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Budh grah ka makar rashi mai gochar ka rashifal

Budh ka makar rashi mai gochar kab hoga 2026,  बुध के मकर  राशि में प्रवेश का राशिफल, बुध के राशी परिवर्तन का क्या असर होगा 12 राशियों पर, mercury transit Updates. Budh Gochar Makar Rashi Mai 2026: बुध को वैदिक ज्योतिष में राजकुमार का दर्जा प्राप्त हैं और बुध ग्रह का सम्बन्ध व्यापार, वाणिज्य, दिमागी शक्ति, बैंकिंग, तर्क आदि से होता है अतः देश और दुनिया में बहुत बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं | 17 January 2026 शनिवार को बुध दिन में लगभग 10:11 पे मकर राशि में प्रवेश करेंगे  | बुध के राशि परिवर्तन का 12 राशि वालो के जीवन में बहुत प्रभाव पड़ेगा कुछ के जीवन में शुभता बढ़ेगी और कुछ के जीवन में चुनौतियाँ बढेंगी |  इस लेख में हम जानेंगे की किन राशि वालो को विशेष लाभ मिलेगा और किनको सतर्क रहने की जरुरत रहेगी |  आगे बढ़ने से पहले जान लीजिये की मकर राशि में बुध सम रहते हैं | Budh Gochar Makar Rashi Mai Budh grah ka makar rashi mai gochar ka rashifal आइये जानते हैं १२ राशी वालो के जीवन में क्या क्या परिवर्तन ला सकता है बुध का मकर राशि में प्रवेश : मेष राशिफल : 17 Jan...

Vivah Mai Deri Ke karan In Hindi

Vivah Mai Deri Ke Karan In Hindi | विवाह में देरी के ज्योतिषीय कारण और समाधान | शीघ्र विवाह के उपाय
vivah me deri ke karan
Image: विवाह में देरी के संभावित कारण

मानव जीवन सामाजिक होता है और एक उपयुक्त जीवनसाथी की आवश्यकता हर किसी को होती है। परंतु कई बार विवाह में देरी हो जाती है, जिससे मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक तनाव उत्पन्न होता है। इस लेख में हम जानेंगे —

  • विवाह में देरी के सामाजिक और ज्योतिषीय कारण
  • कुंडली में विवाह में बाधा के योग
  • शीघ्र विवाह के सरल उपाय

विवाह में देरी के सामान्य कारण

  1. अत्यधिक अपेक्षाएं और उच्च आदर्श
  2. परिवार का समर्थन न होना
  3. दूसरों के नकारात्मक अनुभवों से प्रभावित होना
  4. प्रेम में असफलता
  5. उचित प्रयास के बावजूद साथी न मिलना
  6. आर्थिक अस्थिरता या नौकरी की कमी
  7. अत्यधिक शिक्षित होने के कारण उपयुक्त जीवनसाथी न मिलना
  8. कुंडली में अशुभ योग या दोष

ज्योतिष के अनुसार विवाह में देरी के कारण

विवाह योग मुख्य रूप से सप्तम भाव से देखा जाता है। यदि सप्तम भाव, उसका स्वामी, शुक्र या गुरु पीड़ित हो तो विवाह में बाधा उत्पन्न होती है। अन्य कारण:

  • सप्तम भाव में पाप ग्रहों का प्रभाव
  • चतुर्थ भाव में बुरे ग्रहों की स्थिति (सुख में कमी)
  • शुक्र या गुरु की स्थिति कमजोर होना
  • मंगल दोष (मांगलिक दोष)
  • शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव

इन स्थितियों में किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।

शीघ्र विवाह के लिए ज्योतिषीय उपाय

  • मांगलिक दोष हो तो मंगल शांति पूजा करें
  • गुरु या शुक्र के दोष हो तो संबंधित ग्रह की शांति कराएं
  • शनि की दशा या साढ़ेसाती हो तो शनि पूजन करें
  • शिव परिवार की आराधना अत्यंत फलदायी मानी जाती है

कुछ सरल उपाय जो सभी कर सकते हैं:

  1. शिव परिवार के समक्ष दीपक जलाकर प्रार्थना करें
  2. राधा-कृष्ण की पूजा करें और विवाह हेतु प्रार्थना करें
  3. नवविवाहित जोड़ों से आशीर्वाद लें
  4. कन्याओं को भोजन कराएं और श्रृंगार सामग्री भेंट करें
  5. माँ दुर्गा के मंदिर में नारियल अर्पित करें और प्रसाद बांटें

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