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Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

Jyotish in Hindi, Hindi Astrology by famous Astrologer, कुंडली का अध्ययन हिंदी में, वैदिक ज्योतिष.

ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे 
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समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है. 
विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है. 
ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है. 
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है. 
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है. 

आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :

  • जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आपके वैवाहिक जीवन के बारे मे ?, कब होगा विवाह, कैसा रहेगा वैवाहिक जीवन, क्यों परेशानी आ रही है वैवाहिक जीवन मे, ज्योतिष के हिसाब से क्या करें सुखी वैवाहिक जीवन के लिए.
  • अगर प्रेम जीवन मे परेशानी आ रही है तो भी आप ज्योतिष के हिसाब से कुंडली मिलवा के जान सकते हैं की क्यों आ रही है प्रेम मे खटास, कैसे बनाए प्रेम को बेहतर, कैसे मजबूत करे संबंधो को. कौन सी पूजा या रत्न शुभ रहेगा प्रेम जीवन के  लिए. 
  • जानिए क्या कहती है कुंडली आपके कामकाजी जीवन के बारे मे, क्यों बॉस खुश नहीं है , क्यों व्यापार नहीं चल रहा है, कब होगा भाग्योदय. 
  • जानिए अपने स्वास्थ्य समस्याओं के ज्योतिषीय कारणों को , जानिए कैसे ग्रह बिगाड़ते हैं जीवन को, जानिए कैसे ठीक कर सकते हैं स्वास्थय को ज्योतिष के उपायों के द्वारा.
  • अगर आप काले जादू से परेशान है तो भी आप ज्योतिष द्वारा मार्ग दर्शन प्राप्त कर सकते हैं. अगर आप नजर दोष से परेशान है , बार बार की कोशिशे भी काम नहीं कर रही है तो जरुर परामर्श ले और दूर करे समस्याओं को ज्योतिष के माध्यम से. 

Shani Pushya Ka Mahattwa In Jyotish

शनि पुष्य योग का महत्त्व हिंदी में, कैसे बनता है शनि पुष्य योग, क्या करे शनि पुष्य को , क्या न करे शनि पुष्य को सफलता प्राप्त करने के लिए. 
शनि पुष्य योग का महत्त्व हिंदी में, कैसे बनता है शनि पुष्य योग, क्या करे शनि पुष्य को , क्या न करे शनि पुष्य को सफलता प्राप्त करने के लिए.
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शनि पुष्य योग एक दुर्लभ योग है जो कभी कभार ही बनता है अतः इस दिन का प्रयोग विशेष पुजायो और टोटको को करने के लिए किया जा सकता है शनि देव को प्रसन्न करने के लिए. हम सभी जानते हैं की पुष्य नक्षत्र बहुत ही महत्त्व रखता है २७ नक्षत्रो में. 

जब पुष्य नक्षत्र शनिवार को आये तो वो दिन “शनि पुष्य योग ” कहलाता है.
वर्ष 2018 में 14 july को शनि पुष्य योग बन रहा है जिससे इस दिन का महत्व्  बहुत बढ़ जाता है क्यूंकि पुष्य का स्वामी है शनि अतः इस दिन हम शनि की शक्ति को बहुत अधिक महसूस कर सकते हैं. 

आइये अब जानते हैं शनि पुष्य योग के महत्त्व को :
  • ये दिन शनि देव को प्रसन्न करने के लिए एक सर्वश्रेष्ठ दिन है.
  • अगर कोई शनि साढ़े साती से या फिर शनि ढईया से ग्रस्त है तो इस दिन शनि शांति पूजा से विशेष लाभ मिल सकता है.
  • इस दिन शनि देव का सरसों के तेल या फिर तिल के तेल से अभिषेक करने से विशेष फल प्राप्त होता है और परेशानियों से छुटकारे के रास्ते खुलते हैं.
  • शनि पुष्य को जरुरतमंदों को कम्बल, लोहे के बर्तन, तिल की मिठाइयाँ, तेल आदि जरुरतमंदो को बांटना चाहिए.
  • शनि पुष्य को शनि मंदिर में दीप दान करने से भी लाभ होगा साथ ही शनि चालीसा का पाठ करे और शनि देव के १०८ नामो का जप करे.
  • शनि पुष्य को बड़ो का आशीर्वाद लेने से भाग्य में वृद्धि होती है.
  • इस दिन जानवरों और अन्य लोगो के लिए जल की व्यवस्था करने से भी पुण्य लाभ लिया जा सकता है.
शनि पुष्य एक पवित्र योग है जब हम सब शुभ कार्यो को करके पुण्य लाभ ले सकते हैं. 

आइये अब जानते हैं किय शनि पुष्य को क्या नहीं करना चाहिए ?

Jivika Sadhan Aur Jyotish

ज्योतिष से जानें जीविका के रहस्य, क्या होगा जीविका क्षेत्र, ज्योतिष की राय: जानें, किस रोजगार में भाग्य देगा साथ, आईये जाने जीविका प्राप्ति के योग ज्योतिष.
ज्योतिष से जानें जीविका के रहस्य, क्या होगा जीविका क्षेत्र, ज्योतिष की राय: जानें, किस रोजगार में भाग्य देगा साथ, आईये जाने जीविका प्राप्ति के योग ज्योतिष.
Jivika Sadhan Aur Jyotish

कुंडली में भाव अनुसार रोजगार जानिए ज्योतिष में:

जीविका साधन का जीवन में बहुत महत्त्व है, सही जीविका मिल जाए तो जीवन आसान हो जाता है परन्तु गलत जीविका चुनने से कई परेशानियाँ जीवन में आने लगती है और सही सफलता भी नहीं मिल पाती है. ज्योतिष में कुंडली के ग्रहों को देखके सही रोजगार को चुनने में सहायता मिलती है. इस लेख में हम देखेंगे की ज्योतिष में रोजगार को कैसे जाना जा सकता है विभिन्न तरीको से. 

आइये देखते हैं की कुंडली का दसवां भाव से रोजगार या जीविका को कैसे जाना जा सकता है:

  1. जब कुंडली के दसवे भाव का स्वामी लग्न में बैठे तो जातक कड़ी मेहनत करने में सक्षम होता है और खुद की मेहनत से जीवन में सफलता प्राप्त करता है. ऐसे लोग व्यापार चला के सफल जीवन व्यतीत कर सकते हैं. 
  2. जब कुंडली के दसवे भाव का स्वामी कुंडली के दुसरे घर में बैठे तो जातक भाग्यवान होता है और वो किसी भी साधन को चुनके सफलता प्राप्त कर सकता है. ऐसे में ये भी देखा गया है की जातक पारिवारिक रोजगार को ही अपनाता है जीवन जीता है. ऐसे में उसके लिए जीवन आसान हो जाता है. 
  3. जब कुंडली के दसवे भाव का स्वामी कुंडली के तीसरे भाव में बैठे तो जातक को अपने भाई या बहन से मदद मिलती है जीविका को अपनाने में. ऐसे जातक अच्छे वक्ता और घुमने के शौक़ीन भी होते हैं. 
  4. जब कुंडली के दसवे भाव का स्वामी चोथे भाव में बैठे तो जातक बहुत भाग्यशाली होता है, नाम, यश, ख्याति आसानी से हासिल कर लेता है. ऐसे लोग राजनीति, खेती, जमीन के कार्य, वाहन से जुड़े व्यापार आदि में सफल देखे जाते हैं ज्योतिष के हिसाब से. 
  5. जब कुंडली के दसवे भाव का स्वामी पांचवे भाव में बैठे तो जातक सट्टे बाजी में सफल हो सकते हैं, इन लोगो के लिए शेयर मार्किट, ट्रेडिंग का कार्य, वित्तीय सम्बन्धी कार्य सफलता के दरवाजे खोल सकते हैं. 
  6. जब कुंडली के दसवे भाव का स्वामी कुंडली के छठे भाव में बैठे तो जातक चिकित्सा सम्बन्धी कार्य, न्याय सम्बन्धी कार्यो में रोजगार प्राप्त करके सफल जीवन जी सकता है. ऐसे लोगो के लिए व्यापार ठीक नहीं होता है, ऐसे लोगो को नौकरी करना चाहिए. 
  7. जब कुंडली के दसवे भाव का स्वामी कुंडली के सातवें भाव में बैठे तो जातक साझेदारी में कार्य करके लाभ ले सकता है. ऐसे जातक का विवाह बाद भाग्योदय होता है और विदेश जाने के योग भी बनते हैं. 
  8. जब कुंडली के दसवे भाव का स्वामी कुंडली के आठवे भाव में बैठे तो जातक को थोड़ी कठिनाई आती है रोजगार में, बाधाओं के साथ जीवन में आगे बढ़ना होता है. जीवन में सफलता के लिए बहुत मेहनत करना होती है. 
  9. जब कुंडली के दसवे भाव का स्वामी कुंडली के नवें भाव में बैठे तो जातक एक अच्छा सलाहकार बन सकता है, ऐसे जातक अध्यात्मिक जीवन में भी काफी आगे बढ़ पाते हैं और कई बार अध्यात्मिक कार्यो को करके जीवन व्यापन करते हैं. 
  10. जब कुंडली के दसवे भाव का स्वामी कुंडली के दसवें भाव में बैठे तो जातक अपना खुद का कोई कार्य करके अपार सफलता प्राप्त करता है. 
  11. जब कुंडली के दसवे भाव का स्वामी कुंडली के ग्यारहवें भाव में बैठे तो जातक बड़ा कारखाना डालने की योग्यता रखता है और अपने ज्ञान और कर्म के द्वारा काफी ख्याति अर्जित करता है. 
  12. जब कुंडली के दसवे भाव का स्वामी कुंडली के बारहवें भाव में बैठे तो जातक को जीवन में कुछ परेशानियों के साथ आगे बढ़ना होता है. बदकिस्मती कई बार बनते कार्यो को बिगाड़ देता हैं परन्तु जातक अपनी कड़ी मेहनत से अपना जीवन बदलने में सक्षम होता है. 
ज्योतिष से जानिए कौन सा रोजगार और जीविका में आप सफलता प्राप्त कर सकते हैं. कैसे पा सकते हैं अपार सफलता जीवन में ज्योतिष के हिसाब से, कौन सी पूजा आपके लिए शुभ है, कौन सा रत्न आपके सफलता के द्वार खोलेगी.
ज्योतिष से जानें जीविका के रहस्य, क्या होगा जीविका क्षेत्र, ज्योतिष की राय: जानें, किस रोजगार में भाग्य देगा साथ, आईये जाने जीविका प्राप्ति के योग ज्योतिष.


आइये अब जानते हैं जीविका के साधन के बारे में कुंडली के विभिन्न भावों के अनुसार:

कुंडली का हर घर अलग अलग कार्यो से जुड़ा है, जीविका या फिर रोजगार को चुनने से पहले ज्योतिष में भावो का अध्ययन भी किया जाता है. 
  1. कुंडली का पहला घर : इस घर को लग्न भी कहते हैं और इस घर के स्वामी की स्थिति और स्थान के अनुसार जीवन में बहुत कुछ घटित होता है. ये भाव हमारे दिमाग से सम्बन्ध रखता है अतः अगर लग्नेश शक्तिशाली हो तो जातक को व्यापारी बना सकता है, सफल राजनीतिज्ञ बना सकता है, सलाहकार बना सकता है, गुरु बना सकता है. 
  2. कुंडली का दूसरा घर : ये भाव लाभ भाव भी कहलाता है और अगर इस घर का स्वामी अच्छी स्थिति में हो तो जातक एकाउंटिंग, निवेश, बैंकिंग, लेखक आदि के क्षेत्र में जाके सफल रोजगार प्राप्त कर सकते हैं. 
  3. कुंडली का तीसरा घर और जीविका: ज्योतिष के हिसाब से अगर कुंडली का तीसरा घर शक्तिशाली हो तो जातक रचनात्मक होता है और ऐसे ही कार्यो में सफल होता है जैसे कला, सेल्स, विज्ञापन, आदि. 
  4. कुंडली का चौथा घर और जीविका: ये भाव जातक के खुशियों से जुड़ा है, आराम से जुड़ा है अतः अगर ये भाव मजबूत हो तो जातक जमीन सम्बंधित कार्यो में सफल हो सकता है, गाड़ी सम्बंधित कार्य कर सकता है, खेती, जल सम्बंधित कार्यो को कर सकता है. 
  5. कुंडली का पांचवा घर और जीविका:ये भाव ज्ञान से जुड़ा है और अगर ये भाव अच्छा है तो तो जातक को शिक्षा के क्षेत्र में रोजगार लेके सफलता हासिल करना चाहिए, ऐसे जातक राजनीति, सलाहकारी आदि क्षेत्र में भी जा सकते हैं. 
  6. कुंडली का छठा घर और जीविका: ये भाव का स्वामी अगर शक्तिशाली हो या फिर ये घर अगर शक्तिशाली हो तो जातक रक्षा सेवाओं जैसे फ़ौज, पुलिस, जल सेना, चिकित्सा क्षेत्र, भोअजन सम्बंधित क्षेत्र, अंडर गारमेंट्स के क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं. 
  7. कुंडली का सातवां घर और जीविका: ज्योतिष के हिसाब से अगर कुंडली का सातवां घर मजबूत हो तो जातक साझेदारी के कार्यो में सफलता प्राप्त कर सकता है, ट्रेडिंग कर सकता है, आयात और निर्यात आदि के कार्यो को कर सकता है. 
  8. कुंडली का आठवां घर और जीविका : अगर कुंडली का आठवां घर शक्तिशाली हो तो जातक बीमा क्षेत्र चिकित्सा क्षेत्र, यौन इंडस्ट्री में सफल कार्य कर सकता है. 
  9. कुंडली का नौवां घर और जीविका : अगर कुंडली का नौवां घर शक्तिशाली हो तो जातक को विदेश में सफलता मिल सकती है, जातक अध्यात्मिक कार्यो से भी जीविका कम सकता है, शिक्षा क्षेत्र में भी सफलता प्राप्त कर सकता है. 
  10. कुंडली का दसवां घर और जीविका : ज्योतिष के हिसाब से कुंडली का दसवां भाव अगर मजबूत हो तो जातक सरकारी नौकरी प्राप्त कर सकता है, राजनीति में जा सकता है, पैतृक कार्य भी कर सकता है, किसी कंपनी में मैनेजमेंट में रहके कार्य कर सकता है.
  11. कुंडली का ग्यारहवां घर और जीविका : अगर कुंडली में ये भाव मजबूत हो तो जातक व्यापार में सफल हो सकता है, ट्रेडिंग के कार्यो में सफल हो सकता है, वो एक से अधिक कार्यो को करके भी जीविका कम सकता है. 
  12. कुंडली का बारहवां घर और जीविका :ज्योतिष के हिसाब से अगर ये भाव शक्तिशाली हो तो जातक विदेश में सफ़ल हो सकता है, घुमने फिरने के कार्यो को कर सकता है, जासूसी में जा सकता है, किसी NGO के साथ जुड़ सकता है. 
अतः रोजगार निर्णय में कुंडली का बहुत महत्त्व है. 
इसी प्रकार कुंडली में ग्रहों की स्थिति और शक्ति का अध्ययन भी जीविका चुनने में मदद करता है. 

आइये जानते हैं कुंडली में ग्रहों को देखके कैसे रोजगार या जीविका चुन सकते हैं:

Chandra Grahan Ka Mahattwa In Hindi

Chandra Grahan Ka Mahattwa In Hindi, क्या करे चन्द्र ग्रहण के समय, क्या न करे ग्रहण के समय, जानिए कैसे बनाए जीवन को सुखी ग्रहण काल में.
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ग्रहण देखा जाए तो ठीक नहीं माना जाता है विज्ञान के हिसाब से क्यूंकि इस समय हानिकारक किरणे निकलती है जिससे की वातावरण दूषित होता है और जो लोग इसके संपर्क में ज्यादा आते हैं उनको कई प्रकार के समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. अतः ये सलाह दी जाती है की ग्रहण काल में बहार ना निकला करे.
परन्तु इसका एक दूसरा बहुत ही अच्छा पक्ष है और वो ये की ग्रहण काल में की गई साधना शीघ्र फल प्रदान करती है, मंत्र सिद्धी, यन्त्र सिद्धी, तंत्र सिद्धी के लिए इससे ज्यादा अच्छा समय नहीं होता है. यही कारण है की विद्वान् लोग, तांत्रिक, मान्त्रिक और अन्य साधक ग्रहण का इन्तेजार लम्बे समय तक करते हैं.
वैदिक ज्योतिष के हिसाब से चन्द्र का सम्बन्ध माता से होता है, मन से होता है, ठंडक से होता है, स्वप्न से होता है आदि. कर्क राशि का स्वामी है चन्द्र और चांदी इससे सम्बंधित धातु है.
देखा जाए तो चन्द्र का सम्बन्ध भावना से बहुत ज्यादा होता है इसी कारण जिनके कुंडली में चन्द्र खराब हो या कमजोर हो वो लोग भावनात्मक समस्याओं से ग्रस्त नजर आते है, बीमारियों से ग्रस्त नजर आते हैं आदि.

चन्द्र ग्रहण के समय क्या करना चाहिए ?

  • विद्वानों के हिसाब से ग्रहण काल में राहू और केतु की शक्ति बहुत बढ़ जाती है और यही वो ग्रह है जो की अचानक से लाभ देने मे सक्षम है, सिद्धियाँ देने में सक्षम है और इसी कारण शीघ्र परिणाम के लिए ग्रहण काल के समय पूजा पाठ , मंत्र जाप अनुष्ठान करने की सलाह दी जाती है. 
  • इसी कारण अगर किसी को समंधो को सुधारना है तो चन्द्र ग्रहण के समय पूजा और प्रार्थना करनी चाहिए.
  • अगर किसी को स्वास्थय से सम्बंधित समस्या है तो रोगमुक्ति पूजा करनी चाहिए. 
  • अगर किसी को धन की चाहत है तो लक्ष्मी साधना करनी चाहिए ग्रहण के समय.
  • अगर किसी को किसी विशेष देवी या देवता को प्रसन्न करना है तो सम्बंधित मंत्र का जप करना चाहिए.
  • अगर किसी को नाम चाहिए, सम्मान चाहिए तो ये सुनहरा समय है अनुष्ठान करने के लिए
  • यन्त्र सिद्धी हेतु भी समय सिद्ध है.
  • शिवजी के भक्त पंचाक्षरी मंत्र का जप कर सकते हैं.
  • विष्णु जी के भक्त “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप कर सकते हैं.
  • दुर्गा जी के भक्त दुर्गा मंत्र का जप कर सकते हैं.
  • गुरु से दीक्षित लोग गुरु मंत्र का जप कर सकते हैं.
  • इस दिन और रात को उपवास करना भी शुभ रहता है.
अतः सभी लोग अपने हिसाब से जरुरत के हिसाब से मंत्र चुनकर जप कर सकते हैं.

क्या ना करे चन्द्र ग्रहण के समय?

Chandra Grahan Hai Guru Poornima Ko 27 july 2018 Ko

२०१८ में  27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर चन्द्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव जानिए, कब लगेगा चन्द्र ग्रहण, क्या करे चन्द्र ग्रहण में, ज्योतिष उपाय सुखी जीवन के लिए.
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Chandra Grahan Hai Guru Poornima Ko 27 july 2018 Ko

गुरु पूर्णिमा में चन्द्र ग्रहण, क्या करे सुखी जीवन के लिए ग्रहण में.
  • चन्द्र ग्रहण शुरू होगा रात्रि को 11:39 PM पर 
  • चन्द्र ग्रहण समाप्त होगा रात्रि को 3:35 AM पर 
  • ग्रहण का सूतक शुरू होगा 27जुलाई २०१८ , शुक्रवार को दोपहर 2:30 PM पे.

आइये देखते है कौन सी राशीयो के लिए चन्द्र ग्रहण शुभ है और कौन सी राशियों के लिए अशुभ:


  1. मकर और कुम्भ राशी वालो को बहुत सावधानी रखने की जरुरत है.
  2. वृषभ, कन्या और धनु राशी वालो के ऊपर ज्यादा असर नहीं होगा चन्द्र ग्रहण का.
  3. मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि वालो के लिए ये ग्रहण शुभ फलदाई होगा.

ग्रहण काल में कोई भी यात्रा या शुभ कार्य नहीं करना चाहिए और पूरा समय ज्यादा से ज्यादा मंत्र जप, ध्यान, पूजा आदि में गुजारना चाहिए.

अतः अध्यात्मिक अभ्यास करे चन्द्र ग्रहण में और सफलता को खींचिए अपनी और.

ग्रहण के समय की गई पूजा पाठ, तंत्र, मंत्र साधनाएं बहुत जल्दी फल देती है अतः इस समय का सदुपयोग करना चाहिए.
और ग्रहण से सम्बंधित लेख पढ़े: 
चन्द्र ग्रहण का महत्त्व 

२०१८ में  27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर चन्द्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव जानिए, कब लगेगा चन्द्र ग्रहण, क्या करे चन्द्र ग्रहण में, ज्योतिष उपाय सुखी जीवन के लिए.

Kale Jadu Ka Parinaam

Kale Jadu Ka Parinaam, जानिए क्या होता है जब किसी पर काला जादू का प्रयोग होता है, जानिए क्या अंतर है कला जादू और सकारात्मक पूजाओ में. 
Kale Jadu Ka Parinaam, जानिए क्या होता है जब किसी पर काला जादू का प्रयोग होता है, जानिए क्या अंतर है कला जादू और सकारात्मक पूजाओ में.
Kale Jadu Ka Parinaam
काले जादू का क्या परिणाम होता है?
इन दिनों काले जादू से सम्बंधित बहुत सी खबरे सुनने को मिल रही है | ऐसे बहुत से लोग है जो की अपने इच्छाओं की पूर्ति हेतु किसी भी हद तक जाने को तैयार होते हैं बिना ये जाने की उसका परिणाम बाद में क्या हो सकता है| कुछ लोग दुसरो को नियंत्रित करना चाहते हैं, कुछ लोग दुसरो को नुक्सान पहुचाना चाहते हैं, कुछ लोग मन पसंद साथी के साथ काम क्रीड़ा करना चाहते हैं, कुछ नौकरी में उन्नति चाहते हैं, कुछ समाज में सम्मान चाहते आदि. अपेक्षाओं का तो कोई अंत नहीं है परन्तु जब ये अपेक्षाएं पागलपन की हद तक बढ़ जाती है और अहंकार के साथ जुड़ जाती है तो व्यक्ति अपने इच्छाओ को पूरा करने के लिए कोई भी कदम उठा लेता है. 
देखा जाए तो पूर्ण रूप से स्वार्थी व्यक्ति काले जादू का प्रयोग करने से नहीं चुकता है अपने इच्छाओ को पूरा करने के लिए. 

आइये जानते हैं काले जादू का परिणाम:

काले जादू को अलग अलग नामो से जाना जाता है विश्व के अलग अलग स्थानों में जैसे वुडू मैजिक, हेक्स, टोना टोटका, चुड़ेल और डायन के प्रयोग आदि. इन सब प्रयोग को करने वाले अधिकतर लोगो को इसके परिणाम की जानकारी नहीं होती है. नकारात्मक उर्जाव का स्तेमाल प्रयोगकरता को एक एक ऐसी अँधेरी दूनिया में ले जाती है जहाँ से वापस सबकुछ ठीक करना बहुत मुश्किल हो जाता है.

ज्योतिष होने के कारण दूनिया के विभिन्न कोनो से मेरे पास ऐसे बहुत से कॉल आते हैं जिसमे लोग अपने आपको काले जादू के प्रयोग के बाद फंसते हुए देखा है. लोग अपने बचाव के उपाय जानना चाहते हैं.

ये बात हमेशा ध्यान रखना चाहिए की बुरी शक्तियों से अच्छाई की उम्मीद करना ठीक नहीं है. अगर कोई बुरी शक्तियों से कुछ चाहता है तो बदले में कुछ देना होता है जो वो चाहते हैं, अगर प्रयोगकरता उसकी इच्छा पूरी न कर पायें तो फिर विभिन्न प्रकार की परेशानियों से गुजरना होता है |

कला जादू, वुडू मैजिक आदि में भूत, प्रेत, और अन्य शैतानी शक्तियों का स्तेमाल होता है जो की खुद ही संतुष्ट नहीं रहते हैं इसीलिए भटकते रहते हैं इस ब्रह्माण्ड में. ऐसे में उनसे काम लेना कोई बुद्धिमानी नहीं है. 

आइये जानते हैं की कला जादू और सात्विक पूजाओ में क्या अंतर होता है?

इन दोनों में बहुत अंतर है. काले जादू में नकारात्मक उर्जाव को विवश किया जाता है की कार्यो को करे और इसके लिए विभिन्न प्रकार के मंत्रो का प्रयोग होता है. जबकि सात्विक पूजाओ में देविक शक्तियों से प्रार्थनाएं की जाती है की मदद करे. इसी कारण काले जादू के प्रयोग में हानि होती है परन्तु देविक कृपा से कभी हानि नहीं होती है. 
अतः काले जादू के परिणाम भयानक होते हैं. इसका प्रयोग करने से बचना चाहिए.

आज दुनिया में ऐसे बहुत से जगह है, घर है, वस्तुएं हैं जो की उपरी बाधा से ग्रस्त है या यूँ कहे की श्रापित हैं. आज ये जगह वीरान हो चुके हैं, यहाँ ज्यादा देर तक रुकना संभव नहीं होता है.

कला जादू की सहायता लेने के लिए लोग तांत्रिक, बाबा, ज्योतिष से संपर्क करते हैं जो की बदले में बहुत कुछ चाहते हैं. अतः देखा जाए तो वो भी लालच के अधीन हैं अतः वो भी सही राय नहीं दे पाते हैं.

एक अच्छा ज्योतिष कभी भी अपने जजमान को गलत राह नहीं दिखाता है और खतरे में पड़ने नहीं देता है. अतः हमेशा अच्छे ज्योतिश से संपर्क करे और काले जादू के प्रयोग से बचें |

जानिए भाग्य की सच्चाई:

ये एक सच है की हम सभी का एक भाग्य है और हमारा जीवन भाग्य के अनुरूप ही चलता है. वैदिक ज्योतिष द्वारा कुंडली देख के भाग्य को जाना जाता है और फिर समस्याओं का समाधान निकाला जाता है जो की हानिकारक नहीं होते हैं.  
काले जादू का उपयोग ईर्ष्या, क्रोध, नफरत में किया जाता है और  रिश्तेदारों, दोस्तों और सहयोगियों को नुकसान पहुंचाने के लिए लोग साधारणतः करते आये हैं। 

काले जादू और कब्जे के लक्षण:

2018 Sawan Mahine Ka Mahattw

2018 Sawan Mahine Ka Mahattw, ज्योतिष के अनुसार सावन महीने में क्या करे सफलता के लिए, श्रावण सोमवारों की तारीख और महाकाल साही सवारी की तारीख, मुख्य त्यौहार जो आ रहे है २०१८ श्रावण महीने में.
2018 Sawan Mahine Ka Mahattw, ज्योतिष के अनुसार सावन महीने में क्या करे सफलता के लिए, श्रावण सोमवारों की तारीख और महाकाल साही सवारी की तारीख, मुख्य त्यौहार जो आ रहे है २०१८ श्रावण महीने में.
2018 Sawan Mahine Ka Mahattw
वर्ष 2018 श्रावण महिना २८ जुलाई शनिवार से शुरू हो रहा है और 26 अगस्त रविवार को ख़त्म होगा, इस बार सावन महिना पुरे ३० दोनों का होगा और साथ ही अनेक महत्त्वपूर्ण त्यौहार भी आ रहे है इस बार सावन महीने में. ज्योतिष के हिसाब से श्रवण महिना भगवान् शिव का महिना है और इसी कारण लोग सावन के महीने में भगवान् शिव को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न प्रकार की पूजाएँ करते हैं.

आइये जानते हैं 2018 में सावन सोमवारों की तारीखे: 

  1. पहला श्रवण सोमवार ३० जुलाई को रहेगा इसी दिन उजैन में बाबा महाकाल की पहली सवारी निकलेगी.
  2. दूसरा सावन सोमवार ६ अगस्त २०१८ को है जब महाकाल बाबा की दूसरी सवारी उज्जैन में निकलेगी.
  3. तीसरा श्रावण सोमवार १३ अगस्त को है और इस दिन निकलेगी महाकाल की तीसरी सवारी.
  4. चौथा सावन सोमवार २० अगस्त को है और इस दिन बाबा की चौथी सवारी निकलेगी. 
नोट : उज्जैन में हर सावन सोमवार को बाबा की सवारी निकलती है हर साल और साथ ही एक साही सवारी भी निकलती है जिसमे देश-विदेश के भक्त गण शामिल होते हैं.

आइये अब जानते हैं की २०१८ में सावन महिने में कौन कौन से त्यौहार आ रहे हैं:

हर त्यौहार का ज्योतिषी महत्त्व है क्यूंकि इन दिनों में जीवन में से समस्याओं को कम करने हेतु पूजा पाठ होते हैं. मंगला गौरी व्रत और गणेश चतुर्थी ३१ जुलाई मंगलवार को है. ये एक महत्त्वपूर्ण दिन है भगवती और गणेशजी को पूजने का. ये एक ही दिन सावन के महीने में आ रहे है. 
  1. कामिका एकादशी और मंगला गौरी व्रत ७ अगस्त, मंगलवार को आ रहा है. ये एक महत्त्वपूर्ण दिन है भगवान् विष्णु और भगवती को पूजने के लिए. 
  2. प्रदोष व्रत 9 अगस्त को है, भगवान् शिव की पूजा का विशेष दिन.
  3. हरयाली अमावस्या ११ अगस्त शनिवार को आ रहा है जिसे की “हरयाली शनिश्चरी अमावस्या” भी कहते हैं. इस दिन पितृ दोष, कला जादू, शनि सादे साती आदि की समस्या से निजात पाने हेतु क्रियाएं होती है. 
  4. गणेश चतुर्थी और मंगला गौरी व्रत १४ अगस्त को आ रहा है.
  5. नाग पंचमी १५ अगस्त २०१८ को आ रही है, एक बहुत ही माहत्त्व्पूर्ण दिन जब कालसर्प दोष के निवारण हेतु पूजाएँ होती है.