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Bhadrapad Amavasya Kab Hai jyotish upaay

Bhadrapad Amavasya 2026 Date, Amavasya Kab Hai, भाद्रपद अमावस्या कब है 2025, Kush Grahani Amavasya kab hai. इस साल कुशग्रहणी अमावस्या 10 September को है.  अमावस्या तिथि प्रारंभ : 10 September को दिन में लगभग 10:34  बजे. अमावस्या तिथि समाप्त : 11 September को दिन में लगभग 8:57 बजे   अमावस्या का पूजन 10 सितम्बर गुरुवार को ही किया जाएगा.   हिंदी पंचांग के अनुसार भाद्रपद महीने की अमावस्या को कुश ग्रहणी और कुशोत्पतिनी अमावस्या के नाम से भी जानते हैं| ये अती महत्त्वपूर्ण दिन है और इस दिन जीवन में से बाधाओं को दूर करने के लिए विभिन्न प्रकार की पूजाओं को किया जाता है | Bhadrapad Amavasya Kab Hai jyotish upaay इस अमावस्या का एक नाम कुश ग्रहणी अमावस्या है जिससे पता चलता है की इस दिन एक पवित्र घास को इकट्टा किया जाता है और पूरे साल प्रयोग किया जाता है, इस घास का नाम है कुश | हर पूजा में इसका प्रयोग किया जाता है, हर कर्मकांड में इसका उपयोग होता है| पूजन के अवसर पर हम अनामिका अंगुली में कुश की अंगूठी पहनते हैं जिसे की पवित्री कहा जाता है | आइये जानते हैं कुश घास का महत...

Bhadrapad Amavasya Kab Hai jyotish upaay

Bhadrapad Amavasya 2026 Date, Amavasya Kab Hai, भाद्रपद अमावस्या कब है 2025, Kush Grahani Amavasya kab hai.

इस साल कुशग्रहणी अमावस्या 10 September को है. 

  • अमावस्या तिथि प्रारंभ : 10 September को दिन में लगभग 10:34  बजे.
  • अमावस्या तिथि समाप्त : 11 September को दिन में लगभग 8:57 बजे  

अमावस्या का पूजन 10 सितम्बर गुरुवार को ही किया जाएगा.  

हिंदी पंचांग के अनुसार भाद्रपद महीने की अमावस्या को कुश ग्रहणी और कुशोत्पतिनी अमावस्या के नाम से भी जानते हैं| ये अती महत्त्वपूर्ण दिन है और इस दिन जीवन में से बाधाओं को दूर करने के लिए विभिन्न प्रकार की पूजाओं को किया जाता है |

Bhadrapad Amavasya 2026 Date, Amavasya Kab Hai, भाद्रपद अमावस्या कब है 2025, Kush Grahani Amavasya kab hai.
Bhadrapad Amavasya Kab Hai jyotish upaay

इस अमावस्या का एक नाम कुश ग्रहणी अमावस्या है जिससे पता चलता है की इस दिन एक पवित्र घास को इकट्टा किया जाता है और पूरे साल प्रयोग किया जाता है, इस घास का नाम है कुश | हर पूजा में इसका प्रयोग किया जाता है, हर कर्मकांड में इसका उपयोग होता है| पूजन के अवसर पर हम अनामिका अंगुली में कुश की अंगूठी पहनते हैं जिसे की पवित्री कहा जाता है |

आइये जानते हैं कुश घास का महत्त्व पुराणों के अनुसार :

मान्यता के अनुसार वराह के रोयें से कुश घास की उत्पत्ति मानी जाती है और कुशा की जड़ में भगवान ब्रह्मा, मध्य भाग में भगवान विष्णु तथा शीर्ष भाग में भगवान शिव विराजते हैं।

कुश आसन पर जप और ध्यान करने से शीघ्र ही सिद्धि मिलती है | 

कुश को Desmostachya bipinnata के नाम से वनस्पति विज्ञान में जानते हैं और अंग्रेजी में इसे Sacrificial Grass के नाम से जानते हैं |

आइये जानते हैं क्या क्या कर सकते हैं भाद्रपद अमावस्या को जीवन को सुखी बनाने के लिए:

  1. वैदिक ज्योतिष अनुसार कुश ग्रहणी/ कुशोत्पतिनी अमावस्या  को की गई पूजाओ से दुर्भाग्य से छुटकारा मिलता है |
  2. भाद्रपद अमावस्या को पितरो के निमित्त तर्पण करना चाहिए जिससे पितृ गण प्रसन्न होते हैं और हमे आशीर्वाद देते हैं जिससे परिवार में खुशहाली आने लगती है |
  3. अगर आपके आस पास कही कुश घास लगी हो तो आप पूर्व की तरफ मुंह करके इनकी पूजा करके इन्हें एकत्रित कर सकते हैं और पुरे साल पूजा में उपयोग कर सकते हैं |
  4. अगर कुंडली में पितृ दोष हो तो भाद्रपद अमावस्या को पूजा कर सकते हैं |
  5. अगर किसी ने कुछ किया कराया है या फिर बंधन दोष से गुजर रहे हैं तो उसका उतारा भी इस दिन होता है |
  6. अगर आप नकारात्मक शक्तियों या फिर काले जादू के प्रयोग के कारण परेशां है तो इस दिन पूजा कर सकते हैं या फिर करवा सकते हैं |
  7. भाद्रपद अमावस्या को अपनी क्षमता अनुसार जरुरत मंदों को अन्न, वस्त्र, और धन का दान करना चाहिए, इससे पुण्य प्राप्त होता है |
  8. मनोकामनाओ को पूरा करने के लिए पीपल के पेड़ की पूजा भी हम कर सकते हैं |
  9. भाद्रपद अमावस्या को नदी में सबकी भलाई और सुखो की कामना से दीप दान करना चाहिए |
  10. घर में बड़े और बुजुर्गो का आशीर्वाद लेना चाहिए | 
  11. नदी तट पर पिंड दान भी कर सकते हैं पितरो की शांति के लिए |
  12. अगर कुंडली में कालसर्प दोष, प्रेत दोष हो तो भी इस दिन पूजन कर सकते हैं |

आइये जानते हैं की कैसे आसानी से हम पूजन कर सकते हैं कुश ग्रहणी/ कुशोत्पतिनी अमावस्या को ?

  • प्रातः काल जल्दी उठे और अगर किसी पवित्र नदी के पास घर हो तो नदी में स्नान करे |
  • भगवान् सूर्य को अर्ध्य दे और अपने पितरो के उन्नति शांति  के लिए प्रार्थना करें |
  • पवित्र नदी जैसे गंगा, यमुना, नर्मदा क्षिप्रा  आदि के तट पे पिंड दान करें |
  • फिर जरुरतमंदो को अन्न, धन, वस्त्र का दान करें सामर्थ्य अनुसार |
  • भाद्रपद अमावस्या की शाम को पीपल के पेड़ की पूजा करें और सरसों के तेल का दीप दान करें, सुखी जीवन के लिए प्रार्थना करें |
तो इस प्रकार हम कुश ग्रहणी/ कुशोत्पतिनी अमावस्या/भाद्रपद अमावस्या को अपनी क्षमता अनुसार पूजा पाठ करके अपने जीवन में से समस्याओं को कम कर सकते हैं, पितृ कृपा से जीवन को सुखी कर सकते हैं |

🌑 10 सितंबर 2026 अमावस्या, 12 राशियों का राशिफल: 

10 सितंबर 2026 को अमावस्या के दिन चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा। अमावस्या का समय आत्मचिंतन, नई शुरुआत और पुराने कार्यों को व्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। सिंह राशि में चंद्रमा होने के कारण आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, परिवार और व्यक्तिगत निर्णयों से जुड़े विषय प्रमुख रह सकते हैं।

आइए जानते हैं 10 सितंबर 2026 अमावस्या का राशिफल और इस दिन मेष से मीन राशि तक सभी 12 राशियों के लिए दिन कैसा रह सकता है।

♈ मेष राशि

10 सितंबर की अमावस्या आपके लिए आत्मविश्वास और नई शुरुआत का संकेत लेकर आ सकती है। कामकाज में अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा, लेकिन जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर बातचीत हो सकती है। आर्थिक मामलों में खर्च बढ़ सकता है, इसलिए बजट पर ध्यान दें। प्रेम संबंधों में अहंकार से बचकर बातचीत करना आपके लिए बेहतर रहेगा।

♉ वृषभ राशि

अमावस्या का प्रभाव घर-परिवार और मानसिक शांति से जुड़े मामलों पर दिखाई दे सकता है। घर में किसी बदलाव, मरम्मत या नई योजना को लेकर विचार बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आपकी मेहनत की सराहना भी होगी। धन से जुड़े मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। परिवार के किसी सदस्य से मतभेद हो तो शांत रहकर बात करना लाभदायक रहेगा।

♊ मिथुन राशि

इस अमावस्या पर आपकी बातचीत और संपर्क आपकी प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। नौकरी या व्यवसाय में नई जानकारी मिलने से किसी रुकी हुई योजना को गति मिल सकती है। छोटे भाई-बहनों या करीबी लोगों से संबंध बेहतर होंगे। विद्यार्थियों के लिए ध्यान केंद्रित करने का समय है। अनावश्यक बहस और जल्दबाजी में दिए गए वादों से बचें।

♋ कर्क राशि

अमावस्या आपके लिए आर्थिक मामलों और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर ध्यान देने का समय हो सकती है। धन कमाने के नए विचार सामने आ सकते हैं, लेकिन निवेश करने से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी रहेगा। परिवार में आपकी बात को महत्व मिलेगा। नौकरी में स्थिरता बनाए रखने के लिए धैर्य रखें। भावनाओं में आकर खर्च करने से बचें।

♌ सिंह राशि

चंद्रमा आपकी राशि में होने के कारण यह अमावस्या आपके लिए विशेष महत्व रख सकती है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और जीवन में कुछ नया शुरू करने की इच्छा जाग सकती है। करियर में अपनी पहचान बनाने के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, अत्यधिक आत्मविश्वास या जिद से बचना जरूरी होगा। रिश्तों में अपनी बात रखने के साथ सामने वाले की भावनाओं को भी समझें।

♍ कन्या राशि

अमावस्या के दिन आपको थोड़ी आत्मचिंतन और आराम की आवश्यकता महसूस हो सकती है। पुराने कामों को पूरा करने और आने वाले समय की योजना बनाने के लिए यह अच्छा समय है। कार्यक्षेत्र में किसी बात को लेकर मानसिक दबाव हो सकता है, लेकिन धैर्य से परिस्थितियां संभल जाएंगी। खर्चों पर नियंत्रण रखें और बिना सोचे किसी पर भरोसा न करें।

♎ तुला राशि

10 सितंबर की अमावस्या आपके सामाजिक संपर्क और भविष्य की योजनाओं के लिए सकारात्मक संकेत दे सकती है। किसी मित्र या परिचित के माध्यम से काम का नया अवसर मिल सकता है। व्यवसाय करने वालों को लाभ के नए रास्ते दिखाई दे सकते हैं। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। हालांकि, बड़े आर्थिक फैसले जल्दबाजी में न लें।

♏ वृश्चिक राशि

करियर के लिहाज से यह अमावस्या महत्वपूर्ण हो सकती है। नौकरी या व्यवसाय में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए आपको अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत में संयम रखें। आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन इससे भविष्य में लाभ भी मिल सकता है। परिवार में आपकी उपलब्धियों को लेकर उत्साह का माहौल बन सकता है।

♐ धनु राशि

अमावस्या आपके लिए भाग्य, ज्ञान और नई दिशा से जुड़े अवसर लेकर आ सकती है। पढ़ाई, प्रतियोगिता या किसी नए कौशल को सीखने वालों के लिए समय अच्छा रह सकता है। यात्रा की योजना बन सकती है। काम में किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह लाभदायक होगी। धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है और मानसिक शांति मिलेगी।

♑ मकर राशि

इस अमावस्या पर आपको आर्थिक मामलों और साझा संसाधनों को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। किसी पुराने भुगतान या आर्थिक विषय को सुलझाने का अवसर मिल सकता है। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी को लेकर विचार बन सकते हैं। रिश्तों में छिपी हुई बातों को लेकर तनाव न बढ़ाएं और खुलकर बातचीत करें। वाहन या संपत्ति से जुड़े खर्चों पर ध्यान दें।

♒ कुंभ राशि

अमावस्या आपके वैवाहिक और साझेदारी वाले रिश्तों पर विशेष प्रभाव डाल सकती है। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ किसी महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय लेना पड़ सकता है। यदि आप व्यवसाय करते हैं तो नई साझेदारी का प्रस्ताव मिल सकता है, लेकिन शर्तों को अच्छी तरह समझें। प्रेम संबंधों में पारदर्शिता बनाए रखें। अहंकार के बजाय सहयोग की भावना आपके लिए अधिक लाभदायक रहेगी।

♓ मीन राशि

10 सितंबर की अमावस्या आपके काम, दिनचर्या और जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत देती है। नौकरी में मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है, लेकिन इसका परिणाम आगे चलकर अच्छा मिल सकता है। स्वास्थ्य और दिनचर्या को लेकर लापरवाही न करें। पुराने विवादों को सुलझाने का अवसर मिल सकता है। व्यवस्थित तरीके से काम करने पर तनाव कम होगा और कार्यक्षमता बढ़ेगी।

🌑 10 सितंबर अमावस्या का विशेष महत्व

अमावस्या को पारंपरिक रूप से आत्मचिंतन, ध्यान, पूजा-पाठ और सकारात्मक संकल्प लेने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना और नकारात्मक विचारों से दूर रहना शुभ माना जाता है।

निष्कर्ष

10 सितंबर 2026 अमावस्या सभी राशियों के लिए नई योजनाओं, आत्मचिंतन और महत्वपूर्ण निर्णयों का समय हो सकती है। चंद्रमा के सिंह राशि में होने के कारण आत्मविश्वास और नेतृत्व से जुड़े विषय विशेष रूप से महत्वपूर्ण रह सकते हैं। अपनी राशि के अनुसार सलाह को ध्यान में रखते हुए धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें।

डिस्क्लेमर: यह राशिफल सामान्य वैदिक ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं। इसे निश्चित भविष्यवाणी के रूप में न लें।

अगर आप अपनी कुंडली के अनुसार जानना चाहते हैं अपने जीवन के बारे में, अपनी लव लाइफ के बारे में, अपने करियर के बारे में, अपने विवाह के बारे में, बिमारी के समाधान के बारे में, अपने लिए भाग्यशाली रत्न के बारे में तो आप संपर्क करें विश्वसनीय ज्योतिष सलाह के लिए |

सभी को भाद्रपद अमावस्या की बहुत बहुत शुभकामनाये, पितृ कृपा से सभी का जीवन सुखी हो यही कामना |

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