🙏 इंदिरा एकादशी / पितृ पक्ष एकादशी का महत्व 🙏, Indira Ekadashi kab hai 2026, Pitru Paksh ekadashi Ki Katha aur Mahattw. हिंदू धर्म में वर्षभर 24 एकादशी व्रत आते हैं, जिनमें से प्रत्येक का अपना अलग महत्व है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहा जाता है। यह तिथि विशेष रूप से पितृ पक्ष के दौरान आती है, इसलिए इसे पितृ पक्ष एकादशी भी कहा जाता है। इस व्रत को करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। 2026 में 6 october मंगलवार को रखा जायेगा इंदिरा एकादशी का व्रत और इसी दिन होगा ग्यारस का श्राद्ध, एकादशी तिथि शुरू होगी 6 तारीख को तडके लगभग 2:08 AM पे और समाप्त होगी 7 तारीख को तडके में लगभग 12:34 AM पर. Indira Ekadashi | Pitru Paksh Ekadashi Ki Tarikh Katha aur Mahattw 📖 इंदिरा एकादशी की पौराणिक कथा धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से निवेदन किया – "हे प्रभु! कृपा करके बताइए कि आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी का क्या नाम है? इसकी विधि और फल क्या है?" भगवान श्रीकृष्ण बोले...
मंगल शांति पूजा के फायदे ज्योतिष अनुसार, benefits of Mangal Shanti pooja, मंगल के दुष्प्रभाव को कैसे दूर करे, जानिए मंगल कैसे जीवन को प्रभावित करता है ? मंगल एक शक्तिशाली ग्रह है जो की शक्ति, जुनून, रचनात्मकता, क्रोध युद्ध, ऊर्जा, इच्छाओं, साहसिक प्रकृति, आक्रामकता आदि का प्रतिनिधित्व करता है। मंगल का संबंध भाई-बहन, सेना में नौकरी, सुरक्षा के कार्य, सर्जरी, दुर्घटना, हिंसा आदि से भी है। आइये जानते हैं मंगल से सम्बंधित कुछ ख़ास बाते वैदिक ज्योतिष के हिसाब से : धातुओं में ताँबा मंगल से सम्बन्ध रखता है । वैदिक ज्योतिष में मंगल का रत्न है मूंगा । अंक ज्योतिष के हिसाब से मंगल से संबंधित अंक है 9 । मंगल की दिशा दक्षिण है और दिन मंगलवार है। मेष और वृश्चिक राशी का स्वामी है मंगल । जन्म कुंडली में मकर राशि के साथ बैठा मंगल उच्च का होता है और यदि यह कर्क राशि के साथ बैठा हो तो नीच का होता है। अगर मंगल राहू के साथ बैठ जाए किसी भी भाव में तो अंगारक योग बनता है जो की एक घातक योग है | पढ़िए जन्मी कुंडली में 12 भावो में मंगल का क्या फल होता है ? आइये जानते है मांगलिक दोष के बारे...