Skip to main content

Latest Astrology Updates in Hindi

March Amavasya Ka 12 Rashiyo Par Prabhav

मार्च 2026 का मीन राशि में अमावस्या: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 12 राशियों पर प्रभाव मार्च 2026 में मीन राशि में होने वाली अमावस्या वैदिक ज्योतिष के अनुसार अत्यंत आध्यात्मिक और भावनात्मक ऊर्जा लेकर आती है। मीन राशि जल तत्व की राशि है और यह अंतर्ज्ञान, करुणा, कल्पना तथा आध्यात्मिक जागरूकता से जुड़ी होती है। जब अमावस्या इस रहस्यमयी राशि में होती है, तो यह एक नए चक्र की शुरुआत का संकेत देती है जो आत्मचिंतन, भावनात्मक उपचार और नए संकल्पों के लिए अनुकूल समय बनाती है। यह चंद्र चरण हमें अपने भीतर झांकने, पुरानी भावनाओं को छोड़ने और रचनात्मकता तथा आध्यात्मिक विकास को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। इस अमावस्या का प्रभाव प्रत्येक राशि पर अलग-अलग रूप में दिखाई देगा। March Amavasya Ka 12 Rashiyo Par Prabhav अमावस्या का 12 राशियों पर क्या प्रभाव होगा ? मेष राशि मेष राशि के जातकों के लिए यह अमावस्या बारहवें भाव को सक्रिय करती है, जो आध्यात्मिकता, अवचेतन मन और पुराने अध्यायों के समापन से जुड़ा होता है। इस समय आप अपने जीवन की गति को थोड़ा धीमा करना चाहेंगे और एकांत में समय बिताने की इ...

Kalsarp Yoga Kya Hota Hai

कालसर्प योग क्या है? जानिए इसके लक्षण, प्रभाव और उपाय

Kalsarp Yoga kya hai (कालसर्प योग) एक ऐसा ज्योतिषीय योग है जिसे अक्सर दोष के रूप में देखा जाता है। लेकिन वास्तव में यह एक योग है जो व्यक्ति के जीवन में अच्छे और बुरे दोनों प्रभाव डाल सकता है। जानकारी के आभाव में इसे केवल डरावना मानना उचित नहीं है। इस लेख में हम कालसर्प योग के प्रकार, इसके प्रभाव और कालसर्प दोष निवारण उपाय के बारे में विस्तार से जानेंगे।

kundli me kalsarp yog kaise banta hai

कुंडली में कालसर्प योग कैसे बनता है?


क्या आप जानते हैं?

  • कुंडली में कालसर्प योग के विभिन्न प्रकार होते हैं।
  • ज्योतिष शास्त्र में अन्य दोष जैसे पितृ दोष, प्रेत दोष, ब्राह्मण दोष, मातुल दोष आदि का भी वर्णन मिलता है।
  • हर कालसर्प योग खतरनाक नहीं होता है।
  • शिव मंदिर में नाग-नागिन के जोड़े अर्पित करने से बुरे प्रभाव कम हो सकते हैं।
  • शिव पूजा और महामृत्युंजय मंत्र से भी राहत मिलती है।

👉 Watch Video On YouTube

कालसर्प योग क्या है?

ज्योतिष अनुसार जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं तो कुंडली में कालसर्प योग का निर्माण होता है। यह योग पूर्ण या आंशिक दोनों हो सकता है।

  • पूर्ण कालसर्प योग: सभी ग्रह राहु-केतु के बीच हों।
  • आंशिक कालसर्प योग: यदि बीच में कुछ भाव खाली हों।

कालसर्प योग के कारण होने वाली समस्याएँ

  1. व्यापार और नौकरी में असफलता।
  2. विवाह में देरी या दांपत्य जीवन में परेशानी।
  3. स्वास्थ्य समस्याएँ और बार-बार बीमार पड़ना।
  4. विद्यार्थियों को पढ़ाई में बाधाएँ।
  5. सामाजिक यश और मान-सम्मान में कमी।
  6. कोई भी काम पहली बार में सफल न होना।

कालसर्प दोष निवारण उपाय

  • नियमित रूप से शिव पूजा करें।
  • महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
  • नवनाग स्तोत्र का पाठ करें।
  • विशेष कालसर्प पूजन करवाएँ।
  • अभिमंत्रित कालसर्प अंगूठी/पेंडेंट धारण करें।

People Also Search For:

निष्कर्ष: कालसर्प योग जीवन में चुनौतियाँ तो लाता है लेकिन सही उपाय और शिव पूजा करने से इनके प्रभाव कम किए जा सकते हैं। एक अनुभवी ज्योतिष से परामर्श लेना हमेशा लाभकारी होता है।

Comments