मार्च 2026 का मीन राशि में अमावस्या: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 12 राशियों पर प्रभाव मार्च 2026 में मीन राशि में होने वाली अमावस्या वैदिक ज्योतिष के अनुसार अत्यंत आध्यात्मिक और भावनात्मक ऊर्जा लेकर आती है। मीन राशि जल तत्व की राशि है और यह अंतर्ज्ञान, करुणा, कल्पना तथा आध्यात्मिक जागरूकता से जुड़ी होती है। जब अमावस्या इस रहस्यमयी राशि में होती है, तो यह एक नए चक्र की शुरुआत का संकेत देती है जो आत्मचिंतन, भावनात्मक उपचार और नए संकल्पों के लिए अनुकूल समय बनाती है। यह चंद्र चरण हमें अपने भीतर झांकने, पुरानी भावनाओं को छोड़ने और रचनात्मकता तथा आध्यात्मिक विकास को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। इस अमावस्या का प्रभाव प्रत्येक राशि पर अलग-अलग रूप में दिखाई देगा। March Amavasya Ka 12 Rashiyo Par Prabhav अमावस्या का 12 राशियों पर क्या प्रभाव होगा ? मेष राशि मेष राशि के जातकों के लिए यह अमावस्या बारहवें भाव को सक्रिय करती है, जो आध्यात्मिकता, अवचेतन मन और पुराने अध्यायों के समापन से जुड़ा होता है। इस समय आप अपने जीवन की गति को थोड़ा धीमा करना चाहेंगे और एकांत में समय बिताने की इ...
केतु गोचर 2025, Ketu gochar 2025, केतु के राशि परिवर्तन का क्या असर होगा १२ राशियों पर, किन राशि वालो को मिलेगा फायदा, किनकी मुसीबतें बढेंगी. क्या सावधानी रखना होगा?. Ketu Gochar 2025 - केतु को छाया ग्रह माना जाता है और वैदिक ज्योतिष में इसका बहुत अधिक महत्त्व है. 18 मई 2025 को शाम में लगभग 05:08 बजे यह सिंह राशि में प्रवेश करेंगे जिसके स्वामी सूर्य हैं. सिंह राशि में केतु शत्रु के माने जाते हैं. वृश्चिक राशि में केतु उच्च के माने जाते हैं और वृषभ राशि में नीच के माने जाते हैं. Ketu Ka Rashi Parivartan 2025 राहु की तरह केतु भी एक रहस्यमयी ग्रह है और यह जीवन के रहस्यों से अवगत करवाता है, पराविज्ञान से अवगत करवाता है. केतु मोक्ष का कारक ग्रह भी माना जाता है. केतु का सम्बन्ध अनेक विषयो से होता है जैसे अध्यात्म, मोक्ष, वैराग्य, ध्यान, साधना, तंत्र-मंत्र, गूढ़ ज्ञान, ज्योतिष, पराविज्ञान, कुंडलिनी जागरण, अलौकिक शक्तियों की ओर झुकाव, पूर्व जन्म, त्याग, भ्रम, त्वचा संबंधी रोग, मानसिक तनाव, असाध्य रोग, अप्रत्याशित घटनाएं आदि । Watch Rashifal On YouTube In...