Mangal Gochar in Kumbh Rashi 2026, मंगल का कुंभ राशि में गोचर कैसा रहेगा 12 राशियों के लिए, कब होगा मंगल का कुम्भ राशि में प्रवेश, Mangal Ka Gochar Kumbh Rashi Mai Kaisa Rahega. Mangal Gochar 2026 : वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों के सेनापति मंगल 23 February को शनि की राशि कुम्भ में प्रवेश करेंगे और सम के हो जायेंगे | मंगल ग्रह का सम्बन्ध ताकत, ऊर्जा, भूमि, भाई, साहस, पराक्रम, युद्ध आदि से होता है | मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी कहलाते हैं | मंगल मकर राशि में उच्च के होते हैं और कर्क राशि में नीच के होते हैं | Mangal Ka Gochar Kumbh Rashi Mai Kaisa Rahega आइये जानते हैं मंगल के गोचर का समय क्या रहेगा ? ग्रहों के सेनापति मंगल 23 February को अपने सम राशि कुम्भ में प्रवेश करेंगे दिन में लगभग 11:32 बजे | यहाँ पहले से ही सूर्य, बुध, शुक्र और राहु मौजूद हैं जिससे कुम्भ राशि में 5 ग्रहों की युति होगी जिसके कारण कुछ लोगो के करियर, प्रेम जीवन, मौसम, स्वास्थ्य, सामाजिक जीवन आदि में बड़े परिवर्तन देखने को मिलेंगे | आइये जानते हैं 12 राशियों पर क्या असर होगा ?: Ma...
Vivah Mai Deri Ke Karan In Hindi | विवाह में देरी के ज्योतिषीय कारण और समाधान | शीघ्र विवाह के उपाय
Image: विवाह में देरी के संभावित कारण
मानव जीवन सामाजिक होता है और एक उपयुक्त जीवनसाथी की आवश्यकता हर किसी को होती है। परंतु कई बार विवाह में देरी हो जाती है, जिससे मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक तनाव उत्पन्न होता है। इस लेख में हम जानेंगे —
- विवाह में देरी के सामाजिक और ज्योतिषीय कारण
- कुंडली में विवाह में बाधा के योग
- शीघ्र विवाह के सरल उपाय
विवाह में देरी के सामान्य कारण
- अत्यधिक अपेक्षाएं और उच्च आदर्श
- परिवार का समर्थन न होना
- दूसरों के नकारात्मक अनुभवों से प्रभावित होना
- प्रेम में असफलता
- उचित प्रयास के बावजूद साथी न मिलना
- आर्थिक अस्थिरता या नौकरी की कमी
- अत्यधिक शिक्षित होने के कारण उपयुक्त जीवनसाथी न मिलना
- कुंडली में अशुभ योग या दोष
ज्योतिष के अनुसार विवाह में देरी के कारण
विवाह योग मुख्य रूप से सप्तम भाव से देखा जाता है। यदि सप्तम भाव, उसका स्वामी, शुक्र या गुरु पीड़ित हो तो विवाह में बाधा उत्पन्न होती है। अन्य कारण:
- सप्तम भाव में पाप ग्रहों का प्रभाव
- चतुर्थ भाव में बुरे ग्रहों की स्थिति (सुख में कमी)
- शुक्र या गुरु की स्थिति कमजोर होना
- मंगल दोष (मांगलिक दोष)
- शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव
इन स्थितियों में किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।
शीघ्र विवाह के लिए ज्योतिषीय उपाय
- मांगलिक दोष हो तो मंगल शांति पूजा करें
- गुरु या शुक्र के दोष हो तो संबंधित ग्रह की शांति कराएं
- शनि की दशा या साढ़ेसाती हो तो शनि पूजन करें
- शिव परिवार की आराधना अत्यंत फलदायी मानी जाती है
कुछ सरल उपाय जो सभी कर सकते हैं:
- शिव परिवार के समक्ष दीपक जलाकर प्रार्थना करें
- राधा-कृष्ण की पूजा करें और विवाह हेतु प्रार्थना करें
- नवविवाहित जोड़ों से आशीर्वाद लें
- कन्याओं को भोजन कराएं और श्रृंगार सामग्री भेंट करें
- माँ दुर्गा के मंदिर में नारियल अर्पित करें और प्रसाद बांटें
Comments
Post a Comment