Skip to main content

Saawan Ke Liye Chamatkaari Upaay


सावन के चमत्कारी उपाय,  श्रावण में धन लाभ के उपाय, सावन में भगवान शंकर को प्रसन्न करने के उपाय , सावन के प्रभावशाली उपाय, सावन में शीघ्र फल के उपाय,  श्रावण में दरिद्रता दूर करने के उपाय, सावन में भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के उपाय, सावन में काल सर्प दोष के उपाय, रुद्राभिषेक से लाभ


श्रावण महीने में लाभ के ज्योतिषीय उपाय
श्रावण महीने में के क्या करे

सावन का पवित्र  महिना भगवान शंकर को बहुत प्रिय है। इस महीने में शिव भक्त भगवान् शिव को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न उपाय करते है | सावन में भोलेनाथ की नित्य कुछ खास उपायों को करने से चमत्कारी लाभ दिखने को मिलते हैं.
भोलेनाथ बहुत ही भोले है और आसानी से भक्तो का कल्याण करते हैं, इनकी पूजा में कोई विशेष वस्तुओ की जरुरत भी नहीं होती है | इनको महादेव भी कहा गया है । सावन माह में भगवान भोले नाथ (Bhagwaan Bhole Nath) की पूजा अर्चना का विशेष ही महत्व है। कहते है सावन में भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा करने से जातक को सभी सिद्धियाँ प्राप्त होती है उसकी समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण होती है

हिंदी ज्योतिष के अनुसार श्रावण महीने में आने वाले सोमवार बहुत ही महत्त्वपूर्ण होते हैं, सावन सोमवार को व्रत करके शिव पूजा करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है.
देखिये विडियो:

आइये जानते है कुछ शक्तिशाली चमत्कारी टोटके सावन महीने के लिए :

  1. ब्रह्म महुरत में शिव पूजा करना बहुत ही शुभ माना जाता है | रोज शिव परिवार की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है. शिव परिवार में शिवजी के साथ माता पार्वती, श्री गणेश, कार्तिकेय और नंदी आते हैं,
  2. श्रावण महीने में रोज शिव मंत्रो का यथाशक्ति जप अवश्य करना चाहिए.
  3. श्रावण महीने में रुद्राभिषेक का विशेष महत्त्व है. पुरे परिवार के साथ रुद्राभिषेक करने से अपार सफलता मिलती है. निरोगी काया, भौतिक सुखो और धन लाभ के लिए भगवान् शिव का पूजन बेल के पत्तो से करना चाहिए, बेल के पत्तो के रस से भी अभिषेक करने से सभी प्रकार के लाभ जातक को होते हैं.
  4. जिनके कुंडली में काल सर्प दोष हो वो भी श्रावण महीने में रोज शिव आराधना करके लाभ उठा सकते हैं. श्रावण महीने के पंचमी तिथि को चांदी या ताम्बे के नाग-नागिन के जोड़े की विधिवत पूजा करके बहते पानी में छोड़ने या फिर शिव मंदिर में दान करने से कालसर्प के दोष से मुक्ति मिलती है.
  5. श्रावण के महीने में सिद्ध पारद शिवलिंग को को स्थापित करके रोज पंचामृत(गंगाजल, दूध, शहद, दही और घी) से अभिषेक करने से भक्त की सभी मनोकामना पूर्ण होती है.
  6. कुंडली में अगर पितृ दोष हो तो उससे मुक्ति के लिए सावन के महीने में रोज जल में काले तिल मिला के शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए.
  7. श्रावण सोमवार में 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से ऊं नम: शिवाय लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है । लेकिन ध्यान रहे कि चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, अमावस्या, संक्रांति और सोमवार को बिल्वपत्र नहीं तोड़ा जाता है अत: इन तिथियों से एक दिन पहले ही तोड़ा हुआ बिल्वपत्र चढ़ाएं
  8. शिवलिंग का अभिषेक अगर चावल के दानो से किया जाए सावन के महीने में तो चमत्कारी रूप से धन लाभ होता है.
  9. अगर विवाह में देरी हो रही हो तो ऐसे में केसरिया दूध से शिव लिंग का अभिषेक करने से विवाह के योग बनते हैं./li>
  10. दाम्पत्य सुख के लिए शिव पार्वती का पूजन साथ में करे.


और सम्बंधित लेख पढ़े ज्योतिष द्वारा:
श्रावण महीने में भाग्योदय हेतु उपाय
सावन महीने में क्या करे सफलता के लिए?
2020 Shravan mahina aur jyotish yog in hindi

श्रावण के उपाय, सावन के चमत्कारी उपाय,  सावन के टिप्स , श्रावण में धन लाभ के उपाय, सावन में भगवान शंकर को प्रसन्न करने के उपाय , सावन के प्रभावशाली उपाय, सावन में शीघ्र फल के उपाय,  श्रावण में दरिद्रता दूर करने के उपाय, सावन में भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के उपाय, सावन में काल सर्प दोष के उपाय, सावन में रुद्राभिषेक,

sawan ke chamatkari upay , Totkay for shravan month in english, sawan me rudrabhishek, rudrabhishek puja vidhi in hindi, sawan mein shiv ki puja, shiv ki puja in hindi, lord shiva puja vidhi in hindi,sawan me kaise kare puja, sawan me kaise kare shiv puja, Sawan maah ke Chamatkari upay

Comments

Popular posts from this blog

Suar Ke Daant Ke Totke

Jyotish Me Suar Ke Daant Ka Prayog, pig teeth locket benefits, Kaise banate hai suar ke daant ka tabij, क्या सूअर के दांत का प्रयोग अंधविश्वास है.

सूअर को साधारणतः हीन दृष्टि से देखा जाता है परन्तु यही सूअर पूजनीय भी है क्यूंकि भगवान् विष्णु ने वराह रूप में सूअर के रूप में अवतार लिया था और धरती को पाताल लोक से निकाला था. और वैसे भी किसी जीव से घृणा करना इश्वर का अपमान है , हर कृति इस विश्व में भगवान् की रचना है.
सूअर दांत के प्रयोग के बारे में आगे बताने से पहले कुछ महत्त्वपूर्ण बाते जानना चाहिए :इस प्रयोग में सिर्फ जंगली सूअर के दांत का प्रयोग होता है.किसी सूअर को जबरदस्त मार के प्रयोग में लाया गया दांत काम नहीं आता है अतः किसी भी प्रकार के हिंसा से बचे और दुसरो को भी सचेत करे.वैदिक ज्योतिष में सूअर के दांत के प्रयोग के बारे में उल्लेख नहीं मिलता है.इसका सूअर के दांत के प्रयोग को महुरत देख के ही करना चाहिए.कई लोगो का मनना है की सुकर दन्त का प्रयोग अंधविश्वास है परन्तु प्रयोग करके इसे जांचा जा सकता है , ऐसे अनेको लोग है जो अपने बच्चो को इसका ताबीज पहनाते हैं और कुछ लोग खुद भी पहनते है …

Kala Jadu Kaise Khatm Kare

काला जादू क्या है , कैसे पता करे काला जादू के असर को, कैसे ख़त्म करे कला जादू के असर को, hindi में जाने काले जादू के बारे में. काला जादू अपने आप में एक खतरनाक विद्या है जो की करने वाले, करवाने वाले और जिस पर किया जा रहा है उन सब का नुक्सान करता है. यही कारण है की इस नाम से भी भय लगता है. अतः ये जरुरी है की इससे जितना हो सके बचा जाए और जितना हो सके उतने सुरक्षा के उपाय किया जाए.
ज्योतिष संसार के इस लेख में आपको हम उसी विषय में अधिक जानकारी देंगे की कैसे हम काले जादू का पता कर सकते हैं और किस प्रकार इससे बचा जा सकता है. प्रतियोगिता अच्छी होती है परन्तु जब ये जूनून बन जाती है तब व्यक्ति गलत ढंग से जीतने के उपाय करने से भी नहीं चुकता है. आज के इस प्रतियोगिता के युग में लोग बस जीतना चाहते हैं और इसके लिए किसी भी हद तक जाने से नहीं चुकते हैं और यही पर काला जादू का प्रयोग करने की कोशिश करते है. संपर्क करे ज्योतिष से मार्गदर्शन के लिए >>
आखिर में क्या है काला जादू? हर चीज के दो पहलु होते हैं एक अच्छा और एक बुरा. काला जादू तंत्र, मंत्र यन्त्र का गलत प्रयोग है जिसके अंतर्गत कुछ शक्तियों को प…

Gola Khisakna Kya Hota Hai Aur Iska Ilaaj Kya Hai

Kya Hota hai gola khisakna, nabhi hatne ka matlab kya hai, kaise thik kar sakte hain dharan ko, janiye kuch asaan tarike nabhi ko thik karne ke.
साधारण शब्दों में नाभि खिसकना : जब हम बात करते हैं शारीर के मध्य इस्थान का तब नाभि का ध्यान आता है, जब हम योग के सन्दर्भ में मनिपुरक चक्र की बात करते हैं तब हमे ध्यान आता है नाभि का, जब भी पेट में दर्द होता है तो ध्यान आता है नाभि का. अतः नाभि हमारे शारीर का एक महात्वपूर्ण अंग है, इसी नाभि को गोला या धारण भी कहते हैं. अंग्रेजी में नाभि को Navel कहते हैं.
ये वास्तव में एक संगम है जहाँ से नाड़ियाँ गुजरती हैं हर प्रकार की , अतः यहाँ पर जाल बना हुआ है नाड़ियों का, इन नाड़ियो को सहारा देने के लिए मांसपेशियां भी होती है और जब ये अपनी जगह से कभी खिसकती हैकिसी कारण से तो उसे कहते हैं “नाड़ी का खिसकना या गोला खिसकना या धरण ”. कभी ये बाएं खिसकता है, कभी ये दायें खिसकता है, कभी ऊपर और कभी निचे खिसकता है.
गोला खिसकने के ज्योतिषीय कारण: मैंने अपने शोध में पाया है की जिन लोगो का गोला ज्यादा खिसकता है उनके कुंडली में छ्टे भाव में कमजोरी होती है अर्थात वहां या त…