भारतीय ज्योतिष की शक्ति | Power of Indian Astrology

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ज्योतिष अपने आप में एक रहस्यमय विषय है | जो इसके बारे में जानते है वो इस विषय का लाभ लेकर जीवन में उंचाइयो को छूते हैं।  ज्योतिष के द्वारा ग्रहों के खेल को समझा जाता है, ज्योतिष के द्वारा ग्रहों का प्रभाव हमारे जीवन में कैसा रहेगा, ये देखा जाता है।
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Why Vedic Jyotish
ज्योतिष को वेदों कि आँखें भी कहा जाता है।  ऐसा कहा गया है "ज्योतिष वेदानां चक्षुः ". ज्योतिष के द्वारा भूत, भविष्य और वर्तमान के बारे में जाना जाता है।  

किसी के जीवन में कब अच्छा समय आयेगा, कब बुरा समय आयेगा, कब भाग्योदय होगा, कब विवाह होगा, क्या करना चाहिए , कब करना चाहिए आदि का ज्ञान बड़ी ही आसानी से पता लगा लिया जाता है।  

ज्योतिष के बारे में गलत फहमी :

84 Mahadev Mandir Ke Naam In Ujjain In Hindi

उज्जैन मंदिरों का शहर है इसिलिये अध्यात्मिक और धार्मिक महत्त्व रखता है विश्व मे. इस महाकाल की नगरी मे ८४ महादेवो के मंदिर भी मौजूद है और विशेष समय जैसे पंचक्रोशी और श्रवण महीने मे भक्तगण इन मंदिरों मे पूजा अर्चना करते हैं अपनी मनोकामना को पूरा करने के लिए. 
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उज्जैन के ८४ महादेव 

इस लेख मे उज्जैन के ८४ महादेवो के मंदिरों की जानकारी दी जा रही है जो निश्चित ही भक्तो और जिज्ञासुओं के लिए महत्त्व रखती है. 

आइये जानते हैं उज्जैन के ८४ महादेवो के मंदिरों के नाम हिंदी मे :
  1. श्री अगस्तेश्वर महादेव मंदिर - संतोषी माता मंदिर के प्रांगण मे.
  2. श्री गुहेश्वर महादेव मंदिर- राम घाट मे धर्मराज जी के मंदिर मे के पास.
  3. श्री ढून्देश्वर महादेव - राम घाट मे. 
  4. श्री अनादी कल्पेश्वर महादेव- जूना महाकाल मंदिर के पास
  5. श्री दम्रुकेश्वर महादेव -राम सीढ़ियों के पास , रामघाट पे 
  6. श्री स्वर्ण ज्वालेश्वर मंदिर -धुंधेश्वर महादेव के ऊपर, रामघाट पर.
  7. श्री त्रिविश्तेश्वर महादेव - महाकाल सभा मंडप के पास.
  8. श्री कपालेश्वर महादेव बड़े पुल के घाटी पर.
  9. श्री स्वर्न्द्वार्पलेश्वर मंदिर- गढ़ापुलिया के पास.
  10. श्री कर्कोतेश्वर महादेव - हरसिद्धि मंदिर के प्रांगण मे 
  11. श्री सिद्धेश्वर महादेव -सिद्धनाथ घाट के पास.
  12. श्री लोक्पलेश्वर महादेव कार्तिक चौक पर.
  13. श्री मनकामेश्वर महादेव - गन्धर्वा घाट पर 
  14. श्री कुतुम्बेश्वर महादेव श्री गोवर्धन नाथजी की हवेली के आगे.
  15. श्री इन्द्युम्नेश्वर महादेव मंदिर उज्जैन - मोदीजी की गली मे 
  16. श्री इशानेश्वर महादेव - इन्द्युम्नेश्वर से पहले.
  17. श्री अप्सरेश्वर महादेव -सुगंधी की गली, पत्नी बाजार मे.
  18. श्री कल्कलेश्वर महादेव - इशानेश्वर महादेव के आगे.
  19. श्री नागचंद्रेश्वर महादेव- नागनाथ की गली, पत्नी बाजार 
  20. श्री प्रतिहरेश्वर महादेव - नागचंद्रेश्वर मंदिर परिश्र मे. 
  21. श्री कुटेश्वर महादेव उज्जैन - उदासीन अखाड़े के पास.
  22. श्री कर्कोतेश्वर महादेव - पोरवाल धर्म शाला के पास.
  23. श्री मेघ्नादेश्वर महादेव -नरसिंह मंदिर के पीछे , छोटा सराफा.
  24. श्री महालायेश्वर महादेव - सिद्धेश्वर महादेव के पीछे बाएँ गली मे.
  25. श्री मुक्तेश्वर महादेव-  सिद्धेश्वर महादेव के पीछे दाएँ गली मे.
  26. श्री सोमेश्वर महादेव - बड़े पूल के पास.
  27. श्री अंकेश्वर महादेव - इंदिरानगर मे पानी की टंकी के पास.
  28. श्री जतेश्वर महादेव -मकोदियाम मे.
  29. श्री रामेश्वर महादेव - सती दरवाजे के पास गली मे.
  30. श्री च्यवानेश्वर महादेव - इंदिरा नगर मे ईद गाह के पास.
  31. श्री खंडेश्वर महादेव - खिलचीपुर गाँव मे टीले पर.
  32. श्री पटेश्वर महादेव - आर डी गर्दी के रस्ते पे पुलिया से पहले.
  33. श्री आनंदेश्वर महादेव चक्रतीर्थ के गेट के पास.
  34. श्री कन्थदेश्वर महादेव - भैरवगढ़ गाँव मे.
  35. श्री इन्द्रेश्वर महादेव - बड़े पूल के ठीक ऊपर बाए तरफ . 
  36. श्री मर्कंदेश्वर महादेव - विष्णु सागर मे राम-लक्ष्मण मंदिर के पास 
  37. श्री शिवेश्वर महादेव - राम लक्ष्मण मंदिर की सीढि पर 
  38. श्री कुसुमेश्वर महादेव उज्जैन- द्वारकाधीश मंदिर की सीढि के निचे 
  39. श्री अव्रुरेश्वर महादेव - राम लक्ष्मण मंदिर के सामने
  40. श्री कुंडेश्वर महादेव - अन्क्पात चौराहे से आगे बैठक जी के परिसर मे. 
  41. श्री लुम्पेश्वर महादेव - भैरवगढ़ मे पुलिस लाइन के अन्दर. 
  42. श्री गंगेश्वर महादेव - मंगलनाथ चौक मे नदी के किनारे 

Guru Poornima Importance In Hindi

Guru Poornima Importance In Hindi, गुरु पूर्णिमा का महत्तव हिन्दी में, क्या करे गुरु पूर्णिमा को.
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हम सभी जानते हैं की हर साल भारत में गुरु पूर्णिमा बहुत ही उल्लास के साथ मनाया जाता है परन्तु इसका महत्तव बहुत ही कम लोग जानते हैं, आइये जानते हैं कुछ ख़ास बाते गुरु पूर्णिमा के ऊपर.

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्व रः ।
गुरु साक्षात्‌ परब्रह्म तस्मै श्रीगुरुवे नमः ॥

हमे ये श्लोक पढाया जाता है शुरू से ही , इसका मतलब है “गुरु ही ब्रह्मा है, गुरु ही विष्णु है , गुरु ही महेश्वर है और गुरु ही साक्षात् भगवान् है इसीलिए गुरुदेव को नमस्कार है ”.

गुरु के बिना संसार की कल्पना भी संभव नहीं है, कई अध्यात्मिक साधको से मिलके ये पता चलता है की गुरु मिलने के बाद ही उनको वास्तव में जीवन का रहस्य समझ में आया, गुरु मिलने के बाद ही उनको उनके जन्म का कारण समझ आया, गुरु मिलने के बाद ही उनको उनके शक्ति का परिचय मिला. 

हमलोगों ने भगवान् को तो नहीं देखा परन्तु हम लोगो को जो शिक्षा देते हैं उनको हम जरुर जानते हैं इसी कारण हमे अपने गुरुजनों का सम्मान करना चाहिए. 

गुरु पूर्णिमा वास्तव में मनाया जाता है “व्यास ऋषि” के सम्मान में मनाया जाता है जिन्होंने संसार को ये बताया था की वास्तव में गुरु का महत्तव क्या है और उनकी शक्ति क्या होती है. इसी कारण गुरु पूर्णिमा को “व्यास पूर्णिमा ” के नाम से भी जाना जाता है. उनके ही प्रेरणा से अषाढ़ मास की पूर्णिमा को समस्त गुरुजनों के पूजन के लिए मनाया जाने लगा.

इस दिन चन्द्रमा पुरे वर्ष भर में सबसे ज्यादा चमकता है और सबको अपनी शीतलता का अनुभव देता है. ये चातुर्मास के शुरू होने का संकेत भी देता है, ये साधना के लिए उपयुक्त वातावरण के निर्माण होने का संकेत भी देता है. 

व्यास ऋषि ने कई ग्रन्थ लिखे है जिनमे से महाभारत के बारे में सभी जानते हैं. उनके द्वारा लिखे ग्रंथो को पढने से जीवन जीने की कला सीखने को मिलती है.

अगर गुरु न हो तो संसार की कल्पना भी नहीं की जा सकती है, अगर गुरु न हो तो हमे पढ़ायेगा कौन और हमे सिखाएगा कौन. इसीलिए गुरु का सम्मान जरुरु करना चाहिए. 

शिष्य सफलता तभी प्राप्त करंता है जब कोई गुरु उस पर खुश हो जाए जैसे की अर्जुन अपने गुरु की कृपा से विश्व के सबसे अच्छे तीरंदाज बने, स्वामी विवेकानंदा अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस के आशीर्वाद से पुरे विश्व में प्रसिद्ध हुए. 

गुरु का अर्थ होता है वो व्यक्ति जो की किसी को अन्धकार से बहार निकालने के रास्ता दिखाए, गुरु का अर्थ है ऐसे कोई जो हमे सिखाये क्या अच्छा है और क्या बुरा, कैसे हमे जीवन जीना चाहिए, क्या करना चाहिए और कैसे. 
क्या करना चाहिए गुरु पूर्णिमा को?

Barish Mai Kaise Rakhe Khyal Swasthya Ka

Barish Mai Kaise Rakhe Khyal Swasthya Ka, बारिश मे स्वस्थ रहने के तरीके, मानसून के दिन में कैसे रखे ख्याल अपना.
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भीषण गर्मी के बाद जब बारिश का मौसम आता है तो सभी उसका आनंद उठाना चाहते हैं परन्तु जब लगातार बारिश होना शुरू होती है तो वातावरण में बहुत बदलाव होते हैं और ऐसे में बहुत सावधानी की जरुरत होती है स्वस्थ रहने के लिए. इस लेख में हम यही जानेंगे की कैसे बारिश के दिनों में अपने आप को स्वस्थ रखे. 
मानसून के दिनों में कभी कभी सूर्य के दर्शन भी नहीं होते हैं और वातावरण में कई प्रकार के बैक्टीरिया का जन्म होता है जिससे विभिन्न प्रकार के रोग उत्पन्न होते हैं जैसे खुजली, दाद, खाज, बुखार, जुखाम, पेट के रोग, पाचन समस्याएं आदि. अतः ये जरुरी है की हम समस्याओं के कारणों को समझे और सही कदम उठाये ताकि बारिश के मौसम में स्वस्थ रहकर आनंद उठा सके. 
आइये जानते हैं कुछ ख़ास बाते जिससे हम रहेंगे स्वस्थ और स्फूर्तिवान:
1. अगर आप भीग जाए तो ज्यादा देर तक भीगे कपडे न पहने, ऐसा होता है की बारिश का आनंद उठाने के लिए हम भीगे कपड़ो में घूमते रहते हैं जो की खतरनाक हो सकता है. इससे दाद, खाज, खुजली हो सकती है. 
2. अपने बालो को ज्यादा देर तक भीगे न रखे , इससे सर्दी जुखाम हो सकता है और बाल भी रूखे हो सकते हैं. 
3. रोज असली नारियल के तेल से मालिश करे , अगर भीग जाए तो शारीर पोछ कर आपको नारियल का तेल लगा लेना चाहिए , इससे आप तरोताजा महसूस करेंगे. 
4. नहाने के पानी में डेटोल दाल के नहाए.
5. बारिश के दिनों में पानी भी दूषित होता है जिससे कई प्रकार के पेट के रोग उत्पन्न हो जाते हैं अतः शुद्ध जल स्तेमाल करे, उबाल कर पानी पियें या फिर आर.ओ. का पानी पियें.
6. पाचन क्रिया कमजोर हो जाती है बारिश में , ऐसे में तैलीय खाने से बचे, हल्का खाएं ताकि स्वस्थ रह सके.
Barish Mai Kaise Rakhe Khyal Swasthya Ka, बारिश मे स्वस्थ रहने के तरीके, मानसून के दिन में कैसे रखे ख्याल अपना.

Dhan Prapti Ke Liye Totke In Hindi, धन प्राप्ति टोटके

Dhan Prapti Ke Liye Totke In Hindi, धन प्राप्ति टोटके, वित्तीय तौर पर अपने आपको मजबूत करने के लिए ज्योतिषीय टोटके जानिए.
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धन की जरुरत सबको है, किसी भी भौतिक इच्छा को पूरी करने के लिए धन का होना आवश्यक है, जीवन का आनंद लेने के लिए , सुख – सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए धन का होना जरुरी होता है. कुछ लोग तो बहुत धनी है तो कुछ लोगो को जरुरत का सामान भी खरीदने में परेशानियों का सामना करना होता है. कुछ लोग ऋण से छुटकारा नहीं पाते हैं. ऐसे में धनाकर्षण टोटको का प्रयोग लाभदायक होता है. 

धन प्राप्ति के टोटको का ये मतलब न समझे की इनका प्रयोग करते हैं धन की बरसात होने लग जायेगा , धन प्राप्ति के टोटको का प्रयोग करने से ग्रह दोषों का शमन होता है और आय के स्त्रोत खुलते हैं. इनका प्रयोग पूर्ण विश्वास और नियमित रूप से करना चाहिए. 

आगे बढ़ने से पहले जानते हैं धन और सम्पन्नता से सम्बंधित एक ख़ास बात.

वैदिक धर्म ग्रंथो के अनुसार माता लक्ष्मी धन की देवी मानी जाती है और धन राज कुबेर खजाने को रखते हैं इसी कारण लोग साधारणतः लक्ष्मी जी और कुबेर जी को प्रसन्न करने में लगे रहते हैं. परन्तु ऐसा नहीं है, अगर आप किसी भी देवी देवता की पूजा आराधना करते हैं तो वो भी आपके लिए धन प्राप्ति के रास्ते खोल देते हैं जिससे आप जीवन में सफलता प्राप्त कर सके.

अतः अपने आपको गुमराह न करे अगर आप कोई साधना लम्बे समय से कर रहे हैं तो उसे जारी रखे. 

आइये अब जानते हैं धन प्राप्ति के लिए कुछ टोटके:
1. अगर आप माता लक्ष्मी की पूजा लम्बे समय से कर रहे हैं और परिणाम नहीं मिल रहा है तो लक्ष्मी –नारायण की पूजा साथ में शुरू करे और दोनों से प्रार्थना करे की आपकी मनोकामना पूर्ण करे. 
2. किसी भी लक्ष्मी-नारायण मंदिर में रोज जाए और वह पर कपूर और लौंग का दीपक जलाए.
3. दिवाली की रात्रि को रात को 10 बजे से 3 बजे तक श्री यन्त्र के सामने श्री सूक्त का लगातार जप करे और फिर श्री यन्त्र को अपने तिजोरी में रख दे. इससे धन आगमन के रस्ते खुलेंगे. 
4. गुरु – पुष्य योग में जलकुम्भी ले के आये और उसे साफ़ करके रसोई घर में टांग दे. इससे सम्पन्नता आएगी. इसे पीले कपडे में बांधे.
5. अगर किसी नकारात्मक उर्जा के प्रभाव के कारण आप धन नहीं काम पा रहे है तो असली जटामांसी थोड़ी सी किसी कपडे में बंधकर ताबीज के जैसा गले में धारण करे. इसे शुभ महूरत में करने से बुरे साए से बचाओ होगा. 
6. पुरे घर को बुरी शक्तियों से बचाने के लिए एक बहुत आसान टोटका है , इसके लिए पुरे घर में कोनो में पिली सरसों के दाने रख देना चाहिए. 

Indian Jyotish In Hindi