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Ganga Duhera Ka Mahatwa In Hindi

Ganga Duhera Ka Mahatwa In Hindi, जानिए गंगा दुशहेरा के विषय में, क्यों मनाते हैं गंगा दुष्मी, २०१५ के गंगा दशेरा का महत्तव .
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भारत में एक विशेष त्यौहार हर साल बड़े जोश से मनाया जाता है माँ गंगा की याद में. हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार गंगा एक पवित्र नदी है जो की पापों से लोगो को मुक्त करती है. इसे पापनाशिनी कहा गया है शास्त्रों में.

हिन्दुओं का ये अटूट विश्वास है की इस पवित्र दिन में अगर कोई गंगा में स्नान और दुबकी लगता है साथ ही पूजा करता है तो वो समस्त पापों से मुक्त हो जाता है और मुक्ति प्राप्त करता है.

गंगा दुशहरा को गंगा दशमी के नाम से भी जानते हैं और ये ज्येष्ठ मास में शुक्ल पक्ष के दशमी तिथि को मनाया जाता है.

इस दिन गंगा का अवतरण धरती पर हुआ था भागीरथ जी के अथक प्रयास के कारण, इसी कारण गंगा को भागीरथी भी कहा जाता है.

जहां जहां गंगा नदी बहती है वहां लोग गंगा घाट पर इकटठा होते हैं और पवित्र स्नान के बाद पूजा पाठ करते हैं, सिर्फ यही नहीं जहा अन्य नदियाँ है वहां भी लोग माँ गंगा का स्मरण करके स्नान और पाठ पूजा करते हैं.
धार्मिक तीर्थ स्थल जैसे हरिद्वार, वाराणसी, ऋषिकेश, अल्लाहाबाद में तो मेले जैसा वातावरण होता है और लाखो श्रद्धालु इस दिन माँ गंगा का आशीर्वाद लेने आते हैं.

लोग पवित्र स्नान के बाद पूजा करके ब्राह्मणों का आशीर्वाद लेते हैं और यथा शक्ति दान भी करते हैं. लोग गंगाजल घर पर भी रखते हैं , ऐसी मान्यता है की इससे बुरी शक्तियों का असर घर पर नहीं होता है.
गंगा दश्हेरा के अवसर पर भक्त लोग नदी किनारे इकटठा होक भजन गाते हैं मंत्र जपते हैं , माँ गंगा की आरती करते हैं, दीप दान करते हैं और माँ को फल, फूल दक्षिणा भेट करते हैं.
वास्तव में गंगा दुशेरा 10 दिनों तक मनाया जाता है और इसकी शुरुआत ज्येष्ठ मास की अमावस्या को होती है.
आइये अब जानते हैं की २०१५ की गंगा दशहेरा का ज्योतिषीय महत्तव:

Hum Kaise Durbhagya Ko Akarshit Karte Hain

Hum Kaise Durbhagya Ko Akarshit Karte Hain, कैसे कार्य दुर्भाग्य को जन्म देते हैं, कैसे हम अपने जीवन में रुकावटों को जन्म देते हैं.
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साधारणतः हम लोग अपने जीवन में मौजूद रुकावटों को लेके रोते रहते हैं, हम हमेशा शिकायत करते रहते हैं की जीवन संघर्षो से भरा है, आज ये परेशानी है , कल ये होगा, कैसे जिएंगे आदि. परन्तु ऐसी बहुत सी समस्याएं हैं जो की हम अपने की आदतों के कारण पैदा कर लेते हैं.

इस लेख में आपको कुछ ऐसे ही आदतों की जानकारी देंगे जिसके कारण हम अनजाने में दुर्भाग्य को जन्म देते हैं. कुछ आदतें नकारात्मक उर्जाओं के लिए निमंत्रण का काम करती हैं और दुर्भाग्य, मुश्किलों को जन्म देती हैं. अतः जानकारी से बचाओ संभव है.

अगर आप एक सफल जीवन जीना चाहते हैं, अगर आपका सपना है एक सफल व्यक्ति बनने का, अगर आप एक सरल और सच्चा जीवन जीना चाहते हैं तो ये लेख आपकी जरुर मदद करेगा.

आइये देखते हैं कैसे कुछ आदतें दुर्भाग्य को जन्म देते हैं?

भारतीय ज्योतिष की शक्ति | Power of Indian Astrology

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ज्योतिष अपने आप में एक रहस्यमय विषय है | जो इसके बारे में जानते है वो इस विषय का लाभ लेकर जीवन में उंचाइयो को छूते हैं।  ज्योतिष के द्वारा ग्रहों के खेल को समझा जाता है, ज्योतिष के द्वारा ग्रहों का प्रभाव हमारे जीवन में कैसा रहेगा, ये देखा जाता है।
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Why Vedic Jyotish
ज्योतिष को वेदों कि आँखें भी कहा जाता है।  ऐसा कहा गया है "ज्योतिष वेदानां चक्षुः ". ज्योतिष के द्वारा भूत, भविष्य और वर्तमान के बारे में जाना जाता है।  

किसी के जीवन में कब अच्छा समय आयेगा, कब बुरा समय आयेगा, कब भाग्योदय होगा, कब विवाह होगा, क्या करना चाहिए , कब करना चाहिए आदि का ज्ञान बड़ी ही आसानी से पता लगा लिया जाता है।  

ज्योतिष के बारे में गलत फहमी :

Pyaaj Swasthya Ke liye In Hindi

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Pyaj ke prayog

सब्जियों में एक सब्जी ऐसी है जिसका प्रयोग पूरी दुनिया में बहुतायत से होता है और जो की दिमाग और शारीर को स्वस्थ रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, प्याज हमे कई बीमारियों से बचाता है.

प्याज को अंग्रेजी में “ONION” कहते हैं. ये सभी के लिए लाभदायक है और पौषक तत्त्वों से भरपुर  है. प्याज हमे कई प्रकार के रोगों से बचाता है, कोलेस्ट्रोल नियंत्रित रखता है, प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ रखता है, प्राकृतिक एंटी बायोटिक है.

प्याज का प्रयोग पुरे विश्व में अलग अलग तरीके से होता है जैसे :
1.    इसका स्तेमाल खाना बनाने में किया जाता है, इससे सब्जियों का जयका बढ़ता है.
2.    सलाद के रूप में भी कच्चे प्याज का स्तेमाल बहुत होता है.
3.    गर्मियों के दिनों में इसे जेब में रखके लोग स्तेमाल करते हैं, इससे लू का प्रकोप नहीं होता है.
4.    ज्योतिष और जानकार लोग प्याज का स्तेमाल कई प्रकार के टोटके करने में भी करते हैं.

आइये जानते हैं की प्याज में कौन कौन से पौषक तत्त्व पाए जाते हैं?
प्याज बहुत ही अच्छा स्त्रोत है बायोटिन का, मैंगनीज का, तम्बा का, विटामिन्स का, फाइबर्स का, फॉस्फोरस का, पोटैशियम का फोलेट आदि का. अतः सलाहकार सलाह देते हैं की प्याज का स्तेमाल रोज और लगातार करते रहना चाहिए. ये भोजन का स्वाद भी बढ़ा देता है.

प्याज का प्रयोग मनोगत विज्ञान में :

Mahilaao Ka Swasthya Aur Jyotish

Mahilaao Ka Swasthya Aur Jyotish, ज्योतिष के द्वारा कैसे जान सकते हैं महिलाओं के समस्याओं के कारण को, ज्योतिष द्वारा जाने बीमारियों के कारण और निवारण.
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स्वास्थ्य बहुत जरुरी है सभी के लिए पर जब बात आती है महिलाओं की तो ये विषय बहुत ज्यादा महत्तव का हो जाता है, महिकाओ को बहुत ज्यादा सावधानी और स्वस्थ रहने की आवश्यकता है, क्यूंकि वे ही परिवार की नीवं हैं. अगर घर की महिलायें स्वस्थ रहेंगी तो परिवार भी निश्चित स्वस्थ रहेगा.

चूँकि महिलायें ही साधारणतः परिवार के सदस्यों की देखभाल करती है साथ ही सुबह उठने से रात के सोने तक लगातार कुछ न कुछ कार्य में संलग्न रहती है अतः उनको सबसे ज्यादा उर्जा, और स्वस्थ शारीर की आवश्यकता है, एक औरत किसी की माँ होती है, किसी की बहन, किसी की पत्नी, किसी की दोस्त होती है परन्तु एक गुण जो सभी महिलाओं में देखने को मिलता है वो है सबकी देखभाल करना.

महिलाओं को देखभाल करने का जो गुण मिला है इश्वर द्वारा वो किसी और में देखने को कम ही मिलता है. और अगर घर की औरतों का स्वास्थय ख़राब हो तो परिवार और व्यक्तिगत संबंधो में भी समस्याएं उत्पन्न होने लगती है. अतः एक स्वस्थ शारीर और स्वस्थ दिमाग होना अति आवश्यक है.

एक और कारण भी है जिसके कारण नारी को ज्यादा सावधानी रखना पड़ती है और वो है मासिक धर्म, हर महीने शारीर से न चाहते हुए भी रक्त निकलता है जिससे इनको कमजोरी आती है, ऐसे में भी इनको विशेष सावधानी की जरुरत होती है.

ज्योतिष और नारी स्वास्थ्य :