ऋषि पंचमी कब है जानिए महत्त्व हिंदी में , क्या करे ऋषि पंचमी को, ऋषि पंचमी की कहानी, कर्मकांड ऋषि पंचमी से जुड़े, सप्त ऋषियों के नाम. Rishi panchmi 2026: भाद्रपद के महीने में गणेश चतुर्थी के दुसरे दिन ऋषि पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है भारत में. ये दिन भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष के पांचवे दिन मनाया जाता है. ये दिन बहुत महत्त्वा रखता है क्यूंकि इस दिन सप्त ऋषयो की पूजा होती है जिनके नाम है – कश्यप, अत्री, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम , जमदग्नि और वशिष्ठ. ऐसी मान्यता है की इनकी पूजा से रजस्वला दोष से मुक्ति मिल सकती है. सन 2026 में 15 September, Mangalwar को है ऋषि पंचमी | Rishi Panchmi २०२५ ऋषि पंचमी का दिन महिलाओं के लिए ख़ास महत्त्व रखता है , इस दिन महिलायें व्रत रखती है , पूजाएँ करती है ताकि रजस्वला दोष से मुक्ति मिले. रजस्वला होने पर जाने अनजाने बहुत सी भूल हो जाती है और हिन्दू संस्कृति में इससे मुक्ति का मार्ग भी है और वो है ऋषि पंचमी के दिन सही तरीके से पूजा पाठ करना जिससे पापो से मुक्ति मिलती है. क्या आप जानते हैं की ऋषि पंचमी से २ दिन पहले हरतालिका तीज मनाया जा...
जुलाई पूर्णिमा कब है, जुलाई 2026 पूर्णिमा का 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, ज्योतिष भविष्यवाणियां, July Purnima Ka 12 Rashiyo Par Prabhav, गुरु पूर्णिमा 2026. **जुलाई 2026 में पूर्णिमा** 29 जुलाई को है जो भावनात्मक स्पष्टता, अनुशासन और कर्म संबंधी रहस्योद्घाटन के शक्तिशाली कंपन लेकर आएगा। वैदिक परंपरा में **गुरु पूर्णिमा** के रूप में जानी जाने वाली इस पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि यह गुरुओं के ज्ञान का सम्मान करती है। चाहे आप वैदिक या पश्चिमी ज्योतिष का पालन करें, यह पूर्णिमा हमारे जीवन के उन क्षेत्रों को रोशन करेगा, जिनमें परिपक्वता, संरचना और आधार की आवश्यकता होती है। July Purnima Ka 12 Rashiyo Par Prabhav आइए जानें 🌕 जुलाई 2026 पूर्णिमा का 12 राशियों पर प्रभाव : वैदिक ज्योतिष के अनुसार 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे । शनि की राशि में स्थित चंद्रमा कर्म, अनुशासन, जिम्मेदारी और व्यावहारिक सोच को बढ़ावा देगा। वहीं गुरु पूर्णिमा का आध्यात्मिक प्रभाव गुरु कृपा, ज्ञान, आत्मचिंतन और धर्म-कर्म के लिए अत्यंत शुभ ...