Navratrii Ki Mahimaa | नवरात्री महीमा

नवरात्री की महिमा, समस्याओं के प्रकार और उनके समाधान नवरात्रियो में, जानिए ज्योतिष से.


नवरात्री में शक्ति की उपासना की जाती है , इन 9 रात्रियों में दिव्या साधनाए की जाती है ताकि भौतिक और अध्यात्मिक जीवन दोनों ही सफल हो. ये नौ रात्रियाँ साधको , तपस्वियों के लिए अति महत्त्वपूर्ण हैं. शाश्त्रों के हिसाब से अगर नवरात्री में कोई भी साधना श्रद्धा और भक्ती से प्रे विधि विधान से की जाए तो निश्चित ही सफलता मिलती है. इसी कारण लोग नवरात्री का इन्तेजार बड़े ही जोर शोर से करते हैं.
  • शक्ति के बिना हम कुछ भी नहीं हैं.
  • गरीबी, भूखमरी , लड़ाई झगड़े , अमंजास, असफलता लगातार का एक कारण कुलदेवी की अप्रसन्नता भी होती है.
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Navratrii Ki Mahimaa | नवरात्री महीमा 

नवरात्री की महिमा :

क्या आपने कभी ध्यान दिया है की कुछ लोग नवरात्री मे बहुत ही कठोर साधना करते हैं पर पुरे वर्ष भर आराम से जीवन का आनंद लेते है. यही है नवरात्री की महिमा. ये नौ दिन है शक्ति प्राप्त करने के लिए. ये नौ दिन है देवी को प्रसन्न करने के लिए, ये नौ दिन है समस्त प्रकार के बाधाओं को ख़त्म करने के लिए. अतः कोई भी व्यक्ति नवरात्री में साधनाओ को करते हुए पूरा जीवन अच्छी तरह से बिता सकता है.

आइये जानते हैं कुछ मत्त्वपूर्ण तथ्य नवरात्रियों के बारे में :

  1. नवरात्री भगवान् का उपहार है मानव को.
  2. इन नौ दिनों में कोई भी व्यक्ति माता से संपर्क साध सकता है.
  3. नवरात्री वर्ष में 4 बार आती हैं पर साधारणतः सिर्फ 2 के बारे में ही लोगो को पता होता है , 2 नवरात्रि गुप्त होता है.
  4. तंत्र, मंत्र और यन्त्र को जाग्रत करने के लिए नवरात्रि सबसे अच्छे दिन हैं.
  5. नवरात्री में साधना करके कोई भी व्यक्ति धन, वैभव, ज्ञान आदी प्राप्त कर सकता है.
  6. जीवन के समस्याओं से पीछा छुड़ाने का सबसे अच्छा समय होता है नवरात्री .
यहाँ से प्रवेश करे नवदुर्गाओं के बारे में जाने के लिए जीवन में हम कई प्रकार के समस्याओं से ग्रस्त रहते हैं जैसे:
  • किसी को नौकरी की समस्या है.
  • किसी को काले जादू की समस्या है.
  • किसी को विवाह समस्या है.
  • किसी को समपन्नता की समस्या है.
  • किसी को रोग से मुक्ति नहीं मिल रही है.
  • किसी को प्रेम संबंधो में समस्या है.

इसी प्रकार लोग ज्योतिषीय समस्याओं से भी ग्रस्त रहते है जैसे:

  1. किसी के कुंडली में कालसर्प योग है.
  2. किसी के कुंडली में पित्र दोष है.
  3. किसी के कुंडली में प्रेत दोष है.
  4. किसी के कुंडली में अंगारक दोष है.
  5. किसी के कुंडली में मंगल दोष है.
  6. किसी के कुंडली में दरिद्री दोष है आदि
परन्तु अच्छी बात ये है की समस्त प्रकार के दोषों को दूर करने के लिए नवरात्री एक सर्वश्रेष्ट समय है.

कई प्रकार के अनुष्ठान सफलता पूर्वक होते हैं नवरात्रियों में जैसे :

  • यन्त्र सिद्धी की जाती है.
  • मंत्र सिद्धी की जाती है.
  • वास्तु दोष निवारण प्रयोग किये जाते है .
  • रोगमुक्ती प्रयोग भी किये जाते हैं.
ये मानव जीवन आती महत्त्वपूर्ण है और इसीलिए सफलता पूर्वक जीवन जीने के लिए हमे हर एक कदम जरुर उठाना चाहिए.



देवि अराधना से पाए सफलता.
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