Shani Ka UttarBhadrapad Nakshatra Mai Pravesh Ka 12 Rashiyo Par Prabhav, shani ka naskhatra parivartan kab hoga, shani nakshatra gochar 2026. Shani Ka UttarBhadrapad Nakshatra Mai Gochar: 20 जनवरी को धीमी गति से चलने वाला कर्मफलदायक ग्रह शनि (Shani) नक्षत्र परिवर्तन करते हुए उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। नक्षत्र अधिपत्य के अनुसार उत्तराभाद्रपद को शनि का अपना नक्षत्र माना जाता है जिससे शनि और शक्तिशाली हो जायेंगे, अतः यह गोचर विशेष रूप से प्रभावशाली और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण बन जाता है। Shani Ka UttarBhadrapad Nakshatra Mai Pravesh आइये शनि के नक्षत्र गोचर को समझते हैं : ग्रह: शनि (Shani) प्रवेश नक्षत्र: उत्तराभाद्रपदा (जो 17 मई 2026 तक रहेगा) नक्षत्र का स्वामी: शनि (नक्षत्राधिपति नियम अनुसार) शनि की वर्तमान राशि: मीन (Pisces) शनि अनुशासन, कर्म, न्याय, धैर्य और दीर्घकालिक परिणामों का प्रतीक है, जबकि उत्तराभाद्रपद आत्मिक जागरण, स्थिरता, गहराई एवं आध्यात्मिकता से जुड़ा है। यह संयोजन आत्मचिंतन, कर्मिक शुद्धि और जीवन के पुनर्गठन को प्रोत्साहित करता ...
5 Hast Mudras for health benefits , Hast mudra chikitsa, मुद्रा विज्ञान चिकित्सा, पांच प्रमुख हस्त मुद्रा| मानव शरीर रहस्यों से भरा हुआ है| ध्यान और योग के अभ्यास से हम शरीर के रहस्य को जान सकते हैं, महसूस कर सकते हैं | हमारा शरीर पंच तत्वों से मिलकर बना है जोकि है पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश| इन तत्वों के असंतुलित होने पर ही शरीर में रोग पैदा होते हैं |यदि हम इनका संतुलन करना सीख जाएं तो हम रोगमुक्त रह सकते हैं और अगर किसी रोग से ग्रस्त हैं तो उससे छुटकारा भी जल्दी ही पा सकते हैं | हस्त मुद्रा चिकित्सा में हम अपने हथेली और उंगलियों का इस्तेमाल करते हैं और विभिन्न प्रकार की मुद्राओं का निर्माण करते हैं जिनके अभ्यास से हमारा शरीर ऊर्जा का संतुलन कर पाता है और रोगमुक्त रह पाता है| मुद्राओं का योग में बहुत ही ज्यादा महत्व है और यह अनुभूत है कि जब भी मुद्राएं बनाई जाती है तो हजारों नसो एवं नाड़ियो को प्रभावित करती है और उसका प्रभाव हमारे शरीर पर भी पड़ता है | हस्त मुद्राओं का इस्तेमाल जैसे ही किया जाता है उसका प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ने लग जाता है तुरंत | 5 Hasth Mudra Swasth Jivan ...