भारतीय ज्योतिष की शक्ति | Power of Indian Astrology

What is jyotish,  ज्योतिष क्या है , ज्योतिष का रहस्य , ज्योतिष के द्वारा क्या क्या द्वारा क्या किया जा सकता है , power of jyotish, use of jyotish, benefits of jyotish in hindi, Why astrology, Astrologer for solutions On line.

ज्योतिष अपने आप में एक रहस्यमय विषय है | जो इसके बारे में जानते है वो इस विषय का लाभ लेकर जीवन में उंचाइयो को छूते हैं।  ज्योतिष के द्वारा ग्रहों के खेल को समझा जाता है, ज्योतिष के द्वारा ग्रहों का प्रभाव हमारे जीवन में कैसा रहेगा, ये देखा जाता है।
Power of Vedic jyotish, Best Astrologer In Google
Why Vedic Jyotish
ज्योतिष को वेदों कि आँखें भी कहा जाता है।  ऐसा कहा गया है "ज्योतिष वेदानां चक्षुः ". ज्योतिष के द्वारा भूत, भविष्य और वर्तमान के बारे में जाना जाता है।  

किसी के जीवन में कब अच्छा समय आयेगा, कब बुरा समय आयेगा, कब भाग्योदय होगा, कब विवाह होगा, क्या करना चाहिए , कब करना चाहिए आदि का ज्ञान बड़ी ही आसानी से पता लगा लिया जाता है।  

ज्योतिष के बारे में गलत फहमी :

Gajkesari Yoga Jyotish Mai in Hindi

Gajkesari Yoga Jyotish Mai in Hindi, क्या होता है गजकेसरी योग, क्या लाभ होता है गजकेसरी योग के, कब इस योग का असर जीवन में दिखाई नहीं देता है?
Gajkesari Yoga Jyotish Mai in Hindi, क्या होता है गजकेसरी योग, क्या लाभ होता है गजकेसरी योग के, कब इस योग का असर जीवन में दिखाई नहीं देता है?
gajkesari yoga in hindi

ज्योतिष के अन्दर जब भी राज योग की बात होती है तो गजकेसरी योग एक महत्वपूर्ण योग के रूप में सामने आता है. अगर ये योग कुंडली में सही तरीके से बनता है तो निश्चित ही व्यक्ति भाग्यशाली होता है, स्वास्थ्य, संपत्ति, सम्पन्नता जीवन में प्रवेश करता है और जीवन आसान हो जाता है. 

परन्तु ऐसे बहुत से लोग है जो की इस योग के होने पर भी संतोषप्रद जीवन नहीं जी रहे है. इस लेख में आपको मैं इस विषय पर बताने जा रहा हूँ. इस लेख के द्वारा आप जानेंगे की कब बनता है गजकेसरी योग, कब ये कमजोर पड़ता है और जीवन को सफल बनाने के लिए क्या करना चाहिए?.

क्या होता है गजकेसरी योग ज्योतिष में?
इस योग के अंतर्गत चन्द्रमा को या फिर चन्द्र लग्न को गुरु या अन्य शुभ ग्रहों द्वारा शक्ति और शुभता प्राप्त होती है और चन्द्र जो की मन का करक है और जल तत्त्व को संबोधित करता है तो व्यक्ति को मान सम्मान, स्वस्थ्य, स्थिरता, शक्ति, धैर्य, धन, प्रेम, पारिवारिक सुख आदि की प्राप्ति आसानी से हो जाती है. 

ज्योतिष में प्राप्त जानकारी के हिसाब से गजकेसरी योग निम्न प्रकार से बनते हैं:


1. जब गुरु चन्द्रमा से केंद्र में स्थापित हो जाता है और ये उच्च का हो या फिर शुभ हो और शक्तिशाली हो.
2. जब चन्द्रमा गुरु, शुक्र , बुध आदि शुभ ग्रहों द्वारा दृष्ट हो.
यहाँ पर जानने योग्य बात ये है की ग्रहों की दृष्टि तो ठीक है पर ग्रहों का शुभ होना , शक्तिशाली होना भी बहुत जरुरी है. 
मैंने ऐसे बहुत से कुंडली को देखा है जिसमे जातक को संघर्षो के साथ जीवन व्यतीत करना पड़ रहा है कुंडली में गजकेसरी योग होते हुए भी, इसके अनेक कारण सामने आये है.

आइये जानते है कैसे गजकेसरी योग का प्रभाव जीवन मे नहीं पड़ता है?

Ambubachi Mela Ka Mahatwa In Hindi

Ambubachi Mela Ka Mahatwa In Hindi, क्या है अम्बुबाची मेला, क्यों लगता है ये मेला कामख्या मंदिर में, जानिए कामख्या माता की चमत्कारी शक्ति को.
best jyotish for ambubaachi festival astrology in hindi
ambubaachi utsav importance in hindi

जब तंत्र की बात चलती है तो माता कामख्या की कृपा को नजरंदाज नहीं कर सकते हैं, माता की पूजा अलग अलग कार्यो के लिए लोग करते हैं, परन्तु तांत्रिक जगह के रूप में भी कामख्या मंदिर अति प्रसिद्ध है. ये एक प्रसिद्ध, पवित्र और शक्तिशाली स्थान है, गुवाहटी , आसाम में जहा विश्वभर से लोग माता की कृपा और चमत्कार को देखने लोग प्रतिवर्ष आते हैं. 

क्या है अम्बुबाची?
ये नाम उस मेले को दिया जाता है जो की प्रतिवर्ष 5 दिनों के लिए लगता है कामाख्या में. साधक लोग इस 5 दिन का इन्तेजार पुरे साल भर करते हैं. बड़े हर्ष और उल्लास के साथ ये 5 दिन मनाये जाते हैं. 

ऐसी मान्यता है की साल में एक बार माँ रजोधर्म से गुजरती है और इसीलिए 5 दिनों के लिए मंदिर के पट बंद रहते हैं और मंदिर प्प्रंगन में मेला लगता है. 

इस समय यहाँ पर विभिन्न तांत्रिको को देखा जा सकता है जो की विभिन्न प्रकार की साधनाओ में लगे रहते हैं. इस समय माता की शक्ति का अनुभव सब आसानी से कर सकते हैं. 

इस साल २२ जून से 26 जून २०१६ तक अम्बुबाची मेला लग रहा है. 

इस समय में मंदिर बंद रहता है और सही समय पर पूर्ण विधि विधान से पूजन के बाद ही खोला जाता है और तब लाखो की संख्या में भक्त माता के दर्शनों के लिए उमड़ते हैं. 

कामाख्या मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?
ये मंदिर गुवाहटी, आसाम में है और ५१ शक्तिपीठो में से एक है. यहाँ पर माता की पूजा योनी के रूप में होती है. अतः तांत्रिक साधना के लिए अतिश्रेष्ठ स्थानों में से एक है. 
ये जगह कला जादू के लिए भी बहुत प्रसिद्ध है. 

अम्बुबाची उत्सव का रहस्य :

Mulethi Ke Fayde In Hindi मुलेठी के फायदे

मुलेठी क्या है, इसके फायदे क्या है, कैसे प्रयोग करे और क्या सावधानियां हो सकती है मुलेठी के उपयोग के दौरान.
मुलेठी क्या है, इसके फायदे क्या है, कैसे प्रयोग करे और क्या सावधानियां हो सकती है मुलेठी के उपयोग के दौरान.
mulethi ke fayde

मुलेठी हर जगह आसानी से पंसारी के दूकान पे उपलब्ध होने वाली वस्तु है. इसका प्रयोग वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति मे बहुत होता है और घरो मे भी लोग इसका प्रयोग आसानी से कर लेते हैं.
मुलेठी एक जड़ है जो की प्राकृतिक तौर पर मिठास लिए होती है. अंग्रेजी मे इसे licorice कहते हैं और पेट रोग, श्वास रोग, अलसर, त्वचा रोग आदि मे इसका प्रयोग होता है. 

आइये जानते है मुलेठी के कुछ प्रयोग:
१.    ये वैकल्पिक औषधि के रूप मे प्रयोग होती है.
२.    मुलेठी पेट के अन्दर के घावों को भी ठीक करने मे मदद करता है अगर किसी विशेषज्ञ के मार्गदर्शन मे लिया जाए.
३.    गैस्ट्रिक अल्सर और छोटी आंत के अलसर को ठीक करने मे भी इसका स्तेमाल होता है.
४.    सर्दी खांसी मे भी इसका स्तेमाल किया जाता है घरेलु इलाज के रूप मे.
५.    ज्यादा खांसी होने पर मुलेठी के चूर्ण को शहद मे मिला के चाटा जाता है. इसके टुकड़े को भी लेके चूसा जा सकता है.
६.    त्वचा समस्या समाधान मे भी इसका प्रयोग होता है.
७.    श्वास सम्बन्धी समस्याओं को दूर करने के लिए भी इसका प्रयोग बहुत अच्छा होता है.
८.    अपच समस्या को दूर करने मे भी इसका प्रयोग होता है.

आइये अब जानते हैं मुलेठी के प्रयोग मे क्या सावधानियां रखना चाहिए:

Ganga Duhera Ka Mahatwa In Hindi

Ganga Duhera Ka Mahatwa In Hindi, जानिए गंगा दुशहेरा के विषय में, क्यों मनाते हैं गंगा दुष्मी, २०१६ के गंगा दशेरा का महत्तव .
ganga dashera ka mahatwa aur kya kare sampannta ke liye free
ganga dushera ka mahatwa

भारत में एक विशेष त्यौहार हर साल बड़े जोश से मनाया जाता है माँ गंगा की याद में. हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार गंगा एक पवित्र नदी है जो की पापों से लोगो को मुक्त करती है. इसे पापनाशिनी कहा गया है शास्त्रों में.

हिन्दुओं का ये अटूट विश्वास है की इस पवित्र दिन में अगर कोई गंगा में स्नान और दुबकी लगता है साथ ही पूजा करता है तो वो समस्त पापों से मुक्त हो जाता है और मुक्ति प्राप्त करता है.

गंगा दुशहरा को गंगा दशमी के नाम से भी जानते हैं और ये ज्येष्ठ मास में शुक्ल पक्ष के दशमी तिथि को मनाया जाता है.

इस दिन गंगा का अवतरण धरती पर हुआ था भागीरथ जी के अथक प्रयास के कारण, इसी कारण गंगा को भागीरथी भी कहा जाता है.

जहां जहां गंगा नदी बहती है वहां लोग गंगा घाट पर इकटठा होते हैं और पवित्र स्नान के बाद पूजा पाठ करते हैं, सिर्फ यही नहीं जहा अन्य नदियाँ है वहां भी लोग माँ गंगा का स्मरण करके स्नान और पाठ पूजा करते हैं.
धार्मिक तीर्थ स्थल जैसे हरिद्वार, वाराणसी, ऋषिकेश, अल्लाहाबाद में तो मेले जैसा वातावरण होता है और लाखो श्रद्धालु इस दिन माँ गंगा का आशीर्वाद लेने आते हैं.

लोग पवित्र स्नान के बाद पूजा करके ब्राह्मणों का आशीर्वाद लेते हैं और यथा शक्ति दान भी करते हैं. लोग गंगाजल घर पर भी रखते हैं , ऐसी मान्यता है की इससे बुरी शक्तियों का असर घर पर नहीं होता है.
गंगा दश्हेरा के अवसर पर भक्त लोग नदी किनारे इकटठा होक भजन गाते हैं मंत्र जपते हैं , माँ गंगा की आरती करते हैं, दीप दान करते हैं और माँ को फल, फूल दक्षिणा भेट करते हैं.
वास्तव में गंगा दुशेरा 10 दिनों तक मनाया जाता है और इसकी शुरुआत ज्येष्ठ मास की अमावस्या को होती है.
आइये अब जानते हैं की २०१६ की गंगा दशहेरा का ज्योतिषीय महत्तव:

Indian Jyotish In Hindi