Guru purnima kab hai 2026, Guru Poornima Importance In Hindi, गुरु पूर्णिमा का महत्तव हिन्दी में, क्या करे गुरु पूर्णिमा को. Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा एक हिंदू त्योहार है और इस दिन हम शिक्षक और आध्यात्मिक गुरुओं का सम्मान करते हैं | यह हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। "गुरु" शब्द संस्कृत के शब्द "गु" से आया है जिसका अर्थ है "अंधकार" और "रु" का अर्थ है "दूर करना।" इसलिए गुरु वह होता है जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करते है और हमें सत्य का प्रकाश देखने में मदद करते है। हिंदू धर्म में, गुरु पूर्णिमा हमारे सभी जीवित और ब्र्हम्लीन गुरुओं का सम्मान करने का समय है। हम उनके मार्गदर्शन और शिक्षाओं के लिए अपना आभार व्यक्त करते हैं, और उनके निरंतर आशीर्वाद के लिए प्रार्थना करते हैं। गुरु पूर्णिमा पर, लोग आमतौर पर अपने गुरुओं से मिलते हैं, उनका पूजन करते हैं, उन्हें उपहार देते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं | यह उन लोगों को याद करने का दिन है जिन्होंने हमें बढ़ने और सीखने में मदद की...
अष्टावक्र कौन थे, जानिए उनसे जुडी 3 कथाएं, जानिए अष्टावक्र गीता की रचना कैसे हुई, Ashtavakra kaun the. अष्टावक्र एक ऐसे ज्ञानी पुरुष थे जिनका नाम आध्यात्मिक जगत में बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है | आमतौर पर अष्टावक्र के जीवन के बारे में तीन कथाएं प्रचलित हैं जिनसे पता चलता है कि वह ज्ञानियों में शिरोमणि है| इन्हें गर्भ में ही आत्मज्ञान हो गया था | Astavakra Kaun Hain आइये जानते हैं 3 अद्भुत घटनाएं जो ashtavakra जी की महानता को प्रमाणित करते हैं : 1.पहली कथा - जब यह गर्भ में थे उस समय उनके पिता एक दिन वेद पाठ कर रहे थे तो इन्होंने गर्भ से ही अपने पिता को टोक दिया कि रुको यह सब बकवास है शास्त्रों में ज्ञान कहाँ, ज्ञान तो स्वयं के भीतर है सत्य शास्त्रों में नहीं स्वयं में है शास्त्र तो शब्दों का संग्रह मात्र है यह सुनते ही उनके पिता श्री को अहंकार जाग उठा वे आत्मज्ञानी तो थे नहीं शास्त्रों के मात्र ज्ञाता थे और जिन्हें शास्त्रों का ज्ञान होता है उनमें इस जानकारी का अहंकार होता है इसी अहंकार के कारण व आत्म ज्ञान से वंचित रहते हैं |उन्हीं का वह पुत्र उन्हें उपदेश दे रह...