] } Skip to main content

Latest Astrology Updates in Hindi

Guru Kab jayenge Singh Rashi Mai | 12 Rashiyo Ka Rashifal

गुरु गोचर 2026: 31 अक्टूबर को गुरु करेंगे सिंह राशि में प्रवेश, जानिए सभी 12 राशियों का राशिफल Guru Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष में गुरु ग्रह को ज्ञान, शिक्षा, धन, धर्म, संतान और सौभाग्य का कारक माना जाता है।  31 अक्टूबर 2026 को गुरु ग्रह  सिंह राशि में प्रवेश करेंगे.  13 दिसम्बर से ये सिंह राशी में वक्री होंगे और  24 जनवरी को अपने उच्च राशी कर्क में प्रवेश करेंगे.   इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग हो सकता है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए गुरु गोचर 2026 का राशिफल। Guru Kab jayenge Singh Rashi Mai | 12 Rashiyo Ka Rashifal इस लेख में जानें: मेष राशि का राशिफल वृषभ राशि का राशिफल मिथुन राशि का राशिफल कर्क राशि का राशिफल सिंह राशि का राशिफल कन्या राशि का राशिफल तुला राशि का राशिफल वृश्चिक राशि का राशिफल धनु राशि का राशिफल मकर राशि का राशिफल कुंभ राशि का राशिफल मीन राशि का राशिफल गुरु गोचर के उपाय 1. मेष...

Rakshabandhan Mahurat in Hindi

Rakshabandhan Mahurat 2026, राखी पूजा का समय, रक्षा बंधन शुभ समय

Rakshabandhan Mahurat 2026:

साल 2026 में रक्षा बंधन 28 अगस्त शुक्रवार को है. पूर्णिमा तिथि 27 तारीख को दिन में लगभग 9:10 बजे शुरू होगी और 28 तारीख को दिन में लगभग 9:48 बजे तक रहेगी तो उदया तिथि के अनुसार राखी का त्यौहार 28 को मनाया जाएगा.
Rakshabandhan Mahurat 2026, rakhi kab bandhe, kaun se shubh mahurat rahenge rakhi mai, best mahurat of rakshabandhan, राखी पूजा का समय
रक्षा बंधन महूरत 2026
एक पवित्र त्यौहार है रक्षा बंधन, एक महत्त्वपूर्ण उत्सव है रक्षाबंधन जो की समर्पित है भाई और बहनों को. भाई कहीं भी हो पर रक्षाबंधन के दिन वो जरुर से कोशिश करते हैं की घर पर आये और अपनी प्यारी बहन से राखी बंधवाये और उसे कुछ उपहार दे. पढ़िए रक्षा बंधन और ज्योतिष का महत्त्व.
जो धागा बहन अपने भाई को बांधती है वो कोई साधारण धागा नहीं होता अपितु एक रक्षा कवच की तरह काम करता है जो की व्यक्ति के भाग्वोदय में सहायक होता है. जहाँ बहन भाई की रक्षा के लिए पवित्र धागा बांधती है वही भाई भी बहन की रक्षा करने का वादा करते हैं. Rakshabandhan Mahurat 2026

आइये अब जानते हैं राखी बाँधने के शुभ महूरत के बारे में :

इस साल 28 अगस्त Shukrwar को पूरे दिन राखी बाँधने का महूरत रहेगा पर
  • प्रातः 6 से 9:48 AM तक सर्व श्रेष्ठ महूरत रहेगा.
  • दिन में 12:00 से 1:30 बजे तक शुभ का चोघडिया रहेगा
  • शाम 4:30 से 6 बजे तक चर का चोघडिया रहेगा
राहुकाल 10:30 AM से 12 बजे तक रहेगा |

चोघडिया के हिसाब से इन समय मे राखी बाँधी जा सकती है.

कौन से रंग की राखी कौन से जातको के लिए शुभ रहेगी? Rakshabandhan Mahurat 2026

Raksha Bandhan 2026 में बहन अपने भाई के हाथ में निम्न रंगों के धागे का स्तेमाल करके शुभता को बढ़ा सकते हैं:
  1. मेष राशि: लाल, केसरिया, पीली राखी
  2. वृषभ राशि: सफेद या चांदी रंग
  3. मिथुन राशि: हरी या चंदन से बनी राखी
  4. कर्क राशि: सफेद रेशमी या मोती की राखी
  5. सिंह राशि: पीली या सुनहरी राखी
  6. कन्या राशि: सफेद रेशमी या हरे रंग की राखी Rakshabandhan Mahurat 2026
  7. तुला राशि: सफेद या क्रीम रंग
  8. वृश्चिक राशि: गुलाबी, लाल या चमकीली राखी
  9. धनु राशि: पीली रेशमी राखी
  10. मकर राशि: नीले या गहरे नीले रंग की राखी
  11. कुंभ राशि: गहरे नीले रंग की राखी
  12. मीन राशि: पीले रंग की राखी

jyotishsansar.com की तरफ से सभी को शुभकामनाये।

आइये देखते हैं कुछ ऐसे उपहार जो की भाग्योदय में सहायता कर सकते हैं और हमेशा काम भी आते हैं:

  • सोने की चैन
  • चांदी की चैन
  • रुद्राक्ष से बने गहने
  • ज्योतिष द्वारा बनाए गए पेंडेंट 
  • भाग्योदय में सहायक कड़े 
  • आप मछली घर भी दे सकते हैं.
  • विशेष रंग के कपड़े भी दे सकते हैं.
  • कुछ लोग एक दुसरे को भाग्योदय हेतु यन्त्र भी दे सकते हैं. 
  • पारद शिवलिंग या फिर पारद श्री यन्त्र उपहार में दे सकते हैं. 
  • इस दिन आप घर  में रुद्राभिषेक का अनुष्ठान भी करवा सकते हैं पुरे परिवार के सम्पन्नता के लिए. 

क्या करे रक्षा बंधन को सफलता के लिए?

आइये जानते हैं कुछ आसान तरीके जिसे अपना के हम स्वास्थ्य, सम्पन्नता को ला सकते हैं -

  1. प्रातः काल जल्दी उठे अपने नियमित क्रियाओं से मुक्ति पायें. 
  2. इसके बाद पहले देव तर्पण करे और पूजा करे अपने घर पे, व्यपारिक स्थान में. उन वस्तुओ की पूजा भी करे जो आपकी सहायता करते हैं. 
  3. अपने घर और व्यापार स्थान के दरवाजे पर पवित्र धागा बांधे, उन चीजो पर भी बांधे जो आपकी मदद करते है आय में या फिर रक्षा में. 
  4. अपने तिजोरी की भी पूजा अवश्य करे. 
  5. इस दिन श्री यन्त्र की स्थापना भी बहुत अच्छा होता है. 

## अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन के लिए है?
नहीं, रक्षाबंधन जैविक रिश्तों से परे है। यह प्यार और सुरक्षा का उत्सव है और लोग चचेरे भाई-बहनों और करीबी दोस्तों को भी राखी बांधते हैं।

रक्षाबंधन का ज्योतिषीय महत्व क्या है?
ज्योतिषीय रूप से, रक्षाबंधन श्रावण के शुभ महीने के दौरान आता है और माना जाता है कि यह राखी बांधने और प्राप्त करने वालों को दैवीय सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।Rakshabandhan 2026

क्या बहनें बहनों को राखी बांध सकती हैं?
हां, रक्षाबंधन का त्योहार सुरक्षा और प्यार के किसी भी मजबूत बंधन का जश्न मनाने के बारे में है, इसलिए बहनें वास्तव में स्नेह और देखभाल के प्रतीक के रूप में अपनी बहनों को राखी बांध सकती हैं।

क्या राखी बांधने का कोई विशेष शुभ समय है?
हां, ज्योतिषी राखी की सुरक्षात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए ग्रहों की स्थिति के आधार पर दिन के दौरान विशिष्ट शुभ समय का सुझाव देते हैं।

एक भाई के लिए आदर्श राखी उपहार क्या होना चाहिए?

एक भाई के लिए आदर्श राखी उपहार वह है जो भावनात्मक मूल्य रखता हो और बहन के प्यार और प्रशंसा को व्यक्त करता हो। यह वैयक्तिकृत उपहारों से लेकर भाई द्वारा वांछित वस्तुओं तक कुछ भी हो सकता है।

क्या रक्षाबंधन वर्चुअली मनाया जा सकता है?
हाँ, डिजिटल युग में, रक्षाबंधन वस्तुतः वीडियो कॉल के माध्यम से मनाया जा सकता है, जहाँ बहनें वस्तुतः राखी बाँध सकती हैं और आशीर्वाद और प्यार का आदान-प्रदान कर सकती हैं। Rakshabandhan 2026

निष्कर्ष
रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं है; यह एक भावना है जो भाई-बहनों और प्रियजनों के बीच के बंधन को मजबूत करती है। राखी का ज्योतिषीय महत्व उत्सव में एक दिव्य स्पर्श जोड़ता है, सुरक्षा, प्रेम और एकजुटता को बढ़ावा देता है। 
रक्षाबंधन महूरत 2026, राखी पूजा का समय, रक्षा बंधन शुभ समय, राखी 2026 मुहूर्त, रक्षा बंधन अनुष्ठान, राखी बांधने का सबसे अच्छा समय,  Rakshabandhan Mahurat 2026.

Comments

Popular posts from this blog

Kuldevi Strotram Lyrics

Kuldevi Strotram Lyrics, कुलदेवी स्त्रोत्रम पाठ के फायदे, कुलदेवी का आशीर्वाद कैसे प्राप्त करें, कुलदेवी को प्रसन्न करने का शक्तिशाली उपाय, Hindi Meanings of Lyrics. हिन्दुओं में कुलदेवी या कुलदेवता किसी भी परिवार के मुख्य देवी या देवता के रूप में पूजे जाते हैं और ये उस परिवार के मुख्य रक्षक भी होते हैं | किसी भी विशेष कार्य को करने से पहले कुलदेवी या कुलदेवता को पूजने की मान्यता है |  आज के समय में बहुत से परिवारों को उनके कुलदेवी या कुलदेवता का पता नहीं होता है अतः ऐसे में चिंता की बात नहीं है| कुलदेवी स्त्रोत्रम का पाठ करके और सुनके हम अपने कुलदेवी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं |  Kuldevi Strotram Lyrics सुनिए YouTube में कुलदेवी स्त्रोत्रम  Lyrics of Kuldevi Strotram:  ॐ नमस्ते श्री  शिवाय  कुलाराध्या कुलेश्वरी।   कुलसंरक्षणी माता कौलिक ज्ञान प्रकाशीनी।।1   वन्दे श्री कुल पूज्या त्वाम् कुलाम्बा कुलरक्षिणी।   वेदमाता जगन्माता लोक माता हितैषिणी।।2   आदि शक्ति समुद्भूता त्वया ही कुल स्वामिनी।   विश्ववंद्यां महाघोरां त्राहिमाम् शरणागत...

Mahakal Kawacham || महाकाल कवच

महाकाल कवच के बोल, महाकाल कवचम के क्या फायदे हैं। Mahakal Kavacham || Mahakaal Kavach || महाकाल कवच || इस लेख में अति गोपनीय, दुर्लभ, शक्तिशाली कवच के बारे में बता रहे हैं जिसे की विश्वमंगल कवच भी कहते हैं। कवच शब्द का शाब्दिक अर्थ है सुरक्षा करने वाला | जिस प्रकार एक योद्धा युद्ध में जाने से पहले ढाल या कवच धारण करता है, उसी प्रकार रोज हमारे जीवन में नकारात्मक्क शक्तियों से सुरक्षा के लिए महाकाल कवच ढाल बना देता है | जब भी कवच का पाठ किया जाता है तो देविक शक्ति दिन भर हमारी रक्षा करती है |  कवच के पाठ करने वाले को अनैतिक कार्यो से बचना चाहिए, मांसाहार नहीं करना चाहिए, किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करना चाहिए | Mahakal Kavach का विवरण रुद्रयामल तंत्र में दिया गया है और ये अमोघ रक्षा कवच है | Mahakal Kawacham || महाकाल कवच  किसी भी प्रकार के रोग, शोक, परेशानी आदि से छुटकारा दिला सकता है महाकाल कवच का पाठ | इस शक्तिशाली कवच के पाठ से हम बुरी शक्तीयो से बच सकते हैं, भूत बाधा, प्रेत बाधा आदि से बच सकते हैं | बच्चे, बूढ़े, जवान सभी के लिए ये एक बहुत ही फायदेमंद है | बाबा महाकाल ...

Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning

श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्, Govinda Stotram, Sharanagati Stotram, Sanskrit Stotra, Vishnu Stotra, devotional prayer, Bhakti Stotra, Govinda prayer. श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम् के लाभ (फायदे): "श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्" एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है, जो भगवान श्रीकृष्ण (गोविन्द) की शरण में जाने का भाव व्यक्त करता है। इसके नियमित पाठ से अनेक आध्यात्मिक, मानसिक और सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं जैसे: शरणागति का भाव जागृत होता है भय और संकट से रक्षा होती है भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि होती है पापों का नाश होता है मानसिक शांति और संतुलन में मदद मिलती है दैनिक जीवन में शुभता आने लगती है भगवान की कृपा प्राप्त होती है वैकुण्ठ प्राप्ति का भी यह एक महत्त्वपूर्ण साधन है Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning 🔹 मुख्य लाभ: शरणागति का भाव जागृत करता है: यह स्तोत्र हमें पूर्ण समर्पण की भावना सिखाता है। भय और संकट से रक्षा: रोग, भय, शत्रु आदि से रक्षा करता है। भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि: श्रीकृष्ण भक्ति गहराती है...