मिथुन लग्न: अस्त चंद्रमा के 12 भावों में प्रभाव व उपाय, Mithun Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama Ka 12 Bhavon Me Prabhav, Jyotish Updates. मिथुन लग्न में चंद्रमा दूसरे भाव का स्वामी होता है, जो परिवार, वाणी, धन-संपत्ति, मूल्य और भोजन की आदतों का प्रतिनिधित्व करता है। जब चंद्रमा अस्त (Combust) हो जाता है (अर्थात सूर्य के बहुत नज़दीक आ जाता है), तब उसकी प्राकृतिक शक्तियाँ कमज़ोर हो जाती हैं, जिससे भावनात्मक स्थिरता, आर्थिक पक्ष और पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है—यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि चंद्र किस भाव में स्थित है। अस्त चंद्रमा मानसिक तनाव बढ़ाता है क्योंकि मिथुन राशि का स्वामी बुध है—जो बुद्धि और विश्लेषण का ग्रह है—जबकि चंद्रमा भावनाओं का प्रतिनिधि है। Mithun Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama Ka 12 Bhavon Mai Prabhav aur Upay अस्त चंद्रमा क्या होता है? जब चंद्रमा सूर्य के बहुत करीब आ जाता है, तब उसे अस्त (Combust) कहा जाता है। इस स्थिति में चंद्रमा की शक्ति कम हो जाती है, जिससे: भावनाओं की अभिव्यक्ति कमजोर होती है अधिक सोचने की प्रवृत्ति बढती है आर्थिक अस...
2026 विवाह मुहूर्त: शुभ विवाह तिथियाँ और महत्व, विवाह कब कब हो सकता है 2026, vivah ki tarikhen, Vivaah mahurat, is saal kab kab hai shaadi ki tarikhen. हिंदू संस्कृति में विवाह को केवल एक सामाजिक संबंध नहीं, बल्कि एक पवित्र संस्कार माना गया है। इस पवित्र बंधन को शुभ फलदायी बनाने के लिए शुभ मुहूर्त का चयन अत्यंत आवश्यक होता है। विवाह मुहूर्त (Vivah Muhurat) वह समय होता है जब ग्रहों, नक्षत्रों, योग, करण और तिथि की स्थिति विवाह के लिए अत्यंत मंगलकारी मानी जाती है। 🌿 विवाह मुहूर्त का महत्व “मुहूर्त” का अर्थ होता है — सबसे शुभ समय । जब ग्रहों की स्थिति अनुकूल होती है, तब किए गए कार्यों का फल भी शुभ होता है। इसलिए विवाह जैसे संस्कार में पंचांग देखकर ही मुहूर्त तय किया जाता है। वर और वधू की जन्म कुंडली का मिलान तिथि, नक्षत्र, योग और करण की स्थिति लग्न की शुभता अशुभ काल (राहुकाल, भद्रा, चातुर्मास आदि) का परिहार Check Video On YouTube 💍 देवउठनी 2025 से लेकर 2026 तक के विवाह मुहूर्त 2025 के अंत और 2026 में कई मंगलकारी विवाह तिथियाँ पड़ रही हैं, जो ...