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Surya Ka Mithun Rashi Mai Gochar Ka Prabhav

Surya Ka Mithun Rashi Mai Gochar Ka Prabhav, Surya Mithun Rashi Mai kab jayenge, surya gochar june 2024, मिथुन संक्रांति क्या है, १२ राशियों पर असर | मिथुन संक्रांति का महत्त्व: Surya Ka Mithun Rashi Mai Gochar 2024:  जब सूर्य वृषभ राशि से मिथुन में प्रवेश करते हैं  तो उसे मिथुन संक्रांति कहते हैं| ज्योतिष के हिसाब से इस दिन के बाद अगले करीब ३१ दिन तक सूर्य मिथुन राशी में रहता है| जब सूर्य मिथुन राशि में रहते हैं तो भारत के गुवाहाटी में कामख्या मंदिर में  अम्बुबाची का मेला लगता है जब मंदिर के कपाट कुछ दिनों के लिए बंद किये जाते हैं, ऐसा कहा जाता है की साल में एक बार माता कामख्या रजस्वला होती है अतः इसीलिए कुछ दिनों के लिए मंदिर का पठ बंद रहता है और इन्ही दिनों मंदिर में मेला लगता है | ये सिर्फ साल में एक बार होता है और पुरे विश्व से लोग यहाँ आते है| भारत के बहुत से भागो में इस दिन लोग भगवान् विष्णु की पूजा करते हैं. कई भागो में मानसून आ जाता है और लोग बारिश का भी आनंद लेते हैं|  Surya Ka Mithun Rashi Mai Gochar 2024 Surya Ka Mithun Rashi Mai Gochar Ka Prabhav आइए जानते हैं कि सू

Surya shanti pooja ke fayde in hindi jyotish

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सूर्य सबसे महत्वपूर्ण ग्रहों में से एक है और अगर हम पिता, महत्वाकांक्षा, प्रकृति, आत्मा, इच्छा शक्ति, जीवन शक्ति, उच्च अधिकारियों के साथ संबंध, व्यक्तित्व, सामाजिक स्थिति, राजनीतिक करियर, सरकारी नौकरी आदि के बारे में जानना चाहते हैं तो कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति और शक्ति का अध्ययन करना होता है । यह हमारे अहंकार, आंख, मान-सम्मान आदि का भी प्रतिनिधित्व करता है।

सूर्य ही एकमात्र ऐसा ग्रह है जो इस पृथ्वी से स्पष्ट दिखाई देता है। सूर्य हमें अपना कार्य करने के लिए ऊर्जा प्रदान करता है।

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आइये जानते हैं सूर्य ग्रह से सम्बंधित कुछ महत्त्वपूर्ण बाते ज्योतिष के हिसाब से :

  • सूर्य का रत्न रत्न माणिक्य है।
  • सूर्य की दिशा पूर्व है।
  • सूर्य का दिन रविवार है।
  • अंक विद्या के हिसाब से सूर्य का सम्बन्ध 1 से है |
  • सूर्य सिंह राशी का स्वामी है वैदिक ज्योतिष के हिसाब से ।
  • कुंडली में मेष राशि के साथ बैठे हुआ सूर्य उच्च का होता है और सूर्य तुला राशि के साथ बैठा हो तो नीच का होता है।
  • कुंडली के किसी भी घर में राहु के साथ बैठने पर सूर्य ग्रहण योग बनता है।
  • सूर्य यदि कुंडली में नकारात्मक हो तो यह कई प्रकार की समस्याएं देता है और फिर सूर्य शांति पूजा व्यक्ति की मदद करती है।

आइए अब जानते हैं की कुंडली में अगर सूर्य अशुभ हो तो कैसे जीवन को प्रभावित करेगा :

  1. नकारात्मक सूर्य अहंकार देता है।
  2. अशुभ सूर्य से मानहानि के योग बनते हैं।
  3. यह ईर्ष्या की भावना के लिए भी जिम्मेदार है।
  4. उच्च अधिकारियों के साथ संबंध ख़राब करता है ।
  5. कमजोर सूर्य के कारण आंखों की समस्या, सिरदर्द आदि  समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
  6. नौकरी में भी जातक को बहुत परेशानी होती है ।
  7. जिनके कुंडली में सूर्य ग्रह कमजोर हो उनके अन्दर इच्छाशक्ति की कमी भी देखि जाती है ।
  8. सरकारी नौकरी प्राप्त करने में परेशानी आती है |

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जानिए सूर्य मन्त्र जप के फायदे 

आइये अब जानते हैं की सूर्य शांति पूजा कब करवानी चाहिए वैदिक ज्योतिष के हिसाब से :

यदि आप सूर्य के कारण किसी कामकाजी या व्यक्तिगत समस्या का सामना कर रहे हैं तो सूर्य शांति पूजा बहुत मददगार है। यदि महादशा या अंतर्दशा में सूर्य चल रहा हो और कुंडली में सूर्य अशुभ हो तो ऐसे में सूर्य शांति पूजा आवश्यक है। क्योंकि इस समय व्यक्ति को सूर्य के सबसे खतरनाक प्रभावों का सामना करना पड़ता है ।

सूर्य पूजा 2 अलग-अलग उद्देश्यों के लिए की जाती है-

  1. कुंडली में अशुभ सूर्य के प्रभाव को दूर करने के लिए |
  2. जन्म कुंडली में कमजोर सूर्य को मजबूत करने के लिए ।
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आइये अब जानते हैं सूर्य पूजा से सम्बंधित कुछ महत्त्वपूर्ण बाते :

सूर्य पूजा कई तरह से की जा सकती है जैसे-

  • आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना भी सूर्य की पूजा करने का एक अच्छा तरीका है।
  • सूर्योदय के समय सूर्य को लाल फूलों से जल अर्पित करना भी एक अच्छा तरीका है।
  • रविवार का व्रत भी जीवन से सूर्य के बुरे प्रभावों को कम करने का एक तरीका है।
  • रविवार के दिन सूर्य की वस्तुओं का दान करना भी सूर्य के अशुभ प्रभावों से मुक्ति पाने का एक उपाय है।
  • किसी जानकार से सूर्य शांति पूजा करवाया जा सकता है ।
  • सिद्ध सूर्य यंत्र को स्थापित करना और उसकी पूजा करना भी सूर्य देव की कृपा पाने का एक अच्छा तरीका है।
  • सूर्य कवच और सूर्य साधना भी व्यक्ति को बुरे सूर्य के दुष्प्रभाव से बचाती है।

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पढ़िए कुंडली के द्वादश भावों में सूर्य का फल 

यदि सूर्य पूजा सही तरीके से की जाए तो इससे जातक को निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:

  1. यह बदनामी की संभावना को कम करता है ।
  2. सूर्य शांति पूजा स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करेगी।
  3. सूर्य पूजा जीवन में स्थितियों को सकारात्मक बनाएगी।
  4. यह उच्च अधिकारियों के साथ अच्छे संबंध बनाने में मदद करेगा।
  5. पैतृक संपत्ति प्राप्त करने में आने वाली बाधाओं को दूर करता है |
  6. सूर्य पूजा एक सफल जीवन जीने के लिए आत्मविश्वास, इच्छा शक्ति, मन की शक्ति, नेत्र शक्ति, तार्किक शक्ति आदि प्राप्त करने में मदद करती है।

ज्योतिष के अनुसार अशुभ सूर्य अलग-अलग घरों में अलग-अलग प्रकार के फल देगा, उदाहरण के लिए पहले घर में यह मन, इच्छा शक्ति, आत्मविश्वास, नाम, निर्णय लेने की क्षमता आदि को प्रभावित करेगा। दूसरे घर में यह कमाई के स्रोतों, आंखों, बोली आदि को प्रभावित करेगा, चौथे घर में रहने पर ये घर के सुख में कमी लायेगा आदि । 

कुंडली के जिस भाव में अशुभ सूर्य बैठेगा उससे सम्बंधित विषयो को सबसे ज्यादा प्रभावित करेगा ऐसे में सूर्य शांति पूजा लाभदायक होती है |

यदि आप जीवन में किसी समस्या का सामना कर रहे हैं और ज्योतिषी से समाधान चाहते हैं तो कुंडली के उचित विश्लेषण के लिए और समस्याओं का सर्वोत्तम समाधान प्राप्त करने के लिए ज्योतिषी से संपर्क करें।

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