Guru purnima kab hai 2026, Guru Poornima Importance In Hindi, गुरु पूर्णिमा का महत्तव हिन्दी में, क्या करे गुरु पूर्णिमा को. Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा एक हिंदू त्योहार है और इस दिन हम शिक्षक और आध्यात्मिक गुरुओं का सम्मान करते हैं | यह हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। "गुरु" शब्द संस्कृत के शब्द "गु" से आया है जिसका अर्थ है "अंधकार" और "रु" का अर्थ है "दूर करना।" इसलिए गुरु वह होता है जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करते है और हमें सत्य का प्रकाश देखने में मदद करते है। हिंदू धर्म में, गुरु पूर्णिमा हमारे सभी जीवित और ब्र्हम्लीन गुरुओं का सम्मान करने का समय है। हम उनके मार्गदर्शन और शिक्षाओं के लिए अपना आभार व्यक्त करते हैं, और उनके निरंतर आशीर्वाद के लिए प्रार्थना करते हैं। गुरु पूर्णिमा पर, लोग आमतौर पर अपने गुरुओं से मिलते हैं, उनका पूजन करते हैं, उन्हें उपहार देते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं | यह उन लोगों को याद करने का दिन है जिन्होंने हमें बढ़ने और सीखने में मदद की...
मिथुन लग्न: अस्त चंद्रमा के 12 भावों में प्रभाव व उपाय, Mithun Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama Ka 12 Bhavon Me Prabhav, Jyotish Updates. मिथुन लग्न में चंद्रमा दूसरे भाव का स्वामी होता है, जो परिवार, वाणी, धन-संपत्ति, मूल्य और भोजन की आदतों का प्रतिनिधित्व करता है। जब चंद्रमा अस्त (Combust) हो जाता है (अर्थात सूर्य के बहुत नज़दीक आ जाता है), तब उसकी प्राकृतिक शक्तियाँ कमज़ोर हो जाती हैं, जिससे भावनात्मक स्थिरता, आर्थिक पक्ष और पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है—यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि चंद्र किस भाव में स्थित है। अस्त चंद्रमा मानसिक तनाव बढ़ाता है क्योंकि मिथुन राशि का स्वामी बुध है—जो बुद्धि और विश्लेषण का ग्रह है—जबकि चंद्रमा भावनाओं का प्रतिनिधि है। Mithun Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama Ka 12 Bhavon Mai Prabhav aur Upay अस्त चंद्रमा क्या होता है? जब चंद्रमा सूर्य के बहुत करीब आ जाता है, तब उसे अस्त (Combust) कहा जाता है। इस स्थिति में चंद्रमा की शक्ति कम हो जाती है, जिससे: भावनाओं की अभिव्यक्ति कमजोर होती है अधिक सोचने की प्रवृत्ति बढती है आर्थिक अस...