हैं जैसे पिता, जीवन में मान-सम्मान, विद्या, यात्रा, नौकरी की स्थिति, पितृ दोष आदि.

क्या होता है जब सूर्य अशुभ होता है ज्योतिष अनुसार:

अगर सूर्य अशुभ हो जाए गोचर में या कुंडली में तो यात्रा से हानि दे सकता है, धन हानि दे सकता है, अपयश की प्राप्ति होती है, शत्रु से कष्ट, पिता से बैर, अशांति, चिंता अस्वस्थता आदि दे सकता है. परन्तु जब सूर्य शुभ हो जाए तो बहुत ही अच्छी घटनाएं घटने लगती है.

आइये देखते हैं की सूर्य के अनुकूल होने से क्या परिणाम मिलते हैं?

जब सूर्य उच्च का हो जाए मेष राशि में आके या फिर अपने मित्र राशि में आके शुभ का हो जाए तो अनुकूल वातावरण का निर्माण होने लगता है जैसे स्वस्थ वातावरण का निर्माण होने लगता है, मन प्रसन्न रहने लगता है, यात्रा से लाभ होने लगता है, मान-सम्मान के योग बनते हैं जिनके कुंडली में सूर्य शुभ हो, पिता से सम्बन्ध ठीक होने लगते हैं , अधिकारी सही निर्णय लेने लगते हैं, रोजगार बढ़ने लगता है आदि.

आइये जानते हिं सूर्य आराधना से कैसे जीवन को सफल बनाएं:

Navratri mai corona virus se bachne ke upay

Navratri me kya kare corona virus se pure vishwa ko bachaane ke liye, क्या करे नवरात्री में विश्व कल्याण के लिए, कोरोना से सभी को बचाने के लिए, जानिए उपाय ज्योतिष से.
आज पूरा विश्व कोरोना नमक महामारी से गुजर रहा है. हर देश अपने स्तर पर कोशिश कर रहा है इस खतरनाक जानलेवा वायरस से बचने के लिए.

ऐसे में लोगो के दिमाग में एक प्रश्न आता है की क्यों लोग इस CORONA VIRUS से ग्रस्त हो रहे हैं, क्या इसके पीछे कोई ज्योतिष कारण है, क्या भगवान् हमे किसी बात की सजा दे रहे हैं, या फिर ये हमारा भाग्य है. वास्तव में क्या कारण है की पूरा विश्व आज करोना महामारी की चपेट में हैं.

navratri aur corona virus remedies in hindi jyotish
Navratri mai corona virus se bachne ke upay

इसे समझने के लिए हमे ये जानना होगा की हमारे शाश्त्रो में परेशानी के क्या कारण बताये गए हैं , इसकी जानकारी भगवद्गीता में भी दी गई है.

हमारे शाश्त्रो और ज्योतिष अनुसार हम लोग 3 मुख कारणों से कष्ट पाते हैं:

  1. भाग्य के कारण
  2. किसी देविक श्राप के कारण
  3. या फिर वर्तमान में किये हुए कर्मो के कारण
अतः इसके अनुसार करोना वायरस के कारण जो पूरी दुनिया भोग रही है वो भाग्य नहीं है और ना ही कोई श्राप है. ये कुछ गलत शोध करने के परिणाम है जो सभी भोग रहे हैं. अतः इसके लिए इश्वर, भगवान् भाग्य को दोष देना ठीक नहीं होगा.


आइये अब जानते हैं की ज्योतिष में हम कैसे इस महामारी से बच सकते हैं ?

कोरोना वायरस से छुटकारा पाने के लिए सबसे अच्छा समय आ रहा है:
सभी धर्मो में प्रार्थनाओं का विशेष महत्त्व है किसी भी प्रकार की समस्याओं से निजात पाने के लिए. ज्योतिष अनुसार जब किसी विशेष समय पर प्रार्थनाएं की जाती है तो बहुत अच्छे परिणाम दीखते हैं. एक अच्छा समय २५ मार्च,2020 से शुरू हो रहा है.

जी हाँ ! चैत्र नवरात्री शुरू हो रही है बुधवार से, ये 9 दिन पूजा पाठ, अध्यात्मिक साधना, प्रार्थनाओं को करने के लिए सबसे शक्तिशाली दिन माने जाते हैं. इन ९ दिनों में हम अपनी विभिन्न इच्छाओं को पूरी करने हेतु पूजा पाठ कर सकते हैं.

अतः हम सब इन ९ दिन और रात को पुरे विश्व कल्याण हेतु, विश्व के रोग मुक्त करने हेतु महाशक्ति से प्रार्थना कर सकते हैं जिससे निश्चित ही हम सब स्वस्थ जीवन और बिना डर के जीवन जी सकते हैं.



इस समय पूरा विश्व विभिन्न प्रकार की समस्याओं से गुजर रहा है :

  • बहुत सी कंपनियां बंद होने की कगार पर आ गई है.
  • लोग रोजगार खो रहे हैं.
  • व्यापार निचे जा रहा है.
  • रोज कमाने खाने वाले लोगो को काम नहीं मिल रहा है.
  • मौसम में बदलाव के कारण भी अनेक प्रकार के रोग लोगो को परेशान कर रहे हैं.
  • सब जगह दहशत, उदासी, दुःख का माहोल दिख रहा है.
  • अनेक शहरों में Lock down के कारण लोगो में चिंताएं भी बढ़ रही है.
अतः समय तो निश्चित ही कठिन है परन्तु साथ में हम सब इस महामारी से आसानी से लड़ सकते हैं और बच सकते हैं.
नवरात्री सब से अच्छा समय है जब हम सभी इस महामारी से बचने के लिए अनुष्ठान कर सकते हैं.
लॉक डाउन होने के कारण अधिकतर लोग इस समय अपने परिवार के साथ ही रह रहे हैं. अतः इस समय साथ में प्रार्थनाओं को करने का अच्छा समय है. कोरोना वायरस से बचने के लिए इस समय सभी साथ में प्रार्थनाएं कर सकते हैं.
प्रार्थनाएं कभी खाली नहीं जाती और ज्योतिष अनुसार विशेष समय में की गई प्रार्थनाएं विशेष फल देती है.

आइये जानते हैं की नवरात्री में हम क्या कर सकते हैं CORONA-VIRUS से पुरे विश्व को बचाने के लिए ?

  1. सबसे पहले तो ये जरुरी है की हम सभी रोज घर में हवन करे और अच्छे जड़ीबूटियो का प्रयोग करे, इससे घर कितानुओ से मुक्त होगा और हमे स्वच्छ वातावरण मिलेगा. जब सभी लोग हवन करेंगे तो इससे पुरे देश में एक दिव्य वातावरण का निर्माण होना शुरू होगा.
  2. दुर्गाशप्तशती में एक मंत्र दिया गया है जिसका प्रयोग वैश्विक स्तर पर से आपदा को हटाने के लिए किया जाता है. हम इस मंत्र का जप यथाशक्ति कर सकते हैं दीपक और धुप दे के देवि के सामने.
  3. देवी प्रपन्नार्तिहरे प्रसीद
    प्रसीद मातर्जगतोsखिलस्य |
    प्रसीद विश्वेशवरि पाहि विश्वं
    त्वमीश्वरी देवि चराचरस्य ||
  4. दुर्गाशप्तशती में एक और मंत्र दिया गया है जिसका प्रयोग हम महामारी को हटाने के लिए कर सकते हैं. अतः कोरोना वायरस रूपी महामारी से बचने के लिए हम देवि से इस मंत्र के द्वारा प्रार्थना कर सकते हैं.
  5. जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी |
    दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोsस्तु ते ||
  6. अगर कोई रोज हवन करने में सक्षम नहीं है तो ऐसे में सिर्फ गूगल की धुप दे कंडे के अंगारे में और देवि के १०८ नामो का जप करके प्रार्थना करे विश्व कल्याण हेतु.
  7. आप तंत्रोक्त देवि सूक्तं का पाठ भी कर सकते है पुरे परिवार के साथ देवि कृपा प्राप्त करने के लिए.
  8. रोज पूजा के समय कुछ तुलसी की पत्तियां रखे और पूजा के बाद उन्हें खा ले.
  9. पुरे घर में भीमसेनी कपूर का छिड़काव करके रखे इससे घर कीटाणुओं से मुक्त रहेगा और शुद्ध हवा मिलेगी.
  10. अगर कोई काले जादू से ग्रस्त है तो ऐसे में देवि कवच का पाठ फायदेमंद होगा, पुरे नवरात्री में पाठ करे.

याद रखिये की सामूहिक तौर पर किये गए पूजा पाठ और प्रार्थनाएं बहुत जल्दी फलदाई होते हैं. अतः नवरात्री में अगर हम सब साथ में विश्व कल्याण हेतु पूजा पाठ करे, प्रार्थनाएं करे तो इसमें कोई शक नहीं की कोरोना वायरस से जल्दी ही सभी मुक्त हो जायेंगे.
Read in english navratri to finish corona virus

आइये इस चैत्र नवरात्री में 25 मार्च 2020 से २ अप्रेल 2020 तक साथ में प्रार्थनाएं करे सभी के कल्याण के लिए .

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः,
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःख भाग्भवेत्।

ॐ शांतिः शांतिः शांतिः
अर्थ - "सभी सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें, सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े।"



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Chaitra Navratri Ki Mahima in hindi Jyotish

जानिए चैत्र नवरात्री 2020 के बारे में हिंदी ज्योतिष में, chaitra navratri ka mahattwa in hindi, kya kare.

जैसा की हम सब जानते है की नवरात्री के 9 दिन बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं, साधना के लिए, मनोकामना पूर्ण करने के लिए, पूजा पाठ करने के लिए. हालांकि साल के सभी नवरात्री महत्त्वपूर्ण और शक्तिशाली होते है परन्तु २०१९ की नवरात्री ख़ास है क्यूंकि इस बार चैत्र नवरात्री 25 मार्च , बुधवार से शुरू होके २ अप्रैल, गुरुवार तक रहेगा. अगर कोई अपनी मनोकामना पूर्ण करना चाहते है तो उन्हें जरुर माताजी की साधना करना चाहिए इन दिनों मे.
चैत्र नवरात्री और हिंदी ज्योतिष के उपाय
Chaitra Navratri Ki Mahima in hindi Jyotish

चैत्र महिना हिन्दू पंचांग के हिसाब से पहला महिना होता है इसिलिये भी बहुत महत्त्वपूर्ण है. चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को नवरात्री का पहला दिन होता है. ये दिन गुडी पडवा और चेटी चंड के रूप मे भी मनाया जाता है. चैत्र नवरात्री का नौवा दिन राम नवमी के रूप मे भी मनाया जाता है.
ये गर्मियों के दिन की शुरुआत का संकेत भी है अतः हमे साधना द्वारा शक्ति हासिल करना चाहिए जिससे की हम बदलते हुए वातावरण को पचा सके और स्वस्थ रह सके.
नवरात्री के 9 दिन भक्त देवी के अलग अलग रूपों की पूजा करते है.

आइये अब जानते है की इस चैत्र नवरात्री के दौरान कौन कौन से मुख्य दिन आ रहे है :

  1. घट स्थापना 25 मार्च को होगा
  2. सौभाग्य सुंदरी व्रत २७ मार्च को है.
  3. विनयकी चतुर्थी २८ मार्च को है.
  4. राम राज्योत्सव २९ मार्च को है.
  5. महा अष्टमी/दुर्गा अष्टमी१ अप्रैल , बुधवार को है.
नवरात्री मे साधक गण मुख्यतः दुर्गा शप्तशती का पाठ करते है और माता के मंत्रो का जप करते है अलग अलग कामनाओं की पूर्ति हेतु.
इन 9 दिनों मे वातावरण दिव्य हो जाता है, हर तरफ माता की शक्ति का प्रभाव महसूस किया जा सकता है.


आइये अब देखते है चैत्र नवरात्री २०२० मे ग्रहों की स्थिति क्या रहेगी :

  • गुरु स्व राशि में रहेंगे जिससे साधना के लिए उपयुक्त वातावरण बनेगा.
  • मंगल भी अपने मित्र राशि में बैठे होंगे जो की शक्ति साधना के लिए उपयुक्त समय बनाएगा.;
  • शनि भी अपने स्व राशि में रहेंगे जिससे साधना में मदद मिलेगी.
  • चन्द्रमा गोचर में नीच का रहेगा जिससे की साधना के दौरान साधको को कुछ अड़चने भी पार करने होंगे.
अतः इन योगो के कारण समय बहुत अच्छा है जब हम अपने मनोकामना को पूर्ण करने के लिए माता की कृपा प्राप्त कर सकते है.


आइये अब जानते है की चैत्र नवरात्री २०२० मे हम क्या प्राप्त कर सकते है माता की कृपा से :

  • अगर कुंडली मे ग्रह योगो के कारण समस्या आ रही है तो भी हम इस नवरात्री मे इससे बहार आने के लिए पूजा कर सकते है.
  • अगर कुंडली मे चंडाल योग, ग्रहण योग आदि हो तो भी माता की कृपा से उससे मुक्ति पाई जा सकती है.
  • अगर कोई किसी दुष्ट शक्ति से ग्रस्त है तो तो उससे मुक्ति पा सकता है.
  • अगर कोई काले जादू, टोना आदि से ग्रस्त है तो भी इससे मुक्ति पा सकता है.
  • हम माता की शक्ति को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं.
  • ये 9 दिन उन लोगो के लिए भी बहुत महत्त्वपूर्ण है जो लोग कुंडलिनी जागरण साधना करते हैं.
  • हम स्वस्थ और संपन्न जीवन के लिए साधना कर सकते हैं.
  • जिनको आर्थिक परेशानी है वो भी माता से कृपा प्राप्त कर सकते हैं.
  • रिद्धि –सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं.
  • भौतिक सफलता के लिए भी शक्ति अर्जित कर सकते हैं.
  • हम अपने प्रेम जीवन, पारिवारिक जीवन, वैवाहिक जीवन की सफलता के लिए भी शक्ति अर्जित कर सकते हैं.

आइये जानते हैं चैत्र नवरात्री के समय क्या क्या सावधानी रखना चाहिए :

  1. किसी का दिल न तोड़े, किसी की बददुआ मत लीजिये.
  2. किसी भी महिला का अपमान मत कीजिये.
  3. अगर आप सात्विक साधना कर रहे हैं तो मांसाहार न करे, अल्कोहल न ले और किसी भी प्रकार का नशा न करे.
  4. देर रात किसी पार्टी में न जाएँ.
  5. सड़क पर पड़े किसी उतारे के ऊपर से न जाए. 
  6. मैथून न करे इन 9 रातो में.
  7. किसी भी प्रकार के काले जादू का प्रयोग न करे और न करने के लिए किसी को प्रेरित करे.
  8. किसी भी शक्ति का किसी के हानि के लिए प्रयोग न करे.
  9. हम साधना द्वारा अपने जीवन को सफल बना सकते हैं, स्वस्थ, संपन्न जीवन जी सकते हैं, बाधाओं को दूर कर सकते हैं. तो करे साधना इस चैत्र नवरात्र में.
अतः बिना समय गंवाए सभी को अपनी शक्ति और सामर्थ्य अनुसार पूजन, पाठ , भजन साधना करना चाहिए.



सभी को JYOTISHSANSAR.COM की तरफ से शुभकामनाये.

जानिए चैत्र नवरात्री 2020 के बारे में हिंदी ज्योतिष में, chaitra navratri ka mahattwa in hindi, kya kare.

Bhagyoday Hetu Navratri

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हर साल नवरात्री आती है पितृ पक्ष के बाद और दशहरा दिवाली से पहले. नवरात्रि से मतलब होता है 9 दिव्य रातें जिनमें कोई भी व्यक्ति मातारानी के नौ रूपों की पूजा करके अपनी मनोकामनाए पूरी कर सकता है.

हर आध्यात्मिक विद्याओं के अभ्यास करने वाले साधक को इन रात्रियों का इन्तेजार होता है. क्यूंकि इन्ही दिनों मंत्रों को आसानी से जागृत किया जा सकता है, इन्ही दिनों माता को प्रसन्न किया जा सकता है, इन्ही दिनों कुछ परसहक्तियों को प्राप्त करने की साधना की जा सकती है.

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Bhagyoday Hetu Navratri

ये नवरात्रियाँ होती हैं शारीर और मस्तिष्क को शुद्ध करने के लिए. ये 9 दिन बहुत शक्तिशाली होते हैं, बहुत पवित्र होते हैं. नवरात्रियों में अभ्यास करके कुंडली के दोषों को भी कम किया जा सकता है, मातारानी की दिव्य कृपा भी पाई जा सकती है और अपने आपको शक्तिशाली बनाया जा सकता है.

आज के इस युग में लोग अलग अलग प्रकार के समस्याओं से ग्रस्त हैं जिनका सम्बन्ध, स्वास्थ्य, समाज, व्यक्तिगत जीवन, प्रेम प्रसंग, नौकरी आदि से है. किसी का व्यापार नहीं चल रहा तो किसी का व्यापर उचित लाभ नहीं दे रहा है. किसी के पास धन नहीं और किसी के पास धन को उचित जगह लगाने के लिए रास्ता नहीं आदि.

माँ दुर्गा के नौ रूप बहुत शक्तिशाली है और अपने भक्तो का कल्याण करने के लिए सदा तत्पर रहती है. ये शक्तियां युगों से भाग्क्तो का कल्याण कर रही है और लोग भी इनकी कृपा से सफल जीवन जी रहे हैं.

कैसे प्राप्त करे 9 दुर्गाओं की कृपा नवरात्री में?

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ऐसे कई आसान तरीके हैं जिनके द्वारा कोई भी व्यक्ति माता की कृपा प्राप्त कर सकता है जैसे-
  • लगातार किसी भी मंत्र का जप करके कृपा को खींचा जा सकता है.
  • दुर्गाशप्तशती का नियमित परायण निर्देशों के हिसाब से किया जाए तो तो माताजी की कृपा प्राप्त किया जा सकता है.
  • लगातार हवन नवरात्रिओं में भी बहुत लाभदायक है.
  • सिद्ध यंत्रो की साधना भी बहुत लाभदायक है.
नवरात्रियों में कालाजादु का समाधान भी संभव है, ग्रह बाधा का निवारण भी होता है, सुख और सम्पन्नता भी प्राप्त करने के लिए साधनाए होती है, विवाह समस्या का समाधान भी होता है
अतः अगर आप वास्तव में कुछ करना चाहते हैं तो इस नवरात्रि में अपने आपको खाली मत छोड़े, अच्छी साधना द्वारा आप अपना भाग्य बदल सकते हैं.
इस बार ज्योतिष के हिसाब से अच्छे योग बने है जिसका फायदा हम सब उठा सकते हैं.
  • आप लक्ष्मी साधना कर सकते हैं.
  • सर्सस्वती साधना कर सकते हैं.
  • माँ काली की पूजा आराधना कर सकते है.
प्राप्त करे शक्ति और बनाए अपने जीवन को सुगम, सरल और सफल.



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Navratrii ke achuk Prayog

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जैसा की मैंने बताया की अपने पहले के ब्लॉग में की नवरात्री शक्ति साधना के लिए एक अति विशिष्ट समय है. इस समय में किये गए अनुष्ठान अवश्य सफल होते हैं और ये समय किसी नए साधना को शुरू करने के लिए भी शुभ मन गया है.
इस लेख में आपको कुछ अचूक प्रयोग दिए जा रहे हैं जो की आप नवरात्री में बड़ी आसानी से कर सकते हैं और अपने जीवन को सुखमय बना सकते हैं.
चमत्कारी प्रयोग नवरात्री के , कैसे दूर करे दुर्भाग्य को
Navratrii ke achuk Prayog 

आइये जानते हैं कुछ चमत्कारी उपाय नवरात्री में करने हेतु :

  1. अगर धन का अभाव है तो ये करे-नवरात्री के नौ दिनों तक किसी पीपल के पेड़ के निचे पश्चिम मुखी होके “कनकधारा स्त्रोत्र” का पाठ करे. पाठ करने के बाद 5 लौंग कपूर के साथ जला दे और भभूत का टिका लगाए और 1 चुटकी खा ले और बाकी बचा हुआ जल स्त्रोत्र में प्रवाहित कर दें.
  2. अगर नौकरी या जॉब नही मिल रही है तो नवरात्री में लगातार रोज अपने ऊपर से 1 निम्बू उतारे और उसे 4 टुकड़े करके किसी चौराहे पर जाकर 4 दिशाओं में 1-1 टुकडा दूर तक फेंक दे और वापस आकर हाथ मूह धो ले. निम्बू फेकते समय ऐसा सोचे की आप अपना दुर्भाग्य को दूर कर रहे हैं. 
  3. घर में सुख शान्ति और सम्पन्नता आये इसके लिए आप एक सिद्ध पारद का सुमेरु श्री यन्त्र स्थापित करे और रोज उसकी पूजा करे.
  4. अगर आपको लगता है की सब कुछ करने पर भी काम नहीं बन रहा है तो माँ काली को नवरात्री में निम्बुओं की माला अर्पित करें.
  5. अगर आप काले जादू से परेशान हैं तो घबराए नहीं, एक सिद्ध महाकाली यन्त्र को स्थापित करे और रोज दुर्गा कवच या काली कवच का पाठ करे लाभ होगा. 
  6. लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त करने के लिए उनको घी के नौ दीपक रोज अर्पित करे नवरात्रि में और श्री सूक्त का पाठ करे. 
  7. वशीकरण साधनाए भी होती है इन नौ दिनों में. 
इस प्रकार यहाँ कुछ अनुभोत प्रयोग दिए गए हैं जिनको करके आप अपने जीवन को सुख पुर्वक जी सकते हैं.



नवरात्री में करे साधना, नवरात्री में प्राप्त करे देवी की कृपा, पाए धन, वैभव, सुख , शांति , स्वास्थय माँ की क्रपा से.
Navratri ke achuk upaay, kaise kare samadhaan samasyaao ka, नवदुर्गाओ की शक्ति. 

Bachho Ke Vikas Ke liye Jyotishiy Margdarshan

ज्योतिष द्वारा बच्चो का भविष्य कैसे बनाए, कैसे बच्चो के विकास में ज्योतिष मदद कर सकता है, कौन सा मंत्र बच्चो को फायदा दे सकता है, बच्चो के ऊपर ग्रहों का असर जानिए.

हर माता पिता अपने बच्चो को लेके बहुत संवेदनशील रहते हैं, बच्चे हमे जीने का एक कारण देते हैं. उनकी मुस्कान, उनका मस्ती करना हमारे जीवन को खुशियों से भर देती है. और इसी कारण हमे अपने बच्चो के विकास के लिए सोचना होता है.

santan jyotish dwara janiye bachho ka bhavisya in hini
Bachho Ke Vikas Ke liye Jyotishiy Margdarshan
इस लेख में हम बच्चो के पूर्ण विकास के बारे में पढेंगे ज्योतिष के माध्यम से. अगर आपको ज्योतिष में रूचि है और आप संतान से जुडी ज्योतिष को जानना चाहते हैं तो ये लेख आपकी मदद कर सकता है. अगर आप अपने बच्चो का जीवन सफल बनाना चाहते हैं तो ये लेख पढ़िए.
वैदिक ज्योतिष के माध्यम से हम अपने बच्चो के जीवन के बारे में बहुत कुछ जान सकते हैं जैसे बच्चे की पढ़ाई लिखाई के बारे में, उसके लिए लाभदायक काम के बारे में, उसकी आर्थिक स्थिति के बारे में, कामकाजी जीवन के बारे में, स्वास्थ्य आदि के बारे में. यही नहीं हम बच्चे के जीवन में परेशानी उत्पन्न करने वाले ग्रहों के बारे में भी जान सकते हैं आसानी से और सही उपाय कर सकते हैं जिससे उसका सही विकास हो सके.
ज्योतिष के माध्यम से बच्चो की बहुत सी परेशानियों को दूर किया जा सकता है बस हमे इस विज्ञान का सही तरीके से स्तेमाल करना होता है.
साधारणतः लोग ज्योतिष का स्तेमाल तब करना शुरू करते हैं जब बच्चा बड़ा हो जाता है परन्तु यहाँ मै ये बताना चाहूँगा की अगर बच्चे के जन्म के समय से ही सही उपायो को किया जाए तो इसमें कोई शक नहीं की बच्चा जीवन में बहुत तरक्की कर सकता है.

याद रखिये की बीज की सही देखभाल से ही अच्छा पेड़ बनता है अतः ध्यान तो शुरू से ही देना होता है. अगर बच्चे के जन्म से ही हम ग्रहों के हिसाब से भी कुछ करते चले तो जीवन में बहुत फायदा होता है. इससे बच्चा का अध्यात्मिक विकास, शारीरिक विकास, मानसिक विकास भी अच्छे तरह से होता है.
आज के इस प्रतियोगी युग में जीना इतना आसान नहीं रह गया है, अतः अपनी क्षमता का पूरा विकास जरुरी है. माता पिता होने के नाते बच्चे को सही राह दिखाना और उसका पूर्ण विकास करना भी जिम्मेदारी होती है. अच्छी शिक्षा, अच्छा माहोल ही बच्चे को सही ज्ञान देगा जिससे की समाज और देश का विकास भी होगा.
ज्योतिष के उपायों द्वारा बच्चे के प्रतिभा के विकास दर को तेज किया जा सकता है, ज्योतिष के उपाय बच्चे के व्यक्तित्त्व को शक्तिशाली किया जा सकता हैं.

आइये जानते हैं ग्रहों का प्रभाव कैसे होता है बच्चो पर :

  1. सूर्य ग्रह का बच्चो पर प्रभाव: सूर्य पिता का कारक है, आत्मा से सम्बन्ध रखता है, उच्च अधिकारी से सम्बन्ध रखता है आदि. बच्चो की कुंडली में सूर्य का अध्ययन से सम्बंधित विषयो के बारे में जानकारी पाई जा सकती है. इससे हम बच्चे के अन्दर के नेतृत्त्व क्षमता, कल्पना शक्ति के बारे में भी जान सकते हैं.
  2. चन्द्रमा का बच्चो पर प्रभाव: चंद्रमा माता का करक है और इसका अध्ययन हमे बचपन, माता के साथ सम्बन्ध देवी शक्ति की कृपा के बारे में बताता है.
  3. मंगल ग्रह का बच्चो पर प्रभाव: ये ग्रह उर्जा से सम्बन्ध रखता है, क्रोध, सोच, मूड आदि से सम्बन्ध रखता है. कुंडली में शुभ मंगल बच्चे को शक्तिशाली बनाता है और एक अशुभ मंगल बच्चे को बहुत सी परेशानियां देता है.
  4. बुध ग्रह का बच्चो पर असर: बुध ग्रह का सम्बन्ध बुद्धि, चालाकी, भाई बहन से सम्बन्ध, वाक्चातुर्यता आदि से है, अतः बुध का अध्ययन हमे बच्चे की इन गुणों के बारे में बताता है.
  5. गुरु ग्रह का बच्चो पर असर : गुरु का सम्बन्ध सोच, धर्म, पढ़ाई, सिद्धांत आदि से होता है अतः गुरु के अध्ययन से हम ये जान सकते हैं की बच्चे की शिक्षा कैसी रहेगी, उसके सम्बन्ध गुरुजनों से कैसे रहेंगे आदि.
  6. शुक्र ग्रह और संतान ज्योतिष: शुक्र बच्चे की व्यक्तिगत जीवन को बताता है, इसके अध्ययन से हम ये जान सकते हैं की बच्चे का व्यक्तिगत जीवन कैसे रहेग, इसके सम्बन्ध विपरीत लिंग से कैसे रहेंगे, इसका प्रेम सम्बन्ध कैसे रहेगा आदि.
  7. शनि ग्रह का संतान पर प्रभाव: शनि का सम्बन्ध सिद्धांतो से है, भूमि से है, कानून से है, नौकरी आदि से है. शनि के दशा के समय बच्चे के जीवन में बहुत बदलाव होते हैं. अच्छा शनि बच्चे को मेहनती बनाता है और नौकरी में तरक्की देता है जबकि ख़राब शनि से बहुत परेशानी होती है.
  8. राहू – केतु का बच्चे पर असर : अगर हम कुंडली में चमत्कार, मोक्ष, अचानक से लाभ या हानि आदि के बारे में जानना चाहते हैं तो हमे राहू और केतु का अध्ययन करना होता है.

आइये अब जानते हैं राशियों और संतान ज्योतिष के बारे में:

Prem Mai Safalta Jyotish Ke Dwara

प्रेम में सफलता ज्योतिष के द्वारा, क्या फायदे है कुंडली मिलान के, कैसे बनाए प्रेम संबंधो को मजबूत, प्रेमियों के परेशानियों का ज्योतिष में समाधान.

प्रेम और ज्योतिष:

प्रेम का जीवन में बहुत महत्त्व होता है, बिना प्रेम के जीवन रुखा से लगता है, अपने साथी के साथ बिताये हुए पल कोई भी भूल नहीं पाता है, प्रेम एक ऐसा अहसास है जिसे बहुत ही सावधानी से संभालना होता है.
कई लोग अपनी हवस को भी प्रेम का नाम दे देते हैं जो की सही नहीं है, प्रेम शब्द में बहुत गहराई है, प्रेम दो इंसानों को साथ में जीना सिखाता है, प्रेम जीवन में रस भर देता है.
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Prem Mai Safalta Jyotish Ke Dwara

किशोर अवस्था में भी लोग विपरीत लिंग के प्रति आकर्षित होते हैं और इस आकर्षण को प्रेम का नाम देते हैं जो की ठीक नहीं है. इसीलिए इस अवस्था में प्रेम टूटने की घटनाएं अक्सर सुनाई में आती है, एक लड़का या लड़की थोड़े दिन किसी के साथ रहते हैं फिर थोड़े दिन किसी और के साथ. ये सिर्फ आकर्षण होता है और कुछ नहीं.

शुरूआती दौर में तो लोग सिर्फ एक दुसरे के खयालो में ही खोये रहते हैं और थोड़े दिन बाद अलग दीखते हैं. ऐसा देखा गया है की बिना जो लोग परिपक्व नहीं है उन्हें सही प्रेम नहीं हो पाता है , ऐसे लोगो के साथ कुछ कुछ दिनों में बदलते रहते हैं.
  • प्रेम एक ऐसा अहसास है जिसके बारे में बयां करना मुश्किल होता है. हर महिला या पुरुष को किसी न किसी विपरीत लिंग की आवश्यकता होती है और यही आवश्यकता प्रेम को जन्म देती है. जिनकी प्रकृति एक दुसरे से मेल खा जाती है उनको एक दुसरे के प्रति आकर्षण होने लगता है और यही आकर्षण धीरे धीरे प्रेम में बदलता है अगर दोनों एक दुसरे को समझते हुए आगे बढ़ते हैं तो जीवन भर भी साथ चल सकते हैं.
  • अगर आप किसी से प्रेम करते है तो ये लेख आपके लिए है.
  • अगर आप जीवन में प्रेम करना चाहते हैं तो भी ये लेख आपके लिए है.
  • अगर आप जीवन में प्रेम में समस्याओ का सामना कर रहे हैं तो भी ये लेख आपके लिए है.
  • प्रेम को लेके अगर आपके मन में कोई संशय है तो भी ये लेख आपकी मदद करेगा.
अगर आप अपने साथी के साथ ज्योतिष मिलान करवाना चाहते हैं तो भी यहाँ आपको मार्गदर्शन मिलेगा.
अगर आप अपने भाग्य में प्रेम है की नहीं ये जानना चाहते हैं तो भी आप ये जान पायेंगे.

आइये जानते है कुंडली में प्रेम जीवन के बारे में क्या जान सकते हैं:

ज्योतिष का हमारे जीवन पर पूरा पूरा असर रहता है अतः कुंडली को देखके हम प्रेम जीवन के बारे में भी बहुत कुछ जान सकते हैं.
आइये प्रेम को लेके कुछ ज्योतिषीय योग के बारे में जानते है:
  • अगर कुंडली के प्रथम, चौथा, सातवे, और नवे घर में सकारात्मक उर्जा बन रही है या यूँ कहे की सकारात्मक ग्रह अपना प्रभाव दिखा रहे हैं तो ये संभव है की जातक को जीवन में सच्चा प्रेम प्राप्त होगा.
  • अगर कुंडली के चोथे और सातवे घर के स्वामी एक दुसरे के घर में सकारात्मक होक बैठे है तो इसमें कोई शक नहीं की जातक प्रेम में सफल होगा.
  • अगर कुंडली में शुक्र शुभ है और शक्तिशाली भी तो भी जातक के प्रेम में सफल होने के बहुत ज्यादा संभावना रहती है.
  • अगर कुंडली में साथी भाव दूषित है तो इसमें कोई शक नहीं की जातक को प्रेम जीवन में बहुत परेशानी का सामना करना होगा.
  • अगर सुख भाव दूषित है तो भी जातक सच्चे प्रेम से वंचित रह सकता है.
  • कुंडली में शुभ सूर्य भी प्रेम जीवन में सफलता देता है.
  • अगर कुंडली में गुरु और शुक्र नकारातमक है तो जातक को प्रेम जीवन में असफलता प्राप्त हो सकती है.
  • अगर लड़का और लड़की के ग्रहों में मिलान नहीं हो रहा हो तो भी सम्बन्ध ज्यादा दिन नहीं चल पाते हैं.
  • अगर ग्रह एक दुसरे का साथ न दे तो भी प्रेम होने के बावजूद वे बिछड़ सकते हैं और इसका कोई भी कारण हो सकता है जैसे गलत धारणा, कोई दुर्घटना या किसी और का बीच में आ जाना.

आये अब जानते हैं की कुंडली मिलान का क्या महत्त्व होता है:

प्रेम में कुंडली मिलान का बहुत महत्तव होता है इसके द्वारा हम जीवन के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं के बारे में जान सकते हैं.
हम जान सकते हैं की –
  1. जीवन में किस प्रकार की समस्याएं आ सकती है.
  2. क्या अपने प्रेमी के साथ हम पूरा जीवन बिता पायेंगे.
  3. कैसे हम प्रेम को बढ़ा सकते हैं.
  4. ज्योतिष के ऐसे कौन से उपाय है जो की अपने साथी को और करीब ला सकता है.
अतः कुंडली मिलान के द्वारा हम प्रेम जीवन में सफल होने के बहुत सी बातो को जान सकते हैं.

आइये अब जानते हैं की प्रेम जीवन में किस प्रकार चुनौतियाँ आ सकती हैं :

  1. सबसे मुख्य चुनौती है जीवन भर एक दुसरे का विश्वास बनाए रखना. बहुत से प्रेम सम्बन्ध सिर्फ गलतफहमियो के कारण ख़राब हो जाते हैं.
  2. दूसरी चुनौती है उसी व्यक्ति से शादी होना जिसे आप चाहते हैं. कई बार ग्रह इतने ख़राब होते हैं की मनपसंद शादी नहीं होने देते.
  3. तीसरी चुनौती है की प्रेम को हमेशा जिवंत बनाए रखना. ये सबसे कठिन काम होता है.

आइये अब जानते हैं प्रेमियों के लिए कुछ सलाह:

छोटी छोटी बाते भी जीवन को बदल देती है अतः हमेशा सावधान रहना चाहिए और सही बर्ताव करना चाहिए.
  • अगर आप अपने साथी से सच्चा प्रेम चाहते हैं तो बस उसे भी प्रेम करिए उस पर शक मत करिए.
  • अपने साथी को दबाने की कोशिश मत करिए नहीं तो ब्रेकअप होते देर नहीं लगेगी.
  • अपने साथी को पूरा समय दीजिये.
  • अपने साथी के साथ कभी कभी साहसिक खेल भी खेले.
  • कभी कभी रोजमर्रा से हट कर भी कुछ करिए. जीवन को सही करने के लिए बदलाव जरुरी होता है.
  • अपने साथी पर किसी प्रकार के नियम कायदे कानुन मत डालिए, कोई भी बांध के जीवन नहीं जीना चाहता है.
  • जब भी अपने प्रेमी के पास जाए तो तारो ताजा होक जाए परन्तु ज्यादा तेज खुशबू वाले डीयो या परफ्यूम का प्रयोग मत कीजिये.
  • कभी दिखावा मत कीजिये अगर आप सच्चा सम्बन्ध चाहते हैं. पढ़िए Love life ki 9 preshaniyan aur jyotish samadhan.
  • अपने साथी की भावनाओं को समझ के उसके साथ पेश आइये, इससे समस्याएं उत्पन्न नहीं होंगी.
  • अपने साथी का साथ संकट के समय जरुर दीजिये.
  • अपने साथी को सफलता के लिए प्रेरित करते रहिये. इससे आपके सम्बन्ध बहुत मजबूत हो जायेंगे.
  • कभी भी अपने हेसियत से ऊपर खर्चा मत कीजिये, इससे भी सम्बन्ध जयादा समय नहीं टिकेंगे.
  • आपके अन्दर जो प्रेम पूर्ण भावनाएं आपके साथी के लिए है उसे बयां कीजिये.
  • अनावश्यक बहस कभी मत कीजिये.

कैसे पायें जीवन में प्रेम ज्योतिष के द्वारा:

किसी अच्छे ज्योतिष को कुंडली दिखाना चाहिए अगर प्रेम में सफलता नहीं मील रही है, बार बार ब्रेक अप हो रहा है, संबंधो में मिठास ख़त्म होता जा रहा हो.
ज्योतिष कुंडली को देखके सही सलाह दे सकता है की क्या करना चाहिए.



प्रेम में सफलता ज्योतिष के द्वारा, क्या फायदे है कुंडली मिलान के, कैसे बनाए प्रेम संबंधो को मजबूत, प्रेमियों के परेशानियों का ज्योतिष में समाधान.

Ank Chunkar Janiye Bhagya | चुनिए अंक और जानिए भाग्य

Ank Chunkar Janiye Bhagya | चुनिए अंक और जानिए भाग्य
अंक का हमारे जीवन में बहुत उपयोग है, रोज हम अपने हर काम में कही न कहीं अंको का प्रयोग करते हैं. अंक ज्योतिष भी भाग्य को जानने का एक अच्छा तरीका है जिसका स्तेमाल ज्योतिष में दशको से होता आया है. हर अंक एक विशेष ग्रह से सम्बन्ध रखता है और विशेष गुण रखता है.

यहाँ आप क्लिक करके जान सकते हैं की आज आपको कौन सा अंक फलेगा और आपको क्या करना चाहिए. बस क्लिक करिए और आपके लिए एक अंक खुलेगा जिसमे लिखा होगा आपका आज का भाग्य.

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Ank Chunkar Janiye Bhagya | चुनिए अंक और जानिए भाग्य

Kaise Bhare Jivan Mai Prem Jyotish Ke Upaayo Dwara

कैसे भरें जीवन में प्रेम ज्योतिष उपायों द्वारा ,प्रेम में सफलता के उपाय, जानिए सच्चे प्रेम का रहस्य hindi में.

प्रेम एक ऐसा सत्य है जिसे नकारना सम्भव नहीं है, प्रेम सिर्फ मनुष्य को ही नहीं अपितु जानवरों को भी वश में करता है, प्रेम के द्वारा जीवन का आनंद लिया जाता है, प्रेम के बिना जीवन रसहीन हो जाता है, प्रेम के बिना जीवन जीना संभव नहीं हो पाता है.
prem jivan aur jyotish upay in hindi
jivan me prem bharne ke upay

वैलेंटाइन डे भी प्रेम का प्रतिक है जब प्रेमी लोग एक दुसरे के साथ ज्यादा समय बिताते है और जीवन में एक दुसरे को एक दुसरे के साथ होने के लिए धन्यवाद देते हैं.

प्रेम वास्तव में है क्या तो इस बारे में इस सत्य को जानना चाहिए की प्रेम एक भावना है जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है. ये भावना जब किसी के लिए पैदा होती है तो उसे सिर्फ महसूस किया जाता है. जब प्रेम उत्पन्न होता है तो जीवन में रस उत्पन्न होने लगता है, जीवन का आनंद आने लगता है, जीवन का समझने के लिए एक नै दृष्टि मिलती है.

परन्तु ऐसे भी लोग है जो प्रेम से अब तक वंचित है, उन्होंने इसे अभी तक महसूस नहीं किया है, या फिर इसे प्राप्त करने के लिए अथक प्रयास कर रहे है परन्तु सफल नहीं हो पा रहे है.

ज्योतिष और प्रेम:

ज्योतिष में कुंडली को देखके ये पता किया जा सकता है की व्यक्ति प्रेम के सम्बन्ध में कितना सफल है और किन परेशानियों से गुजर रहा है और क्यों ? जीवन में ग्रहों का बहुत गहरा असर होता है, अतः ग्रहों की स्थिति को देखके ये पता लगाया जा सकता है की कौन से ग्रह हमारे जीवन में परेशानियाँ उत्पन्न कर रहे हैं.

उदाहरण के लिए अगर शुक्र कुंडली मई नीच का है या फिर पीड़ित हो तो प्रेम के सम्बन्ध मई व्यक्ति को परेशानी आ सकती है , इसके अलावा सुख स्थान या फिर संबंधो के स्थान के दूषित होने पर भी परेशानिया बहुत बढ़ जाती है अतः हमे किसी अच्छे ज्योतिष से सलाह जरुर लेना चाहिए. अन्यथा पुरे जीवन भर हमे पता नहीं चल पाता है की हो क्या रहा है और क्यों. पढ़िए Love life ki 9 preshaniyan aur jyotish samadhan.
कैसे प्राप्त करे वास्तविक प्रेम को?
ये प्रश्न बहुत ही महत्तव रखता है जीवन में, अतः इस विषय पर आगे बढ़ने से पहले ये जानना जरुरी है की –

प्रेम से हमे क्या प्राप्त होता है ?

  1. प्रेम हमे विनम्रता सिखाता है,
  2. प्रेम के द्वारा हम दुसरे का सम्मान करना सीखते हैं.
  3. प्रेम हमे त्याग भी सिखाता है.
  4. प्रेम हमे प्रसन्न रखता है.
  5. जीवन सहज हो जाता है, सरल हो जाता है और शक्तिशाली भी हो जाता है.
  6. प्रेम से हमारे अन्दर एक ऐसा रस पैदा हो जाता है जिससे शारीर और मन दोनों स्वस्थ होने लगते है जिसका असर पूर्ण रूप से दीखता है.

अब जानते है की कैसे प्राप्त करे वास्तविक प्रेम को?

तो इस विषय पर ये बताना चाहेंगे की वास्तविक प्रेम के द्वारा ही वास्तविक प्रेम को पाया जा सकता है और ये किसी एक से नहीं होता है, जब हमारे अन्दर सभी के लिए सहज भाव का उदय होगा, जब हमारे अन्दर सभी के लिए समानता का उदय होगा, जब घृणा किसी के लिए नहीं होगी, जब क्रोध किसी के लिए नहीं होगा, जब सभी से मिलके हमे आनंद आने लगेगा और दुसरो को भी आनंद आने लगेगा तभी वास्तविक प्रेम का अहसास हमे होगा.

वास्तविक प्रेम हमे जीवन को दिव्य बना देता है, वास्तविक प्रेम हमारे दैविक गुणों को जागृत करता है. अतः इसे पाना चाहिए.

भारतीय पौराणिक कथाओं में ऐसे बहुत से शख्शियतों का वर्णन है जिन्होंने सशरीर उस प्रेम को प्राप्त किया है और लोगो ने उन्हें पूज कर इस वास्तविक प्रेम का अनुभव किया और लोगो को कराया , इनमे श्री कृष्णा और राधाजी, मीरा बाई, रामकृष्ण परम हंस आदि का नाम सर्वोपरी है. इन्होने प्रेम से अपने अन्दर के इश्वर को प्राप्त किया और लोगो को भी कराया.

ज्योतिष के अनुसार ऐसा क्या करे की जीवन खुशहाल हो जाए ?

वैसे तो बिना कुंडली को देखे ये नहीं जाना जा सकता है की कौन सा उपाय हमारे जीवन को सफल बना सकता है परन्तु फिर भी कुछ उपाय आपको बता रहे है जिससे हम अपने जीवन में प्रेम को बढ़ा सकते हैं :



  1. अपने बेडरूम में फूलों की तस्वीर लगाए बढ़िया सा जिसे देखके आपको प्रसन्नता मिले.
  2. शुक्रवार को किसी भी राधा कृष्णा जी के मंदिर में जाके फुल , कपूर चढ़ा के कपूर से आरती करे और जीवन को सफल बनाने के लिए प्रार्थना करे.
  3. जितना हो सके सभी को प्रेम बाते और प्रेम पाए. 
  4. इर्ष्या द्वेष , क्रोध से बच के रहे.
किसी अच्छे ज्योतिष से सलाह लेके सही पूजा पाठ, रत्न, दान , ताबीज का प्रयोग करके भी जीवन के परेशानियों को कम किया जा सकता है.

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