Shani Ka UttarBhadrapad Nakshatra Mai Pravesh Ka 12 Rashiyo Par Prabhav, shani ka naskhatra parivartan kab hoga, shani nakshatra gochar 2026. Shani Ka UttarBhadrapad Nakshatra Mai Gochar: 20 जनवरी को धीमी गति से चलने वाला कर्मफलदायक ग्रह शनि (Shani) नक्षत्र परिवर्तन करते हुए उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। नक्षत्र अधिपत्य के अनुसार उत्तराभाद्रपद को शनि का अपना नक्षत्र माना जाता है जिससे शनि और शक्तिशाली हो जायेंगे, अतः यह गोचर विशेष रूप से प्रभावशाली और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण बन जाता है। Shani Ka UttarBhadrapad Nakshatra Mai Pravesh आइये शनि के नक्षत्र गोचर को समझते हैं : ग्रह: शनि (Shani) प्रवेश नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद (जो 17 मई 2026 तक रहेगा) नक्षत्र का स्वामी: शनि (नक्षत्राधिपति नियम अनुसार) शनि की वर्तमान राशि: मीन (Pisces) शनि अनुशासन, कर्म, न्याय, धैर्य और दीर्घकालिक परिणामों का प्रतीक है, जबकि उत्तराभाद्रपद आत्मिक जागरण, स्थिरता, गहराई एवं आध्यात्मिकता से जुड़ा है। यह संयोजन आत्मचिंतन, कर्मिक शुद्धि और जीवन के पुनर्गठन को प्रोत्साहित करता ह...
Rudraksha kya hai, रुद्राक्ष का प्रयोग कैसे करे, Benefits of different face rudraksh in astrology, जानिए रुद्राक्ष के प्रकार और ज्योतिषीय महत्त्व | यह दुनिया को भगवान शिव का महान उपहार है। भारतीय पौराणिक कथाओं के अनुसार रुद्राक्ष भगवान शिव के आंसुओं के कारण अस्तित्व में आया था । यह आपकी सभी समस्याओं का समाधान करने में सक्षम है इसीलिए ज्योतिष रत्नों के साथ रुद्राक्ष भी धारण करने की सलाह देते हैं । Rudraksh Kya hai aur kya shakti hoti hai inme इस डिजिटल युग में रुद्राक्ष ऑनलाइन बाजार में बहुतायत में उपलब्ध है। हर दिन हजारों रुद्राक्ष बिक रहे हैं। लोग इसे विभिन्न उद्देश्यों के लिए पहनते हैं जैसे शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए, सुरक्षा के लिए, शक्ति प्राप्त करने के लिए, बिमारी से बचाव के लिए आदि। लेकिन हमें इस बारे में उचित जानकारी नहीं है कि रुद्राक्ष क्या है, सबसे अच्छा कौन सा है , इसे कैसे पहनना है?, शक्ति का परीक्षण कैसे करना है?, क्या यह सभी के लिए अच्छा है आदि। यहां इस लेख में हम रुद्राक्ष के बारे विस्तार से जानेंगे | अनुक्रमणिका: Rudraksh kya hai? Rudraksh ke prakaar ko ka...