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Latest Astrology Updates in Hindi

Saptahik Rashifal

Saptahik Rashifal Aur Panchang, 5 से 12 July 2026 तक की भविष्यवाणियां| प्रेम जीवन की भविष्यवाणी, आने वाले सप्ताह में किस राशि के जातकों को लाभ मिलेगा, आने वाले सप्ताह के महत्वपूर्ण दिन और राशिफल, जानें आने वाले सप्ताह में कितने सर्वार्थ सिद्धि योग मिलेंगे। Saptahik Rashifal : ज्योतिष में चंद्रमा के गोचर पर आधारित साप्ताहिक भविष्यवाणियाँ महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि चंद्रमा हमारी भावनाओं, सहज प्रवृत्तियों और दैनिक मनोदशाओं को नियंत्रित करता है। सबसे तेज़ गति से चलने वाला खगोलीय पिंड होने के नाते, यह लगभग हर 2.25 दिनों में राशि बदलता है, जिससे साप्ताहिक आधार पर हमारी भावनाओं, प्रतिक्रियाओं और दूसरों के साथ जुड़ाव पर असर पड़ता है। विभिन्न राशियों में चंद्रमा के गोचर और अन्य ग्रहों पर इसके प्रभावों पर नज़र रखकर, ज्योतिषी सप्ताह के दौरान भावनात्मक रुझानों, विकास के अवसरों और संभावित चुनौतियों के बारे में जानकारी प्रदान कर सकते हैं। ये भविष्यवाणियाँ व्यक्तियों को अपनी गतिविधियों को ब्रह्मांडीय लय के साथ संरेखित करने में मदद करती हैं—संचार, निर्णय लेने, आत्म-देखभाल या आत्मनिरीक्षण के लिए ...

Chaitra Navratri Ki Mahima in hindi Jyotish

Chaitra Navratri Kab Se Hai 2026,  कब से है चैत्र नवरात्री, Ghat Sthapna Kab Kare, ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी, चैत्र नवरात्री कैलेन्डर.

Chaitra Navratri 2026: जैसा की हम सब जानते है की नवरात्री के 9 दिन बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं, साधना के लिए, मनोकामना पूर्ण करने के लिए, पूजा पाठ करने के लिए.

इस बार चैत्र नवरात्री 19 March गुरुवार से शुरू होके 27 मार्च शुक्रवार तक रहेगी और माताजी की सवारी डोली/पालकी रहेगी |
Chaitra Navratri Kab Se Hai 2026, कब से है चैत्र नवरात्री, Ghat Sthapna Kab Kare, ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी, चैत्र नवरात्री कैलेन्डर.
Chaitra Navratri Ki Mahima in hindi Jyotish

 Chaitra Navratri 2026 घट स्थापना महूरत :

  1. चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू होगी 19 मार्च को प्रातः में लगभग 6:55 पर.
  2. चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि समाप्त होगी 20 मार्च को तड़के में लगभग 4:53 पर.

घटस्थापना के मुहूर्त- Chaitra Navratri 2026

1. 19 मार्च को सुबह 6:55 से लेकर सुबह 7:42 तक.
2. अभिजीत मुहूर्त 12:05 PM - 12:53 PM तक रहेगा.

चैत्र नवरात्र का कैलेंडर 2026 (Chaitra Navratri Calendar 2026)

🌺 चैत्र नवरात्रि कैलेंडर 2026 🌺

नवरात्रि दिन तारीख पूजा / देवी
दिन 1 19 मार्च 2026, गुरुवार घटस्थापना (कलश स्थापना) और माँ शैलपुत्री की पूजा
दिन 2 20 मार्च 2026, शुक्रवार माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा
दिन 3 21 मार्च 2026, शनिवार माँ चंद्रघंटा की पूजा
दिन 4 22 मार्च 2026, रविवार माँ कूष्मांडा की पूजा
दिन 5 23 मार्च 2026, सोमवार माँ स्कंदमाता की पूजा
दिन 6 24 मार्च 2026, मंगलवार माँ कात्यायनी की पूजा
दिन 7 25 मार्च 2026, बुधवार माँ कालरात्रि की पूजा
दिन 8 26 मार्च 2026, गुरुवार माँ महागौरी की पूजा
दिन 9 27 मार्च 2026, शुक्रवार माँ सिद्धिदात्री की पूजा

🙏 जय माता दी 🙏

चैत्र महिना हिन्दू पंचांग के हिसाब से पहला महिना होता है इसिलिये भी बहुत महत्त्वपूर्ण है. चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को नवरात्री का पहला दिन होता है. ये दिन गुडी पडवा के रूप मे भी मनाया जाता है, इसके ठीक दूसरे दिन चेटी चंड मनाया जाता है |चैत्र नवरात्री का नौवा दिन राम नवमी के रूप मे भी मनाया जाता है.

ये गर्मियों के दिन की शुरुआत का संकेत भी है अतः हमे साधना द्वारा शक्ति हासिल करना चाहिए जिससे की हम बदलते हुए वातावरण को पचा सके और स्वस्थ रह सके. Chaitra Navratri 2026

नवरात्री के 9 दिन भक्त देवी के अलग अलग रूपों की पूजा करते है जिन्हें नवदुर्गा भी कहते हैं |

आइये अब जानते है की 2026 चैत्र नवरात्री के दौरान कौन कौन से मुख्य दिन आ रहे है :

  1. घट स्थापना 19 मार्च, गुरुवार को होगी.
  2. सिंधारा दोज 20 मार्च को है।
  3. गणगौर तीज 21 मार्च को है।
  4. विनायकी चतुर्थी व्रत 22 मार्च को है। Chaitra Navratri 2026
  5. राम राज्योत्सव 3 मार्च को है।
  6. महा-अष्टमी/ दुर्गा अष्टमी 26 तारीख को है।
  7. श्री राम- नवमी 27 तारीख को है।
नवरात्री मे साधक गण मुख्यतः दुर्गा शप्तशती का पाठ करते है और माता के मंत्रो का जप करते है अलग अलग कामनाओं की पूर्ति हेतु.

इन 9 दिनों मे वातावरण दिव्य हो जाता है, हर तरफ माता की शक्ति का प्रभाव महसूस किया जा सकता है.



आइये अब देखते है चैत्र नवरात्री 2026 मे कौन से योग बने रहेंगे गोचर कुंडली में?

  • कुम्भ राशि में राहु और मंगल की युति के कारण अंगारक योग बना रहेगा.
  • मीन राशि में शुक्र और चन्द्रमा की युति से कलात्मक राजयोग बना रहेगा.
  • मीन राशि में शनि और चन्द्रमा की युति से विष योग बना रहेगा नवरात्री के शुरुआत में. 
  • केतु अपने शत्रु राशि सिंह में रहेंगे.
  • सूर्य अपने मित्र राशि मीन में रहेंगे.
  • शुक्र अपने उच्च राशि मीन में रहेंगे.
  • गुरु अपने शत्रु राशि मिथुन में रहेंगे. Chaitra Navratri 2026

आइये अब जानते है की चैत्र नवरात्री 2026 मे हम क्या प्राप्त कर सकते है माता की कृपा से :

नवरात्रि के 9 दिनों में देवी का आह्वान करने से समृद्धि बढ़ाने, कर्म शुद्ध करने, जीवन से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद मिलती है।
  • अगर कुंडली मे ग्रह योगो के कारण समस्या आ रही है तो भी हम इस नवरात्री मे इससे बहार आने के लिए पूजा कर सकते है.
  • अगर कुंडली मे चंडाल योग , ग्रहण योग आदि हो तो भी माता की कृपा से उससे मुक्ति पाई जा सकती है.
  • अगर कोई किसी दुष्ट शक्ति से ग्रस्त है तो तो उससे मुक्ति पा सकता है. पढ़िए नवरात्री में काला जादू से सुरक्षा कैसे करें ?
  • अगर कोई काले जादू, टोना आदि से ग्रस्त है तो भी इससे मुक्ति पा सकता है.
  • ये 9 दिन उन लोगो के लिए भी बहुत महत्त्वपूर्ण है जो लोग कुंडलिनी जागरण साधना करते हैं.
  • हम स्वस्थ और संपन्न जीवन के लिए साधना कर सकते हैं. Chaitra Navratri 2026
  • जिनको आर्थिक परेशानी है वो भी माता से कृपा प्राप्त कर सकते हैं.
  • रिद्धि –सिद्धि प्राप्त कर सकते हैं.
  • भौतिक सफलता के लिए भी शक्ति अर्जित कर सकते हैं.
  • हम अपने प्रेम जीवन, पारिवारिक जीवन, वैवाहिक जीवन की सफलता के लिए भी शक्ति अर्जित कर सकते हैं.
  • नवरात्रों में आदि शक्ति की पूजा सकारात्मक ऊर्जा के साथ जीवन को फिर से जीवंत करने में मदद करती है।
  • हम अपने स्वास्थ्य और जीवन शक्ति में सुधार कर सकते हैं।
  • हम अपने डर पर काबू पा सकते हैं. Chaitra Navratri 2026
  • प्रार्थनाएँ व्यवसाय और पेशे में सफलता को बढ़ावा देने में भी मदद कर सकती हैं।
  • छात्र- छात्राएं नवरात्रि में ध्यान करके ज्ञान और बुद्धि को बढ़ा सकते हैं।
  • आदि शक्ति के आशीर्वाद से हम अपनी समृद्धि को बढ़ा सकते हैं।
  • नवरात्रि के 9 दिनों में पूजा करने से ग्रहों के बुरे प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है।

आइये जानते हैं चैत्र नवरात्री के समय क्या क्या सावधानी रखना चाहिए :

  1. किसी का दिल न तोड़े, किसी की बददुआ मत लीजिये.
  2. किसी भी महिला का अपमान मत कीजिये.
  3. अगर आप सात्विक साधना कर रहे हैं तो मांसाहार न करे, अल्कोहल न ले और किसी भी प्रकार का नशा न करे.
  4. देर रात किसी पार्टी में न जाएँ.
  5. सड़क पर पड़े किसी उतारे के ऊपर से न जाए.
  6. मैथून न करे इन 9 रातो में. Chaitra Navratri 2026
  7. किसी भी प्रकार के काले जादू का प्रयोग न करे और न करने के लिए किसी को प्रेरित करे.
  8. किसी भी शक्ति का किसी के हानि के लिए प्रयोग न करे.
  9. हम साधना द्वारा अपने जीवन को सफल बना सकते हैं, स्वस्थ, संपन्न जीवन जी सकते हैं, बाधाओं को दूर कर सकते हैं. तो करे साधना इस चैत्र नवरात्र में.
अतः बिना समय गंवाए सभी को अपनी शक्ति और सामर्थ्य अनुसार पूजन, पाठ , भजन साधना करना चाहिए.

माता के सवारी के बारे में जानने के लिए देवी पुराण में कहा गया है की -

शशि सूर्य गजरुढा शनिभौमै तुरंगमे।
गुरौशुक्रेच दोलायां बुधे नौकाप्रकीर्तिता॥

अर्थात - अगर नवरात्रि सोमवार या रविवार से शुरू हो तो मां हाथी पे, मंगलवार या शनिवार हो तो घोड़े पे सवार हो के आती हैं |
गुरुवार और शुक्रवार हो तो डोली में आती हैं। अगर बुधवार हो तो नौका में सवार होकर आती हैं।




सभी को JYOTISHSANSAR.COM की तरफ से शुभकामनाये.


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