Chandra Grahan kab lagega 2026, चंद्र ग्रहण कब लगेगा, चंद्र ग्रहण तिथि और समय, Chandra Grahan Date and Time, Chandra Grahan Rashifal, चंद्र ग्रहण का असर, 12 राशियों पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव, kin baato ka dhyan rakhen. Chandra Grahan 2026: 3 March मंगलवार को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है जो की भारत में दिखाई देगा जिससे इसका सूतक काल भी मान्य होगा। गोचर कुंडली को देखें तो ये पूर्ण चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा। इस खगोलीय घटना के दौरान, चंद्रमा पृथ्वी की छाया में चला जाएगा जिससे वो गहरे लाल रंग का हो जाएगा जिसे अक्सर "ब्लड मून" कहा जाता है। Chandra Grahan Kab Lagega इस महीने 'ब्लड मून' पूर्ण चंद्रग्रहण कहां दिखाई देगा? ये पूर्ण चन्द्र ग्रहण भारत सहित एशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका में दिखाई देगा। क्यों होता है ब्लड मून? जब हमारी पृथ्वी अपने परिक्रमा पथ पर बढ़ते हुए चं...
🔮 Shaadi Me Deri Aur Jyotish – विवाह में देरी के ज्योतिषीय कारण व उपाय
शादी में देरी एक आम समस्या बन चुकी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसके पीछे ग्रहों की भूमिका महत्त्वपूर्ण होती है। यदि आपकी या आपके परिजनों की विवाह में रुकावट आ रही है, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
चित्र: विवाह में देरी और ज्योतिष उपाय
🚫 विवाह में देरी के ज्योतिषीय कारण
- कुंडली के सप्तम भाव में अशुभ ग्रह (जैसे मंगल, राहु, शनि) का प्रभाव।
- सप्तम भाव में शनि की उपस्थिति विवाह में देरी करती है।
- चतुर्थ भाव में अशुभ ग्रहों की स्थिति भी विवाह बाधा उत्पन्न कर सकती है।
- लड़की की कुंडली में गुरु कमजोर या पीड़ित हो तो विवाह में समस्या आती है।
- लड़के की कुंडली में शुक्र कमजोर होने पर वैवाहिक जीवन प्रभावित होता है।
- यदि सप्तम भाव रिक्त (empty) हो तो विवाह में विलंब हो सकता है।
- मंगल और शनि की युति चौथे या सप्तम भाव में हो तो विवाह में बाधा आ सकती है।
Shaadi Me Deri न केवल मानसिक तनाव देता है बल्कि सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। अतः समय रहते ज्योतिषीय मार्गदर्शन लेना उचित है।
✅ शीघ्र विवाह के लिए ज्योतिषीय उपाय
- हर व्यक्ति की कुंडली अलग होती है, अतः व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण आवश्यक है।
- मां पार्वती को श्रृंगार का सामान अर्पित कर विवाह की प्रार्थना करें।
- किसी सहेली या दोस्त की शादी में मेहंदी अवश्य लगाएं।
- अशुभ ग्रहों की शांति पूजा कराएं, विशेष रूप से शनि, राहु, केतु की।
- शिवलिंग का जलाभिषेक करें और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करें।
🔗 संबंधित ज्योतिष लेख पढ़ें
🔍 अपनी कुंडली का ज्योतिषीय विश्लेषण कराएं
Comments
Post a Comment