Radha Ashtmi kab Hai 2026, राधा अष्टमी का महत्त्व, राधा अष्टमी की कथा, किस मंत्र का जप करें, गोचर कुंडली में ग्रहों की स्थिति | 2026 Radha Ashtmi: राधा और कृष्णा जी की प्रेम कहानियां विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, आज के इस आधुनिक युग में भी लोग राधा और कृष्णजी की कथाओं का श्रवण करते हैं और अपने आपको धन्य समझते हैं. इनकी कथाये शांति देती हैं, प्रेम की भावनाओं को बल देती है, वास्तविक प्रेम का अर्थ समझाती हैं. radha ashtmi कब है 2026 में राधा अष्टमी ? हिन्दू पंचाग के अनुसार राधा अष्टमी का उत्सव हर वर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष के आठवे दिन बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है. इस साल ये पवित्र दिन 19 सितम्बर, Shaniwar को आ रहा है. अष्टमी तिथि 18 सितम्बर को दोपहर में लगभग 1:02 PM से शुरू होगी और 19 सितम्बर को दोपहर में लगभग 3:26 बजे तक रहेगी | मध्याह्न पूजा मुहूर्त: दिन में 11:01 बजे से दोपहर 1:28 बजे तक (अवधि: 2 घंटे 27 मिनट) आइये जानते हैं कौन है राधाजी? राधाजी वृषभानु और किर्तिकुमारी जी की पुत्री के रूप में जानी जाती हैं , इन्हें लोग प्रेम से राधा रानी भ...
मंगल शांति पूजा के फायदे ज्योतिष अनुसार, benefits of Mangal Shanti pooja, मंगल के दुष्प्रभाव को कैसे दूर करे, जानिए मंगल कैसे जीवन को प्रभावित करता है ? मंगल एक शक्तिशाली ग्रह है जो की शक्ति, जुनून, रचनात्मकता, क्रोध युद्ध, ऊर्जा, इच्छाओं, साहसिक प्रकृति, आक्रामकता आदि का प्रतिनिधित्व करता है। मंगल का संबंध भाई-बहन, सेना में नौकरी, सुरक्षा के कार्य, सर्जरी, दुर्घटना, हिंसा आदि से भी है। आइये जानते हैं मंगल से सम्बंधित कुछ ख़ास बाते वैदिक ज्योतिष के हिसाब से : धातुओं में ताँबा मंगल से सम्बन्ध रखता है । वैदिक ज्योतिष में मंगल का रत्न है मूंगा । अंक ज्योतिष के हिसाब से मंगल से संबंधित अंक है 9 । मंगल की दिशा दक्षिण है और दिन मंगलवार है। मेष और वृश्चिक राशी का स्वामी है मंगल । जन्म कुंडली में मकर राशि के साथ बैठा मंगल उच्च का होता है और यदि यह कर्क राशि के साथ बैठा हो तो नीच का होता है। अगर मंगल राहू के साथ बैठ जाए किसी भी भाव में तो अंगारक योग बनता है जो की एक घातक योग है | पढ़िए जन्मी कुंडली में 12 भावो में मंगल का क्या फल होता है ? आइये जानते है मांगलिक दोष के बारे...