अषाढ़ महीने की गुप्त नवरात्री की महिमा, क्या करे जीवन को सफल बनाने के लिए, कैसे करे माँ दुर्गा की पूजा गुप्त नवरात्री में, Ashad mahine ki gupt navratri 2026. नवरात्री का अर्थ है 9 विशेष दिन जब कोई भी व्यक्ति साधना कर सकता है अपने अध्यात्मिक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए या फिर भौतिक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए | ज्योतिष के हिसाब से और तंत्र के हिसाब से भी नवरात्री बहुत महत्त्वपूर्ण दिन होते हैं जब हम अपने जीवन को निष्कंटक करने के लिए साधना कर सकते हैं, पूजा कर सकते हैं. इस बार 15 july, Budhwar से 22 जुलाई तक अषाढ़ महीने की गुप्त नवरात्री रहेगी, चतुर्थी तिथि का क्षय होने के कारण गुप्त नवरात्री 8 दिनों की होगी. इन दिनों तांत्रिक, सिद्धि हेतु पूजाएँ करते हैं, अध्यात्मिक जिज्ञासु ज्ञान हेतु साधनाएं करते हैं और सांसारिक लोग भौतिक इच्छाओं की पूर्ति हेतु साधना करते हैं. इस बार माता की सवारी नौका रहेगी अतः बारिश के अच्छे संकेत हैं. Ashadh Mahine Ki Gupt Navratri Ka Mahattw 🌺 चैत्र नवरात्रि कैलेंडर 2026 🌺 तिथि दिन व तारीख पूजा /...
यक्षिणी कौन हैं ?, क्या लाभ है यक्षिणी सिद्ध करने के, कौन सी Yakshini देती है धन लाभ, विभिन्न यक्षिनियो के मंत्र | यक्षिणी को यक्षी, पालि:, यक्खिनी या यक्खी भी कहा जाता है | ये रहस्यमयी शक्तियों की स्वामीनी होती है और इनका वर्णन हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म में भी मिलता है | जिस प्रकार गंधर्व, राक्षस,देवी, देवता होते हैं वैसे ही यक्शिनियाँ भी होती है | इनका वास पेड़ो में माना जाता है | इन्हें भगवान शिव के सेवक माना जाता है। इनके राजा यक्षराज कुबेर हैं, जो धन के स्वामी हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार, यक्ष-यक्षिणीयों के पास रहस्यमयी ताकते होती है। Yakshini Kaun Hote Hain प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ यक्षिणी बहुत ही अच्छी होती है और जो उनकी पूजा करता है उनकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण करती है | कुछ महत्त्वपूर्ण वृक्ष है जिनके निचे यक्षिणी साधना की जाती है जैसे अशोक का वृक्ष, केले का पेड़, बेर का पेड़, बबूल का पेड़ आदि | ऐसी भी मान्यता है की यक्षिणी साधना शीघ्र फल देती है अतः कुछ लोग जीवन में सफलता के लिए यक्षिणी साधना करते हैं | आइये जानते हैं प्रमुख यक्षिनियोके नाम ...