Sheetla Saptmi Ki Katha, शीतला सप्तमी कथा, sheetla mata puja ka mahattw, Shitla Mata Mantra. चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाने वाली शीतला सप्तमी का पर्व विशेष रूप से माताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन माताएं अपने बच्चों के स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं और शीतला माता की पूजा करती हैं। मान्यता है कि इस दिन ठंडा भोजन (बासी या एक दिन पहले बनाया हुआ) ग्रहण किया जाता है और पूजा के बाद शीतला माता की कथा अवश्य सुननी या पढ़नी चाहिए। इस वर्ष शीतला सप्तमी 10 मार्च को मनाई जा रही है। आइए पढ़ते हैं शीतला माता की प्रेरणादायक कथा। Sheetla Saptmi Ki Katha शीतला सप्तमी की कथा बहुत समय पहले एक गांव में एक ब्राह्मण दंपति रहते थे। उनके दो पुत्र थे और दोनों की शादी हो चुकी थी। लेकिन विवाह के कई वर्षों बाद तक दोनों बहुओं को संतान का सुख नहीं मिला। लंबे इंतजार और प्रार्थनाओं के बाद आखिरकार दोनों को संतान प्राप्त हुई। पूरे घर में खुशियों का माहौल था। सुनिए YouTube में कुछ समय बाद शीतला सप्तमी का पावन पर्व आया। परंपरा के अनुसार...
Holashtak 2026 कब से है?, भारत में 2026 में होलाष्टक कब शुरू होता है?, क्या करें, निषिद्ध कार्य, होलाष्टक 2026 प्रारंभ और समाप्ति तिथि, what is holastak. Holashtak 2026: होलाष्टक होली उत्सव के 8 दिन पहले यानी रंगों के त्योहार से पहले शुरू हो जाता है और अध्यात्मिक के साथ तंत्र साधना करने की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। यदि कोई अपने जीवन में स्वास्थ्य, धन, शत्रु आदि के कारण पीड़ित है तो इन दिनों में पूजा करना अच्छा होता है। Holastak kya hota hai jyotish anusar होलाष्टक क्या है? हर साल फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी से होलिका दहन तक 8 दिनों को होलाष्टक के नाम से जाना जाता है। हिंदू मान्यता के अनुसार होलाष्टक के 8 दिनों में कोई भी शुभ कार्य नहीं किये जाते हैं जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश,नए कार्यो की शुरुआत आदि | होलाष्टक रंग के त्योहार के आगमन का प्रतिनिधित्व करता है। होलिका दहन के साथ होलाष्टक का समापन होता है । Holashtak 2026 इस साल 2026 में 24 February मंगलवार से शुरू होगा holashtak और 3 मार्च को होलिका दहन के साथ ख़त्म होगा | ...