17 अक्टूबर से सूर्य-शनि का षडाष्टक योग: 12 राशियों पर प्रभाव 17 अक्टूबर को सूर्य के तुला राशि में प्रवेश करते ही सूर्य और शनि के बीच षडाष्टक संबंध बनेगा। ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान, पिता, नेतृत्व, प्रशासन और स्वास्थ्य का कारक माना जाता है, जबकि शनि कर्म, अनुशासन, देरी, जिम्मेदारियों और संघर्ष से जुड़े हैं। सूर्य और शनि के बीच 6-8 का संबंध होने पर इसे षडाष्टक योग कहा जाता है, जिसे सामान्यतः चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस अवधि में अहंकार और अनुशासन के बीच टकराव, कार्यक्षेत्र में दबाव, वरिष्ठों से मतभेद, पारिवारिक जिम्मेदारियों में वृद्धि और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही से परेशानी हो सकती है। हालांकि, सावधानी, संयम और सही कर्म से इस समय को सकारात्मक दिशा भी दी जा सकती है। Surya Aur Shani Ke Beech SHADASHTAK YOG आइये जानते हैं 12 राशियों पर क्या प्रभाव होगा सूर्य और शनि के बीच षडाष्टक योग के कारण: ♈ मेष राशि मेष राशि वालों के लिए यह समय रिश्तों, साझेदारी और कार्यक्षेत्र में संतुलन बनाए रखने की परीक्षा ले सकता है। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ किसी बात को ...
हनुमान जंजीरा मंत्र, Hanuman janjira mantra , भूत, प्रेत, बुरे स्वप्न, शैतानी शक्ति से बचने का चमत्कारी हनुमान मंत्र | चिरंजीवी हनुमानजी की कृपा जिसपे भी हो जाए उसका ऐसा कोई काम नहीं जो नहीं हो सकता | श्री राम भक्त हनुमानजी परमबलशाली है और दयालु भी हैं | इस लेख में हम जानेंगे Hanuman janjeera के बारे में जो की अत्यंत ही शक्तिशाली मंत्र है | इसका पाठ जहाँ होगा वहां से नकारात्मक शक्तियां गायब हो जाती है | अगर आप बहुत परेशानी में हैं और हनुमानजी के भक्त है तो हनुमान चालीसा का पाठ करके हनुमान जंजीर का पाठ करे, निश्चित ही लाभ होगा | Hanuman Janjira एक शाबर मंत्र है जो तुरंत असर दिखाता है है अतः शुद्ध मन से जरुरत पड़ने पर ही इसका प्रयोग करना चाहिए | Hanuman Janjeera Ke bol aur Fayde Lyrics of Hanuman Janjeera: ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जबान, हाथ में लड्डूा मुख में पान, खेल खेल गढ़ लंका के चौगान, अंजनी का पूत, राम का दूत, छिन में कीलौ नौ खंड का भूत, जाग जाग हड़मान हुँकाला, ताती लोहा लंकाला, शीश जटा डग डेरू उमर गाजे, वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला, आगे अर्जुन पीछ...