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Showing posts with the label Amavasya and jyotish(अमावस्या और ज्योतिष)

Latest Astrology Updates in Hindi

February mai kaun se grah badlenge raashi

February Grah Gochar 2026, february planetary transit 2026, कौन से ग्रह बदलेंगे राशि फ़रवरी 2026 में, Masik Rashifal 12 राशियों का,  February  horoscope 2026. February 2026 Grah Gochar :  फरवरी 2026 में गोचर कुंडली में बहुत महत्त्वपूर्ण बदलाव होने वाले हैं जिसका असर हमे सभी तरफ देखने को मिलेगा | देश और दुनिया में राजनिति में, मौसम में, प्रेम जीवन में, कारोबार में बहुत बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे  |  February 2026 mai kaun se grah badlenge rashi आइये जानते हैं की फ़रवरी 2026 में गोचर कुंडली में क्या बदलाव होंगे ?: 1 February ko Shukra Uday Honge . 3 फरवरी 2026 को बुध ग्रह का गोचर कुम्भ राशि में होगा. Check Rashifal 6 फ़रवरी को शुक्र कुम्भ राशि में प्रवेश करेंगे.  सूर्य 13 फरवरी को कुंभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं.  मंगल 23 फ़रवरी को कुम्भ राशि में  प्रवेश करेंगे.  26 फरवरी 2026 को बुध वक्री होंगे और 21 मार्च 2026 तक वक्री रहेंगे  इस माह 23 फ़रवरी से कुम्भ राशि में 5 ग्रहों की युति हो जायेगी. आइये ...

Mauni Amavasya In Hindi

मौनी अमावस्या kab hai 2026, Significance of Mauni Amavasya, क्या करे मौनी अमावस्या को सफलता के लिए, kab hai mauni amavasya. Mauni Amavasya 2026: मौन शक्ति को जागृत करने और शक्ति का संचय करने का सबसे आसान तरीका है. मौन का अंग्रेजी में अर्थ होता है silence . साधारणतः हम मौन का अर्थ जुबान से चुप रहने को समझते है परन्तु सत्यता ये है की मौन का अर्थ है तन, मन से मौन रहना, शांति में रहना. जब अन्तर से हम मौन होते हैं तो हमे अपनी ही शक्तियों के बारे में जानकारी होती है. परन्तु इस मौन को प्राप्त करने के लिए अत्यंत घोर साधना की जरुरत होती है. जिसकी शुरुआत हम मौनी अमावस्या को कर सकते हैं. 2026 में मौनी अमावस्या 18 जनवरी, रविवार को है, अमावस्या तिथि 18 तारीख को पूर्वाह्न  में लगभग 12:06 से शुरू होगी और 19 को पूर्वाह्न  लगभग 1:22 बजे तक रहेगी | mauni amavasya ka mahattw आइये जानते हैं 2026 की मौनी अमावस्या क्यों ख़ास है ? ये उत्तरायण की पहली अमावस्या है | इस दिन गोचर कुंडली में मकर राशि में बुधादित्य राज योग बना रहेगा । इस दिन पितृ दोष की शांति के लिए, कालसर्प योग की शां...

Paush Amavasya Ka Mahattw In Hindi

पौष अमावस्या का महत्त्व, December Amavasya, जानिए पौष अमावस्या में पूजा और व्रत का महत्त्व, क्या करे पोश अमावस्या को सफलता के लिए, 12 rashiyo par asar.  Paush Amavasya: पौष का महिना बहुत महत्त्व रखता है भारतीय ज्योतिष के हिसाब से क्यूंकि इस महीने में बहुत से महत्ववपूर्ण पूजाएँ होती है. हिन्दू पंचांग के हिसाब से ये महिना दसवां महिना है और इस महीने की जो अमावस्या है वो कहलाती है “पौष अमावस्या” . इस दिन को की जाने वाली पूजाएँ सफलता के रास्ते खोल देती है, पितरो को संतुष्ट करती है, धनागमन के रस्ते खोलती है, जीवन को निष्कंटक बनाती है. 2025 में पौष अमावस्या 19 दिसम्बर शुक्रवार को है, अमावस्या तिथि 19 तारीख को तडके लगभग 5 बजे शुरू होगी और 20 तारीख को प्रातः लगभग 7:10 बजे समाप्त होगी.  Paush Amavasya Ka Mahattw In Hindi अतः अगर कोई जीवन में धन की सुरक्षा चाहते हो, पितृ दोष से मुक्ति चाहते हो, शनि, राहू, केतु , ग्रहण योग के दुष्प्रभाव को कम करना चाहते हो तो उनके लिए पौष अमावस्या बहुत महत्त्व रखती है. जो लोग पौष अमावस्या को ह्रदय से प्रार्थना , पूजा पाठ करते हैं उनक...

Bhadrapad Amavasya Kab Hai jyotish upaay

Bhadrapad Amavasya 2025 Date, Amavasya Kab Hai, भाद्रपद अमावस्या कब है 2025, कुश ग्रहणी अमावस्या के लिए ज्योतिष उपाय  | इस साल कुशग्रहणी अमावस्या 23 अगस्त को है और शनिवार होने के कारण "शनि अमावस्या" भी रहेगा | अमावस्या तिथि प्रारंभ : २२ अगस्त को दिन में लगभग 11:57  बजे. अमावस्या तिथि समाप्त : २३ अगस्त को दिन में लगभग 11:36 बजे   हिंदी पंचांग के अनुसार भाद्रपद महीने की अमावस्या को कुश ग्रहणी और कुशोत्पतिनी अमावस्या के नाम से भी जानते हैं| ये अती महत्त्वपूर्ण दिन है और इस दिन जीवन में से बाधाओं को दूर करने के लिए विभिन्न प्रकार की पूजाओं को किया जाता है | Bhadrapad Amavasya Kab Hai jyotish upaay Watch Details on YouTube इस अमावस्या का एक नाम कुश ग्रहणी अमावस्या है जिससे पता चलता है की इस दिन एक पवित्र घास को इकट्टा किया जाता है और पूरे साल प्रयोग किया जाता है, इस घास का नाम है कुश | हर पूजा में इसका प्रयोग किया जाता है, हर कर्मकांड में इसका उपयोग होता है| पूजन के अवसर पर हम अनामिका अंगुली में कुश की अंगूठी पहनते हैं जिसे की पवित्री कहा जाता है | आइये जानते है...

August Amavasya Ka 12 Rashiyo Par Prabhav

August Amavasya Ka 12 Rashiyo Par Prabhav, सभी 12 राशियों के लिए अगस्त अमावस्या की भविष्यवाणियाँ, अमावस्या का ज्योतिषीय महत्व, ज्योतिष अपडेट, ज्योतिष भविष्यवाणियाँ. ज्योतिष में, अमावस्या का बहुत महत्व है क्योंकि यह एक नए चंद्र चक्र की शुरुआत का प्रतीक है और नई शुरुआत, नवीनीकरण और इरादों के बीज बोने का प्रतीक है। यह लक्ष्य निर्धारित करने, इच्छाओं को प्रकट करने और बदलाव को अपनाने का एक शक्तिशाली समय माना जाता है, क्योंकि चंद्रमा की ऊर्जा अपने निम्नतम बिंदु पर होती है, जो आत्मनिरीक्षण और स्पष्टता को प्रोत्साहित करती है। आध्यात्मिक रूप से, अमावस्या एक ब्रह्मांडीय रीसेट बटन की तरह काम करती है, जो व्यक्तियों को पिछले बोझों को छोड़ने और नए अवसरों के साथ जुड़ने में मदद करती है। August Amavasya Ka 12 Rashiyo Par Prabhav Watch Rashifal on YouTube यहाँ सभी 12 राशियों के लिए अगस्त 2025 अमावस्या की भविष्यवाणियाँ दी गई हैं: ♈ मेष यह अमावस्या मेष राशि वालों के लिए जोश और आत्मविश्वास बढ़ाएगी। आप ऊर्जावान रहेंगे और सबका ध्यान अपनी ओर खींच पाएंगे। प्रेम संबंध, रचनात्मक काम...

Hariyali Amavasya Ka Mahattw

Hariyali Amavasya  कब है 2025, कौन सी पूजाएँ फायदा देती है हरियाली अमावस्या  को, जनिये सावन अमावस्या का महत्त्व, हरियाली अमावस और ज्योतिष. वर्ष 2025 में हरियाली अमावस्या 24 July गुरुवार को है। इस दिन गजकेसरी योग और बुधादित्य  योग भी रहेगा गोचर कुंडली में । अमावस्या तिथि 24 जुलाई को तडके लगभग 2:30 बजे शुरू होगी और २५ जुलाई को तडके लगभग 12:41 बजे तक रहेगी.  सावन का महिना बहुत ख़ास होता है और इस महीने में पड़ने वाले अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहते हैं. ये दिन मानसून के महत्त्व को भी बताता है और हर तरफ हरियाली का प्रतिक है. हरियाली अमावस्या को इस दिन विशेषकर हिन्दू लोग अलग अलग प्रकार के कर्म काण्ड करते हैं जीवन को सफल बनाने के लिए. भक्त गण भगवान् शिव की विशेष पूजा अर्चना करते हैं श्रद्धा भक्ति से. Hariyali Amavasya Ka Mahattw आइये जानते हैं की हरियाली अमावस्या को किन किन नामो से जाना जाता है? आन्ध्र प्रदेश में इसे “चुक्काला अमावस्या” के नाम से जाना जाता है. महाराष्ट्र में इसे “गटारी अमावस्या” के नाम से जाना जाता है. उड़ीसा में इसे “चिटालागी अमावस...

Ashadh amavasya kab hai| Halharini Amavasya

आषाढ़ माह की अमावस्या की तिथि 2025, halharini amavasya ka mahattw?, आषाढ़ अमावस्या पर हमें क्या करना चाहिए?, What is the significance of ashada Amavasya?, जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए ज्योतिष उपाय। Ashadha Amavasya/Halharini Amavasya 2025: अषाढ़ माह ज्योतिष के हिसाब से काफी महत्त्व रखता है और इस महीने की जो अमावस्या है वो तो अती महत्त्वपूर्ण है | हिन्दू पंचांग के अनुसार ये चौथा महिना होता है और इसके बाद श्रावण का महीना शुरू होगा |  Ashadh amaavasya को हलहारिणी अमावस्या या फिर आषाढी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है |  2025 में आषाढी अमावस्या 25 June बुधवार को है |  अषाढ़ महीने की अमावस्या 24 June मंगलवार को रात्री में लगभग 7:01 PM पे शुरू होगी और 25 तारीख को शाम में लगभग 4:03 बजे तक रहेगी |  अमावस्या की रात्री २४ को रहेगी.  Ashadh amavasya kab hai Watch Video On Youtube आइये जानते हैं अषाढ़ महीने की अमावस्या का महत्त्व : हलहारिणी अमावस पितृ शान्ति के लिए अती उत्तम दिनों में से एक है | अगर किसी की कुंडली में कालसर्प योग या फिर पितृ दोष हो तो ऐसे में इस...

May Amavasya Ka 12 Rashiyo Par Prabhav

May Amavasya Ka 12 Rashiyo Par Prabhav, Kya fayda hoga amavasya ka 12 rashiyo ko, Rashifal, jyotish sansar. इस महीने मई में काफी बड़े बदलाव हुए हैं गोचर कुंडली में. 7 मई को बुध मेष राशि में प्रवेश कर चुके हैं, 14 मई को सूर्य वृषभ राशि में प्रवेश कर गए हैं, 15 मई को गुरु मिथुन राशि में गोचर कर गए हैं, 18 तारीख को राहु और केतु का राशि परिवर्तन हो गया है और 31 मई को शुक्र का गोचर मेष राशि में होगा.  अतः ये महिना काफी उथल पुथल वाला रहा है. May Amavasya Ka 12 Rashiyo Par Prabhav मई २०२५ में अमावस्या  हमे वित्तीय और पारिवारिक स्थिरता की और बढ़ने में हमारी मदद करेगा, जो लोग एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में हैं, ब्यूटी इंडस्ट्री में हैं, उन्हें विशेष लाभ नजर आयेंगे. प्रेमियों के लिए भी समय कुछ ख़ास लाएगा. हम सभी ग्रहों की शक्ति से शांति, आनंद और समृद्धि की और जीवन को बढ़ाने में सक्षम होंगे.  Watch Rashifal On YouTube आइये अब जानते हैं की मई २०२५ की अमावस्या पर ग्रहों की स्थिति का क्या फायदा मिलेगा सभी १२ राशियों को : मेष (♈︎) राशिफल : मई २०२५ का अमावस्या  मेष राशि के लोगो की र...

April Amavasya Ka 12 Rashiyo Par Prabhav

अप्रैल 2025 अमावस्या: 12 राशियों पर प्रभाव, April mai amavas kab hai, amavasya ka mahattw, 12 rashiyo ke liye kaisa rahega amavas. "अप्रैल, 2025 का अमावस्या", पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में स्थिरता लाने, सुरक्षा पर काम करने, वित्त और व्यक्तिगत मूल्यों को बढ़ाने में मदद करेगा। अमावस्या पारंपरिक रूप से नवीनीकरण और संकल्पों को फिर से नवीन करने का समय होता है. यह एक शांत लेकिन दृढ़ ऊर्जा लेकर आता है, जो त्वरित बदलावों के बजाय स्थिर प्रगति को प्रोत्साहित करता है। April Amavasya Ka 12 Rashiyo Par Prabhav Watch Rashifal Video here आइए जानते हैं कि अप्रैल 2025 अमावस्या 12 राशियों को कैसे प्रभावित करेगी: मेष राशिफल : अप्रैल 2025 अमावस्या आपकी रचनात्मकता और भावनाओं को बढ़ाएगी जो आपको अपने रिश्ते का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित करेगी। पारिवारिक खुशियाँ प्रभावित हो सकती हैं जिससे किसी प्रकार की उदासी पैदा हो सकती है। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होगा। जीवन का आनंद लेने के लिए अपने क्रोध और उत्तेजना पर नियंत्रण रखें।  वृषभ राशिफल भविष्यवाणियाँ: अप्रैल 2025 अमावस्या आपकी स...

Shani Amavas Ka Mahatw In Hindi

Shani amavas kab hai 2025,  कैसे छुटकारा पायें शनि के बुरे प्रभाव से, शनि अमवस्या को क्या करे सफलता के लिए?, शनि के टोटके, शनि पीड़ा से मुक्ति के उपाय,  शनि अमावस्या अनुष्ठान| 2025  में 29 मार्च, शनिवार को रहेगा साल का पहला शनि अमावस्या | अमावस्या तिथि २८ तारीख को रात्री में लगभग 7:57 बजे शुरू होगी और 29 तारीख को शाम को लगभग 4:28 बजे तक रहेगी. एक और विशेष बात ये है की इसी दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा जिसके स्वामी शनि हैं और इसी दिन  शनि का राशि परिवर्तन भी होगा . Shani amavas:  हिन्दू धर्म में शनि अमावस्या का बहुत अधिक महत्तव है. इस दिन पवित्र नदियों के किनारे मैले जैसा वातावरण हो जाता है, लोग पवित्र नदियों में स्नान करते है और नदी तट पर ही पूजा पाठ आदि करते हैं कृपा प्राप्त करने के लिए. इस दिन पितृ शांति की पूजा होती है, काले जादू से मुक्ति हेतु भी ये दिन विशेष महत्तव रखता है, नजर दोष, उपरी हवा से बचाव के लिए भी इस दिन विशेष क्रियाये की जाती है. इस दिन शनि पूजा का भी बहुत लाभ मिलता है. इसी कारण शनिवार को पड़ने वाले अमावस्या का बहुत अधिक महत्तव होता है...

Somwati Amavasya Ka Mahattwa In Hindi

2024 में सोमवती अमावस कब है?, सोमवती अमावस्या को क्या करना चाहिए?, सोमवती अमावस्या का महत्व क्या है?, ज्योतिष उपाय सफल जीवन के लिए,  अमावस्या के लिए मंत्र. भारत मे साधारणतः ये देखा जाता है की सोमवती अमावस्या को लोग पवित्र नदियों मे स्नान करते है, विशेष पूजा पाठ करते है , दान करते है. 30 December 2024 को है "सोमवती अमावस्या"  जब कुंडली में मौजूद चन्द्र दोष और पितृ दोष से छुटकारे के लिए विशेष पूजन किया जा सकता है |  अमावस्या तिथि ३० दिसम्बर को तडके लगभग 4:03 बजे शुरू होगी और ३१ दिसम्बर को तडके लगभग  03:57 तक रहेगी जिससे अमावस्या की रात्री ३० की होगी |   Somwati Amavasya Ka Mahattwa In Hindi आइये समझते है सोमवती अमावस्या को: जब अमावस सोमवार को आती है तब उसे सोमवती अमावस कहते हैं. ये भगवान् शिव के पूजा का विशेष दिन माना जाता है, पितरो के पूजन के लिए भी शुभ दिन है साथ ही चन्द्र देव के पूजन के लिए भी  शक्तिशाली  दिन माना जाता है ज्योतिष के अनुसार. Watch Video Here महाभारत मे भीष्म पितामह ने युधिस्ठिर को भी सोमवती अमावस्या के महत्त्व के बारे...

Aghan Amavasya Kab hai

अगहन अमावस्या कब है, aghan amavasya 2024 की तिथि और मुहूर्त, जीवन की परेशानियां दूर करने के लिए क्या करें, सफल जीवन के ज्योतिष उपाय, ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी । अगहन अमावस्या भी का बहुत अधिक महत्त्व है हिन्दू धर्म में, ये वो दिन है जब हम पितरो की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष पूजा अर्चना कर सकते हैं |  2024 Aghan Amavasya Date and Timings: अगहन महीने की अमावस्या 30 नवम्बर को दिन में लगभग 10:31 बजे शुरू होगी और 1 दिसम्बर को दीन में लगभग 11:51 बजे तक रहेगी | उदय तिथि के अनुसार अमावस्या का व्रत 1 दिसम्बर को किया जाएगा  पर अमावस्या की रात्री 30 तारीख की रात्री रहेगी | Aghan Amavasya Kab hai अब आइये जानते हैं की धुप, ध्यान, स्नान दान कब करें ? शाश्त्रो के अनुसार पितरो के लिए धुप ध्यान करने का सबसे अच्छा समय दोपहर का माना जाता है अतः 30 तारीख अर्थात शनिवार को पितरो के निमित्त दोपहर में धुप, ध्यान, तर्पण, पिंड दान आदि करना चाहिए | 1 दिसम्बर यानि रविवार को पवित्र नदी में स्नान करके दान, धर्म, ब्राहमण भोज आदि करना चाहिए | Read in english about when is Aghan Amavasya? आइये जानते ...