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Amalki Ekadashi kabhai - Vrat Puja Vidhi aur Katha

Amalki Ekadashi kab hai - Vrat Puja Vidhi aur Kathaआमलकी एकादशी 2026: व्रत, पूजा विधि और आध्यात्मिक महत्व., Eakdashi Update. Amalki Ekadashi 2026 : फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2026 में आमलकी एकादशी 27 फरवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी । यह दिन भगवान विष्णु की आराधना और आंवला वृक्ष के पूजन के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। सनातन धर्म में एकादशी का व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना गया है, और आमलकी एकादशी का महत्व तो और भी अधिक बताया गया है क्योंकि यह आध्यात्मिक शुद्धि, आरोग्य और समृद्धि प्रदान करने वाली मानी जाती है। एकादशी तिथि २६ फ़रवरी को रात्री में लगभग 12:33 पे शुरू होगी और एकादशी तिथि 27 फ़रवरी को रात्री में लगभग 10:32 तक रहेगी. पारण २८ तारीख को प्रातः 7 बजे से 10:44 के बीच करना शुभ रहेगा. Amalki Ekadashi kabhai - Vrat Puja Vidhi aur Katha   आमलकी एकादशी का उल्लेख पुराणों में विशेष रूप से मिलता है। कहा जाता है कि इस दिन आंवला वृक्ष में भगवान विष्णु का वास होता है। आंवला को आयुर्वेद में अमृत के समान माना गया है और धार्मिक दृष...

Vivah Mai Deri Ke karan In Hindi

Vivah Mai Deri Ke Karan In Hindi | विवाह में देरी के ज्योतिषीय कारण और समाधान | शीघ्र विवाह के उपाय
vivah me deri ke karan
Image: विवाह में देरी के संभावित कारण

मानव जीवन सामाजिक होता है और एक उपयुक्त जीवनसाथी की आवश्यकता हर किसी को होती है। परंतु कई बार विवाह में देरी हो जाती है, जिससे मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक तनाव उत्पन्न होता है। इस लेख में हम जानेंगे —

  • विवाह में देरी के सामाजिक और ज्योतिषीय कारण
  • कुंडली में विवाह में बाधा के योग
  • शीघ्र विवाह के सरल उपाय

विवाह में देरी के सामान्य कारण

  1. अत्यधिक अपेक्षाएं और उच्च आदर्श
  2. परिवार का समर्थन न होना
  3. दूसरों के नकारात्मक अनुभवों से प्रभावित होना
  4. प्रेम में असफलता
  5. उचित प्रयास के बावजूद साथी न मिलना
  6. आर्थिक अस्थिरता या नौकरी की कमी
  7. अत्यधिक शिक्षित होने के कारण उपयुक्त जीवनसाथी न मिलना
  8. कुंडली में अशुभ योग या दोष

ज्योतिष के अनुसार विवाह में देरी के कारण

विवाह योग मुख्य रूप से सप्तम भाव से देखा जाता है। यदि सप्तम भाव, उसका स्वामी, शुक्र या गुरु पीड़ित हो तो विवाह में बाधा उत्पन्न होती है। अन्य कारण:

  • सप्तम भाव में पाप ग्रहों का प्रभाव
  • चतुर्थ भाव में बुरे ग्रहों की स्थिति (सुख में कमी)
  • शुक्र या गुरु की स्थिति कमजोर होना
  • मंगल दोष (मांगलिक दोष)
  • शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव

इन स्थितियों में किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।

शीघ्र विवाह के लिए ज्योतिषीय उपाय

  • मांगलिक दोष हो तो मंगल शांति पूजा करें
  • गुरु या शुक्र के दोष हो तो संबंधित ग्रह की शांति कराएं
  • शनि की दशा या साढ़ेसाती हो तो शनि पूजन करें
  • शिव परिवार की आराधना अत्यंत फलदायी मानी जाती है

कुछ सरल उपाय जो सभी कर सकते हैं:

  1. शिव परिवार के समक्ष दीपक जलाकर प्रार्थना करें
  2. राधा-कृष्ण की पूजा करें और विवाह हेतु प्रार्थना करें
  3. नवविवाहित जोड़ों से आशीर्वाद लें
  4. कन्याओं को भोजन कराएं और श्रृंगार सामग्री भेंट करें
  5. माँ दुर्गा के मंदिर में नारियल अर्पित करें और प्रसाद बांटें

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