मिथुन लग्न: अस्त चंद्रमा के 12 भावों में प्रभाव व उपाय, Mithun Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama Ka 12 Bhavon Me Prabhav, Jyotish Updates. मिथुन लग्न में चंद्रमा दूसरे भाव का स्वामी होता है, जो परिवार, वाणी, धन-संपत्ति, मूल्य और भोजन की आदतों का प्रतिनिधित्व करता है। जब चंद्रमा अस्त (Combust) हो जाता है (अर्थात सूर्य के बहुत नज़दीक आ जाता है), तब उसकी प्राकृतिक शक्तियाँ कमज़ोर हो जाती हैं, जिससे भावनात्मक स्थिरता, आर्थिक पक्ष और पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है—यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि चंद्र किस भाव में स्थित है। अस्त चंद्रमा मानसिक तनाव बढ़ाता है क्योंकि मिथुन राशि का स्वामी बुध है—जो बुद्धि और विश्लेषण का ग्रह है—जबकि चंद्रमा भावनाओं का प्रतिनिधि है। Mithun Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama Ka 12 Bhavon Mai Prabhav aur Upay अस्त चंद्रमा क्या होता है? जब चंद्रमा सूर्य के बहुत करीब आ जाता है, तब उसे अस्त (Combust) कहा जाता है। इस स्थिति में चंद्रमा की शक्ति कम हो जाती है, जिससे: भावनाओं की अभिव्यक्ति कमजोर होती है अधिक सोचने की प्रवृत्ति बढती है आर्थिक अस...
क्या पत्थर उठाने से शादी हो सकती है, चमत्कारी शादी करवाने वाला पत्थर भारत में . भारत में अनुको ऐसे परम्पराएं मौजूद है जिसके पीछे के वैज्ञानिक पहलु को जितना समझने की कोशिश करे उतना ही उलझन बन जाती है. ऐसी ही एक विचित्र परंपरा सिवनी में देखने को मिलती है. सिवनी, मध्य प्रदेश में आज के डिजिटल युग में भी एक विचित्र परंपरा मौजूद है. यहाँ एक विशेष दिन ११ लोग ६० किलो वजनी पत्थर उठाते है. shadi ke liye totka हर साल पोला त्यौहार यहाँ मनाया जाता है , इसके दुसरे दिन इस पत्थर उठाओ कार्यक्रम का आयोजन होता है. पहले पत्थर को कुंवारे लड़के पीठ पर उठाते हैं. और बाद में ११ शादी सुदा लोग अपने १-१ ऊँगली लगा के पत्थर को उठाते हैं. ये प्रथा ५०० साल पुरानी है और आज भी लोगो को विश्वास है की ऐसा करने से विवाह हो जाता है. आश्चर्य की बात ये है की – जहाँ शादी सुदा लोग इस पत्थर को १ -१ ऊँगली से आसानी से उठा लेते हैं वहीँ कुंवारे लोगो को इसे पीठ पे उठाने में भी पसीने आ जाते हैं. आइये जानते हैं की ये चमत्कारी पत्थर है कहाँ : सिवनी मध्य प्रदेश से ३५ किलोमीटर की दुरी पर खैरी गाँव है, यहाँ प...