Skip to main content

Posts

Showing posts with the label Satsang

Latest Astrology Updates in Hindi

Shivratri Ko Kya Kare Jyotish Ke Hisab Se

Mahashivratri kab hai 2026 mai, क्या करे शिवरात्रि को, कैसे कर सकते है शिव पूजा, किस प्रकार की पूजाए संभव है शिवरात्रि मे, समस्याओं का समाधान महाशिवरात्रि मे. Mahashivratri 2026: हिन्दू धर्म ग्रंथो के अनुसार शिवरात्रि एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण रात्रि होती है, साधनाओ को करने हेतु महाशिवरात्रि एक शक्तिशाली रात्रि मानी गई है. भौतिक इच्छाओं को पूरी करना हो या फिर अध्यात्मिक, शिवरात्रि बहुत महत्तवपूर्ण समय होता है अनुष्ठानो को करने के लिए | ऐसा माना जाता है कि महाशिवरात्रि की दिव्य रात्रि में की गई पूजा से  हजारो वर्षों की पूजा का फल मिलता है | सन 2026 में महाशिवरात्रि 15 फ़रवरी रविवार को है, चतुर्दशी तिथि 15 तारीख को शाम में लगभग 05:07 बजे से शुरू हो जायेगी और 16 तारीख को शाम में लगभग 5:35 बजे तक रहेगी | Shivratri Ko Kya Kare Jyotish Ke Hisab Se यह दिव्य रात्रि पुरुष, स्त्री, प्रेमी, रोगी सभी के लिए उपयोगी है क्योंकि शिवरात्रि को हम अपनी किसी भी मनोकामना के लिए अनुष्ठान कर सकते हैं। शिवरात्रि की रात पूजा और ध्यान करने से पापों का नाश संभव है। इस रात को भगवान शिव और देवी पार्वती...

Sansarik Pralobhano Ka Jaal

सांसारिक प्रलोभनों का जाल, कैसे मनुष्य नश्वर वस्तुओं का आनंद लेते हुए आखरी में पछताता है?, कैसे छला जाता है मनुष्य इस दुनिया में. sansarik jaal ||श्री गुरु देव शरणम् || संसार एक ऐसी मायावी दुनिया है जहाँ मनुष्य ने अपनी कल्पनाओं को साकार करते हुए अपने आपको उलझा रखा है और अपने आप से ही दूर हो गया है. इंसान इस दुनिया में आता तो अकेला ही है और खाली हाथ भी, परन्तु इस दुनिया में प्रवेश करते ही वो ना-ना प्रकार के प्रलोभनों में फंसता चला जाता है. बचपन में खिलौने और पढ़ाई, युवा अवस्था में ताकत हासिल करना, विवाह करना, काम क्रीड़ा का आनंद लेना, बच्चे पैदा करना, नौकरी करना, अपने स्टेटस को बढ़ाना, ऐशो आराम की चीजो को बढ़ाते  रहना आदि और इस प्रकार पूरा जीवन कब निकल जाता है पता ही नहीं चलता है. बुढ़ापे में या तो बिस्तर पकड़ के अपनी आखरी सांस की प्रतीक्षा करता है या फिर अपने बच्चो की सेवा चाकरी में लगा रहता है. समय निकलने के बाद पता चलता है की “माया मिली ना राम” भगवान् की सारी रचनाओं में से सिर्फ इंसान ही ऐसी रचना है जिसके पास अथाह शक्ति है, विवेक है. इंसान ने अपनी साधना, तपस्याओ द्वारा...