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Latest Astrology Updates in Hindi

Dhumawati Jayanti Ke Upaay

Dhumavati Jayanti 2024, जानिए कौन है धूमावती माता, कैसे होती है इनकी पूजा, dhumawati mata ka mantra kaun sa hai,  Dhumawati Jayanti Ke Upaay. Dhumavati Jayanti 2024:  10 महाविद्याओं में से एक हैं माँ धूमावती और ये भगवती का उग्र रूप हैं | इनकी पूजा से बड़े बड़े उपद्रव शांत हो जाते हैं, जीवन में से रोग, शोक, शत्रु बाधा का नाश होता है | माना जाता है कि धूमावती की पूजा से अलौकिक शक्तियाँ प्राप्त होती हैं जिससे मुसीबतों से सुरक्षा मिलती हैं, भौतिक और अध्यात्मिक इच्छाएं पूरी होती हैं| इनकी पूजा अधिकतर एकल व्यक्ति, विधवाएँ, तपस्वी और तांत्रिक करते हैं |  Dhumawati Jayanti Ke Upaay  Dhumavati Jayanti Kab aati hai ? हिन्दू पंचांग के अनुसार हर साल ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को माँ धूमावती जयंती मनाई जाती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार , मां धूमावती धुएं से प्रकट हुई थीं और ये माता का विधवा रूप भी कहलाती है इसीलिए सुहागिन महिलाएं मां धूमावती का पूजन नहीं करती हैं, बस दूर से दर्शन करती हैं और आशीर्वाद लेती है | Read in english about Importance of Dhumawati jayanti 2024   Dhumava

Ravi Pushya Ka Mahatwa In Hindi

कब है रवि पुष्य योग,  Ravi  pushya ka mahatwa in hindi jyotish, क्या करे रवि पुष्य के दिन सफलता के लिए, टोटके सफलता के लिए, क्या ख़रीदे रवि पुष्य को सम्पन्नता के लिए. 08 January 2023 को रवि पुष्य योग है नए साल में हमे आठ जनवरी को रवि पुष्य योग के साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग और एक राज योग मिलेगा अतः इस दिन हम खरीद सकते हैं सोना, कपडा, इलेक्ट्रोनिक सामान, भूमि, मकान आदि | 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र सबसे महत्वपूर्ण नक्षत्र है और जब पुष्य नक्षत्र रविवार को आता है तो वो दिन बहुत ही पुण्यशाली बन जाता है, इसे कहते हैं रवि पुष्य योग. ये दिन किसी भी नए कार्य को करने के लिए शुभ होता है, कुछ नया खरीदने के लिए शुभ होता है, अध्यात्मिक साधना करने वालो के लिए भी बहुत महत्व रखता है, आयुर्वेदिक दवाइयों को बनाने के लिए भी अच्छा दिन होता है, तंत्रोक्त प्रयोगों को करने के लिए भी उपयुक्त दिन होता है.  Ravi Pushya Ka Mahatwa In Hindi साधारणतः लोग इस दिन सोने के गहने खरीदना पसंद करते हैं, ऐसी मान्यता है की रवि पुष्य के दिन अगर कोई अच्छा कार्य करे तो निश्चित ही सम्पन्नता जीवन मे आती है, ख़ुश

Guru pushya ka jyotishiy mahattw in hindi jyotish

गुरु पुष्य योग क्या है?, अगस्त 2022 में गुरु पुष्य अमृत योग कब है?, गुरु-पुष्य योग पर करने के लिए महत्त्वपूर्ण कार्य । 25 अगस्त, गुरुवार को हमें एक शक्तिशाली, पवित्र और भाग्यशाली समय मिलेगा जो सभी की मदद करेगा जीवन में आगे बढ़ने में । गुरु पुष्य योग क्या है? जब पुष्य नक्षत्र गुरुवार को पड़ता है तो वैदिक ज्योतिष के अनुसार एक बहुत ही शुभ योग बनता है और इस योग को गुरुपुष्य योग के रूप में जाना जाता है। साधना, खरीदारी, शुभ कार्य आदि करने की दृष्टि से यह दिन बहुत ही शुभ है। पुष्य नक्षत्र क्या है ? वैदिक ज्योतिष के हिसाब से 27 नक्षत्र होते हैं और 12 राशियाँ होती है| हर एक नक्षत्र का अपना एक महत्त्व है | पुष्य नक्षत्र 27 नक्षत्रो में से एक शक्तिशाली, पवित्र नक्षत्र है और जब ये रविवार या गुरुवार को आता है तो बहुत ही विशेष योग का निर्माण करता है | पुष्य नक्षत्र के स्वामी है शनि देव | Guru pushya ka jyotishiy mahattw in hindi jyotish Read in English about 6 reasons which are making the GURU PUSHYA YOGA very auspicious on 25th of august 2022. गुरु पुष्य अमृत योग का महत्व: वैदिक ज

Guru Pushya Ka Mahattw Hindi Mai

गुरु पुष्य का महत्त्व, पुष्य नक्षत्र की शक्ति, क्या करे गुरु पुष्य मे, भाग्य को कैसे जगाये. नक्षत्रो मे एक ऐसा नक्षत्र है जो की भाग्य वर्धक है, सौभाग्य जगाता है, धन , वैभव, सम्पन्नता लाता है. इस नक्षत्र का नाम है पुष्य नक्षत्र. जब पुष्य नक्षत्र गुरुवार या वीरवार को आता है तो उस दिन को कहते हैं “गुरु पुष्य योग”.  Guru Pushya Ka Mahattw Hindi Mai स्वास्थ्य || सम्पन्नता || धन || सफलता गुरु पुष्य का योग सभी के लिए बहुत महत्त्व रखता है क्यूंकि इस दिन साधक अध्यात्मिक अभ्यास कर सकते हैं, तांत्रिक अपनी तांत्रिक अनुष्ठान कर सकते हैं, गृहस्थ लोग भी सम्पन्नता के लिए पूजा पाठ, टोटके आदि कर सकते हैं. जब गुरु पुष्य योग शुक्ल पक्ष मे आये तो महत्त्व और अधिक बढ़ जाता है. 22 February 2024 , गुरुवार को गुरु पुष्य का योग है. आइये जानते हैं पुष्य नक्षत्र के बारे मे कुछ ख़ास बाते : २७ नक्षत्रो मे पुष्य का स्थान आठवां है. इसका स्वामी शनि ग्रह है. अगर पुष्य नक्षत्र गुरुवार को आये तो गुरु पुष्य का महत्त्वपूर्ण योग बनता है | इस दिन महत्त्वपूर्ण कार्यो को किया जाता है जैसे रत्न धारण करना, स्व

Shani Pushya Ka Mahattw In hindi Jyotish

शनि पुष्य का महत्त्व इन हिंदी ज्योतिष, क्या करे शनि पुष्य योग में, कैसे लाये शुभता, सम्पन्नता. नक्षत्रों में पुष्य का बहुत अधिक महत्त्व है और इसे राजा कहा जाता है|  इसके स्वामी हैं शनिदेव और अधिष्ठाता देवता हैं बृहस्पति। जब पुष्य नक्षत्र कुछ विशेष वार को पड़ता है तो उस दिन का महत्ता बहुत बढ़ जाता है जैसे रविवार को पुष्य नक्षत्र आने पर रवि-पुष्य योग बनता है, गुरुवार को आने से गुरु-पुष्य योग बनता है शनिवार को आने से शनि-पुष्य योग बनता है. Shani Pushya Ka Mahattw In hindi Jyotish शनि ग्रह, पुष्य नक्षत्र के स्वामी है जिसके कारण शनि –पुष्य का महत्त्व और अधिक बढ़ जाता है. इस दिन अनेक शुभ कार्यो को किया जा सकता है ज्योतिष अनुसार.  8 फ़रवरी 2020, शनिवार को चौदस के दिन शनि पुष्य का शुभ संयोग बन रहा है.......... इस दिन शनि देव को प्रसन्न करने के लिए या फिर शनि कारण जीवन में उत्पन्न परेशानी को दूर करने के लिए अनेक प्रयोग किये जा सकते हैं. जिनके कुंडली में साढ़ेसाती या ढैया चल रहा है वे भी इस दिन का लाभ उठा सकते हैं आसानी से. आइए जानते हैं शनि-पुष्य को कौन से उपाय बना सकते हैं जीवन