] } Skip to main content

Latest Astrology Updates in Hindi

Saptahik Rashifal

Saptahik Rashifal Aur Panchang, 13 से 18 July 2026 तक की भविष्यवाणियां| प्रेम जीवन की भविष्यवाणी, आने वाले सप्ताह में किस राशि के जातकों को लाभ मिलेगा, आने वाले सप्ताह के महत्वपूर्ण दिन और राशिफल, जानें आने वाले सप्ताह में कितने सर्वार्थ सिद्धि योग मिलेंगे। Saptahik Rashifal : ज्योतिष में चंद्रमा के गोचर पर आधारित साप्ताहिक भविष्यवाणियाँ महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि चंद्रमा हमारी भावनाओं, सहज प्रवृत्तियों और दैनिक मनोदशाओं को नियंत्रित करता है। सबसे तेज़ गति से चलने वाला खगोलीय पिंड होने के नाते, यह लगभग हर 2.25 दिनों में राशि बदलता है, जिससे साप्ताहिक आधार पर हमारी भावनाओं, प्रतिक्रियाओं और दूसरों के साथ जुड़ाव पर असर पड़ता है। विभिन्न राशियों में चंद्रमा के गोचर और अन्य ग्रहों पर इसके प्रभावों पर नज़र रखकर, ज्योतिषी सप्ताह के दौरान भावनात्मक रुझानों, विकास के अवसरों और संभावित चुनौतियों के बारे में जानकारी प्रदान कर सकते हैं। ये भविष्यवाणियाँ व्यक्तियों को अपनी गतिविधियों को ब्रह्मांडीय लय के साथ संरेखित करने में मदद करती हैं—संचार, निर्णय लेने, आत्म-देखभाल या आत्मनिरीक्षण के लिए सर्...

Shrawan Mahina Aur Jyotish Yog

Sawan kab se kab tak rahega 2026, Shrawan mahine ke liye vishesh upaay, saawan mahine ke mukhye vrat aur tyohaar.

वर्ष 2026 में  श्रावण महिना 30 जुलाई गुरुवार से शुरू हो रहा है और 28 अगस्त Shukrwar तक रहेगा.
 ज्योतिष के हिसाब से श्रवण महिना भगवान् शिव का महिना है और इसी कारण लोग सावन के महीने में भगवान् शिव को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न प्रकार की पूजाएँ करते हैं. Shrawan Mahina Aur Jyotish Yog

Sawan kab se kab tak rahega 2026, Shrawan mahine ke liye vishesh upaay, saawan mahine ke mukhye vrat aur tyohaar.
2026 Shrawan Mahina Aur Jyotish Yog


आइये जानते हैं 2026 सावन सोमवारों की तारीखे:

श्रावण महीने के सोमवार बहुत ही महत्त्वपूर्ण होते हैं शिव पूजा के लिए तो आइये जानते हैं कब कब हैं सावन के सोमवार.
  1. पहला श्रवण सोमवार 3 August को रहेगा इसी दिन उज्जैन में बाबा महाकाल की पहली सवारी निकलेगी.
  2. दूसरा सावन सोमवार 10 August को है जब महाकाल बाबा की दूसरी सवारी उज्जैन में निकलेगी.
  3. तीसरा श्रावण सोमवार 17 August को है और इस दिन निकलेगी महाकाल की तीसरी सवारी.
  4. चौथा सावन सोमवार 24 august को है  jab mahakal ki chauthi sawari niklegi.| Shrawan Mahina Aur Jyotish Yog
नोट : उज्जैन में हर सावन सोमवार को बाबा की सवारी निकलती है हर साल और साथ ही एक शाही सवारी भी निकलती है जिसमे देश-विदेश के भक्त गण शामिल होते हैं.

आइये अब जानते हैं की 2026 सावन महिने में कौन कौन से त्यौहार आ रहे हैं:

  • मंगला गौरी व्रत सावन माह में किया जाता है और इस साल यह 4, 11, 18 और 25 अगस्त को किया जाएगा। 
  • भगवान शिव की पूजा के लिए श्रावण सोमवार बहुत महत्वपूर्ण हैं। 2026 में 3, 10, 17 और 24 अगस्त  को है सावन सोमवार |
  • संकष्टी चतुर्थी 2 अगस्त रविवार को है । 
  • मौना पंचमी 3 अगस्त सोमवार को होगी।
  •  शीतला सप्तमी 5 तारीख को है । 
  • कामिका एकादशी 9 अगस्त रविवार को है ।  Shrawan Mahina Aur Jyotish Yog
  • सावन प्रदोष व्रत 10 अगस्त को है। 
  • हरियाली अमावस्या 12 अगस्त को है. 
  •  हरियाली तीज १५ अगस्त को है। 
  • विनायकी चतुर्थी व्रत १६ अगस्त को है. 
  • नागपंचमी 17 अगस्त सोमवार को है. 
  • पुत्रदा एकादशी 23 अगस्त को है । 
  • श्रावण शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत 25 अगस्त को है। 
  • रक्षाबंधन 28 अगस्त सोमवार को है। Shrawan Mahina Aur Jyotish Yog
ऊपर मैंने वो महत्त्वपूर्ण दिन बताये हैं जो की सावन महीने में आने वाले है, इसमें लोग सफल जीवन के लिए विभिन्न प्रकार से भोलेनाथ की पूजा अर्चना करते हैं |

आइये जानते हैं की कौन कौन से महत्त्वपूर्ण पूजाएँ की जाती है श्रावण के महीने में :

यह महीना विशेष रूप से पूजा-पाठ, व्रत और उपायों के लिए शुभ होता है। इस पावन माह में निम्नलिखित पूजाएं और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं.
  1. हर सोमवार को शिवलिंग पर जल, दूध, शहद, बेलपत्र, धतूरा, भस्म आदि चढ़ाना शुभ माना जाता है।
  2. "रुद्राभिषेक" विशेष फलदायी माना गया है।
  3.  “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप भी बहुत लाभदायक है. जो लोग शिव मंत्र को सिद्ध करना चाहते हैं उन्हें इस महीने नियमित रूप से मंत्र साधना करनी चाहिए. 
  4. सावन के हर सोमवार को व्रत रखना चाहिए।
  5. सावन के महीने में मंगलवार को गौरी माता की पूजा, सौभाग्य, वैवाहिक सुख और संतान प्राप्ति के लिए किया जाता है जिसे मंगलागौरी व्रत के नाम से जाना जाता है. ।
  6. सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग देवता की पूजा करके दूध अर्पित करें अनेक दोषों को शांत करता है.  
  7. श्रावण महीने में रोज शिव चालीसा, शिवाष्टक, शिव महिम्न स्तोत्र, रुद्राष्टक का पाठ आदि कर सकते हैं. 
  8. श्रावण के महीने में कांवड़ यात्रा भी होती है जिसमे गंगा जल या फिर किसी तीर्थ का जल लाकर शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाता है।

आइये अब जानते हैं क्या फायदे हो सकते हैं श्रवण महीने में पूजा अनुष्ठान करने के :

  1. नौकरी की तलाश करने वालो को अच्छी नौकरी मिलने के रास्ते खुल सकते हैं.
  2. जिन लोगो की शादी नहीं हो रही है उनके लिए भी मार्ग खुल सकता है.
  3. विवाहित लोगो के जीवन में अगर कोई समस्या है तो वो दूर हो सकती है.
  4. कालसर्प दोष, पितृ दोष, प्रेत दोष, ग्रहण दोष आदि के दुष्प्रभावो को कम करने के लिए सावन का महिना बहुत अच्छा माना जाता है. Shrawan Mahina Aur Jyotish Yog
  5. धन, मान – सम्मान, समृद्धि पाने के लिए भी सावन के महीने में पूजा, अनुष्ठान और विशेष प्रयोग किये जा सकते हैं.
  6. स्वस्थ्य लाभ के लिए भी इस महीने में लोग विशेष प्रयोग कर सकते हैं.
अतः इस चमत्कारी महीने का लाभ लीजिये, तपती गर्मी के दिनों के बाद वर्षा के दिनों का आनंद मनाये अपने परिवार, रिश्तेदारो और दोस्तों के साथ.
सावन के दिनों में करिए शिव पूजा सबके साथ अपने जीवन को सुखमय करने के लिए.
इस महीने में रुद्राक्ष धारण करना शुभ होता है, शिवजी को बेल पत्र चढ़ाना शुभ होता है, शिव पंचाक्षरी मंत्र का जप, महामृत्युंजय मंत्र का जप, पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक आदि शुभ होता है. Shrawan Mahina Aur Jyotish Yog

अतः ये सावन का महिना बहुत महत्त्वपूर्ण है ज्योतिष के हिसाब से. अपने जीवन को सफल बनाने के लिए, बाधाओं के नाश के लिए इस बार हम सभी काफी कुछ कर सकते हैं.




श्रावण सोमवार का महत्त्व, क्या करे श्रावण सोमवार को, कैसे जगाएं सोया भाग्य.

सावन का महिना बहुत ही महत्त्व रखता है वैदिक ज्योतिष के हिसाब से और ये महिना भगवान् शिव का प्रिय महिना है. इसी कारण भक्त गण इन महीने में विभिन्न प्रकार से भोलेनाथ को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं.
shrawaan somwar ka mahattw in hindi jyotish
Saawan Somwar Ka Mahattw in Hindi
सभी वारो में सोमवार भगवान् शिव से जुड़ा हुआ है और इसी कारण हिन्दू पंचांग अनुसार, श्रावण महीने में जितने भी सोमवार आते हैं उन्हें "सावन सोमवार" के नाम से जाना जाता है.

ये दिन बहुत ख़ास है शिव पूजा के लिए, उनको प्रसन्न करने के लिए, सावन सोमवार को जो व्रत किया जाता है वो भी बहुत महत्त्व रखता है. Shrawan Mahina Aur Jyotish Yog

आइये जानते हैं की क्या कर सकते हैं श्रवण सोमवार को :

  • सावन सोमवार को व्रत करके पूरे दिन शिव पूजा में व्यतीत किया जा सकता है.
  • जीवन में बार बार उत्पन्न होने वाली परेशानियों को हटाने के लिए रुद्राभिषेक कर सकते हैं.
  • अगर कुंडली में चन्द्रमा का दोष हो तो उसके लिए जल से शिवलिंग का अभिषेक श्रावण सोमवार को करना लाभदायक होता है.
  • रोग को दूर करने के लिए पंचामृत से अभिषेक करना शुभ होता है.
  • भोलेनाथ को बेल पत्र और धतुरा भी बहुत पसंद है अतः इनसे अभिषेक करके भी शंकर जी को प्रसन्न किया जा सकता है. Shrawan Mahina Aur Jyotish Yog
  • अगर कोई उपवास करता है श्रावण सोमवार को तो शिव मंत्र का जप पूरे दिन करते रहना चाहिए.
  • इस दिन कुछ लोग विभिन्न प्रकार के टोटके भी करते हैं अपना रुके कार्यो को पूरा करने के लिए.
  • अगर भाग्य साथ नहीं दे रहा है तो सावन के महीने में शिव पूजा रोज करनी चाहिए.

और श्रवण सम्बंधित ज्योतिष लेख पढ़े:
श्रवण महीने में भाग्योदय के उपाय
सावन महीने में क्या करे सफलता के लिए?


2026 Sawan Mahine Ka Mahattw, ज्योतिष के अनुसार सावन महीने में क्या करे सफलता के लिए, श्रावण सोमवारों की तारीख,  मुख्य त्यौहार जो आ रहे है 2026 श्रावण महीने में., Shravan month date 2026 and importance.

Comments

Popular posts from this blog

Kuldevi Strotram Lyrics

Kuldevi Strotram Lyrics, कुलदेवी स्त्रोत्रम पाठ के फायदे, कुलदेवी का आशीर्वाद कैसे प्राप्त करें, कुलदेवी को प्रसन्न करने का शक्तिशाली उपाय, Hindi Meanings of Lyrics | हिन्दुओं में कुलदेवी या कुलदेवता किसी भी परिवार के मुख्य देवी या देवता के रूप में पूजे जाते हैं और ये उस परिवार के मुख्य रक्षक भी होते हैं | किसी भी विशेष कार्य को करने से पहले कुलदेवी या कुलदेवता को पूजने की मान्यता है |  आज के समय में बहुत से परिवारों को उनके कुलदेवी या कुलदेवता का पता नहीं होता है अतः ऐसे में चिंता की बात नहीं है| कुलदेवी स्त्रोत्रम का पाठ करके और सुनके हम अपने कुलदेवी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं |  Kuldevi Strotram Lyrics सुनिए YouTube में कुलदेवी स्त्रोत्रम  Lyrics of Kuldevi Strotram:  ॐ नमस्ते श्री  शिवाय  कुलाराध्या कुलेश्वरी।   कुलसंरक्षणी माता कौलिक ज्ञान प्रकाशीनी।।1   वन्दे श्री कुल पूज्या त्वाम् कुलाम्बा कुलरक्षिणी।   वेदमाता जगन्माता लोक माता हितैषिणी।।2   आदि शक्ति समुद्भूता त्वया ही कुल स्वामिनी।   विश्ववंद्यां महाघोरां त्राहिमाम्...

Mahakal Kawacham || महाकाल कवच

महाकाल कवच के बोल, महाकाल कवचम के क्या फायदे हैं। Mahakal Kavacham || Mahakaal Kavach || महाकाल कवच || इस लेख में अति गोपनीय, दुर्लभ, शक्तिशाली कवच के बारे में बता रहे हैं जिसे की विश्वमंगल कवच भी कहते हैं। कवच शब्द का शाब्दिक अर्थ है सुरक्षा करने वाला | जिस प्रकार एक योद्धा युद्ध में जाने से पहले ढाल या कवच धारण करता है, उसी प्रकार रोज हमारे जीवन में नकारात्मक्क शक्तियों से सुरक्षा के लिए महाकाल कवच ढाल बना देता है | जब भी कवच का पाठ किया जाता है तो देविक शक्ति दिन भर हमारी रक्षा करती है |  कवच के पाठ करने वाले को अनैतिक कार्यो से बचना चाहिए, मांसाहार नहीं करना चाहिए, किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करना चाहिए | Mahakal Kavach का विवरण रुद्रयामल तंत्र में दिया गया है और ये अमोघ रक्षा कवच है | Mahakal Kawacham || महाकाल कवच  किसी भी प्रकार के रोग, शोक, परेशानी आदि से छुटकारा दिला सकता है महाकाल कवच का पाठ | इस शक्तिशाली कवच के पाठ से हम बुरी शक्तीयो से बच सकते हैं, भूत बाधा, प्रेत बाधा आदि से बच सकते हैं | बच्चे, बूढ़े, जवान सभी के लिए ये एक बहुत ही फायदेमंद है | बाबा महाकाल ...

Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning

श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्, Govinda Stotram, Sharanagati Stotram, Sanskrit Stotra, Vishnu Stotra, devotional prayer, Bhakti Stotra, Govinda prayer. श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम् के लाभ (फायदे): "श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्" एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है, जो भगवान श्रीकृष्ण (गोविन्द) की शरण में जाने का भाव व्यक्त करता है। इसके नियमित पाठ से अनेक आध्यात्मिक, मानसिक और सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं जैसे: शरणागति का भाव जागृत होता है भय और संकट से रक्षा होती है भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि होती है पापों का नाश होता है मानसिक शांति और संतुलन में मदद मिलती है दैनिक जीवन में शुभता आने लगती है भगवान की कृपा प्राप्त होती है वैकुण्ठ प्राप्ति का भी यह एक महत्त्वपूर्ण साधन है Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning 🔹 मुख्य लाभ: शरणागति का भाव जागृत करता है: यह स्तोत्र हमें पूर्ण समर्पण की भावना सिखाता है। भय और संकट से रक्षा: रोग, भय, शत्रु आदि से रक्षा करता है। भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि: श्रीकृष्ण भक्ति गहराती है...