Radhakrutam Shri Ganesh Stotram राधाकृतं गणेश स्तोत्रम्, Hindi Meaning of radha kritam shri ganesh strotram, lyrics of ganesh strotram, ganesh puja mantra. 🌺 Radhakrutam ShriGanesh Stotram 🌺 राधाकृतं गणेश स्तोत्रम् “राधाकृतम् श्रीगणेश स्तोत्रम्” Radha जी द्वारा रचित है,इसका पाठ अत्यंत आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व रखता है। यह स्तोत्र Ganesha जी को समर्पित है, जो विघ्नहर्ता और सिद्धिदाता माने जाते हैं। इस स्तोत्र का श्रद्धा और भक्ति के साथ पाठ करने से जीवन के कष्ट, बाधाएँ और मानसिक अशांति दूर होती हैं तथा कार्यों में सफलता और शुभता प्राप्त होती है। इसमें निष्काम भक्ति, प्रेम और पूर्ण समर्पण की भावना प्रकट होती है। इसका नियमित पाठ मन को शुद्ध करता है, एकाग्रता बढ़ाता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह स्तोत्र पापों का क्षय करता है, संकटों से रक्षा करता है और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। साथ ही, इसके मधुर और लयबद्ध उच्चारण से मानसिक शांति, आत्मविश्वास और आंतरिक संतुलन भी प्राप्त होता है। Radhakrutam Shri Ganesh Stotram राधाकृतं ...
मंगल शांति पूजा के फायदे ज्योतिष अनुसार, benefits of Mangal Shanti pooja, मंगल के दुष्प्रभाव को कैसे दूर करे, जानिए मंगल कैसे जीवन को प्रभावित करता है ? मंगल एक शक्तिशाली ग्रह है जो की शक्ति, जुनून, रचनात्मकता, क्रोध युद्ध, ऊर्जा, इच्छाओं, साहसिक प्रकृति, आक्रामकता आदि का प्रतिनिधित्व करता है। मंगल का संबंध भाई-बहन, सेना में नौकरी, सुरक्षा के कार्य, सर्जरी, दुर्घटना, हिंसा आदि से भी है। आइये जानते हैं मंगल से सम्बंधित कुछ ख़ास बाते वैदिक ज्योतिष के हिसाब से : धातुओं में ताँबा मंगल से सम्बन्ध रखता है । वैदिक ज्योतिष में मंगल का रत्न है मूंगा । अंक ज्योतिष के हिसाब से मंगल से संबंधित अंक है 9 । मंगल की दिशा दक्षिण है और दिन मंगलवार है। मेष और वृश्चिक राशी का स्वामी है मंगल । जन्म कुंडली में मकर राशि के साथ बैठा मंगल उच्च का होता है और यदि यह कर्क राशि के साथ बैठा हो तो नीच का होता है। अगर मंगल राहू के साथ बैठ जाए किसी भी भाव में तो अंगारक योग बनता है जो की एक घातक योग है | पढ़िए जन्मी कुंडली में 12 भावो में मंगल का क्या फल होता है ? आइये जानते है मांगलिक दोष के बारे...