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Tabeej ke Prayog aur Fayde

ताबीज क्या होता है, कैसे बनते हैं तावीज, क्या फायदे होते हैं अमुलेट्स के ज्योतिष अनुसार, कैसे पहनते है इसे?. ताबीज का नाम हम सभी जानते हैं, बचपन से ताबीज का स्तेमाल हिन्दू परिवारों में होता आया है | बच्चे के जन्म होते ही उसे नजर से बचाने के ताबीज पहनाया जाता है, बुरी नजर से बचाने के ताबीज पहनाया जाता है. यही नहीं बड़े बूढ़े भी ज्योतिष से परामर्श ले के हिन्दू ताबीज को धारण करते हैं काले जादू से बचने के लिए, धन बाधा को दूर करने के लिए, अपनी शक्ति बढाने के लिए, प्रेत बाधा को दूर करने के लिए आदि. ताबीज को कुछ लोग अभिमंत्रित लॉकेट भी बोलते हैं, कुछ लोग कवच भी बोलते हैं, अंग्रेजी में इसे अमुलेट बोला जाता है. इसे हाथ के बाजू में भी बंधा जाता है और गले में भी बंधा जाता है. Tabeej ke Prayog aur Fayde क्या होता है ताबीज? साधारणतः किसी भोज पत्र या कागज पर कोई मंत्र लिख कर उसे अभिमंत्रित करके किसी चांदी या ताम्बे या सोने के छोटे से डब्बी में रखके जातक को दिया जाता है बंधने के लिए इसे ही ताबीज कहते है. ये एक प्रकार का कवच होता है जो बंधने वाले को अलग अलग बुरी शक्तियों से बचाता है और

Shwetark Ganpati Ka Rahasya In Hindi

Shwetark Ganpati Ka Rahasya In Hindi, श्वेतार्क गणपति रहस्य, कैसे प्रयोग करे स्वेतार्क गणपति का, कहा से प्राप्त करे स्वेतार्क गणपति . श्वेतार्क गणपति को लेके समाज में बहुत भ्रम फैला हुआ है और इसीलिए jyotishsansar.com के इस लेख में अपने पाठको को इस रहस्यमय वास्तु के बारे में जानकारी दी जा रही है. Shwetark Ganpati Ka Rahasya In Hindi स्वेतार्क गणपति का प्रयोग वनस्पति तंत्र के अंतर्गत मिलता है. ये वास्तु अति प्रभावशाली होती है और सफलता दिलाने में सहायक होती है. ये वास्तव में एक पौधे की जड़ होती है. मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों के जंगलो में साधारणतः ये पाई जाती है. ज्योतिष भी स्वेतार्क गणपति की पूजन के लिए बताते हैं कुछ लोगो को , ऐसी मान्यता है की इसमे गणेशजी की कृपा होती है. आइये जानते हैं क्या है स्वेतार्क गणपति ? एक पौधा पाया जाता है जिसे hindi में आक या मदार के नाम से जाना जाता है और अंग्रेजी में इसे कालोत्रोपिस के नाम से जानते हैं. इसका इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में भी होता है. साधारणतया आक के पौधे 2 प्रकार के होते हैं एक वो जिसमे की सफ़ेद फूल आते हैं और दूसरा वो जिसम

Tantra Kya Hai, तंत्र क्या है जानिए

Tantra Kya Hai, तंत्र क्या है जानिए, तंत्र के बारे में ग़लतफ़हमी , वास्तव में तांत्रिक कौन हो सकते हैं, भारत में तंत्र शक्ति साधना केंद्र, तंत्र के प्रकार, तंत्र शक्ति. तंत्र एक ऐसा विषय है जहाँ पर ये बताया गया है की कैसे हम वस्तुओ, समय, मंत्र, यन्त्र आदि का प्रयोग करके सफलता के रास्ते खोल सकते हैं. इसके अंतर्गत हर वास्तु के अन्दर की शक्ति को महत्तव दिया जाता है. ये उर्जा से जुड़ा विषय है. तंत्र से जुड़े शोध ये बताते हैं की विश्व में मौजूद हर वास्तु में कोई न कोई शक्ति छिपी है और किसी विशेष क्रियाओ द्वारा उन्हें जागृत किया जा सकता है. अथर्व वेद के अन्दर तंत्र की बहुत जानकारी दी गई है. Tantra Kya Hai, तंत्र क्या है जानिए तंत्र के सम्बन्ध में ग़लतफ़हमी : लोग तंत्र को साधारणतः एक नकारात्मक प्रकार समझते हैं, भयानक तरीका समझते हैं परन्तु ये सच्चाई नहीं है. लोगो को लगता है की तंत्र का सम्बन्ध सिर्फ भूत प्रेतों से है और तांत्रिक इनका प्रयोग करके मनोकामनाए पूरी करते हैं परन्तु ये तंत्र का सिर्फ एक भाग है. तंत्र अपने आप में एक वृहद् विषय है जिसका जीतना ज्ञान हो उतना कम है. किसी से सुनकर

Hattha Jodi Kya Hota Hai

Hattha Jodi Kya Hota Hai, हत्था जोड़ी क्या होता है, हत्था जोड़ी के प्रयोग, हत्था जोड़ी से जुड़े कुछ भ्रम, वनस्पति तंत्र. एक ऐसी वास्तु जिसकी जानकार लोगो को हमेशा ही जरुरत रहती है, जिसका प्रयोग वनस्पति तंत्र के अंतर्गत बहुत अधिक किया जाता है, वो है हत्था जोड़ी, इसकी अद्भुत शक्तियों के कारण ये जड़ी प्राचीनकाल से ही प्रसिद्द है. Hattha Jodi Kya Hota Hai आइये जानते हैं क्या है “हत्था जोड़ी”? ये एक पौधे की जड़ है जिसका अंग्रेजी नाम है “Martynia ”, साधरणतः ये पौधा मध्य प्रदेश के जंगलो में पाया जाता है परन्तु भारत के बहार भी या कई देशो में पाया जाता है.  इसके बारे में ये जानना जरुरी है की इस पौधे की जड़ पंजे जैसे होते हैं, जिसके कारण ये शक्ति का प्रतिक है. और आदिवासी पौराणिक कथाओं के अनुसार इस पौधे की जड़ में माँ चामुंडा का वास होता है इसी कारण आदिवासी इसका प्रयोग बहुतायत में करते आये है.  इसमे औषधि गुण भी होते हैं इसी कारण कई देशी इलाज में वैध भी इसका प्रयोग करते हैं,  भारत में हत्था जोड़ी का प्रयोग वनस्पति तंत्र के अन्दर जानकार लोग करते हैं. ऐसी मान्यता है की सिद्ध हत्था जोड़ी साधक क