षट्तिला एकादशी कब है, Shattila Ekadashi का ज्योतिष महत्त्व, kya kare sattila ekadashi ko safalta ke liye, शट्तिला एकादशी vrat kaise kare. Shattila Ekadashi: षट्तिला एकादशी हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को समर्पित एक पवित्र व्रत तिथि है। यह माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है और खासकर तिल के छह प्रकार के उपयोग के कारण इसे षट्तिला नाम से जाना जाता है। इस दिन तिल का विशेष महत्व होता है। Shattila Ekadashi Kab hai 📅 षट्तिला एकादशी 2026 — तारीख और तिथि वर्ष 2026 में षट्तिला एकादशी बुधवार, 14 जनवरी 2026 को है। हिंदू पंचांग के अनुसार: एकादशी तिथि प्रारंभ: 13 जनवरी 2026, दोपहर लगभग 3:19 बजे से एकादशी तिथि समाप्त: 14 जनवरी 2026, शाम लगभग 5:53 बजे Shattila Ekadashi व्रत का मुख्य दिन/उदया तिथि: 14 जनवरी 2026 (बुधवार) पारण (व्रत खोलने का शुभ समय): 15 जनवरी 2026, प्रातः लगभग 7:15 बजे से 9:21 बजे तक Shat tila Ekadashi Ka Mahattw: षट्तिला एकादशी को भगवान विष्णु की विशेष कृपा का दिन माना जाता है। यह व्र...
Parad shivling ki pooja kaise kare asaan tarike se, जानिए आसान तरीका घर में पारद के शिवलिंग की पूजा करने का. जैसा की हम जानते हैं की पारद के शिवलिंग की पूजा से स्वास्थ्य, सम्पन्नता, मान सम्मान आदि की प्राप्ति हो सकती है. तो इस लेख में हम जानेंगे की कैसे करे आसान तरीके से पारे के शिवलिंग की पूजा. Parad Shivling Ki Pooja Kaise Kare पारे के शिवलिंग का अध्यात्मिक महत्त्व है. पारद के शिवलिंग का धार्मिक महत्त्व है. इसके पूजा से धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की प्राप्ति संभव है. अतः इसकी पूजा करनी चाहिए. पारद संहिता में पारे के लिंग के महत्त्व को विस्तार से बताया गया है. पारे का शिवलिंग हमे नकरात्मक शक्तियों से बचाता है. ये जीवन को सफल बनाने में मदद करता है. इसकी पूजा से रोगों से मुक्ति संभव है. पापो से मुक्ति के लिए भी लोग पारे के लिंग की पूजा करते हैं. Read in english about how to worship Mercury shivling? आइये जानते हैं की पारद/मरकरी के शिवलिंग की पूजा कैसे करे ? कुछ विशेष दिन होते हैं जब शिवलिंग की पूजा विशेष फल देता है जैसे शिव...