] } Skip to main content

Latest Astrology Updates in Hindi

Saptahik Rashifal

Saptahik Rashifal Aur Panchang, 13 से 18 July 2026 तक की भविष्यवाणियां| प्रेम जीवन की भविष्यवाणी, आने वाले सप्ताह में किस राशि के जातकों को लाभ मिलेगा, आने वाले सप्ताह के महत्वपूर्ण दिन और राशिफल, जानें आने वाले सप्ताह में कितने सर्वार्थ सिद्धि योग मिलेंगे। Saptahik Rashifal : ज्योतिष में चंद्रमा के गोचर पर आधारित साप्ताहिक भविष्यवाणियाँ महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि चंद्रमा हमारी भावनाओं, सहज प्रवृत्तियों और दैनिक मनोदशाओं को नियंत्रित करता है। सबसे तेज़ गति से चलने वाला खगोलीय पिंड होने के नाते, यह लगभग हर 2.25 दिनों में राशि बदलता है, जिससे साप्ताहिक आधार पर हमारी भावनाओं, प्रतिक्रियाओं और दूसरों के साथ जुड़ाव पर असर पड़ता है। विभिन्न राशियों में चंद्रमा के गोचर और अन्य ग्रहों पर इसके प्रभावों पर नज़र रखकर, ज्योतिषी सप्ताह के दौरान भावनात्मक रुझानों, विकास के अवसरों और संभावित चुनौतियों के बारे में जानकारी प्रदान कर सकते हैं। ये भविष्यवाणियाँ व्यक्तियों को अपनी गतिविधियों को ब्रह्मांडीय लय के साथ संरेखित करने में मदद करती हैं—संचार, निर्णय लेने, आत्म-देखभाल या आत्मनिरीक्षण के लिए सर्...

Mahakal Kawacham || महाकाल कवच

महाकाल कवच के बोल, महाकाल कवचम के क्या फायदे हैं। Mahakal Kavacham || Mahakaal Kavach || महाकाल कवच ||

इस लेख में अति गोपनीय, दुर्लभ, शक्तिशाली कवच के बारे में बता रहे हैं जिसे की विश्वमंगल कवच भी कहते हैं।

कवच शब्द का शाब्दिक अर्थ है सुरक्षा करने वाला | जिस प्रकार एक योद्धा युद्ध में जाने से पहले ढाल या कवच धारण करता है, उसी प्रकार रोज हमारे जीवन में नकारात्मक्क शक्तियों से सुरक्षा के लिए महाकाल कवच ढाल बना देता है |

जब भी कवच का पाठ किया जाता है तो देविक शक्ति दिन भर हमारी रक्षा करती है | 

कवच के पाठ करने वाले को अनैतिक कार्यो से बचना चाहिए, मांसाहार नहीं करना चाहिए, किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करना चाहिए |

Mahakal Kavach का विवरण रुद्रयामल तंत्र में दिया गया है और ये अमोघ रक्षा कवच है |

महाकाल कवच के बोल, महाकाल कवचम के क्या फायदे हैं। Mahakal Kavacham || Mahakaal Kavach || महाकाल कवच ||
Mahakal Kawacham || महाकाल कवच 

किसी भी प्रकार के रोग, शोक, परेशानी आदि से छुटकारा दिला सकता है महाकाल कवच का पाठ |

इस शक्तिशाली कवच के पाठ से हम बुरी शक्तीयो से बच सकते हैं, भूत बाधा, प्रेत बाधा आदि से बच सकते हैं |

बच्चे, बूढ़े, जवान सभी के लिए ये एक बहुत ही फायदेमंद है |

बाबा महाकाल के भक्तो के लिए ये mahakal kawach वरदान है | 


|| अथ श्री महाकाल कवचम ||

ॐ श्रीगणेशाय नमः ।

श्रीभैरव उवाच

अथ वक्ष्यामि देवेशि कवचम् मन्त्रगर्भकम् ।

मूलमन्त्रस्वरूपं च विश्वमङ्गलकाभिधम् ।।१।। (विश्वमंगलकाभिधम)


सर्वसम्पत्प्रदं चैव महाकालस्य पार्वति ।

गुह्यातिगुह्यपरमं मूलविद्यामयं ध्रुवम् ।।२।।


परमार्थप्रदं नित्यं भोगमोक्षैककारणम् ।

महाभयहरं देवि महैश्वर्यप्रदं शिवे ।।३।।


कवचस्यास्य देवेशि ऋषिर्भैरव ईरितः।

अनुष्टुप्छन्द इत्युक्तं महाकालश्च देवता ।।४।।


कूर्चबीजं पराशक्तिस्तारं कीलकमीरितम् ।

धर्मार्थकाममोक्षार्थे विनियोगः प्रकीर्तितः।।५।।

महाकाल कवच के बोल, महाकाल कवचम के क्या फायदे हैं। Mahakal Kavacham || Mahakaal Kavach || महाकाल कवच ||

अथ ध्यानम् ।

श्यामवर्णं महाकायं महाकालं त्रिलोचनम् ।

नीलकण्ठं स्वतेजस्कं नेत्रत्रयविभूषितम् ।।६।।


खट्वाङ्गचर्मधरं देवं वरदाभयपाणिकम् । (खटवांग)

शूलहस्तं च खट्वाङ्गधारिणं मन्त्रनायकम् ।।७।।


पिनाकहस्तं देवेशं तोमरं बिभ्रतं विभुम् ।

प्रातः पठेत्सहस्रं वै भैरवं तु सदा स्मरेत् ।

एवं विधेन ध्यानेन मनसा चिन्तयेद्विभुम् ।।८।।

महाकाल कवच के बोल, महाकाल कवचम के क्या फायदे हैं। Mahakal Kavacham || Mahakaal Kavach || महाकाल कवच ||

अथ कवचम् ।

ॐ ह्रं शिरः पातु मे कालः ललाटे ह्रीं सदा मम ।

ह्रं कारकं प्रतीच्यां मे बीजद्वयस्वरूपिणी ।।१।।


ह्रीं पातु लोचनद्वन्द्वं मुखं ह्रीम्बीजरूपिणि ।

ह्रीं कारकं कण्ठदेशे ह्रीं पातु स्कन्धयोर्मम ।।२।।


महाकालः सदा पातु भुजौ सव्ये नसौ मम ।

ह्रीङ्कारं हॄदयं पातु ह्रं मेऽव्यादुदरं सदा ।।३।।


ह्रीं नाभिं पातु सततं देवी ह्रीङ्काररूपिणी ।

अव्यान्मे लिङ्गदेशं च ह्रीं रक्षेद्गुह्यदेशके ।।४।। (लिंगदेशं)


कूर्चयुग्मं पातु पादौ स्वाहा पादतलं मम ।

श्रीषोडशाक्षरः पातु सर्वाङ्गे मम सर्वदा ।। ५।।


अन्तर्वह्निश्च मां पातु देवदत्तश्च भैरवः। (अंतरवन्हिश्च)

नगलिङ्गामृतप्रीतः सर्वसन्धिषु रक्षतु ।।६।। (नगलिंगामृतप्रीतहा)


महोग्रो मां सदा पातु ममेन्द्रियसमूहकम् ।

शिवो ममेन्द्रियार्थेषु रक्षयेद्दक्षिणेष्वपि ।।७।।


महाकालः पश्चिमेऽव्याद्दक्षिणे देवदत्तकः।

भगलिङ्गामृतं प्रीतो भगलिङ्गस्वरूपकः।।८।।


उदीच्यामूर्ध्वगः पातु पूर्वे सम्हारभैरवः।

दिगम्बरः श्मशानस्थः पातु दिक्षु विदिक्षु च ।।९।।

महाकाल कवच के बोल, महाकाल कवचम के क्या फायदे हैं। Mahakal Kavacham || Mahakaal Kavach || महाकाल कवच ||

फलश्रुतिः ।

शतलक्षं प्रजप्तोऽपि तस्य मन्त्रं न सिध्यति ।

स शास्त्रज्ञानमाप्नोति सोऽचिरान्मृत्युमाप्नुयात् ।।१०।।


मन्त्रेण म्रियते योगी रक्षयेत् कवचं ततः ।

त्रिसन्ध्यं पठनादस्य कवचस्य तु पार्वति ।।११।।


सिद्धयोऽष्टौ करे तस्य महेश इव चापरः ।

रूपेण स्मरतुल्येष्टो कामिनीनां प्रियो भवेत् ।।१२।।


तस्मादेतत्सुकवचं न देयं यस्यकस्यचित् ।

भक्तियुक्ताय शान्ताय दानशीलाय धीमते ।।१३।।


यो ददाति सुशिष्येभ्यो वश्ये तस्य जगद्भवेत् ।

गुह्याद्गुह्यतरं गुह्यं महारुद्रेण भाषितम् ।।१४।।


रवौ भूर्जे लिखेद्वर्म स्वयम्भूः कुसुमस्त्रजा ।

कुङ्कुमेनाष्टगन्धेन रक्तेन निजरेतसा ।।।१५।।


धारयन्मूर्ध्नि वा बाहौ प्राप्नुयात्परमां गतिम् ।

धनकामो लभेद्वित्तं पुत्रकामो लभेत्प्रजाम् ।।१६।।


सर्वान् रिपून् रणे जित्वा कल्याणी गृहमाविशेत् ।

यस्य कण्ठगतं तस्य करस्थाः सर्वसिद्धयः।।१७।।


श्रीविश्वकवचं नाम कवचं न प्रकाशयेत् ।

रहस्यातिरहस्यं च गोपनीयं स्वयोनिवत् ।।१८।।


|| इति श्रीरुद्रयामले तन्त्रे विश्वमङ्गलं नाम महाकालकवचं सम्पूर्णम् ||


जानिए रूद्र कवच के फायदे 

महाकाल कवच के बोल, महाकाल कवचम के क्या फायदे हैं। Mahakal Kavacham || Mahakaal Kavach || महाकाल कवच ||

Comments

Popular posts from this blog

Kuldevi Strotram Lyrics

Kuldevi Strotram Lyrics, कुलदेवी स्त्रोत्रम पाठ के फायदे, कुलदेवी का आशीर्वाद कैसे प्राप्त करें, कुलदेवी को प्रसन्न करने का शक्तिशाली उपाय, Hindi Meanings of Lyrics | हिन्दुओं में कुलदेवी या कुलदेवता किसी भी परिवार के मुख्य देवी या देवता के रूप में पूजे जाते हैं और ये उस परिवार के मुख्य रक्षक भी होते हैं | किसी भी विशेष कार्य को करने से पहले कुलदेवी या कुलदेवता को पूजने की मान्यता है |  आज के समय में बहुत से परिवारों को उनके कुलदेवी या कुलदेवता का पता नहीं होता है अतः ऐसे में चिंता की बात नहीं है| कुलदेवी स्त्रोत्रम का पाठ करके और सुनके हम अपने कुलदेवी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं |  Kuldevi Strotram Lyrics सुनिए YouTube में कुलदेवी स्त्रोत्रम  Lyrics of Kuldevi Strotram:  ॐ नमस्ते श्री  शिवाय  कुलाराध्या कुलेश्वरी।   कुलसंरक्षणी माता कौलिक ज्ञान प्रकाशीनी।।1   वन्दे श्री कुल पूज्या त्वाम् कुलाम्बा कुलरक्षिणी।   वेदमाता जगन्माता लोक माता हितैषिणी।।2   आदि शक्ति समुद्भूता त्वया ही कुल स्वामिनी।   विश्ववंद्यां महाघोरां त्राहिमाम्...

Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning

श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्, Govinda Stotram, Sharanagati Stotram, Sanskrit Stotra, Vishnu Stotra, devotional prayer, Bhakti Stotra, Govinda prayer. श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम् के लाभ (फायदे): "श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्" एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है, जो भगवान श्रीकृष्ण (गोविन्द) की शरण में जाने का भाव व्यक्त करता है। इसके नियमित पाठ से अनेक आध्यात्मिक, मानसिक और सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं जैसे: शरणागति का भाव जागृत होता है भय और संकट से रक्षा होती है भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि होती है पापों का नाश होता है मानसिक शांति और संतुलन में मदद मिलती है दैनिक जीवन में शुभता आने लगती है भगवान की कृपा प्राप्त होती है वैकुण्ठ प्राप्ति का भी यह एक महत्त्वपूर्ण साधन है Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning 🔹 मुख्य लाभ: शरणागति का भाव जागृत करता है: यह स्तोत्र हमें पूर्ण समर्पण की भावना सिखाता है। भय और संकट से रक्षा: रोग, भय, शत्रु आदि से रक्षा करता है। भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि: श्रीकृष्ण भक्ति गहराती है...