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Dev Shayani Ekadashi Ki Mahima in Hindi

देव शयनी एकादशी का महत्त्व, पद्मा एकादशी , हरी शयनी एकादशी किसको कहते है, क्या करे देव शयनी एकादशी को सफलता के लिए.

अषाढ़ शुक्ल पक्ष का ग्यारहवां दिन बहुत ख़ास होता है भारत मे विशेषतः क्यूंकि मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान् विष्णु क्षीर सागर मे सोने के लिए चले जाते हैं. अलग अलग प्रान्तों मे अषाढ़ मास के ग्यारस को अलग लग नामो से जाना जाता है जैसे पद्मा एकादशी, प्रथमा एकादशी, हरी शयनी एकादशी आदि.
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Dev Shayani Ekadashi Ki Mahima in Hindi

इस पुरे दिन और रात भक्त गण भगवान् विष्णु की पूजा और आराधना मे लगे रहते हैं. इसी दिन चातुर्मास की शुरुआत भी होती है अर्थात इस दिन से ४ महीने तक साधू संत विशेष पूजा आराधना करते हैं और कहीं जाते आते भी नहीं है.

वर्ष २०२० मे हरी शयनी एकादशी १ जुलाई, बुधवार को आ रही है.

मान्यता के अनुसार पद्मा एकादशी की शुरुआत राजा मानदाता से जुडी है. इन्होने अंगीरा ऋषि के कहने से अषाढ़ मास के ग्यारस को व्रत और विशेष पूजा की जिससे की इनके राज्य मे वर्षा हुई और सम्पन्नता आई. तभी से लोग भी इस दिन को मनाने लगे.

आइये जानते हैं की १ जुलाई बुधवार को ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी?

  • सूर्य और बुध साथ में मौजूद रहेंगे गोचर कुंडली में जिससे बुधादित्य योग बनेगा जो की बहुत अच्छा रहेगा |
  • मंगल भी शुभ प्रभाव दिखाएगा |
  • शनि भी स्व राशी में बैठके शुभ प्रभाव उत्पन्न करेगा  और पूजा पाठ भक्तो को सफलता देगा |
  • गुरु भी स्व राशी में बैठके शुभ प्रभाव उत्पन्न करेगा. जिससे लोगो को इस दिन काफी अच्छा वातावरण मिलेगा साधना के लिए |
  • इन अच्छे योगो के साथ २ ख़राब योग भी रहेगा सूर्य ग्रहण और चंडाल योग जिसके कारण कुछ लोगो को काफी परेशानी आ सकती है | विशेषकर जिनके कुंडली में ग्रहण योग और चंडाल योग मौजूद है उनको |

आइये जानते है क्या करे देव शयनी एकादशी को अच्छे जीवन के लिए :

देव शयनी एकादशी का महत्त्व, पद्मा एकादशी , हरी शयनी एकादशी किसको कहते है, क्या करे देव शयनी एकादशी को सफलता के लिए.
  1. प्रातः काल ब्रह्म महुरत मे उठ कर अपने नित्य कर्म से मुक्त होके घर के मंदिर मे विष्णुजी के सामने संकल्प ले की आज पुरे दिन और रात आप उपवास करेंगे सभी के सुख के लिए या परिवार के भलाई के लिए.
  2. अगर कोई बीमार है या व्रत नहीं कर सकते तो नहीं करना चाहिए.
  3. इस दिन आप भगवान् विष्णु का अभिषेक कर सकते है, पूजा कर सकते हैं.
  4. उनके १००८ मंत्रो का जप भी कर सकते हैं.
  5. उनके सबसे प्रचलित मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जप भी बहुत शुभ रहता है.
  6. भगवान् विष्णु को भोग लगाए और लोगो मे प्रसाद बांटे.
  7. सभी के शुभता के लिए प्रार्थना करे.
ऐसी भी मान्यता है की देव शयनी एकादशी के बाद विवाह महुरत नहीं होते हैं. इस दिन से अगले ४ महीने सिर्फ साधना के लिए महत्त्वपूर्ण माने जाते हैं. मौसम भी अनुकूल हो जाता है.

तो देव शयनी एकादशी का लाभ उठाये.



ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

देव शयनी एकादशी का महत्त्व, पद्मा एकादशी ,Devshayani ekadashi importance in English हरी शयनी एकादशी किसको कहते है, क्या करे देव शयनी एकादशी को सफलता के लिए.

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