वैदिक ज्योतिष में वृषभ लग्न (Taurus Ascendant) के स्वामी शुक्र होते हैं, जो सुंदरता, स्थिरता, भौतिक सुख-सुविधा और भावनात्मक दृढ़ता के प्रतीक हैं। वृषभ लग्न वालों के लिए चंद्रमा तीसरे भाव का स्वामी माना जाता है, जो संचार, साहस, भाई-बहन, पहल तथा रचनात्मक अभिव्यक्ति का कारक है।
जब चंद्रमा अस्त (Combust) होता है—अर्थात सूर्य के बहुत निकट आ जाता है—तो उसकी शक्ति घट जाती है। अस्त चंद्रमा भावनात्मक स्पष्टता, मानसिक शांति और जिस भाव में स्थित है, उसके फल कमजोर कर देता है। इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि चंद्रमा जन्मकुंडली में किस भाव में स्थित है।
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| Vrishabh Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama Ka 12 Bhavon Me Prabhav |
आइये जानते हिं वृषभ लग्न वालों के लिए भावानुसार अस्त चंद्रमा का प्रभाव तथा उपाय :
1. प्रथम भाव में अस्त चंद्रमा
प्रभाव
वृषभ लग्न में प्रथम भाव में अस्त चंद्रमा होने से आत्मविश्वास और भावनात्मक संतुलन प्रभावित होता है। जातक बाहरी रूप से शांत दिखाई देता है लेकिन अंदर से असुरक्षित या चिंतित हो सकता है। शारीरिक ऊर्जा में उतार-चढ़ाव आता है। भाई-बहनों से दूरी या संवाद में कमी दिखाई दे सकती है तथा पहल करने में झिझक हो सकती है।
उपाय
- चाँदी धारण करें या चाँदी के बर्तन का प्रयोग करें
- शिव जी का पूजन नियमित करें.
- सफ़ेद टोपी पहना करे.
2. द्वितीय भाव में अस्त चंद्रमा
प्रभाव
द्वितीय भाव में अस्त चंद्रमा से वाणी, धन और पारिवारिक समरसता प्रभावित होती है। जातक धीमे, तीखे या अस्पष्ट रूप से बोल सकता है। आर्थिक निर्णय अस्थिर हो सकते हैं, जिससे लाभ-हानि दोनों का अनुभव होता है। बाल्यकाल या पारिवारिक वातावरण भावनात्मक रूप से संवेदनशील हो सकता है। दूध एवं दुग्ध उत्पादों से संवेदनशीलता भी रह सकती है।
उपाय
- सफ़ेद खाद्य पदार्थो का सेवन ज्यादा करें.
- शिव मंत्रो का जाप नियमित करें.
3. तृतीय भाव में अस्त चंद्रमा
(यहाँ चंद्रमा अपने ही भाव में होकर अस्त होता है)
प्रभाव
तृतीय भाव में अस्त चंद्रमा से साहस, पहल और भाई-बहन से संबंध कमजोर हो सकते हैं। जातक किसी भी कार्य से पहले अधिक सोचता है, जिससे व्यवसाय, मार्केटिंग, मीडिया या संचार से जुड़े क्षेत्रों में प्रगति धीमी होती है। भाई-बहनों से दूरी या गलतफहमियाँ हो सकती हैं। राइटिंग, पब्लिक स्पीकिंग या उद्यमिता में झिझक महसूस हो सकती है।
उपाय
- रोज “ॐ सोमाय नमः” का जाप करें
- भाई-बहनों को कुछ न कुछ उपहार दिया करें.
4. चतुर्थ भाव में अस्त चंद्रमा
प्रभाव
चतुर्थ भाव में अस्त चंद्रमा मानसिक शांति, गृह सुख, वाहन, अचल संपत्ति और माता से संबंध पर असर डालता है। चिंता, बेचैनी या नींद की समस्या हो सकती है। संपत्ति या वाहन संबंधी कार्य तनावपूर्ण या विलंबित हो सकते हैं। माता से दूरी या उनकी स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। भावनात्मक सुरक्षा की कमी के कारण घर बदलने की प्रवृत्ति भी देखी जाती है।
उपाय
- माता का सम्मान एवं सेवा करें
- घर में चाँदी के कलश में जल भरकर रखें
- चांदी रात्र में ध्यान करें.
5. पंचम भाव में अस्त चंद्रमा
प्रभाव
पंचम भाव में अस्त चंद्रमा से रचनात्मकता, प्रेम, बुद्धि और संतान सम्बन्धी विषय प्रभावित होते हैं। प्रेम संबंधों में भावनात्मक भ्रम हो सकता है। पढ़ाई में एकाग्रता कम होती है और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बाधाएँ आ सकती हैं। कला में रुकावटें आती हैं, भले ही प्रतिभा हो। संतान को लेकर चिंता या संतान प्राप्ति में विलंब हो सकता है।
उपाय
- चंद्र बीज मंत्र का जाप करें
- महिलाओं और कन्याओं को कुछ न कुछ उपहार दिया करें.
6. षष्ठ भाव में अस्त चंद्रमा
प्रभाव
षष्ठ भाव में अस्त चंद्रमा से प्रतियोगिता, स्वास्थ्य, ऋण और दैनिक कार्य प्रभावित होते हैं। आलोचना से जातक मानसिक रूप से व्यथित हो सकता है, जिससे चिंता और तनाव बढ़ता है। पाचन संबंधी समस्या हो सकती है। सहकर्मियों या मातृ पक्ष के रिश्तेदारों से टकराव हो सकता है। ऋण या बीमारी से उबरने में समय लग सकता है।
उपाय
- पानी का सेवन बढ़ाएँ
- सफेद वस्त्र ज्यादा स्तेमाल करें.
7. सप्तम भाव में अस्त चंद्रमा
प्रभाव
सप्तम भाव में अस्त चंद्रमा से विवाह, साझेदारी और सार्वजनिक व्यवहार प्रभावित होते हैं। जीवनसाथी से भावनात्मक असंतुलन या गलतफहमी हो सकती है। साझेदारी में अविश्वास या संवाद की कमी दिख सकती है। विवाह में देरी या अनिश्चितता भी संभव है। व्यवसायिक साझेदारी में भी अस्थिरता देखी जाती है।
उपाय
- रिश्तों में पारदर्शिता बढ़ाएँ
- चांदी का कड़ा पहने
8. अष्टम भाव में अस्त चंद्रमा
प्रभाव
अष्टम भाव में अस्त चंद्रमा मानसिक तनाव, भावनात्मक असुरक्षा और अचानक होने वाली घटनाओं का संकेत देता है। जातक में डर या रहस्यात्मक विषयों की रुचि बढ़ सकती है लेकिन भावनात्मक प्रोसेसिंग कमजोर रहती है। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रहता है। ससुराल पक्ष से संबंध तनावपूर्ण या गुप्त हो सकते हैं। अचानक खर्च, मानसिक टूटन या गहन आध्यात्मिक अनुभव भी संभव हैं।
उपाय
- महामृत्युंजय मंत्र का जप नियमित करें
- नकारात्मक विचारों से दूरी रखें
9. नवम भाव में अस्त चंद्रमा
प्रभाव
नवम भाव में अस्त चंद्रमा से भाग्य, पिता, उच्च शिक्षा और धार्मिकता प्रभावित होती है। जातक दार्शनिक या धार्मिक भ्रम में पड़ सकता है। पिता या गुरु से संबंध कमजोर या तनावपूर्ण हो सकते हैं। विदेश यात्रा, उच्च अध्ययन या भाग्य से जुड़े कार्यों में देरी या बाधाएँ होती हैं। जीवन के उद्देश्य को लेकर असमंजस रहता है।
उपाय
- पिता, गुरु या शिक्षकों की सेवा करें
- पूर्णिमा के दिन रात्री में ध्यान करें
- आध्यात्मिक साहित्य पढ़ें
10. दशम भाव में अस्त चंद्रमा
प्रभाव
दशम भाव में अस्त चंद्रमा से करियर एवं पेशेवर जीवन प्रभावित होता है। नौकरी या करियर में असंतोष के कारण बदलाव बार-बार हो सकते हैं। बॉस या सहकर्मियों से संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं। भावनाएँ पेशे में निर्णय ग्रहण को प्रभावित करती हैं। घर और करियर में संतुलन रखना कठिन हो जाता है।
उपाय
- चंद्रदेव का पूजन करें
- कार्यस्थल पर भावनात्मक निर्णय न लें
- बटुए में चाँदी का सिक्का रखें
11. एकादश भाव में अस्त चंद्रमा
प्रभाव
एकादश भाव में अस्त चंद्रमा से सामाजिक मित्रता, नेटवर्किंग और आय प्रभावित होती है। दोस्तों के साथ गहरे संबंध बनाना कठिन हो सकता है। बड़े भाई-बहनों से असहमति हो सकती है। आय में उतार-चढ़ाव रहता है। सामाजिक चिंता के कारण अवसर हाथ से निकल सकते हैं।
उपाय
- हॉबी आधारित ग्रुप या क्लब से जुड़ें
- नेटवर्किंग कौशल विकसित करें
- पूजा में चन्द्र यन्त्र स्थापित करके नियमित पूजन करे
12. द्वादश भाव में अस्त चंद्रमा
प्रभाव
द्वादश भाव में अस्त चंद्रमा से अवचेतन मन, नींद, खर्च और विदेशी संबंध प्रभावित होते हैं। जातक रात में अधिक सोचता है, स्वप्न अधिक आते हैं, या नींद गड़बड़ होती है। भावनात्मक पलायन यात्रा, कल्पना, अकेलेपन या खर्चों के माध्यम से हो सकता है। परिवार से दूरी या विदेश में रहना संभव है। खर्च बिना योजना के बढ़ सकते हैं।
उपाय
- सोने से पहले चन्द्रमा का ध्यान करें
- सफेद चादर का स्तेमाल करें
- बागवानी जैसे ग्राउंडिंग एक्टिविटी करें
अस्त चंद्रमा के सामान्य उपाय (सभी भावों के लिए उपयोगी)
- ॐ सोमाय नमः का जप नियमित करें
- हल्का भोजन और मानसिक शांति पर ध्यान
- सफेद चावल, दूध, दही, चीनी, सफेद कपड़ा स्तेमाल करें ज्यादा से जायदा
- पर्याप्त पानी पिएँ
- अवसर मिलने पर जल स्रोत के पास समय बिताएँ
- मूनस्टोन** या **मोती** सलाह लेके धारण कर सकते हैं.
निष्कर्ष
वृषभ लग्न वालों के लिए अस्त चंद्रमा संचार, मानसिक स्थिरता, आत्मविश्वास और संबंधों को प्रभावित करता है। यद्यपि अस्त चंद्रमा चंद्रमा की शुभता को कमजोर करता है, फिर भी आध्यात्मिक अभ्यास, भावनात्मक जागरूकता, उचित उपाय और जीवनशैली परिवर्तन से इसके नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक संतुलित किया जा सकता है।
Vrishabh Lagn Ki Kundli Mai Ast Chandrama Ka 12 Bhavon Me Prabhav, Chadnra Shanti Pooja Ke fayde, वृषभ लग्न कुंडली में : 12 भावों में अस्त चंद्रमा का प्रभाव व उपाय, Taurus Ascendant: Effects And Remedies of Combust Moon in 12 Houses.

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