सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Hindi Jyotish Website

Hindi astrology services || jyotish website in hindi|| Kundli reading || Birth Chart Calculation || Pitru Dosha Remedies || Love Life Reading || Solution of Health Issues in jyotish || Career Reading || Kalsarp Dosha Analysis and remedies || Grahan Dosha solutions || black magic analysis and solutions || Best Gems Stone Suggestions || Kala Jadu|| Rashifal || Predictions || Best astrologer || vedic jyotish || Online jyotish || Phone jyotish ||Janm Kundli || Dainik Rashifal || Saptahik Rashifal || love rashifal

Durga Ashtmi Ka Mahattw

दुर्गा अष्टमी कब है march 2023 में,  पढ़िए महा-अष्टमी से सम्बंधित प्रथाएं, क्या करे बेहतर जीवन के लिए. 

नवरात्री का आठवां दिन बहुत महत्त्व रखता है भक्तो के लिए. ये दिन महा-अष्टमी या फिर दुर्गा अष्टमी के नाम से जाना जाता है. इस दिन लोग विशेष प्रकार की पूजा पाठ करते हैं कुलदेवी, माँ काली, दुर्गा जी को प्रसन्न करने के लिए.

अष्टमी तिथि 28 मार्च को शाम 07:04 बजे से शुरू होकर 29 मार्च 2023 को  की शाम 9:08 बजे तक रहेगी. 
दुर्गा अष्टमी कब है march 2023 में,  पढ़िए महा-अष्टमी से सम्बंधित प्रथाएं, क्या करे बेहतर जीवन के लिए.
Durga Ashtmi Ka Mahattw

अगर कोई नवरात्री के ७ दिनों में पूजा पाठ नहीं कर पाते हैं तो सिर्फ अष्टमी की पूजा से भी लाभ ले सकते हैं. 

महाष्टमी से सम्बंधित कई पौराणिक कथाएं सुनने को मिलती है –
  • कुछ के अनुसार इस दिन माँ काली का अवतरण हुआ था. 
  • कुछ भरोसा करते है की इस दिन माता जी ने महिसासुर राक्षस का वध किया था. 
ज्योतिष के अनुसार तो हर माह की अष्टमी तिथि बहुत महत्त्व रखती है क्यूंकि ये तिथि का सम्बन्ध महा-शक्ति से है,  ये दिन कुलदेवी पूजा , दुर्गा पूजा के लिए श्रेष्ठ होता है. इसी कारण नवरात्री की अष्टमी विशेष महत्त्व रखती है. ये समय वैसे भी साधना के लिए बहुत शुभ होता है. 

साधारणतः लोग हर माह आने वाले अष्टमी के प्रति सजग नहीं रहते हैं इसी लिए नवदुर्गाओ के समय की अष्टमी को पूजा पाठ करके माता के आशीर्वाद लेते हैं. 

Read in english about Durga Ashtmi date and timings

आइये जानते हैं की किस प्राकार की क्रियाएं की जाती है दुर्गा-अष्टमी को?

  • कुछ जगहों में इस दिन हथियारों की पूजाएँ होती है. इसी दिन माता ने महिसासुर राक्षस का वध किया था अतः लोग शस्त्र पूजा करके अपने आपको तैयार करते हैं अपने शत्रुओ को दबाने के लिए.
  • भक्त अपने कुलदेवी की पूजा करते हैं अष्टमी को.
  • ऐसा माना जाता है की माँ काली का अवतरण हुआ था अतः लोग काली-पूजा करके उनके जन्मदिन मनाते हैं.
  • भक्त इस दिन ९ साल से कम उम्र की कन्याओं का पूजन भी करते हैं माता स्वरुप मानके,
  • कुछ लोग माता के ८ स्वरूपों का पूजन करते हैं महा-अष्टमी को जो की है शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यानी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री. पढ़िए नवरात्री के अचूक प्रयोग.

आइए जानते हैं महा-अष्टमी के दिन यानी 03 october , सोमवार को ग्रहों की स्थिति:

  1. दुर्गा-अष्टमी के दिन बुध ग्रह उच्च का होगा जो बहुत अच्छा है।
  2. गुरु अपनी ही मीन राशि में रहेगा जो सभी के लिए बहुत अच्छा है।
  3. शनि अपनी राशि में ही रहेंगे, जिससे साधकों को बल मिलेगा, जो लोग भूमि या वाहन लाभ के लिए पूजा करना चाहते हैं, उन्हें लाभ मिलेगा।
  4. केतु मित्र राशि में रहेगा जो साधना करने वाले सभी लोगों के लिए बहुत उपयोगी है।
  5. बुधादित्य योग के नाम से जाना जाने वाला 1 राजयोग भी गोचर कुंडली में मौजूद रहेगा।

        आइए जानते हैं महाष्टमी के दिन पूजन का सर्वोत्तम मुहूर्त:

        1. शुभ मुहूर्त: सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक
        2. लाभ मुहूर्त: दोपहर 3:00 बजे से शाम 4:30 बजे तक
        3. अमृत मुहूर्त: सुबह 6:00 बजे से सुबह 7:30 बजे तक
        4. चार मुहूर्त: दोपहर 1:30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक
        नोट: जो लोग अष्टमी की रात में पूजा करते हैं उन्हें 2 अक्टूबर की रात का प्रयोग करना चाहिए। सबसे अच्छा समय शाम 7 बजे से रात 10:30 बजे के बीच का है।

              आइये जानते हैं कुछ और महत्त्वपूर्ण बाते दुर्गा-अष्टमी को लेके:

              1. कुछ लोग अष्टमी की पूजा सुबह करते हैं, कुछ लोग दोपहर को करते हैं और कुछ लोग शाम को करते हैं. सबकी मान्यता अलग अलग है. 
              2. कुछ परिवारों में ये पूजा बहुत ही गोपनीय रूप से की जाती है और कोई भी बाहर का व्यक्ति इस पूजा को नहीं देख सकता है. 
              3. कुछ परिवारों में इस पूजा में लडकियों को शामिल नहीं किया जाता है. 
              4. कुछ लोग माता को मदिरा भी चढाते हैं. 
              5. कुछ परिवारों में ऐसा रिवाज है की महाभोग को सिर्फ परिवार के सदस्य ही खाते है.
              अतः अलग अलग जगहों में अलग अलग प्रथाएं है, लोग विभिन्न प्रकार से माता को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं और माता भक्तो की मनोकामना पूर्ण करती है. पढ़िए नवरात्री में कैसे करे काला जादू से बचाव.

              क्या करे दुर्गा-अष्टमी को सफलता के लिए?



              1. इस दिन कन्याओं का माता स्वरुप मानके पूजन करना चाहिए. उन्हें भोजन करके, खीर खिला के दक्षिणा और उनका मनपसंद उपहार देना चाहिए.




              अगर आप अपनी कुंडली दिख्वाना चाहते हैं और ज्योतिष मार्गदर्शन चाहते हैं तो ज्योतिष से संपर्क कर सकते हैं अभी--



              दुर्गा अष्टमी कब है मार्च २०२३ में,  पढ़िए महा-अष्टमी से सम्बंधित प्रथाएं, क्या करे बेहतर जीवन के लिए. 

              टिप्पणियाँ

              Follow on Facebook For Regular Updates

              इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

              om kleem kaamdevay namah mantra ke fayde in hindi

              कामदेव मंत्र ओम क्लीं कामदेवाय नमः के फायदे,  प्रेम और आकर्षण के लिए मंत्र, शक्तिशाली प्रेम मंत्र, प्रेम विवाह के लिए सबसे अच्छा मंत्र, सफल रोमांटिक जीवन के लिए मंत्र, lyrics of kamdev mantra। कामदेव प्रेम, स्नेह, मोहक शक्ति, आकर्षण शक्ति, रोमांस के देवता हैं। उसकी प्रेयसी रति है। उनके पास एक शक्तिशाली प्रेम अस्त्र है जिसे कामदेव अस्त्र के नाम से जाना जाता है जो फूल का तीर है। प्रेम के बिना जीवन बेकार है और इसलिए कामदेव सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका आशीर्वाद जीवन को प्यार और रोमांस से भरा बना देता है। om kleem kaamdevay namah mantra ke fayde in hindi कामदेव मंत्र का प्रयोग कौन कर सकता है ? अगर किसी को लगता है कि वह जीवन में प्रेम से वंचित है तो कामदेव का आह्वान करें। यदि कोई एक तरफा प्रेम से गुजर रहा है और दूसरे के हृदय में प्रेम की भावना उत्पन्न करना चाहता है तो इस शक्तिशाली कामदेव मंत्र से कामदेव का आह्वान करें। अगर शादी के कुछ सालों बाद पति-पत्नी के बीच प्यार और रोमांस कम हो रहा है तो इस प्रेम मंत्र का प्रयोग जीवन को फिर से गर्म करने के लिए करें। यदि शारीरिक कमजोरी

              Tantroktam Devi suktam Ke Fayde aur lyrics

              तन्त्रोक्तं देवीसूक्तम्‌ ॥ Tantroktam Devi Suktam ,  Meaning of Tantroktam Devi Suktam Lyrics in Hindi. देवी सूक्त का पाठ रोज करने से मिलती है महाशक्ति की कृपा | माँ दुर्गा जो की आदि शक्ति हैं और हर प्रकार की मनोकामना पूरी करने में सक्षम हैं | देवी सूक्तं के पाठ से माता को प्रसन्न किया जा सकता है | इसमें हम प्रार्थना करते हैं की विश्व की हर वास्तु में जगदम्बा आप ही हैं इसीलिए आपको बारम्बार प्रणाम है| नवरात्री में विशेष रूप से इसका पाठ जरुर करना चाहिए | Tantroktam Devi suktam  Ke Fayde aur lyrics आइये जानते हैं क्या फायदे होते हैं दुर्गा शप्तशती तंत्रोक्त देवी सूक्तं के पाठ से : इसके पाठ से भय का नाश होता है | जीवन में स्वास्थ्य  और सम्पन्नता आती है | बुरी शक्तियों से माँ रक्षा करती हैं, काले जादू का नाश होता है | कमजोर को शक्ति प्राप्त होती है | जो लोग आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं उनके आय के स्त्रोत खुलते हैं | जो लोग शांति की तलाश में हैं उन्हें माता की कृपा से शांति मिलती है | जो ज्ञान मार्गी है उन्हें सत्य के दर्शन होते हैं | जो बुद्धि चाहते हैं उन्हें मिलता है | भगवती की क

              Kamdev gayatra Mantra Ke fayde in hindi

              कामदेव गायत्री मन्त्र के फायदे, benefits of kamdev gayatri mantra in hindi, कैसे जपे कामदेव मनतर को, आकर्षण के लिए शक्तिशाली मन्त्र | हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, कामदेव को प्रेम का देवता कहा जाता है जो किसी को भी प्यार करने वाले साथी प्रदान कर सकते हैं,  भौतिक जीवन का आनंद लेने की शक्ति का आशीर्वाद देने में सक्षम है। उनकी पत्नी रति हैं जो की वासना की देवी के रूप में जानी जाती है। कामदेव गायत्री मंत्र को मनमथ गायत्री मंत्र के रूप में भी जाना जाता है, यह प्रेम की भावना को बढ़ाने, जीवन में आनंद बढ़ाने के लिए सबसे अच्छे मंत्रों में से एक है। यदि कोई इस मंत्र का जाप करता है तो निस्संदेह प्रेम के देवता और देवी जीवन को दिव्य प्रेम से भर देते हैं। Read about benefits of kamdev gayatri mantra in English Kamdev gayatra Mantra Ke fayde in hindi आइए जानते हैं कामदेव गायत्री मंत्र: ॐ कामदेवाय विद्महे पुष्पबाणाय धीमहि तन्नो अनंग प्रचोदयात और पढ़िए काम कामदेव मन्त्र की शक्ति के बारे में  आइए जानते हैं कामदेव गायत्री मंत्र के फायदे: इस मंत्र का उपयोग पति-पत्नी के बीच, प्रेमियों के बीच संबंधो