Shukra Kab Ast Honge 2026, शुक्र अस्त का क्या प्रभाव होगा 12 Rashiyo Par, शुक्र कब तक अस्त रहेंगे, क्या सावधानी रखना होगी, jyotish updates. Shukra Ast: 12 अक्टूबर 2026, सोमवार, शाम 6:19 बजे से 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार, सुबह 6:00 बजे तक। शुक्र ग्रह सूर्य के अत्यधिक निकट होने के कारण "अस्त " स्थिति में रहेंगे जिसके कारण प्रेम, सौंदर्य, कला, वित्त और संबंधों का कारक ग्रह शुक्र अपनी पूर्ण शक्ति से फल नहीं दे पायेगा । सूर्य की प्रखरता के कारण शुक्र के कोमल और सामंजस्यकारी गुण दब जाते हैं, जिससे जीवन के भावनात्मक और भौतिक पक्षों में उथल–पुथल या पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता उत्पन्न होती है। Shukra Kab Ast Honge यह अवधि व्यक्ति को मजबूर करती है कि वह अपने संबंधों, इच्छाओं, भोग-विलास और वित्तीय व्यवहार की गहराई से जांच करे। सूर्य का प्रभाव सत्य को उजागर करता है—जहाँ दिखावा या अधूरी अपेक्षाएँ हो, वह सामने आ जाती हैं। हालांकि चुनौतियाँ बन सकती हैं, पर यह समय आत्मचिंतन, शुद्धिकरण और वास्तविकता को अपनाने का अवसर भी प्रदान करता है। आइये जानते हैं अस्त शुक्र का 12 राशियों पर क्या प्रभ...
Parad shivling ki pooja kaise kare asaan tarike se, जानिए आसान तरीका घर में पारद के शिवलिंग की पूजा करने का. जैसा की हम जानते हैं की पारद के शिवलिंग की पूजा से स्वास्थ्य, सम्पन्नता, मान सम्मान आदि की प्राप्ति हो सकती है. तो इस लेख में हम जानेंगे की कैसे करे आसान तरीके से पारे के शिवलिंग की पूजा. Parad Shivling Ki Pooja Kaise Kare पारे के शिवलिंग का अध्यात्मिक महत्त्व है. पारद के शिवलिंग का धार्मिक महत्त्व है. इसके पूजा से धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति संभव है. अतः इसकी पूजा करनी चाहिए. पारद संहिता में पारे के लिंग के महत्त्व को विस्तार से बताया गया है. पारे का शिवलिंग हमे नकरात्मक शक्तियों से बचाता है. ये जीवन को सफल बनाने में मदद करता है. इसकी पूजा से रोगों से मुक्ति संभव है. पापो से मुक्ति के लिए भी लोग पारे के लिंग की पूजा करते हैं. Read in english about how to worship Mercury shivling? आइये जानते हैं की पारद/मरकरी के शिवलिंग की पूजा कैसे करे ? कुछ विशेष दिन होते हैं जब शिवलिंग की पूजा विशेष फल देता है जैसे शिव...