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Guru Pushya Ka Mahattw Hindi Mai

नक्षत्रो मे एक ऐसा नक्षत्र है जो की भाग्य वर्धक है, सौभाग्य जगाता है, धन , वैभव, सम्पन्नता लाता है. इस नक्षत्र का नाम है पुष्य नक्षत्र. जब पुष्य नक्षत्र गुरुवार या वीरवार को आता है तो उस दिन को कहते हैं “गुरु पुष्य योग”. 
guru pushya in jyotish
Guru Pushya Ka Mahattw Hindi Mai
स्वास्थ्य || सम्पन्नता ||धन|| सफलता

गुरु पुष्य का योग सभी के लिए बहुत महत्त्व रखता है क्यूंकि इस दिन साधक अध्यात्मिक अभ्यास कर सकते हैं, तांत्रिक अपनी तांत्रिक अनुष्ठान कर सकते हैं, गृहस्थ लोग भी सम्पन्नता के लिए पूजा पाठ, टोटके आदि कर सकते हैं. जब गुरु पुष्य योग शुक्ल पक्ष मे आये तो महत्त्व और अधिक बढ़ जाता है.

आइये जानते हैं पुष्य नक्षत्र के बारे मे कुछ ख़ास बाते :

  • २७ नक्षत्रो मे पुष्य का स्थान आठवां है.
  • इसका स्वामी शनि ग्रह है.
  • इस दिन महत्त्वपूर्ण कार्यो को किया जाता है जैसे रत्न धारण करना, सिद्ध यन्त्र स्थापित करना, मंत्रो को जाग्रत करना, नये कार्यो को शुरू करना आदि.
  • पुष्य नक्षत्र शक्ति, भाग्य, पवित्रता का सूचक है.
  • इच्छाओ को पूरा करने हेतु प्रयोगों के लिए गुरु पुष्य सबसे अच्छा दिन होता है.
  • ऐसी भी मान्यता है की महालक्ष्मी इसी नक्षत्र को जन्मी थी.
  • इस दिन विवाह का महुरत नहीं होता है यही एक अपवाद है.

आइये अब जानते है की गुरु पुष्य योग मे क्या करना चाहिए ?

ये योग सकारात्मक शक्तियों को जीवन मे लाने के लिए बहुत अच्छा होता है अतः जानकार लोग इस दिन का प्रयोग बहुत अच्छे से करते हैं. यहाँ कुछ प्रयोग दिए जा रहे है सभी के लिए –
  1. गुरु पुष्य को सोना खरीदना बहुत शुभ माना जाता है, इससे सम्पन्नता आती है.
  2. अगर कोई व्यापारिक सम्बन्ध बनाना हो तो इस दिन बनाना चाहिए , इससे दोनों पक्षों को लाभ होता है.
  3. इस दिन लम्बे समय के लिए निवेश भी कर सकते हैं, लाभ निश्चित होता है.
  4. इस दिन से नये व्यापार को प्रारंभ कर सकते हैं.
  5. इस दिन से नये जॉब को भी शुरू कर सकते हैं.
  6. इस दिन देव तर्पण, हवन, जप करना भी बहुत शुभ होता है.
  7. श्री यन्त्र की सिद्दी भी इस दिन होती है.
  8. इस दिन पिला पुखराज धारण करना शुभ होता है.
  9. अगर किसी मंत्र को सिद्ध करना हो तो इस दिन से साधना शुरू कर सकते हैं.
  10. कर्ज मुक्ति हेतु साधना भी गुरु पुष्य से शुरू कर सकते हैं.
  11. महालक्ष्मी की पूजा भी बहुत अच्छी होती है पुष्य नक्षत्र के दिन. 
गुरु पुष्य साल मे १ या 2 बार ही आता है अतः इस महुरत का उपयोग जरुर करना चाहिए. जीवन को सफल और सुखी बनाइये.



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गुरु पुष्य का महत्त्व, पुष्य नक्षत्र की शक्ति, क्या करे गुरु पुष्य मे, भाग्य को कैसे जगाये.

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