Nagpanchmi kab Hai 2026 Mai, नाग पंचमी क्या है और क्यों महत्त्वपूर्ण हैं, क्या करे सफलता के लिए नाग पंचमी को ?, Nagpanchmi Ke upaay, Nagpanchmi Ko Kaise Jagayen Soya Bhagya . Nagpanchmi 2026: हिन्दू धर्म के अन्दर सांप प्रजाति को देवता के रूप में पूजा जाता है और लोगो का ऐसा विश्वास है की सांपो के देवता का आशीर्वाद अगर किसी को मिल जाए तो उसका जीवन धन-धान्य से भरपुर हो जाता है. वैदिक ग्रंथो के अनुसार पंचमी तिथि जो की हर महीने आती है नाग पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है इसी कारण पंचमी को नागो को मारना मना है. 2026 में 17 August Somwar को नाग पंचमी आ रही है जो की बहुत महत्त्वपूर्ण है. पंचमी तिथि 16 तारीख को शाम में लगभग 4:54 पे शुरू होगी और 17 तारीख को शाम में लगभग 05:01 तक रहेगी | नागपंचमी, एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार, पूरे भारत में बहुत उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यह श्रावण माह के शुक्ल पक्ष के पांचवें दिन पड़ता है | यह त्योहार अत्यधिक ज्योतिषीय महत्व रखता है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस दिन किये गए पूजाओ से बहुत से दोषों से मुक्ति मिलती है और जीवन मे...
नाम और ज्योतिष, बच्चो के नाम कैसे रखे, जानिए अंक विद्या और ज्योतिष का महत्त्व नाम रखने में.
किसी का नाम बहुत महत्त्व रखता है, एक अच्छा नाम भाग्योदय में सहायक है वही एक गलत नाम जीवन में उथल पुथल ला सकता है. वैदिक ज्योतिष में नाम रखने के लिए बहुत से सुझाव दिए गए है, अगर ज्योतिषीय सिद्धांतो का ध्यान रखा जाए तो जीवन को सफल बनाने में बहुत सहायता मिल सकती है.
![]() |
| Bachho Ke Naam Ka Jyotish Mahattw |
वैदिक ज्योतिष के अंतर्गत नाम रखने से पहले कुछ कर्मकांड करने के नियम है , कुंडली बनाई जाती है और राशि, नक्षत्र आदि को देखने के बाद ही नाम रखा जाता है. इस प्रकार वैदिक ज्योतिष जीवन को सफल बनाने के लिए बहुत मददगार साबित होता है.
ऐसे बहुत से लोगो के बारे में हम आये दिन पढ़ते रहते है जिन्होंने ज्योतिष और अंक ज्योतिष की सहायता से नाम में बदलाव किया और सफल हो गए. अच्छा तो यही है की जन्म के तुरंत बाद ही सलाह मशवरा के बाद सही नाम रखा जाए.
कुछ लोग जो मन में आये वही नाम रख लेते हैं जो की बिलकुल सही नहीं है क्यूंकि नाम का जीवन में बहुत गहरा असर होता है. नाम रखने से पहले ज्योतिष से अच्छी तरह पूछ लेना चाहिए.
वैदिक ज्योतिष और अंक ज्योतिष को मिला के अगर नाम रखा जाए तो निश्चित ही जीवन में सफलता प्रवेश करती है.
आइये जानते हैं की कैसे ज्योतिष और अंक ज्योतिष नाम रखने में मदद करता है ?
- सबसे पहले कुंडली बनाई जाती है और राशि और नक्षत्र का पता लगाया जाता है.
- हर राशि और नक्षत्र से सम्बंधित कुछ ख़ास अक्षर होते हैं उनका पता लगाया जाता है.
- फिर सम्बंधित अक्षर का प्रयोग करके नाम सोचा जाता है.
- यहाँ पर अगर अंक ज्योतिष का सहारा लिया जाए तो नाम शुभ है की नहीं , ये भी पता लगाया जा सकता है.
- फिर नाम रखा जाता है.
नाम रखने के समय कुछ बातो का ध्यान रखना चाहिए :
- नाम हमेशा सकारात्मक उर्जा को ही दर्शाए, इस बात का धयान रखना चाहिए, नाम ही व्यक्ति की पहचान होती है अतः सोच समझ कर ही रखे.
- हमेशा ज्योतिष की सहायता ले सही नामाक्षर चुनने के लिए.
- ज्योतिष से नाम के शुभता को जान्ने के लिए अंक ज्योतिष और वैदिक ज्योतिष , दोनों का सहारा लेने के लिए आग्रह करे.
- सही पूजन पाठ या कर्म कांड करके नाम रखे. इसे नामकरण संस्कार भी कहते हैं.
- अगर आप कोई बड़ी पूजा करने में समर्थ नहीं तो अपने कुल देवी या कुलदेवता की पूजा करके आशीर्वाद प्राप्त करके नाम रखे.
- अपने बच्चे को अलग अलग नामो से न पुकारा करे, इससे जीवन में उलझन पैदा हो सकती है.
- नाम रखने में जल्दबाजी न करे.
और सम्बंधित लेख पढ़े :
संतान में देरी के ज्योतिषीय कारण
कुंडली में संतान प्राप्ति योग
नाम और ज्योतिष, बच्चो के नाम कैसे रखे, जानिए अंक विद्या और ज्योतिष का महत्त्व नाम रखने में.

Comments
Post a Comment