] } Skip to main content

Latest Astrology Updates in Hindi

Shukra Stotram With Lyrics and Hindi Meaning

शुक्र स्तोत्र के पाठ के लाभ: जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य का मार्ग Shukra Stotram With Lyrics and Hindi Meaning वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख, वैभव, प्रेम, सौंदर्य, कला और भौतिक समृद्धि का कारक माना गया है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर, नीच या अशुभ प्रभाव में होता है, तो उसे वैवाहिक जीवन, आर्थिक स्थिति, संबंधों और सुख-सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में शुक्र स्तोत्र का नियमित पाठ अत्यंत लाभकारी माना जाता है। 1. शुक्र ग्रह को मजबूत बनाता है शुक्र स्तोत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से शुक्र ग्रह की शुभता बढ़ती है और उसके अशुभ प्रभावों में कमी आती है। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जिनकी कुंडली में शुक्र कमजोर स्थिति में है। 2. धन और समृद्धि में वृद्धि शुक्र ग्रह ऐश्वर्य और भौतिक सुखों का प्रतिनिधित्व करता है। नियमित रूप से शुक्र स्तोत्र का पाठ करने से आर्थिक उन्नति के अवसर बढ़ते हैं तथा धन-संपत्ति में वृद्धि होने की मान्यता है। 3. दांपत्य जीवन में मधुरता शुक्र ग्रह प्रेम और वैवाहिक सुख का कारक है। इस...

Chandra grah shanti puja ke fayde

चंद्र ग्रह शांति पूजा के लाभ, Chandra grah  Shanti pooja benefits, बेहतर जीवन के उपाय, ज्योतिष में चंद्र, चंद्र की पूजा कैसे करें।

ग्रहों में चन्द्रमा एक और महत्वपूर्ण ग्रह है जिसे अंग्रेजी में moon कहते हैं। इसकी प्रकृति शीतल है और यह मन,इंद्रियों और भावनाओं को नियंत्रित करता है | यह पृथ्वी से आसानी से दिखाई देने वाला दूसरा ग्रह है। पूर्णिमा के दिन हम समुद्र में चंद्रमा की शक्ति को देख सकते हैं, समुद्र में उठने वाला ज्वार भाटा चंद्रमा की आकर्षण शक्ति को दर्शाता है।

चंद्र ग्रह शांति पूजा के लाभ, Chandra grah  Shanti pooja benefits,,
Chandra grah shanti puja ke fayde

आइए जानते हैं वैदिक ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें:

  1. चंद्र का दिन सोमवार है।
  2. चंद्रमा से जुड़ी दिशा उत्तर-पश्चिम है।
  3. इससे जुड़ा रंग सफेद है।
  4. भोजन में दही और चावल का सम्बन्ध मून से है।
  5. मून का रत्न मोती है।
  6. चंद्रमा की राशि कर्क होती है।
  7. धातुओं में चांदी का सम्बन्ध चंद्रमा से है।
  8. कुंडली में अगर चन्द्रमा, वृष राशि के साथ बैठा हो तो उच्च का होता है और वृश्चिक राशि के साथ बैठा हो तो नीच का होता है।
  9. चंद्रमा माता, स्त्री, सामान्य मुद्दों, सुख, सौंदर्य, नेत्र शक्ति, स्मृति, मन की शक्ति, स्थिरता आदि का प्रतिनिधित्व करता है।

अशुभ चंद्र के कारण स्वास्थ्य और संबंधों से संबंधित कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती हैं जैसे-

  • कुंडली में अशुभ चंद्रमा के कारण माता का स्वास्थ्य प्रभावित होता है।
  • अशुभ चंद्र के कारण नसों से संबंधित समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
  • चन्द्रमा दूषित होने से पीलिया रोग होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • शक्तिहीन चंद्रमा के कारण मानसिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
  • अशुभ चंद्रमा व्यक्ति की सुंदरता को भी प्रभावित करता है।
  • ख़राब चन्द्रमा से मानसिक विकार भी उत्पन्न होता है |
  • संबंधों में अस्थिरता उत्पन्न होती है। 

आइये जानते हैं चंद्र शांति पूजा कब करवाना चाहिए :

चंद्रमा की शांति पूजा बहुत महत्वपूर्ण और आवश्यक है यदि महादशा या अंतर्दशा में पापी चंद्रमा चल रहा हो | यदि चंद्रमा जन्म कुंडली में वक्री या नीच का हो तो ऐसे मे भी चन्द्र शांति पूजा फायदेमंद होती है ।

इसी के साथ गोचर कुंडली में अगर चंद्रमा नीच का हो जाए तो ऐसे में भी जिनके कुंडली में चन्द्र अशुभ हो उन्हें बहुत कष्ट होता है, ऐसे में चन्द्र शांति पूजा अती महत्त्वपूर्ण होता है |

चंद्रमा अगर राहू के साथ बैठे तो चन्द्र ग्रहण योग का निर्माण करता है ऐसे में जातक को व्यक्तिगत और कामकाजी जीवन में बहुत परेशानी आती है, ऐसे में भी शांति पूजा मदद करती है |

ज्योतिषी से परामर्श करके आप अपनी कुंडली में चंद्र स्थिति के बारे में सही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और सही उपाय कर सकते हैं ।

चन्द्रमा की पूजा २ कारणों से की जाती है :

  1. चन्द्रमा के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए |
  2. कमजोर चन्द्रमा को शक्तिशाली बनाने के लिए |

आइये जानते हैं चंद्र शांति पूजा से क्या लाभ मिलते हैं ज्योतिष अनुसार :

  1. इससे मानसिक शांति और शक्ति मिलेगी।
  2. अगर कुंडली में अशुभ चन्द्रमा के कारण स्वास्थ्य ख़राब हो रहा हो तो ऐसे में चंद्र शांति पूजा से बहुत लाभ होता है |
  3. यह आपको प्रेम समस्याओं का समाधान दे सकता है।
  4. चंद्र शांति पूजा से आध्यात्मिक व्यक्ति को दैवीय शक्तियां प्राप्त हो सकती हैं।
  5. कुंडली में चंद्र ग्रहण दोष होने पर भी यह सहायक होता है।
  6. अगर ख़राब चंद्रमा के कारण आर्थिक नुकसान हो रहा हो तो उसमे भी लाभ मिलता है |

अगर चंद्रमा कुंडली में शुभ हो परन्तु कमजोर हो तो ऐसे में चंद्रमा की पूजा से बहुत लाभ होता है जैसे की -

  • मन की शक्ति बढती है |
  • इससे परिवार में खुशियां बढ़ती हैं।
  • यह देवी और मां का आशीर्वाद प्राप्त करने में मदद करता है।
  • प्रेम संबंधो में सुधार लाता है |
  • आर्थिक स्थिति मजबूत होती है |

इसलिए यदि आप पापी चंद्रमा की समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते हैं तो चंद्र शांति पूजा बहुत अच्छी है। यदि आप जीवन में स्थिरता चाहते हैं तो भी सहायक है, सामाजिक स्थिति और अच्छे संबंध चाहते हैं तो  भी चंद्र पूजा फायदेमंद है।

आप ज्योतिष से संपर्क करके अपनी कुंडली का विश्लेषण प्राप्त कर सकते हैं और जान सकते है की कौन सा रत्न, कौन सी पूजा, कौन सा दान आपके लिए उपयुक्त है |


People also search for:

Surya grah shanti pooja ke fayde in hindi

Mangal shanti puja ke fayde in vedic jyotish in hindi 


चंद्र ग्रह शांति पूजा के लाभ, Chandra grah  Shanti pooja benefits, बेहतर जीवन के उपाय, ज्योतिष में चंद्र, चंद्र की पूजा कैसे करें।

Comments

Popular posts from this blog

Kuldevi Strotram Lyrics

Kuldevi Strotram Lyrics, कुलदेवी स्त्रोत्रम पाठ के फायदे, कुलदेवी का आशीर्वाद कैसे प्राप्त करें, कुलदेवी को प्रसन्न करने का शक्तिशाली उपाय, Hindi Meanings of Lyrics | हिन्दुओं में कुलदेवी या कुलदेवता किसी भी परिवार के मुख्य देवी या देवता के रूप में पूजे जाते हैं और ये उस परिवार के मुख्य रक्षक भी होते हैं | किसी भी विशेष कार्य को करने से पहले कुलदेवी या कुलदेवता को पूजने की मान्यता है |  आज के समय में बहुत से परिवारों को उनके कुलदेवी या कुलदेवता का पता नहीं होता है अतः ऐसे में चिंता की बात नहीं है| कुलदेवी स्त्रोत्रम का पाठ करके और सुनके हम अपने कुलदेवी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं |  Kuldevi Strotram Lyrics सुनिए YouTube में कुलदेवी स्त्रोत्रम  Lyrics of Kuldevi Strotram:  ॐ नमस्ते श्री  शिवाय  कुलाराध्या कुलेश्वरी।   कुलसंरक्षणी माता कौलिक ज्ञान प्रकाशीनी।।1   वन्दे श्री कुल पूज्या त्वाम् कुलाम्बा कुलरक्षिणी।   वेदमाता जगन्माता लोक माता हितैषिणी।।2   आदि शक्ति समुद्भूता त्वया ही कुल स्वामिनी।   विश्ववंद्यां महाघोरां त्राहिमाम्...

Mahakal Kawacham || महाकाल कवच

महाकाल कवच के बोल, महाकाल कवचम के क्या फायदे हैं। Mahakal Kavacham || Mahakaal Kavach || महाकाल कवच || इस लेख में अति गोपनीय, दुर्लभ, शक्तिशाली कवच के बारे में बता रहे हैं जिसे की विश्वमंगल कवच भी कहते हैं। कवच शब्द का शाब्दिक अर्थ है सुरक्षा करने वाला | जिस प्रकार एक योद्धा युद्ध में जाने से पहले ढाल या कवच धारण करता है, उसी प्रकार रोज हमारे जीवन में नकारात्मक्क शक्तियों से सुरक्षा के लिए महाकाल कवच ढाल बना देता है | जब भी कवच का पाठ किया जाता है तो देविक शक्ति दिन भर हमारी रक्षा करती है |  कवच के पाठ करने वाले को अनैतिक कार्यो से बचना चाहिए, मांसाहार नहीं करना चाहिए, किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करना चाहिए | Mahakal Kavach का विवरण रुद्रयामल तंत्र में दिया गया है और ये अमोघ रक्षा कवच है | Mahakal Kawacham || महाकाल कवच  किसी भी प्रकार के रोग, शोक, परेशानी आदि से छुटकारा दिला सकता है महाकाल कवच का पाठ | इस शक्तिशाली कवच के पाठ से हम बुरी शक्तीयो से बच सकते हैं, भूत बाधा, प्रेत बाधा आदि से बच सकते हैं | बच्चे, बूढ़े, जवान सभी के लिए ये एक बहुत ही फायदेमंद है | बाबा महाकाल ...

Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning

श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्, Govinda Stotram, Sharanagati Stotram, Sanskrit Stotra, Vishnu Stotra, devotional prayer, Bhakti Stotra, Govinda prayer. श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम् के लाभ (फायदे): "श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्" एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है, जो भगवान श्रीकृष्ण (गोविन्द) की शरण में जाने का भाव व्यक्त करता है। इसके नियमित पाठ से अनेक आध्यात्मिक, मानसिक और सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं जैसे: शरणागति का भाव जागृत होता है भय और संकट से रक्षा होती है भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि होती है पापों का नाश होता है मानसिक शांति और संतुलन में मदद मिलती है दैनिक जीवन में शुभता आने लगती है भगवान की कृपा प्राप्त होती है वैकुण्ठ प्राप्ति का भी यह एक महत्त्वपूर्ण साधन है Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning 🔹 मुख्य लाभ: शरणागति का भाव जागृत करता है: यह स्तोत्र हमें पूर्ण समर्पण की भावना सिखाता है। भय और संकट से रक्षा: रोग, भय, शत्रु आदि से रक्षा करता है। भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि: श्रीकृष्ण भक्ति गहराती है...