Santan Prapti Yoga Kundli Mai In Hindi

कुंडली में संतान प्राप्ति योग, कुंडली में कैसे जाने संतान सुख के बारे में, क्या करे स्वस्थ संतान प्राप्ति के लिए ज्योतिष के अनुसार, संतान प्राप्ति में बाधा और समाधान ज्योतिष द्वारा. Santan yoga in kundli, hindi jyotish to know about santan problems remedies.
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जीवन में विवाह उपरान्त संतान का होना एक महात्वपूर्ण घटना होती है, ये पति और पत्नी को एक नई दृष्टि प्रदान करती है और जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाती है. ऐसे बहुत से लोग है जो संतान सुख से वंचित है और संतान प्राप्ति के लिए खूब जातन करते हैं परन्तु सफल नहीं हो पा रहे हैं. 

इसका कारण ज्योतिष द्वारा पता लगाया जा सकता है. कुंडली हमारे जीवन का आइना है अतः इसके द्वारा हम बहुत कुछ जान सकते हैं. कुंडली में 12 भाव होते हैं और सभी अलग अलग विषय से जुड़े है जिनका अध्यन कई रहस्यों से पर्दा उठा देता है जो की उन्सुल्झे है. संतान नहीं होने के कारण भी ज्योतिष द्वारा जाना जा सकता है. 

इस लेख में संतान समस्या के कारण और समाधान पर प्रकाश डाला जा रहा है. क्यों आती है है समस्याए संतान प्राप्ति में, क्यों होता है गर्भपात , कैसे प्राप्त करे स्वस्थ संतान.

जीवन में संतान का महत्व :

Santan Mai Deri Ke Jyotishiy Karan Aur Samadhan

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एक सुन्दर, स्वस्थ संतान की चाह हर दंपत्ति को होती है परन्तु कुछ लोगो को इसमे बहुत परेशानी होती है, समय पर संतान न होना कई परेशानियों को जन्म देता है. कुछ दंपत्ति तो पूर्ण रूप से काबिल होने के बावजूद भी संतान लाभ से वंचित रह जाते हैं , इसके कई कारण हो सकते हैं परन्तु उन सिर्फ ज्योतिष द्वारा ही जाना जा सकता है. 
कुंडली में ग्रहों को देखकर बहुत कुछ जाना जाता है जो की ऊपर से नहीं दीखता है. 

आइये जानते हैं कुछ कारण जिससे की संतान प्राप्ति में देरी होती है :
1. अगर विवाह में गुण मिलन में अंक कम मिल रहे हो तो विशेषकर अगर भकूट दोष हो तो संतान समस्या आ सकती है.
2. अगर कुंडली का संतान भाव दूषित हो तो भी संतान होने में देरी हो सकती है.
3. कई बार काले जादू के कारण किसी महिला की कोख बाँध दी जाती है जिसके कारण भी संतान नहीं हो पाती है सभी काबिलियत होने के बावजूद भी.
4. कुछ लोग सर्प श्राप के कारण भी संतान हीन रहते हैं.
5. कुछ लोग पितृ श्राप के कारण भी संतान नहीं होने से दुखी रहते हैं.
6. कुछ लोग माता श्राप से भी ग्रस्त रहते हैं जिससे संतान होने मे देरी होती है.
7. कई बार कमजोर ग्रहों की स्थिति के कारण भी संतान होने में परेशानी होती है.
8. अगर कुल देवी या कुल देवता का आशीर्वाद प्राप्त न हो तो भी व्यक्ति को संतान की समस्या का सामना करना होता है.
9. कुछ महिलायें नजर दोष के कारण भी संतान समस्या का सामना करते हैं. 
अतः अगर आप भी संतान नहीं होने से परेशान है तो किसी अच्छे ज्योतिष से सलाह लेके पूजा पाठ करके शुभ और मंगलमय जीवन व्यतित कर सकते हैं. 

आइये अब जानते हैं कुछ आसान उपाय संतान के लिए :

भारतीय ज्योतिष की शक्ति | Power of Indian Astrology

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ज्योतिष अपने आप में एक रहस्यमय विषय है | जो इसके बारे में जानते है वो इस विषय का लाभ लेकर जीवन में उंचाइयो को छूते हैं।  ज्योतिष के द्वारा ग्रहों के खेल को समझा जाता है, ज्योतिष के द्वारा ग्रहों का प्रभाव हमारे जीवन में कैसा रहेगा, ये देखा जाता है।
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ज्योतिष को वेदों कि आँखें भी कहा जाता है।  ऐसा कहा गया है "ज्योतिष वेदानां चक्षुः ". ज्योतिष के द्वारा भूत, भविष्य और वर्तमान के बारे में जाना जाता है।  

किसी के जीवन में कब अच्छा समय आयेगा, कब बुरा समय आयेगा, कब भाग्योदय होगा, कब विवाह होगा, क्या करना चाहिए , कब करना चाहिए आदि का ज्ञान बड़ी ही आसानी से पता लगा लिया जाता है।  

ज्योतिष के बारे में गलत फहमी :

Magical Power of Shree Yantra | श्री यन्त्र की चमत्कारी शक्ति |

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श्री यन्त्र की रचना मानव जाती के लिए एक वरदान है. हमारे भारत के महान ऋषि मुनियों की अद्भुत रचना है श्री यन्त्र. एक सिद्ध श्री यन्त्र अगर किसी जगह स्तापित कर दिया जाए तो वो अपने आसपास के जगह को भी उर्जा से परिपूर्ण कर देता है. 
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श्री यन्त्र को यंत्रों का रजा कहा जाता है ,इच्छाओं को पूर्ण करने के लिए ये एक सशक्त माध्यम है. इसी साधना से धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति निश्चित ही प्राप्त होती है. 
अगर कोई नियम से रोज श्री यन्त्र की पूजा करे तो धन, समपन्नता , मान – सम्मान, ख़ुशी, सुख, शान्ति सब कुछ आदमी के कदम चूमेगी, इसमे कोई शक नहीं है. 

श्री यन्त्र के अभिषेक का जल ग्रहण करने पर असाध्य कष्टों से भी मुक्ति संभव है. 

श्री यन्त्र के बारे में कुछ विशेष जानकारियाँ पढिये:
1. इस यन्त्र में सम्पूर्ण ब्रहमांड समाया हुआ है.
2. इसके अनेक प्रकार है जैसे ताम्बे के श्री यन्त्र, चांदी के श्री यन्त्र, सोने के श्री यन्त्र, सुमेरु श्री यन्त्र, कछाप श्री यन्त्र आदि. 
3. अगर कहीं पर भी अभिमंत्रित श्री यन्त्र की स्थापना कर दी जाए तो वहां पर सम्पन्नता अवश्य आ जाएगी. 
4. इसे यंत्रों के राजा होने का ख़िताब मिला है. 
5. किसी भी प्रकार की मनोकामना को पूरा किया जा सकता है इसकी अराधना से.
6. ये ऊर्जा का भण्डार है.

कैसे करें श्री यन्त्र की पूजा :
पहले श्री यन्त्र की पंचोपचार पूजा करे फिर निम्न मंत्र का जप करे—
“ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये 
प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मये नमः ”

पंचोपचार पूजा की विधि:

Angarak Yoga In Hindi

Angarak Yoga In Hindi, अंगारक योग क्या होता है और इससे कैसे मुक्ति पायें, क्या प्रभाव होता है अंगारक योग का जीवन में, कुछ आसान तरीके अंगारक योग के दुष्प्रभाव को कम करने के.
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ज्योतिष में अंगारक योग एक कष्टकारी योग है जिसके कारण व्यक्ति को जीवन में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, साधारणतः लोग इस योग के बारे में कम जानते है परन्तु जो लोग इससे ग्रस्त है वही लोग इसके परिणाम से वाकिफ है. कुछ लोगो को तो पता ही नहीं होता है की अंगारक योग के कारण वो परेशान है जीवन में. अतः ज्योतिष संसार के इस लेख में आपको अंगारक योग की जानकारी देने जा रहे हैं. जो निश्चित ही सभी के लिए उपयोगी सिद्ध होगी.

क्या है अंगारक योग?
ये योग कुंडली में तब बनता है जब राहू और मंगल किसी भाव में साथ में बैठ जाएँ. परन्तु ये और भी कई तरीके से बनता है, ये योग बहुत घातक हो सकता है जब कुंडली में राहू और मंगल दोनों ही शत्रु राशि के हो , उस स्थिति में जातक को मृत्यु तुल्य कष्ट भी उठाना पड़ सकता है , इस योग के कारण जीवन में दुर्घटनाएं बहुत होती है और जातक परेशान रहता है, जिस भाव में कुंडली के ये होता है उस से सम्बंधित विषय में तो व्यक्ति को गहन परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. 

कुछ लोगों की कुंडलियों को देखने से पाया गया ही राहू में मंगल के अन्तर के समय उनको सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा.

यही नहीं कुछ लोग की कुंडली में जिनका गण राक्षस था उन्हें तो नकारात्मक ऊर्जा के कारण भी परेशानियों का सामना करना पड़ा .

कई बार रोगी को दवाइयां लग्न बंद हो जाती है और कारण समझ नहीं आता , कई बार व्यक्ति का व्यापार चोपट हो जाता है , नौकरी चली जाती है और कारण समझ नहीं आता, ऐसे में ज्योतिष से परामर्श लेना चाहिए , एक अच्छा ज्योतिष आपको सही सलाह दे सकता है की किस कारण से ये घटना घट रही है और इसे कैसे दूर कर सकते हैं. 

आइये कुछ परिणाम देखते हैं जो की व्यक्ति को भोगने पड़ सकते हैं अंगारक योग के कारण :

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