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Shani Ka UttarBhadrapad Nakshatra Mai Pravesh Ka 12 Rashiyo Par Prabhav

Shani Ka UttarBhadrapad Nakshatra Mai Pravesh Ka 12 Rashiyo Par Prabhav,  shani ka naskhatra parivartan kab hoga, shani nakshatra gochar 2026. Shani Ka UttarBhadrapad Nakshatra Mai Gochar: 20 जनवरी को धीमी गति से चलने वाला कर्मफलदायक ग्रह शनि (Shani) नक्षत्र परिवर्तन करते हुए उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। नक्षत्र अधिपत्य के अनुसार उत्तराभाद्रपद को शनि का अपना नक्षत्र माना जाता है जिससे शनि और शक्तिशाली हो जायेंगे, अतः यह गोचर विशेष रूप से प्रभावशाली और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण बन जाता है। Shani Ka UttarBhadrapad Nakshatra Mai Pravesh आइये शनि के नक्षत्र गोचर को समझते हैं : ग्रह: शनि (Shani) प्रवेश नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद (जो 17 मई 2026 तक रहेगा) नक्षत्र का स्वामी: शनि (नक्षत्राधिपति नियम अनुसार) शनि की वर्तमान राशि: मीन (Pisces) शनि अनुशासन, कर्म, न्याय, धैर्य और दीर्घकालिक परिणामों का प्रतीक है, जबकि उत्तराभाद्रपद आत्मिक जागरण, स्थिरता, गहराई एवं आध्यात्मिकता से जुड़ा है। यह संयोजन आत्मचिंतन, कर्मिक शुद्धि और जीवन के पुनर्गठन को प्रोत्साहित करता ह...

Sansarik Pralobhano Ka Jaal

सांसारिक प्रलोभनों का जाल, कैसे मनुष्य नश्वर वस्तुओं का आनंद लेते हुए आखरी में पछताता है?, कैसे छला जाता है मनुष्य इस दुनिया में. sansarik jaal ||श्री गुरु देव शरणम् || संसार एक ऐसी मायावी दुनिया है जहाँ मनुष्य ने अपनी कल्पनाओं को साकार करते हुए अपने आपको उलझा रखा है और अपने आप से ही दूर हो गया है. इंसान इस दुनिया में आता तो अकेला ही है और खाली हाथ भी, परन्तु इस दुनिया में प्रवेश करते ही वो ना-ना प्रकार के प्रलोभनों में फंसता चला जाता है. बचपन में खिलौने और पढ़ाई, युवा अवस्था में ताकत हासिल करना, विवाह करना, काम क्रीड़ा का आनंद लेना, बच्चे पैदा करना, नौकरी करना, अपने स्टेटस को बढ़ाना, ऐशो आराम की चीजो को बढ़ाते  रहना आदि और इस प्रकार पूरा जीवन कब निकल जाता है पता ही नहीं चलता है. बुढ़ापे में या तो बिस्तर पकड़ के अपनी आखरी सांस की प्रतीक्षा करता है या फिर अपने बच्चो की सेवा चाकरी में लगा रहता है. समय निकलने के बाद पता चलता है की “माया मिली ना राम” भगवान् की सारी रचनाओं में से सिर्फ इंसान ही ऐसी रचना है जिसके पास अथाह शक्ति है, विवेक है. इंसान ने अपनी साधना, तपस्याओ द्वारा...