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Showing posts with the label Janmashtmi aur Jyotish in hindi

Latest Astrology Updates in Hindi

Guru Poornima Importance In Hindi

Guru purnima kab hai 2026,  Guru Poornima Importance In Hindi, गुरु पूर्णिमा का महत्तव हिन्दी में, क्या करे गुरु पूर्णिमा को. Guru Purnima 2026:  गुरु पूर्णिमा एक हिंदू त्योहार है  और इस दिन हम शिक्षक और आध्यात्मिक गुरुओं का सम्मान करते हैं |  यह हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़  महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। "गुरु" शब्द संस्कृत के शब्द "गु" से आया है जिसका अर्थ है "अंधकार" और "रु" का अर्थ है "दूर करना।" इसलिए गुरु वह होता है जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करते है और हमें सत्य का प्रकाश देखने में मदद करते है। हिंदू धर्म में, गुरु पूर्णिमा हमारे सभी जीवित और ब्र्हम्लीन गुरुओं का सम्मान करने का समय है। हम उनके मार्गदर्शन और शिक्षाओं के लिए अपना आभार व्यक्त करते हैं, और उनके निरंतर आशीर्वाद के लिए प्रार्थना करते हैं। गुरु पूर्णिमा पर, लोग आमतौर पर अपने गुरुओं से मिलते हैं, उनका पूजन करते हैं, उन्हें उपहार देते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं |  यह उन लोगों को याद करने का दिन है जिन्होंने हमें बढ़ने और सीखने में मदद की...

Janmashtmi Par Rashi Anusar Kya Bhog Lagaayen | Shri Krishn Janmashtmi Vishesh

Janmashtmi Par Rashi Anusar Kya Bhog Lagaayen | Shri Krishn Janmashtmi Vishesh, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर राशि अनुसार क्या भोग लगाएँ? मेष से मीन तक हर राशि के लिए शुभ भोग सुझाव, लाभ एवं पूजा टिप्स। माखन-मिश्री और तुलसी पत्ता सहित संपूर्ण मार्गदर्शिका। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भक्ति, प्रेम और आनंद का प्रतीक है। इस दिन भक्तगण व्रत रखते हैं, झूला सजाते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और भगवान श्रीकृष्ण को भोग अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। यदि आप राशि अनुसार भोग लगाएँ तो इसे और भी शुभ एवं फलदायक माना जाता है। Janmashtmi Par Rashi Anusar Kya Bhog Lagaaye Watch Video On Youtube विशेष नोट: माखन और मिश्री का भोग सभी को लगाना चाहिए क्योंकि यह भगवान का प्रिय है। भोग के साथ तुलसी पत्ता अवश्य रखें। सामग्री-सूची मेष वृषभ मिथुन कर्क सिंह कन्या तुला वृश्चिक धनु मकर कुंभ मीन निष्कर्ष ...

Janmashtmi Mahattw In Hindi and Jyotish

Janmashtmi 2025 me kab hai, 2025 में जन्माष्टमी की वास्तविक तिथि की जानकारी?, कब रखें जन्माष्टमी व्रत?, रोहिणी नक्षत्र कब से कब तक है?, कृष्ण जन्म के लिए ज्योतिष उपाय | शाश्त्रो के हिसाब से श्रीकृष्ण का जन्म- अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, वृषभ राशि और बुधवार के दिन हुआ था |  2025 में जन्माष्टमी 16 अगस्त शनिवार को है | अष्टमी तिथि 15 तारीख को रात्री में लगभग 11:51 पे शुरू होगी और 16 तारीख को रात्री में लगभग 9:35 PM तक रहेगी | तो उदया तिथि के अनुसार जन्माष्टमी का व्रत 16 को किया जायेगा. janmashtmi 2025 Watch Video On Youtube जन्माष्टमी 2025 पूजा मुहूर्त (Janmashtami 2025 Puja Muhurat): श्रीकृष्ण पूजा का समय - 16 अगस्त को रात्री में 12:04 से 12:47 AM तक (निशीथ काल ) पूजा अवधि - 43 मिनट कृष्ण जन्माष्टमी एक ऐसा उत्सव है जो की सिर्फ भारत में ही नहीं अपितु संसार के कई देशो में बहुत धूम धाम से मनाया जाता है. इसका कारण ये है की कृष्ण भक्त पुरे संसार में फैले हुए हैं. जन्माष्टमी वह दिन हैं जब कृष्ण जी ने धरती पर जन्म लिया था. कृष्ण जी को भगवान् विष्णु का अवतार माना जाता ह...

Janmashtmai Mai Kaun Si Poojaaye Shubh Hoti Hai

जनमष्टमी मे कौन सी पूजाएँ शुभ होती है, कौन सी पूजाएँ की जाती है गोकुलाष्ट्मी मे , कैसे करे इच्छाएं पूरी कृष्ण जन्माष्टमी मे . Janmashtmai Mai kaun si puja जन्माष्टमी का दिन अति महत्त्वपूर्ण है और इस दिन अनेक प्रकार की पूजाए होती है. संतान गोपाल कृष्ण पूजा संतान गोपाल मंत्र का जप कृष्णा का अभिषेक और अर्चन विष्णु शाश्त्रनाम का जप माखन अभिषेक द्वारा शुभता कैसी आएगी ? कृष्णा और बलराम की पूजा क्यों करना चाहिए ? राधा कृष्णा की पूजा साथ मे क्यों करे? पढ़िए जन्माष्टमी पर क्या भोग लगायें राशि अनुसार  हर जगह कृष्णा का जन्मदिन बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. शाश्त्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार कृष्णा का जन्म भाद्रपद के कृष्णा पक्ष मे अष्टमी तिथि को हुआ था , इस दिन रोहिणी नक्षत्र था. ये दिन गोकुल अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है. भाद्रपद महीने में कृष्णा पक्ष की अष्टमी तिथि को बहुत महत्त्वपूर्ण माना जाता है साधना के दृष्टि से, पूजा पाठ की दृष्टि से. पढ़िए जन्माष्टमी की सही तारीख 2025 में  आइये जानते है कुछ पूजाओ का महत्त्वा जन्माष्टमी के दिन: इस दिन स...