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shukra ka gochar kumbh raashi me kab hoga

Shukra ka gochar kumbh raashi me kab hoga 2026 , किन राशि वालो की किस्मत बदलेगी, जानिए राशिफल , jyotish sansar, jyotish updates. Shukra Gochar Kumbh Rashi Mai 2026:  6 Februay को शुक्र मकर राशी से निकल के कुम्भ राशि में प्रवेश करेंगे जो की शुक्र की मित्र राशि है | यहाँ पर पहले से ही बुध और राहू मौजूद हैं जिसके कारण 3 ग्रहों की युति होगी.  Shukra Gochar Kumbh Rashi Mai 2026 : नए साल में शुक्र ग्रह का ये दूसरा गोचर होगा | शुक्र ग्रह विलासिता, प्रेम, रोमांस, ऐशो आराम, ग्लेमर की दुनिया, सुन्दरता, काम, वासना आदि से जुड़ा हुआ है जिसके कारण shukr का गोचर लोगो के जीवन में बहुत बदलाव लाता है |  shshukra ka gochar kumbh raashi me kab hoga  आइये जानते हैं शुक्र कब और कितने बजे कुम्भ राशि में गोचर करेंगे ? ज्योतिष गणना के अनुसार, शुक्र 6 फ़रवरी को रात्रि में लगभग 12:52 AM पर कुंभ राशि में गोचर करेंगे और 2 मार्च तक इसी राशि में रहेंगे | इसके बाद शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में प्रवेश करेंगे | आइये जानते हैं क्या बदलाव होगा शुक्र के कुम्भ राशि में गोचर का ? मेष राश...

Kalsarp Yoga Kya Hota Hai

कालसर्प योग क्या है? जानिए इसके लक्षण, प्रभाव और उपाय

Kalsarp Yoga kya hai (कालसर्प योग) एक ऐसा ज्योतिषीय योग है जिसे अक्सर दोष के रूप में देखा जाता है। लेकिन वास्तव में यह एक योग है जो व्यक्ति के जीवन में अच्छे और बुरे दोनों प्रभाव डाल सकता है। जानकारी के आभाव में इसे केवल डरावना मानना उचित नहीं है। इस लेख में हम कालसर्प योग के प्रकार, इसके प्रभाव और कालसर्प दोष निवारण उपाय के बारे में विस्तार से जानेंगे।

kundli me kalsarp yog kaise banta hai

कुंडली में कालसर्प योग कैसे बनता है?


क्या आप जानते हैं?

  • कुंडली में कालसर्प योग के विभिन्न प्रकार होते हैं।
  • ज्योतिष शास्त्र में अन्य दोष जैसे पितृ दोष, प्रेत दोष, ब्राह्मण दोष, मातुल दोष आदि का भी वर्णन मिलता है।
  • हर कालसर्प योग खतरनाक नहीं होता है।
  • शिव मंदिर में नाग-नागिन के जोड़े अर्पित करने से बुरे प्रभाव कम हो सकते हैं।
  • शिव पूजा और महामृत्युंजय मंत्र से भी राहत मिलती है।

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कालसर्प योग क्या है?

ज्योतिष अनुसार जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं तो कुंडली में कालसर्प योग का निर्माण होता है। यह योग पूर्ण या आंशिक दोनों हो सकता है।

  • पूर्ण कालसर्प योग: सभी ग्रह राहु-केतु के बीच हों।
  • आंशिक कालसर्प योग: यदि बीच में कुछ भाव खाली हों।

कालसर्प योग के कारण होने वाली समस्याएँ

  1. व्यापार और नौकरी में असफलता।
  2. विवाह में देरी या दांपत्य जीवन में परेशानी।
  3. स्वास्थ्य समस्याएँ और बार-बार बीमार पड़ना।
  4. विद्यार्थियों को पढ़ाई में बाधाएँ।
  5. सामाजिक यश और मान-सम्मान में कमी।
  6. कोई भी काम पहली बार में सफल न होना।

कालसर्प दोष निवारण उपाय

  • नियमित रूप से शिव पूजा करें।
  • महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
  • नवनाग स्तोत्र का पाठ करें।
  • विशेष कालसर्प पूजन करवाएँ।
  • अभिमंत्रित कालसर्प अंगूठी/पेंडेंट धारण करें।

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निष्कर्ष: कालसर्प योग जीवन में चुनौतियाँ तो लाता है लेकिन सही उपाय और शिव पूजा करने से इनके प्रभाव कम किए जा सकते हैं। एक अनुभवी ज्योतिष से परामर्श लेना हमेशा लाभकारी होता है।

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