Sharad poornima kab hai 2026 mai, sharad poornima ka mahattwa, kya kare safaltaa ke liye, kisi pooja kare sharad poornima ko as per jyotish, शरद पूर्णिमा पर hindi में जानिये महत्तव और क्या करे सफलता के लिए. sharadpoornima 2026: साल की सबसे बड़ी और शक्तिशाली पूर्णिमा है शरद पूर्णिमा और ऐसी मान्यता है की अगर कोई आर्थिक और शारीरिक परेशानी से गुजर रहा हो तो इस रात्रि को पूजन जरुर करना चाहिए, इससे बहुत लाभ मिलता है | ये रात्रि माता लक्ष्मी से भी सम्बन्ध रखता है | Sharad Poornima kab hai वैदिक ज्योतिष के हिसाब से अगर कुंडली में चंद्रमा ग्रह मजबूत हो तो जातक बहुत ही संपन्न जीवन जीता है ऐशो -आराम के साथ वहीँ कमजोर चंद्रमा असंतुष्ट जीवन का प्रतीक होता है |अतः चन्द्रमा अती महत्त्वपूर्ण है हमारे जीवन में | साल 2026 में शरद पूर्णिमा (कोजागरी पूर्णिमा) 25 अक्टूबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। • पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 25 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:57 बजे • पूर्णिमा तिथि की समाप्ति: 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:41 बजे • चंद्रोदय का समय: 25 अक्टूबर 2026 को शाम में लगभग 5:00 बजे • स्नान और दान ...
🔮 Shaadi Me Deri Aur Jyotish – विवाह में देरी के ज्योतिषीय कारण व उपाय
शादी में देरी एक आम समस्या बन चुकी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसके पीछे ग्रहों की भूमिका महत्त्वपूर्ण होती है। यदि आपकी या आपके परिजनों की विवाह में रुकावट आ रही है, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
चित्र: विवाह में देरी और ज्योतिष उपाय
🚫 विवाह में देरी के ज्योतिषीय कारण
- कुंडली के सप्तम भाव में अशुभ ग्रह (जैसे मंगल, राहु, शनि) का प्रभाव।
- सप्तम भाव में शनि की उपस्थिति विवाह में देरी करती है।
- चतुर्थ भाव में अशुभ ग्रहों की स्थिति भी विवाह बाधा उत्पन्न कर सकती है।
- लड़की की कुंडली में गुरु कमजोर या पीड़ित हो तो विवाह में समस्या आती है।
- लड़के की कुंडली में शुक्र कमजोर होने पर वैवाहिक जीवन प्रभावित होता है।
- यदि सप्तम भाव रिक्त (empty) हो तो विवाह में विलंब हो सकता है।
- मंगल और शनि की युति चौथे या सप्तम भाव में हो तो विवाह में बाधा आ सकती है।
Shaadi Me Deri न केवल मानसिक तनाव देता है बल्कि सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। अतः समय रहते ज्योतिषीय मार्गदर्शन लेना उचित है।
✅ शीघ्र विवाह के लिए ज्योतिषीय उपाय
- हर व्यक्ति की कुंडली अलग होती है, अतः व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण आवश्यक है।
- मां पार्वती को श्रृंगार का सामान अर्पित कर विवाह की प्रार्थना करें।
- किसी सहेली या दोस्त की शादी में मेहंदी अवश्य लगाएं।
- अशुभ ग्रहों की शांति पूजा कराएं, विशेष रूप से शनि, राहु, केतु की।
- शिवलिंग का जलाभिषेक करें और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करें।
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