] } Skip to main content

Posts

Showing posts with the label rakshabandhan jyotish

Latest Astrology Updates in Hindi

Kab Kare Ganesh Sthapna

कब करे गणेश स्थापना?, जानिए महूरत बाप्पा को स्थापित करने का, कैसे लाभ ले अच्छे महूरत का, 2026 गणेश स्थापना महुरत. Ganesh Sthapna Mahurat 2026: गणेश उत्सव शुरू हो रहा है और ऐसे में सभी लोग विघ्नहर्ता को मनाने में लगे रहेंगे क्यूंकि वो दुर्भाग्य नाशक है, परेशानियों को दूर करने वाले हैं. इन्हें प्रथम पूज्य कहा गया है देवताओं में इसीलिए गणेशजी का विशेष स्थान है सभी के हृदय में. हर साल भाद्रपद के महीने में चतुर्थी को एक विशेष दिन होता है जब से गणेश उत्सव प्रारम्भ होता है, पूरे भारत में लोग बड़े हर्ष और उल्लास के साथ इस उत्सव को मनाते हैं. करीब १० दिन ये उत्सव चलता है. Kab Kare Ganesh Sthapna अगर गणेश पूजन शिव और पार्वती जी के साथ की जाए तो और भी अच्छा होता है. ऐसी मान्यता है की चतुर्थी को बाप्पा का जन्म होता था इसीलिए उनके जन्म के उपलक्ष में गणेश उत्सव मनाया जाता है. आइये अब जानते हैं गणेश स्थापना के महुरत 2026: चतुर्थी तिथि 14 September को प्रातः में लगभग 7:07 पे शुरू होगी और 15 September को प्रातः में लगभग 7:43 तक रहेगी तो उदया तिथि के अनुसार गणेश स्थापना 14 सितम्बर ...

Rakshabandhan Mahurat in Hindi

Rakshabandhan Mahurat 2026, राखी पूजा का समय, रक्षा बंधन शुभ समय Rakshabandhan Mahurat 2026: साल 2026 में रक्षा बंधन 28 अगस्त शुक्रवार को है. पूर्णिमा तिथि  27 तारीख को दिन में लगभग 9:10 बजे शुरू होगी और 28 तारीख को दिन में लगभग 9:48 बजे तक रहेगी तो उदया तिथि के अनुसार राखी का त्यौहार 28 को मनाया जाएगा. रक्षा बंधन महूरत 2026 एक पवित्र त्यौहार है रक्षा बंधन, एक महत्त्वपूर्ण उत्सव है रक्षाबंधन जो की समर्पित है भाई और बहनों को. भाई कहीं भी हो पर रक्षाबंधन के दिन वो जरुर से कोशिश करते हैं की घर पर आये और अपनी प्यारी बहन से राखी बंधवाये और उसे कुछ उपहार दे. पढ़िए रक्षा बंधन और ज्योतिष का महत्त्व. जो धागा बहन अपने भाई को बांधती है वो कोई साधारण धागा नहीं होता अपितु एक रक्षा कवच की तरह काम करता है जो की व्यक्ति के भाग्वोदय में सहायक होता है. जहाँ बहन भाई की रक्षा के लिए पवित्र धागा बांधती है वही भाई भी बहन की रक्षा करने का वादा करते हैं. Rakshabandhan Mahurat 2026 रक्षाबंधन मंत्र ...

Rakshabandhan Mantra In Sanskrit

रक्षा बंधन मंत्र || संस्कृत में राखी मंत्र, राखी बांधते समय भाई का चेहरा किस दिशा में रखना चाहिए?, रक्षाबंधन की कहानी। हर साल सावन महीने की पूर्णिमा के दिन पूरे देश में रक्षा बंधन का पावन त्योहार मनाया जाता है। इस दिन हर बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र यानी राखी बांधती है और हमेशा उनकी रक्षा करने और भाई की तरक्की की कामना करती है। इस दिन भक्त अपने भगवान को भी राखी बांधते हैं। Rakshabandhan Mantra In Sanskrit ऐसा माना जाता है कि रक्षा बंधन के दिन यानी श्रावण पूर्णिमा को राखी बांधने से साल भर बीमारियों और बुरी नजर से बचाव होता है। रक्षाबंधन के दिन सबसे पहले माथे पर तिलक लगाया जाता है और फिर राखी बांधी जाती है और फिर भाई की आरती भी उतारी जाती है। बहन भाई की उन्नति और सफलता के लिए भगवान से प्रार्थना करती है। रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए: येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः, तेन त्वाम प्रतिबध्ना मि, रक्षे मा चल मा चल: || Listen On youtube इस मंत्र का अर्थ: मैं तुम्हें उसी रक्षा सूत्र से बांधता हूं, जिससे महान शक्तिशाली राक्षस राजा बलि को बांधा गया था, जो तुम्...