अगस्त 2026 में सूर्य के चार प्रमुख गोचर का 12 राशियों पर प्रभाव अगस्त 2026 में सूर्य देव चार बार अपनी स्थिति बदलेंगे, जिससे सभी 12 राशियों के जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिलेंगे। 3 अगस्त को सूर्य आश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, 17 अगस्त को सिंह राशि में प्रवेश करने के साथ ही मघा नक्षत्र में गोचर करेंगे तथा 31 अगस्त को पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। आइए जानते हैं इन चारों गोचरों का सभी राशियों पर विस्तृत प्रभाव। August Mai Surya Karenge Bade Badlaaw Gochar Kundli Mai मेष राशि अगस्त का महीना मेष राशि के जातकों के लिए आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सफलता लेकर आएगा। 3 अगस्त को सूर्य के आश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश से पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और घर-परिवार से जुड़े कुछ पुराने मामलों का समाधान मिलने की संभावना रहेगी। आर्थिक मामलों में समझदारी से लिए गए निर्णय भविष्य में लाभ देंगे। 17 अगस्त को सूर्य सिंह राशि और मघा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जिससे आपकी बुद्धि, शिक्षा, संतान सुख, प्रेम संबंध और रचनात्मक कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति होगी। विद्यार्थियों को ...
अष्टावक्र गीता भाग-3, राजा जनक को ज्ञान होने के उनके विचारों को सुनके अष्टावक्र जी ने क्या कहा ? अष्टावक्र गीता के भाग 2 में हमने जाना कि राजा जनक को ज्ञान होने के बाद उनके अंदर से किस प्रकार के विचार स्फुरित हुए उनके विचार सुनने के बाद अष्टावक्र जी राजन की स्थिति को सही तरीके से जांचना चाहते थे की कहीं राजा को बौद्धिक भ्रम तो नहीं हुआ है या फिर वास्तव में आत्मज्ञान हुआ है और इसीलिए उन्होंने कुछ प्रश्न किये और उन्हें कुछ बातें बताई जिसका वर्णन अष्टावक्र गीता के भाग 3 में दिया गया है तो आइए जानते हैं की अष्टावक्र जी क्या कहते हैं | Ashtavakra Geeta Bhaag 3 Astavakra Geeta in Hindi (Third Lesson): अद्वैत अविनाशी आत्मा को यथार्थ में पहचान करके तुझ आत्मज्ञानी धीर को धन संग्रह करने में प्रीति क्यों है? ||1|| आश्चर्य है आत्मा के अज्ञान से विषय का भ्रम होने पर वैसी ही प्रीति होती है जैसे सीपी के अज्ञान से चांदी के भ्रम में लोभ पैदा होता है ||2|| जिस आत्मा रूपी समुद्र में यह संसार तरंगों के समान स्फुरित होता है, वही मैं हूं, इस प्रकार जान करके तू क्यों दीनों की तरह दौड़ता है ? ||3|| यह स...