भारतीय ज्योतिष की शक्ति | Power of Indian Astrology

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ज्योतिष अपने आप में एक रहस्यमय विषय है | जो इसके बारे में जानते है वो इस विषय का लाभ लेकर जीवन में उंचाइयो को छूते हैं।  ज्योतिष के द्वारा ग्रहों के खेल को समझा जाता है, ज्योतिष के द्वारा ग्रहों का प्रभाव हमारे जीवन में कैसा रहेगा, ये देखा जाता है।
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Why Vedic Jyotish
ज्योतिष को वेदों कि आँखें भी कहा जाता है।  ऐसा कहा गया है "ज्योतिष वेदानां चक्षुः ". ज्योतिष के द्वारा भूत, भविष्य और वर्तमान के बारे में जाना जाता है।  

किसी के जीवन में कब अच्छा समय आयेगा, कब बुरा समय आयेगा, कब भाग्योदय होगा, कब विवाह होगा, क्या करना चाहिए , कब करना चाहिए आदि का ज्ञान बड़ी ही आसानी से पता लगा लिया जाता है।  

ज्योतिष के बारे में गलत फहमी :

Kundli Vishleshan, कुंडली विश्लेषण

Kundli Vishleshan, कुंडली विश्लेषण, नए साल में क्या कहते हैं सितारे, क्या कहते हैं ग्रह –नक्षत्र २०१६ में , अपनी जन्मपत्रिका विश्लेषण से जाने कैसा जायगा नया साल.
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क्या आप जानना चाहते हैं की नया साल २०१६ आपके लिए क्या ला रहा है आपके कुंडली के हिसाब से, क्या आप नए साल के लिए सही रत्न जानना चाहते हैं, क्या आप जानना चाहते हैं की कौन सी पूजा आपके लिए सही रहेगी. क्या नए साल में आप ग्रह नक्षत्रो के बारे में जानना चाहते हैं तो आज ही प्राप्त करे कुंडली विश्लेषण.
जानिए अपने करियर के बारे में वैदिक ज्योतिष से.
जानिए अपने वैवाहिक जीवन के बारे में अपने कुंडली में मौजूद ग्रहों के हिसाब से.
जानिए अपने स्वास्थय के बारे में ज्योतिष से.
जानिए अपने जीवन में प्रेम के बारे में.
कुंडली मिलान करवाए और जानिए कैसा रहेगा आपका जीवन आपके जीवन साथी के साथ.
मांगलिक दोष के बारे में जानिए और समाधान पाए.
पितृ दोष, कालसर्प योग, अंगारक योग, ग्रहण योग के बारे में जानिए और समाधान पायें ज्योतिष से.

महादशा , अन्तर्दशा का जीवन में क्या प्रभाव पड़ेगा जानिये.
ज्योतिष के मध्यम से जीवन के बहुत से रहस्यों को जाना जा सकता है, व्यक्तित्व को समझा जा सकता है, अतः कुंडली दिखा कर ग्रहों की स्थिति को समझना चाहिए. 
अपने भाग्यशाली दिन के बारे में जानिए ज्योतिष के माध्यम से.
अपने भाग्यशाली अंक के बारे में जानिए.
अपने भाग्यशाली रत्न के बारे में जानिए वैदिक ज्योतिष से.
अपने भाग्यशाली रंग के बारे में जानिए.

क्या कहते हैं आपके सितारे, कैसा रहेगा नया साल, क्या करे सफलता के लिए नए साल में, कौन सा दान इस साल करेगा मदद.
अगर कर्ज कर रहा हो परेशान, अगर मानसिक परेशानी ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा हो, अगर वैवाहिक जीवन में परेशानी ख़त्म नहीं हो रहा है, अगर सबकुछ करने पर भी यश नहीं मिल रहा है तो ज्योतिष को कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहिए. 


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ज्योतिष को कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहिए. 

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फ्री राशिफल २०१६ 

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Jyotish Mai Bharosa Karne Ke Karan

Jyotish Mai Bharosa Karne Ke Karan, क्यों करें ज्योतिष शास्त्र पर भरोसा, क्या महत्त्व है ज्योतिष का, वैदिक ज्योतिष के जीवन में फायदे, ज्योतिष विद्या की शक्ति.
 
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jyotish par bharosa karne ke karan

ज्योतिष को नया शब्द नहीं है हमारे लिए, ज्योतिष विद्या का प्रयोग बरसो से होता रहा है पूरी दुनिया भर में जीवन को गहराई से समझने के लिए. ये कोई भ्रम नहीं है , ये कोई अंधविश्वास नहीं है, दुनिभर के लोग ज्योतिष पर भरोसा करते आये हैं. इस विषय का हमारे जीवन में बहुत महत्त्व है, इस डिजिटल युग मे भी कोई व्यक्ति इसके महत्त्व को नकार नहीं सकता है. 

विज्ञान भी ग्रहों, सितारों, नक्षत्रो के जीवन पर प्रभाव को नकार नहीं सकता और ज्योतिष इसी के अध्ययन के लिए बनाया गया है. एक अच्छा ज्योतिष हमारे जीवन मैं ग्रहों के प्रभाव को सही तरीके से बता सकता है. ग्रहों के चाल जब बदलते हैं तो व्यक्ति का जीवन भी प्रभावित होता है और इसी कारन से लोग रोज की भविष्यवाणी, मासिक भविष्यवाणी, और सालाना भविष्यवाणी को पढ़ते हैं और उपायों को भी अपनाते हैं. 

  • ग्रहों का असर हमारे निर्णय क्षमता पर पड़ता है.
  • ग्रहों का असर हमारे लव लाइफ पर भी पड़ता है.
  • ग्रहों का असर हमारे वैवाहिक जीवन पर भी पड़ता है.
  • सितारे हमारे कामकाजी जीवन को प्रभावित करते हैं.
  • सितारे हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं.
  • सितारे हमारे संबंधो को भी प्रभावित करते हैं.
सितारे हमारे जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित करते हैं और इसमे कोई शक नहीं है.

इसी कारण व्यक्तित्व में बदलाव होता है, व्यवहार भी बदलता है, सफलता का समय भी प्रभावित होता है. इन सब को कुंडली के अध्ययन से जाना जा सकता है. इसके लिए बस अच्छे ज्योतिष से संपर्क करके उन्हें अपना जन्म समय, जन्म स्थान और जन्म तारीख देना होता है. 

आइये जानते हैं कुछ कारण जिसके कारण हम ज्योतिष पर भरोसा कर सकते हैं :
१.    हम अपनी शक्ति के बारे में ज्योतिष से जान सकते हैं.
२.    हम अपनी कमजोरियों के बारे में भी जान सकते हैं और उन्हें दूर कर सकते हैं.
३.    हम समस्याओं के ज्योतिषीय कारणों को जान सकते हैं और सही तरीके अपना सकते हैं उन्हें कम करने के.
४.    हम अपने अच्छे और बुरे समय के बारे में जानकर सही और उचित निर्णय ले सकते हैं.
५.    ज्योतिष के द्वारा भाग्य को जाना जाता है, व्यक्तित्व आदि को जाना जा सकता है.
६.    इसके द्वारा जीवन को गहराई से समझ जा सकता है.
७.    ज्योतिष की नीव है गणित, गणनाएं और इसी के द्वारा ज्योतिष अनेक बातो को जान सकता है.
अतः ज्योतिष पर विश्वास करने के अनेक कारण हो सकते हैं. इस विषय पर भरोसा करके महत्त्व देना चाहिए और ज्योतिष से प्रेम से , समर्पित होके उचित  प्रश्न करने चाहिए. 

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Some Reasons To Believe In Astrology in English

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Rajyog Jyotish Mai, राजयोग को जानिए

Rajyog Jyotish Mai, राजयोग को जानिए,  कुंडली में राजयोग, ग्रहों की स्थिति राज योग में, कैसे जाने कुंडली में राजयोग को. 
kya hai raj yog, kya fayde hai raj yog ke
राज योग कुंडली मे 

कुंडली में मौजूद योगो को जानने की लालसा सभी को रहती है, जिन लोगो को ज्योतिष में रूचि होती है वो ये जानना चाहते हैं की उनके कुंडली में राज योग है की नहीं. इस लेख में इसी विषय पर प्रकाश डाला जा रहा है. क्या होता है राज योग, क्यों लोग इसके बारे में जानना चाहते हैं. क्या करे अगर राज योग न हो कुंडली में, कैसे जीए एक सुखी और सफल जीवन.

राजयोग के बारे में गलत धारणा :
लोग साधारणतः ऐसा सोचते हैं की राज योग सिर्फ एक ही प्रकार का होता है और इसमे सिर्फ एक ही प्रकार से ग्रहों की स्थिति होती है. परन्तु ये सरासर गलत धरना होती है. राज योग अलग अलग प्रकार के होते हैं और सभी में ग्रहों की स्थिति अलग अलग प्रकार के होते हैं. एक अच्छा और अनुभवी ज्योतिष आपकी कुंडली को देखके इसके बारे में सही जानकारी दे सकता है. 
क्या है राज योग ?
राजयोग का अर्थ होता है कुंडली में ग्रहों का इस प्रकार से मौजूद होना की जीवन में सफलताओं को आसानी से व्यक्ति प्राप्त कर सकता हो. अगर कुंडली में राज योग होता है  तो इसमे कोई शक नहीं की जातक का जीवन सुखी और प्रभावशाली होता है. कई बार कमजोर राज योग और भंग राज योग के कारण भी परिणाम में अंतर आता है. 

आइये जानते हैं राजयोग के कारण जातक को क्या फायदे हो सकते हैं :
1. इसके कारण व्यक्ति स्वस्थ, संपन्न और बुद्धिमान होता है.
2. अगर कोई राजनीती में हो और उसके कुंडली में राज योग हो तो वो अच्छे पद तक पहुचता है. 
3. अगर किसी इंजिनियर के कुंडली में राज योग हो तो वो अपने कार्य से अच्छे पद को प्राप्त करता है. 
4. अगर किसी साधक के कुंडली में राज योग हो तो वो अपनी साधना में जल्दी तरक्की करता है. 
5. अगर किसी डॉक्टर के कुंडली में ये योग हो तो उसे चिकित्सा क्षेत्र में बहुत सफलता अर्जित करते हम देख सकते हैं. 
6. नाम, यश, ख्याति , धन , वैभव सभी कुछ राज योग के कारण जातक प्राप्त करता है जीवन में. 
आइये अब जानते हैं की राजयोग होने पर भी क्यों  कोई व्यक्ति इच्छित सफलता नहीं प्राप्त कर पाता है ?
कई बार लोग इस प्रकार के प्रश्न करते हैं की मेरे कुंडली में गजकेसरी योग है पर में बहुत परेशान रहता हूँ,खाने के लिए भी बहुत संघर्ष करना पड़ता है, क्यों. यहाँ यही कहना चाहेंगे की कुंडली में ग्रहों की सही तरीके से अध्ययन जरुरी है अगर हम सच जानना चाहते हैं. कई बार योग बहुत कमजोर होता है और कई बार उसका समय नहीं होता है. समय से पहले भी परिणाम की अपेक्षा हम नहीं कर सकते हैं. 
एक उदाहरण से समझते हैं मेरे एक मित्र की कुंडली में गज केसरी योग था परन्तु उसे हमेशा ही परेशान देखता था, ज्योतिष उसकी कुंडली देख के यही बोलते की तुम्हारे पास तो बहुत धन है, तुम बहुत तरक्की करोगे परन्तु सच्चाई ये है की आज भी वो परेशान घूम रहा है न शादी हुई और न कोई स्थाई नौकरी और न खाने को घर. 
जब मैंने उसकी कुंडली देखि तो पाया की उसके कुंडली में राज योग तो था पर गुरु और चन्द्र दोनों की शक्तिहीन थे जिससे उसे इस योग का लाभ नहीं मिल पा रहा था. अतः योग होक भी नहीं था. अतः ये जरुरी है की ग्रहों की स्थिति का पूर्ण अध्ययन करे किसी नतीजे पर पहुचने से पहले. 

राज योग के कुछ प्रकार :

Ratna Kaise Kaam Karte Hain

Ratn kaise kaam karte hain, रत्नों के शक्ति का रहस्य, राशी और रत्न.
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हम ये अक्सर देखते हैं की लोग किसी न किसी प्रकार के रत्न की अंगूठी या पेंडेंट धारण करते हैं और इसके पीछे उनका विश्वास है की ये ऊर्जा के स्त्रोत होते हैं और भाग्य को भी जगा देते हैं. ये रत्न महंगे भी होते हैं साथ ही दशको से प्रयोग किये जा रहे हैं. ये सिर्फ हमारे शारीर का सजाने के ही काम नहीं आते अपितु इनको पहनना समाज में भी एक अलग पहचान दिलाता है. हमे रत्नों के शक्ति के पीछे के रहस्य को जानना चाहिए. क्यों रत्न पुरे दुनिया में प्रचलित हैं और क्यों लोग रत्न पहनने के पीछे दीवाने हैं. 

रत्नों का प्रयोग ज्योतिष में उपायों के लिए भी बहुत प्रयोग किया जाता है. साधारणतः 9 रत्न प्रचलित हैं और ये हैं माणिक्य, मोती, मूंगा, पन्ना, पुखराज, हीरा, नीलम, गोमेद और लहसुनिया और ये 9 ग्रहों से सम्बन्ध रखते हैं और वो है सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहू और केतु. 

इनके अलावा ये रत्न 12 राशियों से भी सम्बन्ध रखते हैं और वो हैं मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला वृश्चिक, धनु , मकर, कुम्भ मीन.

शोध के अनुसार पाया गया है की हर रत्न में विशेष प्रकार के किरणों को सोखने के शक्ति होती है और यही नहीं रत्न उर्जा सोख के उसे संचारित भी करते हैं. जो भी रत्नों को धारण करता है उसे इसका लाभ मिलता है. इसका ये मतलब कतई नहीं है की किसी को भी कोई भी रत्न धारण कर लेना चाहिए. इसे धारण करने से पहले अच्छे ज्योतिष से सलाह जरुर ले लेना चाहिए. ये संभव है की बिना सही मार्गदर्शन के रत्न धारण करने से विभिन्न प्रकार के समस्याओं को हम निमंत्रण दे जैसे रोग, दुर्घटना, दुर्भाग्य आदि. 

रत्नों को धारण के पीछे भी वैज्ञानिक कारण होते हैं जिसे हम आसानी से समझ सकते हैं. ज्योतिष के हिसाब से हर ग्रह में एक विशेष प्रकार की शक्ति होती है और हर व्यक्ति के अन्दर विभिन्न प्रकार की उर्जा मौजूद होती है. कभी किसी विशेष प्रकार की उर्जा के अभाव में व्यक्ति को किसी विशेष प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ सकता है. अगर उस उर्जा को किसी प्रकार से शारीर में बढ़ा लिया जाए तो सफलता मिल सकती है, समस्या का समाधान हो सकता है. 

जिस प्रकार किसी विशेष विटामिन की कमी शारीर में होने से डॉक्टर हमे सप्लीमेंट देते हैं और शारीर फिर से शक्तिवान हो जाता है उसी प्रकार रत्न भी हमे शक्ति देते हैं.

रत्न उर्जा ट्रांसमीटर की तरह से कार्य करते हैं परन्तु इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए की उर्जा अधिक मात्र में न ले लें अन्यथा हानि हो सकती है. उदाहरण के लिए कई बार हमने सुना है की किसी व्यक्ति को रत्न पहनने के बाद नुक्सान हो गया , किसी को घबराहट होने लग गई, किसी की दुर्घटना हो गई आदि. इससे ये भी पता चलता है की रत्नों में शक्ति तो होती है बस उसे सही तरीके से प्रयोग करना आना चाहिए. और यही ज्योतिष का महत्तव समझ आता है. एक अच्छा और अनुभवी ज्योतिष ही हमे बता सकता है की कौन सा रत्न हमारे लिए श्रेष्ठ है, उत्तम है और इसके लिए कुंडली का अध्ययन किया जाता है.

ऐसे भी लोग है जो सिर्फ शौक के तौर पर रत्न धारण कर लेते हैं, कुछ लोग सिर्फ किताब पढ़के रत्न धारण कर लेते हैं, कुछ सिर्फ जन्म तारीख से रत्न धारण कर लेते हैं, कुछ नाम के हिसाब से रत्न धारण कर लेते हैं, ये सब ठीक नहीं होता है. बिना ग्रहों की स्थिति को जाने रत्नों का निर्णय सही तरीके से नहीं किया जा सकता है. कुंडली में सभी पहलुओ को ध्यान में रखके ही रत्नों को धारण किया जाता है. कई बार मैंने ये भी देखा है की किसी व्यक्ति को कोई भी रत्न धारण करने की जरुरत नहीं होती है.

Indian Jyotish In Hindi