Pitra Moksha Amavasya 2026 Date, पितृ मोक्ष अमावस्या का महत्तव, क्या है सर्वपितर अमावस्या, कैसे प्राप्त करे पितरों की कृपा, श्राद्ध अमवस्या की तारीख क्या है 2026 में . Pitra Moksha Amavasya 2026: हर साल हिन्दू लोग 16 दिन तक विशेष पूजा पाठ करते हैं अपने पितरो की कृपा प्राप्त करने के लिए, ये सोलह दिन श्राद्ध पक्ष कहलाते हैं, पितर पक्ष कहलाते हैं , कुछ जगह पर इसे महालय भी कहते हैं. भारतीय संतो ने ये दिन निकाले थे जिससे की लोग अपने जीवन को सुखमय कर सके और अपने साथ साथ अपने पूर्वजो का कल्याण भी कर सके. पितृ पक्ष की समाप्ति पितृ मोक्ष अमावस्या के साथ होती है. सन 2026 में 10 October Shaniwar को श्राद्ध अमवस्या का दिन होगा | पितृ मोक्ष अमावस्या वास्तव में ये हमारा कर्त्तव्य है की हम अपने पूर्वजो को पितरो को समय समय पर याद करे और उनकी कृपा के लिए उनका धन्यवाद दे. क्यूंकि हम इस सुन्दर धरती पर अगर है तो उनके कारण. हिन्दू शाश्त्रो में पितरो को पूजने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं जिससे की लोग सुखी और संपन्न जीवन जी सके. हिन्दू पंचांग के हिसाब से आश्विन माह में ये सोलह दिन आते हैं ज...
Vivah Mai Deri Ke Karan In Hindi | विवाह में देरी के ज्योतिषीय कारण और समाधान | शीघ्र विवाह के उपाय
Image: विवाह में देरी के संभावित कारण
मानव जीवन सामाजिक होता है और एक उपयुक्त जीवनसाथी की आवश्यकता हर किसी को होती है। परंतु कई बार विवाह में देरी हो जाती है, जिससे मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक तनाव उत्पन्न होता है। इस लेख में हम जानेंगे —
- विवाह में देरी के सामाजिक और ज्योतिषीय कारण
- कुंडली में विवाह में बाधा के योग
- शीघ्र विवाह के सरल उपाय
विवाह में देरी के सामान्य कारण
- अत्यधिक अपेक्षाएं और उच्च आदर्श
- परिवार का समर्थन न होना
- दूसरों के नकारात्मक अनुभवों से प्रभावित होना
- प्रेम में असफलता
- उचित प्रयास के बावजूद साथी न मिलना
- आर्थिक अस्थिरता या नौकरी की कमी
- अत्यधिक शिक्षित होने के कारण उपयुक्त जीवनसाथी न मिलना
- कुंडली में अशुभ योग या दोष
ज्योतिष के अनुसार विवाह में देरी के कारण
विवाह योग मुख्य रूप से सप्तम भाव से देखा जाता है। यदि सप्तम भाव, उसका स्वामी, शुक्र या गुरु पीड़ित हो तो विवाह में बाधा उत्पन्न होती है। अन्य कारण:
- सप्तम भाव में पाप ग्रहों का प्रभाव
- चतुर्थ भाव में बुरे ग्रहों की स्थिति (सुख में कमी)
- शुक्र या गुरु की स्थिति कमजोर होना
- मंगल दोष (मांगलिक दोष)
- शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव
इन स्थितियों में किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।
शीघ्र विवाह के लिए ज्योतिषीय उपाय
- मांगलिक दोष हो तो मंगल शांति पूजा करें
- गुरु या शुक्र के दोष हो तो संबंधित ग्रह की शांति कराएं
- शनि की दशा या साढ़ेसाती हो तो शनि पूजन करें
- शिव परिवार की आराधना अत्यंत फलदायी मानी जाती है
कुछ सरल उपाय जो सभी कर सकते हैं:
- शिव परिवार के समक्ष दीपक जलाकर प्रार्थना करें
- राधा-कृष्ण की पूजा करें और विवाह हेतु प्रार्थना करें
- नवविवाहित जोड़ों से आशीर्वाद लें
- कन्याओं को भोजन कराएं और श्रृंगार सामग्री भेंट करें
- माँ दुर्गा के मंदिर में नारियल अर्पित करें और प्रसाद बांटें
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