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Panchang Ke Prakaar Jyotish Me in Hindi

पंचांग के प्रकार, free jyotish lesson , जानिए चन्द्र मास के बारे मे, सौर पंचांग, नक्षत्र केलेंडर, इस्लामिक महीने. 

पूर्व के पाठो मे हम बहुत कुछ देख चुके है ज्योतिष क्या है, महीनो को वैदिक भाषा मे क्या कहते हैं, राशियों का रहस्य आदि. इस ज्योतिषीय पाठ मे हम जानेंगे पंचांग के प्रकार, मुस्लिम महीनो के बारे मे.

ज्योतिष मे समय की जानकारी होना जरुरी होता है क्यूंकि अनेको कार्यो को करने के लिए विभिन्न महुरतो की जरुरत होती है. पंचांग को सूर्य, चन्द्रमा , ग्रहों के चाल के आधार पर बनाया जाता है. ये कई प्रकार के होते हैं.
मुख्यतः पंचाग ४ प्रकार के होते हैं:कुछ पंचांग चन्द्रमा के आधार पर बनाए जाते हैं.कुछ पंचांग सूर्य के चाल के आधार पर बनाए जाते हैं.कुछ पंचांग नक्षत्रो के आधार पर बनाए जाते हैं.कुछ पंचांग देश या धरती के आधार पर बनाए जाते हैं. आइये अब जानते हैं महीनो के बारे में :1- चन्द्र मास:
ये 2 प्रकार के होते हैं –
पहला अमावस्या से पूर्णिमा तक दूसरा पूर्णिमा से अमावस्या तक  2- सौर मास :
पुरे साल मे सूर्य १२ राशियों से गुजरता है, जब सूर्य किसी एक राशि मे रहता है तो उस समय को एक सौर मास कहते हैं. 3-…

Jyotish Se Kaise Jaane Apne Khud Ke Guno Ke Bare Mai

Jyotish Se Kaise Jaane Apne Khud Ke Guno Ke Bare Mai,ग्रहों से जानिए अपनी खुद की शक्ति को, कुंडली में मौजूद शक्ति केंद्र, कैसे पायें ज्योतिष द्वारा सफलता?
ज्योतिष ग्रह और नक्षत्रो का विज्ञान है, कुंडली को अगर बारीकी से पढ़ा जाए तो हम अपने ही अन्दर की छुपे गुणों को जान सकते हैं. कुंडली में कुछ भाव शक्ति के केंद्र होते हैं और हमारे जिन्दगी के सफलता और असफलता को बहुत प्रभावित करते हैं. इन भावो को जानके साथ ही ग्रहों की शक्ति को पहचान कर हम सही दिशा में बढ़ सकते हैं सफलता प्राप्त करने के लिए.
हम देखते हैं की बहुत से लोग लगातार काम, जगह, निर्णय बदलते रहते हैं सफलता प्राप्त करने के लिए परन्तु कुछ हाथ नहीं लगता है , इसका कारण है ग्रहों का बल पर्याप्त न होना या फिर सही दिशा में न बढना.

ज्योतिष के द्वारा हम जान सकते हैं की व्यापार करना चाहिए या नौकरी, कैसा काम लाभदायक रहेगा, कौन सा समय अच्छा रहेगा नया काम शुरू करने के लिए, कब नौकरी बदलना चाहिए, क्या साझेदारी सफल रहेगी आदि.
इस लेख में आपको कुंडली के कुछ पहलु बताने जा रहे है जिनके द्वारा हम अपने अन्दर के गुणों को पहचान सकते हैं. खुद की शक्ति को…

Paksh Aur Tithiyo Ko Janiye Jyotish Me In Hindi

पक्ष और तिथियां क्या है ज्योतिष में, ज्योतिष सीखे, तिथियों के स्वामी कौन हैं जानिए हिंदी में.

ज्योतिष जानने वालो के लिए पक्ष और तिथियों की जानकारी अती महत्त्वपूर्ण है क्यूंकि महत्त्वपूर्ण कार्यो को करने के लिए महुरत निकालने में इनका उपयोग होता है.
आइये जानते हैं पक्ष और तिथियों के बारे में : भारतीय ज्योतिष के हिसाब से कोई भी महिना २ पक्षों में विभाजित रहता है और हर पक्ष में १५ दिन होते हैं और हर पक्ष में १५ तिथियाँ भी होती हैं.
२ पक्ष निम्न हैं :
शुक्ल पक्ष – अमावस्या के दुसरे दिन से पूर्णिमा तक के दिन शुक्ल पक्ष में आते हैं.कृष्ण पक्ष – पूर्णिमा के दुसरे दिन से अमावस्या तक के दिन कृष्ण पक्ष में आते हैं. आइये अब जानते हैं तिथियों के बारे में:प्रतिपदा, ये किसी भी पक्ष का पहला दिन होता है जिसे एकम भी कहते हैं.द्वितीय, ये किसी भी पक्ष का दूसरा दिन होता है जिसे दूज भी कहते हैं.तृतीया, ये किसी भी पक्ष का तीसरा दिन होता है जिसे तीज भी कहते हैं.चतुर्थी, ये किसी भी पक्ष का चौथा दिन होता है जिसे चौथ भी कहते हैं.पंचमी, ये किसी भी पक्ष का पांचवा दिन होता हैषष्ठी, ये किसी भी पक्ष का छठा दिन होता है…

Jyotish Lesson 1 In Hindi

||श्री गणेशाय नमः ||ॐ गुरु ॐ ||
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ऐसा कहा जाता है की ज्योतिष वेदों की आँखे है इसी कारन इस विषय का बहुत महत्त्व है. वैदिक ज्योतिष भारतीय संस्कृति का एक मुख्य भाग है. ज्योतिष द्वारा हम हमारे जीवन मे पड़ रहे ग्रहों के प्रभावों को जान सकते हैं, हम अपने जीवन के बारे मे अनेक बातो को जान सकते हैं.

|| वक्र तुंड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ निर्विघ्नं कुरुमे देवो सर्व कार्येशु सर्वदा || पूरी दुनिया मे ज्योतिष का अपना ही प्रभाव है, सारी दुनिया मे लोग वैदिक ज्योतिष को सीखना चाहते हैं और और बहुत से जिज्ञासु तो दूर देश की यात्रा करके भारत आते हैं इसे सीखने के लिए. ज्योतिष संसार के पाठक गण अब जान पायेंगे ज्योतिष को और ज्यादा क्यूंकि यहाँ पर अब शुरू कर रहे है ज्योतिष सीखने के लिए फ्री पाठ. अलग अलग अध्यायों मे अलग अलग विषयो को शामिल गिया जाएगा.

अगर आपको ज्योतिष मे दिलचस्पी है, अगर आप ज्योतिष सीखना चाहते है, …

Bhartiya Jyotish Aur Mahine Bhag 2

jyotish lesson 2 in hindi, vedic mahine, 9 grah and there designation as per jyotish, elements related with 9 planets, uttrayan and dakshinayan concept in hindi.

हम ज्योतिष सीखिए भाग -1 में ये देख चुके है की ज्योतिष के महत्त्व क्या है, इसे वैदिक ज्योतिष क्यों कहते हैं, इसके ३ भाग क्या है आदि |

अब दूसरे पाठ मे हम जानेंगे -
वैदिक महीनो के बारे में जिसका जिक्र हमे हिन्दू पंचांग में मिलता है |हम देखेंगे की ९ ग्रह कौन से है और इनकी हेसियत क्या है ?ग्रहों का सम्बन्ध कौन से तत्त्व से हैं ?उत्तरायण और दक्षिणायन क्या होते हैं?
इसके अलावा अगर आप 9 ग्रहों के बारे मे जानना चाहते हैं तो भी आप यहाँ जान सकते हैं. ग्रहों को कौन सी उपाधि प्राप्त है इसे भी आप इस पाठ मे जानेंगे अर्थात कौन सा ग्रह राजा है, कौन मंत्री है आदि.

कुंडली को पढने के समय ग्रहों का तत्त्वों से सम्बन्ध भी ध्यान रखना पड़ता है. इसे भी आप यहाँ जान पायेंगे, ५ तत्त्व होते हैं वायु, अग्नि, प्रथ्वी, आकाश और जल, हर ग्रह का सम्बन्ध किसी न किसी तत्त्व से होता है. इसके आधार पर उसका प्रभाव भी होता है.

सूर्य पुरे साल मे १२ राशियों से गुजरता है और…

Jyotish Mai 12 Rashiyo Ko Janiye Bhag 3

vedic jyotish lesson 3 in hindi, 12 rashiyan aur unke swabhaav in details, how we can check zodiac by seeing he number in horoscope.

हम jyotish lesson 2 में ये देख चुके है की वैदिक महीनो के बारे में जिसका जिक्र हमे हिन्दू पंचांग में मिलता है , 9 ग्रह कौन से है और इनकी हेसियत क्या है ?, ग्रहों का सम्बन्ध कौन से तत्त्व से हैं ?, उत्तरायण और दक्षिणायन क्या होते हैं? |

अब इस jyotish lesson 3 मे हम जानेंगे की-
१२ राशियाँ कौन सी हैं और उनका स्वभाव क्या है, ये हम विस्तार से देखेंगे |कुंडली मे राशियों के लिए अंक लिखे होते हैं. ज्योतिष उन अंको को देख कर कैसे राशी बता देते हैं.

इससे ये भी जान लेते हैं की कौन से भाव मे कौन सी राशि है. उदाहरण के लिए १ अंक मेष राशी को बताता है, ४ अंक कर्क को बताता है, 9 धनु को बताता है, १२ मीन राशी को बताता है आदि. इस पाठ मे आप इनके बारे मे पूर्ण जानकारी पायेंगे.

राशि चक्र मे हर राशी का अपना एक विशेष स्थान है और उसके लिए हम उसके डिग्री का अध्ययन करते हैं. इस पाठ मे हम इसके बारे मे भी पढेंगे.

हर राशी का एक स्वामी होता है जिसके बारे मे जानना भी आवश्यक है अगर कुंडली को…

Vakri Grah Ka Jivan Par Pravah

कुंडली में वक्री ग्रह का प्रभाव, क्या होता है वक्री का मतलब ज्योतिष मे, अशुभ वक्री ग्रह के प्रभाव जानिए. 
ज्योतिष में जब कुंडली बनती है तो हमे कुछ ग्रह वक्री भी मिल सकते हैं. ज्योतिष प्रेमी लोगो को वक्री ग्रह के प्रभाव को जानने का भी बहुत मन होता है. परन्तु इस विषय पर विभिन्न मत मौजूद है जिसके कारण अलग अलग ज्योतिष अलग अलग भविष्यवाणी करते हैं और उस आधार पर उपाय भी अलग अलग देते हैं.

वक्री ग्रह क्या होता है? हर ग्रह सामान्य तौर पर आगे की और चलते हैं अर्थात पहले मेष राशी में रहेगा फिर वृषभ पर फिर मिथुन पर आदि. परन्तु जब कोई ग्रह आगे जगह पीछे की तरफ चलने लग जाए तो इस चाल को वक्री गति कहा जाता है ज्योतिष में. जैसे की मिथुन के बाद कर्क राशि में जाना चाहिए परन्तु कोई अगर मिथुन के बाद वृषभ में जाए तो इसका मतलब है की वो ग्रह वक्री हो गया है.  इसी लिए कई बार हम ज्योतिष में सुनते हैं की इस समय शनि वक्री है, इस समय बुध वक्री है आदि. कौन से ग्रह सदा वक्री रहते हैं? राहू और केतु सदा ही कुंडली में वक्री रहते हैं. कौन से ग्रह कुंडली में कभी भी वक्री नहीं हो सकते हैं? सूर्य और चन्द्रमा कभी भी किसी के क…

Vedic Jyotish Me Uch Aur Neech Grah

ज्योतिष में उच्च और नीच ग्रह, उच्च और नीच ग्रह का प्रभाव और महत्त्व वैदिक ज्योतिष में, uch aur neech grah kab hote hain kundli mai.
वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली को पढ़ते समय एक बहुत ही महत्वपूर्ण कारक को ध्यान में रखा जाता है और अर्थात् विभिन्न घरों में उच्च और नीच ग्रहों की उपस्थिति। ऐसा माना जाता है कि यदि कोई ग्रह उच्च का होता है तो जातक या व्यक्ति को अच्छे परिणाम देता है और यदि कोई ग्रह नीच का हो जाता है तो यह व्यक्ति के लिए हानिकारक होता है। कब कौन सा ग्रह उच्च या नीच का होता है? सामान्य भाषा में इसे ऐसे समझे की उच्च का मतलब है बहुत ही फायदेमंद ग्रह और नीच अर्थात हानिकारक ग्रह |  लेकिन यहाँ एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि ग्रह की शक्ति भी महत्वपूर्ण होती है | शक्तिहीन ग्रह का असर हमारे जीवन में ना के बराबर होता है वही शक्तिशाली ग्रह का असर बहुत जबरदस्त देखा जाता है.  बेस्ट ज्योतिषी भविष्यवाणियां करने से पहले इस सिद्धांत को ध्यान में रखते हैं। उच्च ग्रह जातक के लिए वरदान है जबकि नीच ग्रह व्यक्ति के लिए अभिशाप है। निम्नलिखित तालिका देखें:ज्योतिष में ऐसा माना जाता है की अगर …

Vedic Jyotish Me 9 Grah

वैदिक ज्योतिष में ९ ग्रह, ग्रहों का सम्बन्ध जानिए ज्योतिष के हिसाब से.

ज्योतिष में 9 ग्रह हैं और वे सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु हैं। हमारा जीवन इन 9 ग्रहों के प्रभावों का परिणाम है। हमारी कुंडली में ये ग्रह अलग-अलग घरों में बैठते हैं और जीवन में प्रभाव दिखाते हैं। ज्योतिषी कुंडली पढ़कर हमारे जीवन में ग्रहों के प्रभाव को खोजने में सक्षम हैं।

अब इस पाठ में हम उन विषयों के बारे में जानने जा रहे हैं जो अलग-अलग 9 ग्रहों से संबंधित हैं यानी कुंडली में ग्रहों की स्थिति और शक्ति को देखकर हम किन विषयों पर विचार कर सकते हैं।

यह पाठ आपको ग्रहों की शक्ति को समझने और भविष्यवाणियों में मदद करेगा। प्रत्येक ज्योतिषी कुंडली पढ़कर भविष्यवाणियां करते हुए विषयों को ध्यान में रखते है।
बाद में हम "12 घरों के कारक ग्रहों" के बारे में भी जानेंगे |


इस ज्योतिषीय लेख में हम इन ९ ग्रहों के बारे में जानेंगे. हम ये भी जानेंगे की ये ग्रह जीवन के कौन से विषयो से जुड़े हैं. आइये जानते हैं ज्योतिष में ९ ग्रहों के बारे में:

सूर्य ग्रह और ज्योतिष :सूर्य का सम्बन्ध आत्मा से है, श…

Din Aur Nakshatra Jyotish Me In Hindi

ज्योतिष में दिन और नक्षत्रो को जानिए हिंदी में, क्या महत्त्व है नक्षत्रो के स्वामी के बारे में जानने का, मूल नक्षत्र को जानिए.

ज्योतिष एक समुद्र हैं और इसके तह तक जितना जाने की कोशिश करेंगे उतने ही नए चीजो के बारे में ज्ञान मिलता जाएगा. इसी कारन ये एक जीवन भर सिखने योग्य विषय है. इस पाठ में हम जानेगे दिन और नक्षत्रो के बारे में. नक्षत्र वास्तव में तारा समूह को कहा जाता है जो की हमारे जीवन पर गहरा असर छोड़ते हैं. हर नक्षत्र का अपना स्वामी होता है. इस पाठ में हम नक्षत्रो के स्वामी के बारे में भी जानेंगे. साथ ही हम जानेंगे मूल नक्षत्रो के बारे में.

एक सप्ताह में ७ दिन होते हैं और ये हैं – रविवार, सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और इनके स्वामी है सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि.

इसी प्रकार कुल २७ नक्षत्र होते हैं जैसे अश्विनी, भरनी, कृतिका रोहिणी आर्द्र आदि और इनके अपने स्वामी होते हैं.
आइये जानते हैं नक्षत्रो के स्वामी के बारे में जानने का महत्त्व :
एक महत्त्वपूर्ण प्रश्न हमारे दिमाग में आता है की नक्षत्रो के स्वामी के बारे में जानना क्यों जरुरी है, इसक…