मिथुन लग्न: अस्त चंद्रमा के 12 भावों में प्रभाव व उपाय, Mithun Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama Ka 12 Bhavon Me Prabhav, Jyotish Updates. मिथुन लग्न में चंद्रमा दूसरे भाव का स्वामी होता है, जो परिवार, वाणी, धन-संपत्ति, मूल्य और भोजन की आदतों का प्रतिनिधित्व करता है। जब चंद्रमा अस्त (Combust) हो जाता है (अर्थात सूर्य के बहुत नज़दीक आ जाता है), तब उसकी प्राकृतिक शक्तियाँ कमज़ोर हो जाती हैं, जिससे भावनात्मक स्थिरता, आर्थिक पक्ष और पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है—यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि चंद्र किस भाव में स्थित है। अस्त चंद्रमा मानसिक तनाव बढ़ाता है क्योंकि मिथुन राशि का स्वामी बुध है—जो बुद्धि और विश्लेषण का ग्रह है—जबकि चंद्रमा भावनाओं का प्रतिनिधि है। Mithun Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama Ka 12 Bhavon Mai Prabhav aur Upay अस्त चंद्रमा क्या होता है? जब चंद्रमा सूर्य के बहुत करीब आ जाता है, तब उसे अस्त (Combust) कहा जाता है। इस स्थिति में चंद्रमा की शक्ति कम हो जाती है, जिससे: भावनाओं की अभिव्यक्ति कमजोर होती है अधिक सोचने की प्रवृत्ति बढती है आर्थिक अस...
नाम और ज्योतिष, बच्चो के नाम कैसे रखे, जानिए अंक विद्या और ज्योतिष का महत्त्व नाम रखने में. किसी का नाम बहुत महत्त्व रखता है, एक अच्छा नाम भाग्योदय में सहायक है वही एक गलत नाम जीवन में उथल पुथल ला सकता है. वैदिक ज्योतिष में नाम रखने के लिए बहुत से सुझाव दिए गए है, अगर ज्योतिषीय सिद्धांतो का ध्यान रखा जाए तो जीवन को सफल बनाने में बहुत सहायता मिल सकती है. Bachho Ke Naam Ka Jyotish Mahattw वैदिक ज्योतिष के अंतर्गत नाम रखने से पहले कुछ कर्मकांड करने के नियम है , कुंडली बनाई जाती है और राशि, नक्षत्र आदि को देखने के बाद ही नाम रखा जाता है. इस प्रकार वैदिक ज्योतिष जीवन को सफल बनाने के लिए बहुत मददगार साबित होता है. ऐसे बहुत से लोगो के बारे में हम आये दिन पढ़ते रहते है जिन्होंने ज्योतिष और अंक ज्योतिष की सहायता से नाम में बदलाव किया और सफल हो गए. अच्छा तो यही है की जन्म के तुरंत बाद ही सलाह मशवरा के बाद सही नाम रखा जाए. कुछ लोग जो मन में आये वही नाम रख लेते हैं जो की बिलकुल सही नहीं है क्यूंकि नाम का जीवन में बहुत गहरा असर होता है. नाम रखने से पहले ज्योतिष से अच्छी तरह पूछ ले...