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Surya Ka kark Rashi Mai Gochar Ka Fal

Surya ka kark rashi mai gochar kab hoga 2024, सूर्य का गोचर कर्क राशि में, क्या असर होगा 12 राशियों पर, Rashifal in Hindi Jyotish. Surya Ka kark Rashi Mai Gochar:  वैदिक ज्योतिष में सूर्य ग्रह एक बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रह है क्योंकि इसके राशि परिवर्तन से मौसम में, लोगों के जीवन में, राजनीति में बड़े बदलाव होने लगते हैं। सूर्य हर महीने राशि बदलता है और उसके अनुसार हमारे जीवन में भी बदलाव होते रहते हैं। सूर्य 16 जुलाई, 2024 को भारतीय समय के अनुसार  सुबह लगभग  11:07 बजे कर्क राशि में गोचर करेंगे । यहाँ ये  17 अगस्त 2024 तक रहेंगे | कर्क राशी में सूर्य सम के हो जाते हैं | कर्क राशि वालों के लिए यह गोचर महत्वपूर्ण है। इस समय के दौरान, कर्क राशि के लोग अधिक भावुक और सहज महसूस कर सकते हैं, और वे अपने  आप के साथ अधिक संपर्क में रह सकते हैं। वे दूसरों का अधिक पोषण करने वाले और देखभाल करने वाले भी हो सकते हैं। यह गोचर अन्य राशियों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि सूर्य एक शक्तिशाली ग्रह है जो सकारात्मक ऊर्जा और अवसर लाने में मदद करता है।  Surya Ka kark Rashi Mai Gochar Watch Video here

Vivah Mai Deri Ke karan In Hindi

Vivah Mai Deri Ke karan In Hindi, विवाह में देरी के क्या कारण हो सकते हैं, ज्योतिष से कैसे जाने विवाह में बाधा को, क्या समाधान है शीघ्र विवाह योग के लिए.
sheeghra vivah ke upaay in hindi jyotish
vivah me deri ke karan
मानव जन्म से ही सामाजिक होता है अतः उसे कदम कदम पर दोस्त, परिवार के सदस्य, प्रेमी, जीवन साथी की जरुरत पड़ती है. अकेला रहना एक श्राप ही होता है. इसमे भी कोई शक नहीं की कई लोगो की जिन्दगी तो एक अच्छा साथी ढूंढने में ही निकल जाती है.

विवाह एक सामाजिक उत्सव के रूप मे मनाया जाता है जिसमे दो लोग एक दुसरे के साथ रहने और एक दुसरे का ख्याल रखने की कसम खाते हैं . अगर विवाह समय पर हो जाए तो स्त्री और पुरुष दोनों सुखी जीवन बिता सकते हैं और महत्वपूर्ण क्षणों का आनंद अच्छी तरह से ले सकते हैं परन्तु समय निकल जाने पर व्यक्तिगत जीवन और सामाजिक जीवन में भी बहुत कुछ सहन करना पड़ता है.
इस लेख में हम जानेंगे विवाह में देरी के कुछ कारणों को.Vivah Mai Deri Ke karan In Hindi

आइये सबसे पहले जानते हैं कुछ साधारण कारणों को जिसके कारण कुछ लोग बिना विवाह के जीवन बिता रहे हैं –

  1.  कुछ लोग अपनी उच्च अभिलाषाओ के कारण जीवन अकेले जिए जा रहे हैं.
  2. कुछ लोग इसीलिए अकेले हैं क्यूंकि उनके घरवाले उत्सुक नहीं हैं.
  3. कुछ लोग दुसरो के बुरे अनुभवों को सुन कर और देखकर भी विवाह से दूर अकेले जीवन जी रहे हैं.
  4. कुछ लोग प्रेम में असफल होने के कारण भी अकेले जीये जा रहे हैं.
  5. कुछ लोगो को कोई मिल ही नहीं रहा है अथाह प्रयास करने पर भी. Vivah Mai Deri Ke karan In Hindi
  6. कुछ लोग नौकरी या आय के स्त्रोत नहीं होने के कारण शादी से वंचित हैं.
  7. कुछ इतने जायद पढ़ लिख गए हैं की उनके लायक साथी नहीं मिल रहा है.
  8. कुछ कुंडली में ख़राब योग के कारण भी परेशान है.
ये तो कुछ साधारण कारण है जो की समाज में दिख जाते हैं और असला में बहुत से परेशानियों से व्यक्ति सिर्फ अपनी सोच बदलकर बहार आ सकता है. परन्तु यहाँ हम बात कर रहे हैं ज्योतिषीय कारणों का तो आइये देखते हैं कैसे ग्रहों का प्रभाव पड़ता है विवाह पर. Vivah Mai Deri Ke karan In Hindi

शादी/ विवाह के देरी होने के ज्योतिषीय कारण :

वैदिक ज्योतिष के हिसाब से कुंडली का सातवां घर विवाह के लिए जिम्मेदार होता है परन्तु और भी कई योग इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं. चन्द्रमा से सातवां घर भी विवाह के लिए जिम्मेदार हो सकता है. सुख स्थान की स्थिति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

आइये इसे जानते हैं कुछ उदाहरण से .मान लीजिये अगर कुंडली के सातवें घर में गुरु ख़राब हो या फिर सातवें घर का स्वामी कुंडली में बुरा असर डाल रहा हो तो विवाह में देरी हो सकती है या फिर व्यक्ति का वैवाहिक जीवन अस्त व्यस्त हो सकता है. Vivah Mai Deri Ke karan In Hindi

इसी प्रकार अगर कुंडली का चौथा घर अगर बुरे ग्रहों से ग्रस्त हो तो भी व्यक्ति को सुखी जीवन के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता है.

बुरे योग के कारण या फिर ग्रहों के कमजोर होने की स्थिति में व्यक्ति का विवाह उम्र ढलने के बाद हो सकता है या फिर विवाह असफल हो सकता है. अतः ये जरुरी है की अच्छे ज्योतिष से परामर्श लिए जाए.

कई बार शुक्र के ख़राब होने से या कमजोर होने से भी विवाह में बढाए आती है , इसी प्रकार मंगल के दुष्प्रभाव के कारण भी व्यक्ति को भोगना पड़ता है. Vivah Mai Deri Ke karan In Hindi

शीघ्र विवाह के लिए क्या उपाय करने चाहिए?

इस प्रश्न का उत्तर सभी जानना चाहते हैं परन्तु यहां मैं कहना चाहूँगा की इसके लिए कोई एक फिक्स उपाय नहीं है. विवाह में बाधा का जो कारण होगा वैसा उपाय करना होगा जैसे की –
  • अगर मांगलिक दोष के कारण व्यक्ति का विवाह नहीं हो रहा हो तो मंगल शांति की पूजा लाभदायक हो सकता है.
  • अगर शुक्र या गुरु के कारण व्यक्ति को परेशानी आ रही है तो उससे सम्बंधित शांति पूजा की जरुरत होती है. Vivah Mai Deri Ke karan In Hindi
  • कई विकत परिस्थितियों में शिव परिवार का पूजा लाभ दायक होता है.
  • कभी शनि साडेसाती के कारण भी व्यक्ति को परेशानी आती है जीवन में अतः उस समय शनि शांति पूजा लाभदायक होती है.
इसमें कोई शक नहीं की जोड़ियाँ ऊपर वाला बनता है परन्तु कई बार अपने साथी तक पहुचने के लिए अलग अलग प्रकार के प्रयास करना पड़ते हैं. इसी कारण ज्योतिष से सलाह लेके जीवन में आगे बढ़ना चाहिए. Vivah Mai Deri Ke karan In Hindi

आइये अब कुछ आसान तरीके बताते जिसका प्रयोग करके सभी लाभ उठा सकते हैं:

  1. रोज शिव परिवार के सामने दीपक जला के प्रार्थना करे की जैसे परिवार आपके पास है वैसा परिवार आपको भी प्रदान करे.
  2. राधा कृष्ण की साथ में पूजा करके अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए प्रार्थना करें.
  3. नए शादी शुदा जोड़े से अपने लिए शुभकामनाये लीजिये. Vivah Mai Deri Ke karan In Hindi
  4. कन्याओं को भोजन करवा के सौंदर्य के सामान भेंट करके उनका आशीर्वाद ले.
  5. माता के मंदिर में नारियल का दान करे और प्रसाद अपने हाथो से बाटे और प्रार्थना करे.

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Vivah Mai Deri Ke karan In Hindi, विवाह में देरी के क्या कारण हो सकते हैं, ज्योतिष से कैसे जाने विवाह में बाधा को, क्या समाधान है शीघ्र विवाह योग के लिए.

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