vedic jyotish from India

हिंदी ज्योतिष ब्लॉग ज्योतिष संसार में आपका स्वागत है

पढ़िए ज्योतिष और सम्बंधित विषयों पर लेख और लीजिये परामर्श ऑनलाइन

Jyoitish Sewaye Online || ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

ज्योतिष सेवा ऑनलाइन

एक अच्छा ज्योतिष कुंडली को देखके जातक का मार्गदर्शन कर सकता है. कुंडली मे ग्रह विभिन्न भावों मे बैठे रहते हैं और जातक के जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. अगर कोई व्यक्ति जीवन मे 
free jyotish, hindi jyotish, vedic jyotish online, google jyotish
hindi jyotish sewa online
समस्या से ग्रस्त है तो इसका मतलब है की उसके जीवन इस समय बुरे ग्रहों का प्रभाव चल रहा है और यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त कर रहा है तो इसका मतलब है की इस समय उसके जीवन मे शुभ ग्रहों का प्रभाव है. 
विभिन्न ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा मे व्यक्ति अलग अलग प्रकार के प्रभावों से गुजरता है जिसके बारे एक अच्छा ज्योतिष जानकारी दे सकता है. 
ग्रहों का असर व्यक्ति के कामकाजी जीवन पर पड़ता है.
ग्रहों का असर व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है. 
सितारों का असर व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर पड़ता है. 
व्यक्ति के पढ़ाई –लिखाई , वैवाहिक जीवन, प्रेम जीवन, स्वास्थ्य आदि पर ग्रह – सितारों का असर पूरा पड़ता है. 

आप “www.jyotishsansar.com” माध्यम से पा सकते हैं कुछ ख़ास ज्योतिषीय सेवाए ऑनलाइन :

  • जानिए क्या कहती है आपकी कुंडली आपके वैवाहिक जीवन के बारे मे ?, कब होगा विवाह, कैसा रहेगा वैवाहिक जीवन, क्यों परेशानी आ रही है वैवाहिक जीवन मे, ज्योतिष के हिसाब से क्या करें सुखी वैवाहिक जीवन के लिए.
  • अगर प्रेम जीवन मे परेशानी आ रही है तो भी आप ज्योतिष के हिसाब से कुंडली मिलवा के जान सकते हैं की क्यों आ रही है प्रेम मे खटास, कैसे बनाए प्रेम को बेहतर, कैसे मजबूत करे संबंधो को. कौन सी पूजा या रत्न शुभ रहेगा प्रेम जीवन के  लिए. 
  • जानिए क्या कहती है कुंडली आपके कामकाजी जीवन के बारे मे, क्यों बॉस खुश नहीं है , क्यों व्यापार नहीं चल रहा है, कब होगा भाग्योदय. 
  • जानिए अपने स्वास्थ्य समस्याओं के ज्योतिषीय कारणों को , जानिए कैसे ग्रह बिगाड़ते हैं जीवन को, जानिए कैसे ठीक कर सकते हैं स्वास्थय को ज्योतिष के उपायों के द्वारा.
  • अगर आप काले जादू से परेशान है तो भी आप ज्योतिष द्वारा मार्ग दर्शन प्राप्त कर सकते हैं. अगर आप नजर दोष से परेशान है , बार बार की कोशिशे भी काम नहीं कर रही है तो जरुर परामर्श ले और दूर करे समस्याओं को ज्योतिष के माध्यम से. 

Somwati Amavasya Ka Mahattwa In Hindi

क्या है सोमवती अमावस्या, क्या करना चाहिए सोमवती अमावस्या को, सोमवती अमावस्या का महत्त्व, ज्योतिष द्वारा सलाह सफल जीवन के लिए.
kya hai somwati amavasya, kya kare somwati amavas ko, jyotish salaah
somwati amavasya

भारत मे साधारणतः ये देखा जाता है की सोमवती अमावस्या को लोग पवित्र नदियों मे स्नान करते है, विशेष पूजा पाठ करते है , दान करते है.

आइये समझते है सोमवती अमावस्या को:

जब अमावस सोमवार को आती है तब उसे सोमवती अमावस कहते हैं. ये भगवान् शिव के पूजा का विशेष दिन माना जाता है, पितरो के पूजन के लिए भी भी शुभ दिन है साथ ही चन्द्र देव के पूजन के लिए भी माना जाता है ज्योतिष के अनुसार. 

महाभारत मे भीष्म पितामह ने युधिस्ठिर को भी सोमवती अमावस्या के महत्त्व के बारे मे बताया था. इस दिन भगवान् शिव और पितरो की कृपा आसानी से प्राप्त की जा सकती है. इस दिन विभिन्न तरीको से शिवजी और पितरो का पूजन किया जाता है जैसे अभिषेक, हवन, तर्पण आदि.
सोमवती अमावस्या का महत्त्व:
जानकारी के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों मे स्नान करना शुभ होता है जैसे गंगा, नर्मदा, कावेरी आदि. इसके अलावा त्रिवेणी मे भी स्नान करना पुण्य प्रदान करता है. व्यक्ति को समस्याओं, दुखो और रोगों से मुक्ति मिलती है.
ऐसी मान्यता है की इसी दिन पितरो के लिए किया गया श्राद्ध तर्पण बहुत फलदाई होता है, इस दिन पीपल की पूजा भी की जाती है.

क्या करे सोमवती अमावस्या को सफलता के लिए?

ये सवाल बहुत महत्त्व रखता है की क्या करे और कैसे करे. तो अब हम कुछ आसान तरीके जानते है सोमवती अमावस्या को सफल बनाने के.
  1. अगर कोई जातक आर्थिक तंगी से गुजर रहा है, पारिवारिक समस्या से गुजर रहा है, नौकरी नहीं मिल रही है कुंडली मे पितृ दोष होने के कारण तो इस दिन पवित्र नदी मे स्नान करके पितरो के निमित्त तर्पण करना चाहिए और उनसे मुसीबतों से छुटकारे के लिए प्रार्थना करना चाहिए.
  2. शिव भक्तो को चाहिए की केसर मिश्रित दूध से शिवलिंग का अभिषेक करे और रुद्राष्टक का पाठ करे. अपने दुखो के निवृत्ति हेतु प्रार्थना करे.
  3. सोमवती अमावस्या को पीपल की पूजा करे अपने गहन समस्याओं को दूर करने हेतु. वो पीपल के पेड़ ज्यादा उपयोगी है जो बहुत पुराने हो, शमशान मे हो, और जिनके निचे कोई भगवान् की मूर्ति न हो

Vedic Jyotish Me Uch Aur Neech Grah

ज्योतिष में उच्च और नीच ग्रह, उच्च और नीच ग्रह का प्रभाव और महत्त्व वैदिक ज्योतिष में, जानिए कब कोई ग्रह नीच का या फिर उच्च का होता है.
ज्योतिष में उच्च और नीच ग्रह, उच्च और नीच ग्रह का प्रभाव और महत्त्व वैदिक ज्योतिष में, जानिए कब कोई ग्रह नीच का या फिर उच्च का होता है.
Vedic Jyotish Me Uch Aur Neech Grah
कुंडली का अध्ययन करने के समय एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण बात याद रखना होता है और वो है कुंडली में मौजूद उच्च और नीच ग्रह की मौजूदगी जिसका असर जीवन पर बहुत ज्यादा पड़ता है.

उच्च को अंग्रेजी में exalted कहते हैं और नीच को अंग्रेजी में debilitated कहते हैं.

ज्योतिष में ऐसा माना जाता है की अगर कोई ग्रह उच्च का हो जाए तो वह जातक को बहुत फायदा देता है वहीँ अगर कोई ग्रह नीच का हो जाए तो उससे जातक को नुक्सान होता है.
साधारण भाषा में हम ऐसे समझ सकते हैं की उच्च का अर्थ है सकारात्मक ग्रह, अच्छा ग्रह, और नीच ग्रह का अर्थ है नकारात्मक या ख़राब ग्रह.

परन्तु किसी भी निर्णय पर पंहुचने से पहले ये भी ध्यान रखना चाहिए की उस ग्रह की शक्ति कितनी है क्यूंकि शक्तिहीन ग्रह का असर जातक पर बहुत कम होता है.

नीचे देखिये कैसे और कब कौन सा ग्रह उच्च या नीच का होता है?


उच्च नीच ग्रह तालिका
ग्रह किस राशि में उच्च का किस राशि में नीच का
सूर्य मेष तुला
चन्द्रमा वृषभ वृश्चिक
मंगल मकर कर्क
बुध कन्या मीन
गुरु कर्क मकर
शुक्र मीन कन्या
शनि तुला मेष
राहू वृषभ वृश्चिक
केतु वृश्चिक वृषभ
आइये समझते हैं ग्रहों के उच्च – नीच तालिका को:
  1. अगर सूर्य कुंडली में मेष राशि के साथ बैठा हो तो उच्च का हो जाता है और अगर तुला राशी के साथ बैठा हो तो नीच का हो जाता है.
  2. अगर चन्द्रमा कुंडली में वृषभ राशि का हो तो उच्च का हो जाता है और अगर वृश्चिक राशि में बैठा हो तो नीच का हो जाता है.
  3. मंगल अगर मकर राशी के साथ बैठ जाए तो उच्च का हो जाता है और अगर कर्क राशी के साथ बैठे तो नीच का हो जाता है.
  4. कन्या राशि के साथ बुध कुंडली में बैठे तो उच्च का हो जाता है और अगर मीन राशि के साथ बैठे तो नीच का हो जाता है.
  5. गुरु कर्क राशि में उच्च का होता है और मकर राशि में नीच का होता है.
  6. शुक्र मीन राशि में उच्च का होता है और कन्या राशि में नीच का होता है.
  7. शनि तुला राशि में उच्च का होगा और मेष राशी में नीच का होगा.

कुंडली का अध्ययन करते समय ये बात भी ध्यान में रखना चाहिए की उच्च ग्रह का अर्थ है मजबूत ग्रह जो की जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं परन्तु तभी जब ये शक्तिशाली हो अन्यथा इनका प्रभाव इनकी शक्ति के आधार पर बदलता रहता है.

इसी प्रकार नीच ग्रह अर्थात बहुत ख़राब ग्रह जो की जीवन में संघर्ष बढ़ाएगा परन्तु इसका प्रभाव भी ग्रह की शक्ति के ऊपर निर्भर करेगा.

हम ऐसा भी समझ सकते हैं की नीच ग्रह अर्थात हानिकारक और उच्च अर्थात कल्याणकारी.
कुंडली पढ़ते समय ये भी ध्यान रखना चाहिए की जीवन में जो संघर्ष है, बदकिस्मती है, उसका एक कारण नीच ग्रह भी हो सकता है.

उच्च या नीच ग्रह जीवन के किस भाग को प्रभावित करते हैं?

Janiye Bhavishyawani Jyotish Sansar Se

Janiye Bhavishyawani Jyotish Sansar Se, भविष्यवाणी का क्या मतलब होता है, कितने प्रकार के भविष्यवाणी होते हैं, कैसे संपर्क करे ज्योतिष से.
Jyotish bhavishyawani ke liye

भविष्यवाणी  का अर्थ है पूर्वानुमान करना अर्थात किसी अनिश्चित घटना के बारे में कुछ कहना पहले ही. भविष्यवाणी  साधारणतः ज्योतिष, भविष्यवक्ताओ, अंक विद्या के जानकार आदि के द्वारा किया जाता है. ज्योतिषगण कुंडली को पढके बताते हैं, साइकिक रीडर्स अन्तः प्रेरणा के द्वारा कहते हैं, अंक शाष्त्री अंको का स्तेमाल करके भविष्यवाणी करते हैं. किसी भी व्यक्ति का अनुभव और ज्ञान बहुत महत्त्व रखता है भविष्यवाणी करते हुए.
आइये जानते हैं की पूर्वानुमान का महत्त्व क्या होता है:
दशको से लोग भविष्यवाणी  का प्रयोग करते आ रहे हैं महत्त्वपूर्ण निर्णयों को लेने के लिए. सिर्फ ज्योतिष ही नहीं अपितु वित्तीय क्षेत्र में भी भविष्यवाणी का प्रयोग होता आया है, कॉर्पोरेट दुनिया में भी पूर्वानुमानो का प्रयोग होता आया है. मौसम की भविष्यवाणी भी हम रोज सुनते हैं जो की एक्सपर्ट्स के द्वारा बताया जाता है.
अतः भविष्यवाणी को सुनके लोग और महत्त्वपूर्ण पदों पर बैठे लोग बड़े बड़े फैसले लेते हैं.
  • लोग पूर्वानुमानो के आधार पर निवेश करने का निर्णय लेते हैं.
  • लोग नए कार्यो को शुरू करने का भी निर्णय लेते हैं.
  • भविष्यवाणी  के आधार पर लोग अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए निर्णय लेते हैं और उपाय करते हैं.
  • लोग अपने करियर का निर्णय भी लेते हैं जिसके लिए शिक्षा के क्षेत्र में भविष्यवाणी करने वालो के सलाह को ध्यान में रखा जाता है जैसे की भविष्य में जिस क्षेत्र में ज्यादा मौके आने वाले हो उस क्षेत्र में जाने का निर्णय लिया जाता है.
आइय्र जानते हैं की ज्योतिष कितने प्रकार के भविष्यवाणी  करते हैं:
ज्योतिषगण कुंडली को पढने के बाद अनेक प्रकार के निर्णय लेते हैं जैसे –
  1. अच्छे समय, सुन्हेरे समय को लेके भविष्यवाणी की जाती है ज्योतिषो द्वारा.
  2. ख़राब समय को लेके भी पूर्वानुमान किया जाता है.
  3. कामकाजी जीवन को लेके भी सलाहकार लोग बताते हैं की किस क्षेत्र में सफलता ज्यादा मिलने की उम्मीद है सफल जीवन जीने के लिए.
  4. विवाह और जीवन साथी के सम्बन्ध में भी ज्योतिष में भविष्यवाणी होती है.
  5. प्रेम जीवन कैसा रहेगा, इसके बारे में भी भविष्यवाणी होती है.
  6. विदेश यात्रा को लेके भी काफी भविष्यवाणीयां की जाती है.
  7. बच्चो को लेके भी भविष्यवाणी की जाती है जैसे की बच्चे कब हो सकते हैं उनका भविष्य कैसा होता है.
नए साल के बारे में भी लोग जानना चाहते हैं पहले ही. इसके लिए भी ज्योतिष से संपर्क किया जाता है.
अतः ज्योतिष गण अनेक प्रकार की भविष्यवाणीयां करते हैं, लोग अपने व्यक्तिगत जीवन के बारे में जानने के लिए ज्योतिष से संपर्क कर सकते हैं. 

कैसे संपर्क करे ज्योतिष से ज्योतिष संसार के माध्यम से?

Vakri Grah Ka Jivan Par Pravah

कुंडली में वक्री ग्रह का प्रभाव, क्या होता है वक्री का मतलब ज्योतिष मे, अशुभ वक्री ग्रह के प्रभाव जानिए. 
कुंडली में वक्री ग्रह का प्रभाव, क्या होता है वक्री का मतलब ज्योतिष मे, अशुभ वक्री ग्रह के प्रभाव जानिए.
Vakri Grah Ka Jivan Par Pravah
ज्योतिष में जब कुंडली बनती है तो हमे कुछ ग्रह वक्री भी मिल सकते हैं. ज्योतिष प्रेमी लोगो को वक्री ग्रह के प्रभाव को जानने का भी बहुत मन होता है. परन्तु इस विषय पर विभिन्न मत मौजूद है जिसके कारण अलग अलग ज्योतिष अलग अलग भविष्यवाणी करते हैं और उस आधार पर उपाय भी अलग अलग देते हैं. 
वक्री ग्रह क्या होता है?
हर ग्रह सामान्य तौर पर आगे की और चलते हैं अर्थात पहले मेष राशी में रहेगा फिर वृषभ पर फिर मिथुन पर आदि. परन्तु जब कोई ग्रह आगे जगह पीछे की तरफ चलने लग जाए तो इस चाल को वक्री गति कहा जाता है ज्योतिष में. जैसे की मिथुन के बाद कर्क राशि में जाना चाहिए परन्तु कोई अगर मिथुन के बाद वृषभ में जाए तो इसका मतलब है की वो ग्रह वक्री हो गया है. 
इसी लिए कई बार हम ज्योतिष में सुनते हैं की इस समय शनि वक्री है, इस समय बुध वक्री है आदि. 

कौन से ग्रह सदा वक्री रहते हैं?
राहू और केतु सदा ही कुंडली में वक्री रहते हैं.
कौन से ग्रह कुंडली में कभी भी वक्री नहीं हो सकते हैं?
सूर्य और चन्द्रमा कभी भी किसी के कुंडली में वक्री नहीं होंगे. ये दोनों ग्रह हमेशा ही सामान्य चाल को बनाए रखते हैं.
आइये अब जानते हैं की वक्री ग्रह को लेके कितने प्रकार के धारणाएं सुनने को मिलते हैं?
  1. कुछ ज्योतिशो का मानना है की अगर कोई ग्रह वक्री हो जाए तो सदा ही अशुभ फल देगा. 
  2. कुछ ज्योतिषों का मानना है की अगर अशुभ ग्रह वक्री हो तो शुभ फल देगा और शुभ ग्रह वक्री हो तो अशुभ फल देगा. 
  3. कुछ का मानना है की अलग अलग ग्रह वक्री होने पर अलग अलग फल देता है. 

आइये अब जानते हैं वक्री ग्रह को लेके कुछ महत्त्वपूर्ण बाते:
  • वक्री ग्रह हमेशा अशुभ फल देगा ऐसा नहीं है अतः ये धारणा अपने मन से निकाल दे.
  • सिर्फ शनि ग्रह ऐसा है जो की वक्री होने पर अशुभ फल देता ही है भले ही कुंडली में वो शुभ हो. 
  • शनि को छोडके दुसरे ग्रह अगर कुंडली में शुभ है तो वक्री होने पर भी अशुभ फल देंगे, ऐसा जरुरी नहीं है. 

ज्योतिष में ग्रह किस राशि के साथ बैठा है, इसके आधार पर उस ग्रह के असर को जीवन में देखा जाता है अतः सिर्फ चाल बदलने से कोई ग्रह उल्टा परिणाम देगा, ऐसी धारणा रखना ठीक नहीं है. 

क्या अशुभ असर देखने को मिल सकते हैं जातक पर किसी ग्रह के वक्री हो जाने पर:

Share Bazaar Aur Jyotish

शेयर बाजार और ज्योतिष, कुंडली के कौन से भाव शेयर बाजार से सम्बन्ध रखते हैं, स्टॉक मार्किट और ज्योतिष
Share Bazaar Aur Jyotish
शेयर बाजार धन कमाने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है. जिसका भाग्य शेयर बाजार में साथ दे दे वो बहुत ही जल्द करोड़ पति बन जाता है और जिसका भाग्य शेयर मार्केट में साथ न दे वो जल्दी ही सब कुछ गंवा भी देता है. 
ऐसा कहा जाता है की शेयर बाजार में बहुत ही कम लोग सफल हो पाते हैं क्यूंकि इसमें भाग्य के साथ साथ गहन अध्ययन की भी जरुरत होती है. 
ज्योतिष के द्वारा हम ये जान पाते हैं की कोई व्यक्ति शेयर बाजार से कम पायेगा या नहीं और क्यों. इस संसार में हर व्यक्ति वास्तु आदि पर ग्रहों और नक्षत्रो का प्रभाव रहता है. इसी के कारण समय समय पर ग्रहों की दिशा और अवस्था के बदलने के साथ ही बाजार भी ऊपर और नीचे होता है. अगर हम अपने कुंडली में मौजूद ग्रहों के बारे में जान जाएँ तो ये भी जान सकते हैं की शेयर बाजार से कमा पायेंगे की नहीं.

क्या आप जानते है की कौन लोग शेयर बाजार से कमा पाते हैं?

  1. जो लोग तुरंत निर्णय लेने में माहिर होते हैं वो लोग शेयर बाजार में सफलता प्राप्त कर लेते हैं क्यूंकि कभी कभी बाजार अचानक से बदल जाता है और उस समय त्वरित निर्णय की जरुरत होता है.
  2. जो लोग चील की निगाह बाजार पर रख सकते हैं वो लोग भी शेयर बाजार से कमा लेते हैं. रोज कुछ न कुछ बदलाव कंपनियों में होते रहते हैं, अगर हमे उसकी जानकारी मिल जाये तो निश्चित ही हम अवसरों का लाभ उठा सकते हैं.
  3. जो लोग शेयर बाजार में मौजूद शेयर्स का अध्ययन बारीकी से कर सकते हैं वो लोग भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं. किसी शेयर का बारीकी से अध्ययन करने से उसके बारे में विश्वास बढ़ जाता है.
  4. जो लोग धैर्य रख सकते हैं वे लोग भी इस बाजार से कमा के निकलते हैं.
  5. और जिन लोगो के कुंडली में ग्रहों की स्थिति बहुत अच्छी रहती है, वे लोग भी शेयर बाजार से कम लेते हैं.

आइये अब बात करते हैं ज्योतिष और शेयर बाजार के बारे में:

Contact Jyotish || ज्योतिष परामर्श

ज्योतिष समाधान केंद्र, ऑनलाइन ज्योतिष सेवा, ज्योतिष परामर्श केंद्र हिंदी में, वैदिक ज्योतिष परामर्श केंद्र.
ज्योतिष समाधान केंद्र, ऑनलाइन ज्योतिष सेवा, ज्योतिष परामर्श केंद्र हिंदी में, वैदिक ज्योतिष परामर्श केंद्र.
jyotish paramarsh kendr online

अगर आप विश्वसनीय ज्योतिषीय सेवा चाहते हैं अपने जीवन को सफल बनाने के लिए तो jyotishsansar.com के माध्यम से आप ज्योतिष से संपर्क करके सलाह ले सकते हैं.

अगर आप जानना चाहते हैं अपने कुंडली में मौजूद शक्तिशाली ग्रहों के बारे में , अगर आप जानना चाहते हैं अपने कुंडली में मौजूद कमजोर ग्रहों के बारे में, अगर आप जानना चाहते हैं ग्रहों के जीवन पर प्रभाव के बारे में तो अभी सलाह ले सकते हैं ऑनलाइन ज्योतिष से.

आप पा सकते है सटीक भविष्यवाणी ज्योतिष के नियमो के अनुसार, इस ब्लॉग में आप फ्री ज्योतिष के लेखो को भी पढ़ सकते हैं और अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं रोज, किसी भी समय.

ये ज्योतिषीय ब्लॉग रोज अपडेट किया जाता है ज्योतिष द्वारा ताकि सभी को सही और वर्त्तमान में ग्रह दशाओं की जानकारी भी मिला करे. अतः जानिए ग्रहों में होने वाले बदलाव और उनके जीवन में प्रभाव को हिंदी ज्योतिष द्वारा.

यहाँ आपके द्वारा भेजी गई जानकारी को पूर्णतः गुप्त रखा जाता है.
ज्योतिष स्वयं ही हर कुंडली को देखते हैं और भविष्यवाणी करते हैं. ज्योतिष एक विज्ञान है जीवन के रहस्यों को समझने का. ज्योतिष कुंडली को देख के जीवन में होने वाले घटनाओं को समहते हैं. इससे जीवन में आने वाले ख़राब समय, अच्छे समय के बारे में पता लगाया जा सकता है.
  • पाइए समाधान कुंडली दिखवा के कालसर्प योग का
  • जानिए क्या कारण है प्रेम संबंधो में खटास का वैदिक ज्योतिष के हिसाब से.
  • जानिए काले जादू का असरतो कही जीवन को ख़राब नहीं कर रहा है.
  • जानिए भविष्य वक्ता से भविष्यवाणियो को कुंडली के आधार पर
  • जानिए क्या समाधान हो सकता है वास्तु दोषों का . ;
  • आप सलाह ले सकते हैं बिमारिओ से छुटकारे के लिए भी
  • आप संपर्क कर सकते हैं कुंडली मिलान के लिए सुखी वैवाहिक जीवन के लिए.
  • जानिए समाधान मंगल दोष का वैदिक ज्योतिष में
  • पाइये समाधान ग्रहण योग का कुंडली में
  • जानिए कैसे ग्रह प्रभावित करते हैं काम काजी जीवन को, व्यक्तिगत जीवन को
  • जानिए कैसे महादशा और अन्तर्दशा में जीवन में फर्क पड़ता है.
  • आप संपर्क कर सकते हैं हस्त रेखा के लिए, अंक गणित द्वारा भविष्यवाणी के लिए, कुंडली दिखवाने के लिए, भाग्यशाली रत्नों के लिए.

कुंडली दिखवाने के लिए निम्न जानकारियों को भेजे -

Consulting Fees Paytm Mai Deposit Kare Confirmation Ke baad.

email to –askjyotishsansar@gmail.com


email to -askjyotishsansar@gmail.com

Online jyotish help
Jyotish sewa online
varshfal janiye jyotish se hindi me
ज्योतिष समाधान केंद्र, ऑनलाइन ज्योतिष सेवा, ज्योतिष परामर्श केंद्र हिंदी में, वैदिक ज्योतिष परामर्श केंद्र.