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vipreet rajyoga kaise banta hai

विपरीत राजयोग कैसे बनता है, what is vipreet rajyoga,  क्या फायदे होते हैं विपरीत राजयोग के, क्या सबके कुंडली में राजयोग होता है? | ज्योतिष प्रेमियों को राजयोग को लेके बहुत उत्सुकता रहती है और लोग अपनी कुंडली में राजयोग को जानना चाहते हैं क्यूंकि इसके कारण जातक को अतुलनीय सफलता प्राप्त होती है, जातक को मान-सम्मान प्राप्त होता है, धन प्राप्त होता है, पारिवारिक जीवन का सुख प्राप्त होता है, ऐशो आराम के साधन प्राप्त होते हैं |  इस लेख में हम जानने वाले हैं विपरीत राजयोग के बारे में जिसके कारण भी जातक को जीवन में विभिन्न प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं, हम उदाहरण के साथ ये भी जानेंगे की कब ये विपरीत राजयोग फल नहीं देता है, कब इसके शुभ फल जातक को प्राप्त होते हैं | vipreet rajyoga kaise banta hai Read in english about how vipreet rajyoga form in horoscope आइये सबसे पहले जानते हैं की कुंडली के कौन से भावो का अध्ययन किया जाता है विपरीत राजयोग को जानने के लिए ? विपरीत राजयोग को जानने के लिए जन्म पत्रिका के त्रिक भावो का अध्ययन किया जाता है अर्थात 6, 8 और 12 भावों का अध्ययन किया जाता है

Videsh Yatra yog in Kundli

कुंडली में विदेश यात्रा योग, प्रबल विदेश योग, विदेश जाने के लिए मंत्र, विदेश में नौकरी के योग, विदेश जाने के उपाय | विदेश यात्रा और ज्योतिष, कैसे पता करें कि कुंडली में विदेश यात्रा योग है या नहीं, विदेश यात्रा की बाधाओं को दूर करने के लिए क्या करें, विदेश यात्रा के लिए जिम्मेदार ग्रह। Videsh Yatra yog in Kundli क्या आपका विदेश यात्रा करने का सपना है, क्या आप विदेश में अपना करियर बनाना चाहते हैं, क्या आप पढने के लिए दूसरे देशों की यात्रा करना चाहते हैं और क्या आप जानना चाहते हैं की ज्योतिष के हिसाब से हम कैसे पता करते हैं विदेश यात्रा योग है की नहीं तो ये लेख आपकी मदद करेगा ।  वैदिक ज्योतिष के हिसाब से जीवन में होने वाली हर घटना के पीछे ग्रह जिम्मेदार होते हैं इसलिए कुंडली का अध्ययन करके ये पता लगाया जा सकता है कि विदेश यात्रा का योग है या नहीं, विदेश में निवास करना संभव होगा या नहीं, क्या विदेश में रहके नाम, प्रसिद्धि, धन, शक्ति प्राप्त करना संभव है  आदि । आइये जानते हैं ज्योतिष के अनुसार विदेश यात्रा से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बिंदु: कुंडली का सातवां, नवमा दसवां, और बारहवां घर

Rajyog Jyotish Mai, राजयोग को जानिए

Rajyog in hindi Jyotish Mai, राजयोग को जानिए, कुंडली में राजयोग, ग्रहों की स्थिति राज योग में, कैसे जाने कुंडली में राजयोग को. Rajyog Jyotish Mai, राजयोग को जानिए कुंडली में मौजूद योगो को जानने की लालसा सभी को रहती है, जिन लोगो को ज्योतिष में रूचि होती है वो ये जानना चाहते हैं की उनके कुंडली में राज योग है की नहीं. इस लेख में इसी विषय पर प्रकाश डाला जा रहा है. क्या होता है राज योग, क्यों लोग इसके बारे में जानना चाहते हैं. क्या करे अगर राज योग न हो कुंडली में, कैसे जीए एक सुखी और सफल जीवन. राजयोग के बारे में गलत धारणा : लोग साधारणतः ऐसा सोचते हैं की राज योग सिर्फ एक ही प्रकार का होता है और इसमे सिर्फ एक ही प्रकार से ग्रहों की स्थिति होती है. परन्तु ये सरासर गलत धरना होती है. राज योग अलग अलग प्रकार के होते हैं और सभी में ग्रहों की स्थिति अलग अलग प्रकार के होते हैं. एक अच्छा और अनुभवी ज्योतिष आपकी कुंडली को देखके इसके बारे में सही जानकारी दे सकता है. क्या है राज योग ? राजयोग का अर्थ होता है कुंडली में ग्रहों का इस प्रकार से मौजूद होना की जीवन में सफलताओं को आसानी स

Gajkesari Yoga Jyotish Mai in Hindi

Gajkesari Yoga Jyotish Mai in Hindi, क्या होता है गजकेसरी योग, क्या लाभ होता है गजकेसरी योग के, कब इस योग का असर जीवन में दिखाई नहीं देता है? ज्योतिष के अन्दर जब भी राज योग की बात होती है तो गजकेसरी योग एक महत्वपूर्ण योग के रूप में सामने आता है. अगर ये योग कुंडली में सही तरीके से बनता है तो निश्चित ही व्यक्ति भाग्यशाली होता है, स्वास्थ्य, संपत्ति, सम्पन्नता जीवन में प्रवेश करता है और जीवन आसान हो जाता है. Gajkesari Yoga Jyotish Mai in Hindi परन्तु ऐसे बहुत से लोग है जो की इस योग के होने पर भी संतोषप्रद जीवन नहीं जी रहे है. इस लेख में आपको मैं इस विषय पर बताने जा रहा हूँ. इस लेख के द्वारा आप जानेंगे की कब बनता है गजकेसरी योग, कब ये कमजोर पड़ता है और जीवन को सफल बनाने के लिए क्या करना चाहिए?. क्या होता है गजकेसरी योग ज्योतिष में? इस योग के अंतर्गत चन्द्रमा को या फिर चन्द्र लग्न को गुरु या अन्य शुभ ग्रहों द्वारा शक्ति और शुभता प्राप्त होती है और चन्द्र जो की मन का करक है और जल तत्त्व को संबोधित करता है तो व्यक्ति को मान सम्मान, स्वस्थ्य, स्थिरता, शक्ति, धैर्य, धन, प्रेम

Kundli Me Shubh Aur Ashubh Yog In Hindi

कुंडली में शुभ और अशुभ योग, जानिए कुछ शुभ और अशुभ योगो का जीवन पर प्रभाव ज्योतिष द्वारा.  ज्योतिष मे योग क्या होते हैं| ज्योतिष मे रूचि रखने वाले लोगो को योगो मे भी बहुत रूचि होती है. वे जानना चाहते है की कुंडली मे या जन्म पत्रिका मे कौन से योग बन रहे है. कुछ योग शुभ होते हैं और कुछ अशुभ होते हैं. हालांकि किसी भी नतीजे पर पहुचने से पहले कुंडली का अच्छी तरह से विश्लेषण कर लेना चाहिए और सिर्फ एक ही योग पर भरोसा नहीं करना चाहिए. Jyotish Mai Yog Kya Hote Hai क्या होते हैं योग ज्योतिष मे ? योग तब बनते हैं जब १ से अधिक ग्रह कुछ विशेष अवस्था मे कुछ विशेष भावो मे बैठते है कुंडली मे. कुण्डली मे उनकी स्थिति के अनुसार वे जीवन मे प्रभाव उत्पन्न करते हैं. कुछ योग जीवन मे पूरा प्रभाव दिखाते हैं और कुछ कम, ये निर्भर करता है ग्रहों की शक्ति और स्थिति पर. अगर योग बनाने वाले ग्रह शुभ हो , शक्तिशाली हो तो इसमे शक नहीं की जातक को उसके बहुत अच्छे परिणाम मिलेंगे, अगर ग्रह खराब स्थिति मे हो, शत्रु राशी के हो या नीच के हो तो जातक को इसके विपरीत परिणाम भी मिल सकते हैं. अगर कोई खराब योग कुंडली

Angarak Yoga In Hindi

Angarak Yoga In Hindi, अंगारक योग क्या होता है और इससे कैसे मुक्ति पायें, क्या प्रभाव होता है अंगारक योग का जीवन में, कुछ आसान तरीके अंगारक योग के दुष्प्रभाव को कम करने के. ज्योतिष में अंगारक योग एक कष्टकारी योग है, ये राजयोग जैसे नहीं है | इसके कारण व्यक्ति को जीवन में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, साधारणतः लोग इस योग के बारे में कम जानते है परन्तु जो लोग इससे ग्रस्त है वही लोग इसके परिणाम से वाकिफ है. कुछ लोगो को तो पता ही नहीं होता है की अंगारक योग के कारण वो परेशान है जीवन में. अतः ज्योतिष संसार के इस लेख में आपको अंगारक योग की जानकारी देने जा रहे हैं. जो निश्चित ही सभी के लिए उपयोगी सिद्ध होगी. angarak yog ka prabhav aur upaay क्या है अंगारक योग? ये योग कुंडली में तब बनता है जब राहू और मंगल किसी भाव में साथ में बैठ जाएँ. परन्तु ये और भी कई तरीके से बनता है,ये योग बहुत घातक हो सकता है जब कुंडली में राहू और मंगल दोनों ही शत्रु राशि के हो , उस स्थिति में जातक को मृत्यु तुल्य कष्ट भी उठाना पड़ सकता है , इस योग के कारण जीवन में दुर्घटनाएं बहुत होती है और जातक परे

Prêt Chandal Yoga Kya Hota Hai

Prêt chandal yoga kya hota hai, कैसे बनता है प्रेत चांडाल योग कुंडली में, कैसे जीवन में संघर्ष उत्पन्न होता है प्रेत चांडाल योग के कारण, जानिये कुंडली के बारा भावों में चांडाल योग का असर. वास्तव में जब भी गुरु, राहू या केतु के साथ युति करता है कुंडली के किसी भी भाव में तो चांडाल योग का निर्माण होता है इसे ही अलग अलग लोग अलग अलग नामो से जानते हैं जैसे कोई इस योग को गुरु चांडाल योग बोलते हैं, कोई इसे प्रेत चांडाल योग बोलते हैं, कुछ इसे दरिद्र योग भी बोलते हैं आदि . pret chandal yog इसमें कोई शक नहीं की जब भी राहू और केतु गुरु के साथ किसी भी घर में बैठेंगे तो वो सम्बंधित कार्य को नुक्सान देंगे या फिर संघर्ष को बढ़ा देंगे. इसके कारण व्यक्ति को शादी में परेशानी आ सकती है, नौकरी में कठिनाई आ सकती है, व्यापार को स्थिर करने में समस्याए आ सकती है, समाज में एक विशेष स्थान बनाने में समस्या आ सकती है. ग्रहों के शक्ति के अनुसार ये व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करते हैं. उदाहरण के लिए अगर शत्रु राशि के राहू केतु या गुरु की शक्ति कम हुई तो ये कम संघर्ष देंगे वही अगर इनकी शक्ति अधिक हुई तो जी

Vedc Jyotish Mai Kuch Mahattwapoorn Yoga

Vedc Jyotish Mai Kuch Mahattwapoorn Yoga, ज्योतिष में योग, क्या होते हैं योग और कैसे बनते हैं योग.  Vedc Jyotish Mai Kuch Mahattwapoorn Yoga भारतीय ज्योतिष में या फिर यूँ कहे की वैदिक ज्योतिष में योगो का महत्तव भी बहुत है, ये पुरे जीवन में अपना प्रभाव बनाए रखते हैं. योगो को जानकार भी बहुत कुछ जाना जा सकता है. योगो का निर्माण कुछ ग्रहों के परस्पर साथ में बैठने से या फिर एक विशेष अंतराल में कुंडली के भावों में बैठने से होता है.  वैसे तो हजारो योगो का निर्माण होता है परन्तु यहाँ जानकारी के लिए कुछ महत्त्वपूर्ण योगो के बारे में जानकारी दे रहे हैं. 1.समुद्र योग: जब सभी ग्रह दुसरे, चोथे, छठे, आठवे, दसवें और बारहवे घर में बैठे तब समुद्र योग का निर्माण होता है. इस योग के कुंडली में होने से जातक की आर्थिक स्थिति अच्छी होती है, विपरीत लिंग से भी अच्छे सम्बन्ध होते हैं परन्तु इनको कन्या संतान ज्यादा होते हैं. 2. यूप योग: अगर सभी ग्रह पहले, दुसरे, तीसरे और चोथे घर में बैठ जाए तो यूप योग का निर्माण होता है कुंडली में. ऐसे जातक कुछ विचित्र तरह के रहते हैं और सांसारिक चीजे उनको ख़ुशी

Adhi Yoga Vedic Jyotish In Hindi

ज्योतिष मे अधी योग, कैसे बनता है अधी योग कुंडली मे, क्या प्रभाव होता है अधी योग का जीवन मे, adhiyoga in hindi, जानिए ज्योतिष से. अगर चन्द्रमा से छठे , सातवे और बारहवे भाव मे शुभ ग्रह बैठे हो तो कुंडली मे “अधी योग” का निर्माण होता है. ये बहुत ही शुभ योग होता है और जीवन को सफल बनता है. adhi yoga in kundli आइये जानते है अधी योग का फल : ये योग जातक को दयालु बनता है. ये योग व्यक्ति को आत्मशक्ति देता है जिससे वो सफलता प्राप्त करता है.  ये जातक को वैभवपूर्ण जीवन देता है अर्थान सुख सुविधाएं देता है . ऐसा जातक शत्रुओ को भी आसानी से परास्त कर देता है.  अधी योग वाला जातक अच्छे स्वास्थ्य से युक्त होता है.  अतः अगर पूरी तरह से देखा जाए तो अधी योग एक शुभ और अच्छा योग है ज्योतिष मे और व्यक्ति को सफलता दिलाता है. अगर ये योग कुंडली मे हो तो निश्चित ही व्यक्ति अपने जीवन मे सफल होगा. अगर योग मौजूद हो पर कमजोर हो तो सही ज्योतिष से सलाह लेके सही नग, सही पूजा पाठ द्वारा इसे मजबूत किया जा सकता है. किसी भी ज्योतिषीय मार्गदर्शन के लिए यहाँ क्लिक करे संपर्क करे ज्योतिष से कुंडली विश्लेषण और

Anfa Yog in Vedic Jyotish In Hindi

अनफा योग वैदिक ज्योतिष मे, कैसे बनता है ये योग कुंडली मे, अनफा योग का जीवन मे प्रभाव जानिए ज्योतिष द्वारा. अगर चन्द्रमा से बारहवे भाव मे ग्रह मौजूद हो तो अनफा योग का निर्माण होता है परन्तु एक शर्त ये है की सूर्य मौजूद नहीं होना चाहिए. अगर सूर्य १२वे भाव मे हो चन्द्रमा से तो ये योग नहीं बनेगा. ये योग भी शुभ है और जातक को बहुत फायदे देता है. anfa yoga in kundli अनफा योग के जीवन मे प्रभाव : ये योग एक शुभ योग है और जातक को अच्छा शारीर प्रदान करता है.  व्यक्ति का चेहरा बहुत आकर्षक होता है जिससे लोग उससे प्रभावित होते हैं.  व्यक्ति आत्म सम्मान का भूखा होता है.  अनफा योग के कारण व्यक्ति को जीवन मे मान-सम्मान मिलता है.  व्यक्ति जीवन का आनंद भरपूर लेता है.  Read about  Anfa yoga in astrology in english परन्तु जीवन के आखरी पडाव मे व्यक्ति अपने आपको सांसारिकता से दूर कर लेता है और अध्यात्मिक जीवन जीता है. ग्रहों की शक्ति के अनुसार परिणाम मे बदलाव भी दिख सकते हैं. परन्तु ये एक शुभ योग है और अगर कमजोर ग्रहों के कारण जीवन मे सफलता न मिल रहा हो तो ज्योतिष से परामर्श लेना चाहिए औ

Sunafa Yoga in Vedic Jyotish In Hindi

सुनफा योग क्या होता है ,कैसे बनता है सुनफा योग कुंडली मे, कैसे इस योग का प्रभाव बढाए, जानिए ज्योतिष से. अगर कुंडली मे चन्द्रमा से दुसरे स्थान मे कोई ग्रह मौजूद हो तो सुनफा योग का निर्माण होता है परन्तु शर्त ये है की सूर्य नहीं होना चाहिए. अर्थात अगर चन्द्रमा से द्वितीय स्थान मे सूर्य हो तो सुनफा योग खंडित हो जाएगा. इसके अलावा अगर कोई भी ग्रह हो तो सुनफा योग का निर्माण हो जाएगा और जातक को उसका लाभ मिलेगा. Sunafa Yoga in Vedic Jyotish In Hindi आइये जानते हैं सुनफा योग का जीवन मे प्रभाव: ऐसा जातक जीवन मे आगे बढ़ने के लिए खुद को स्वयं ही प्रेरित करने की योग्यता रखता है. सुनफा योग के कारण जातक खुद के कमाई से बचत भी करता है इस योग के कारण जातक बुद्धिमान बनता है. सुनफा योग व्यक्ति को धनवान भी बनता है. इस ज्योतिषीय योग के कारण जातक समाज मे सम्मान प्राप्त करता है. अतः इस योग का जीवन मे शुभ प्रभाव पड़ता है , सुनफा योग होने पर भी अगर जीवन मे परेशानी हो तो ज्योतिष से सही मार्गदर्शन प्राप्त करे , हो सकता हो की ग्रहों की स्थिति ठीक न हो , ऐसे मे सही नग , पाठ पूजा द्वारा जीवन को सफल

Surya Grahan Dosh Ko Janiye Jyotish Me

कुंडली में सूर्य ग्रहण दोष को जानिए, कैसे बनता है सूर्य ग्रहण योग, क्या प्रभाव होता है सूर्य ग्रहण दोष का जीवन पर, क्या करे सूर्य ग्रहण दोष के प्रभाव को कम करने के लिए. kundli me surya grahan yog लोग विभिन्न प्रकार के प्रश्न करते हैं सूर्य ग्रहण को लेके जैसे – क्या सूर्य ग्रहण व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित करता है? क्या सूर्य ग्रहण काम काजी जीवन को प्रभावित करता है ? क्या सूर्य ग्रहण प्रेम जीवन को प्रभावित करता है ? क्या सूर्य ग्रहण वैवाहिक जीवन को प्रभावित करता है ? क्या इसके कारण काले जादू से भी ग्रस्त हो सकते हैं ? क्या कोई तरीका है जिससे सूर्य ग्रहण के परेशानियों से छुटकारा मिल सके ? अतः ऐसे बहुत से प्रश्न हैं जो की लोग पूछते हैं जिनके कुंडली में सूर्य ग्रहण दोष होता है. इस लेख में हम यही जानेंगे की कैसे सूर्य ग्रहण हमारे जीवन को प्रभावित करता है, कैसे जियें सफल जीवन. आइये जानते हैं सबसे पहले की क्या होता है सूर्य ग्रहण योग? राहू या केतु की युति जब सूर्य के साथ होती है तो सूर्य ग्रहण योग का निर्माण होता है कुंडली में. ये कोई शुभ योग नहीं है और इसी कारण जातक के जी