Bansant Panchmi Kab Hai 2026, भारत में बसंत पंचमी का त्यौहार, बसंत पंचमी का महत्त्व, Tips For Vasant Panchmi. हिंदी पंचांग के हिसाब से माघ महीने के शुक्ल पक्ष में पांचवे दिन बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है. ये बहुत ही आनंद का दिन होता है क्यूंकि ये दिन बहुत ही शानदार मौसम का संकेत होता है. 2026 में बसंत पंचमी 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाया जाएगा | पंचमी तिथि 23 को तडके लगभग 2:30 बजे शुरू होगी और 24 तारीख को तडके लगभग 1:46 बजे तक रहेगी | Basant Panchmi Ka Mahattw इस दिन माता सरस्वती की पूजा की जाती है मुख्यतः, माँ सरस्वती विद्या की देवी है इसी कारण विद्यार्थियों के लिए बहुत महत्त्व रखती है. ऐसा माना जाता है की माँ सरस्वती का जन्म इसी दिन हुआ था इसी कारण माता के जन्म दिवस के रूप में भी ये दिन मनाया जाता है. बसंत के मौसम में खेत पीले रंग से आच्छादित हो जाता है क्यूंकि सरसों के फूल खिल जाते हैं. इस दृश्य का लोग खूब आनंद लेते हैं. आइये जानते हैं बसंत पंचमी सम्बंधित महत्त्वपूर्ण बातें : Bansant panchmi 2026 मान्यता के अनुसार हिन्दू माघ महीने में गुप्त नवरात्री ...
Kalsarp Yog Se Mukti Ke Liye Totke | कालसर्प योग दूर करने के उपाय
कालसर्प योग (Kalsarp Yog) ज्योतिष शास्त्र में एक महत्वपूर्ण योग माना जाता है। बहुत से लोग इसे बेहद खतरनाक मानते हैं, लेकिन वास्तव में यह उतना भयावह नहीं है जितना समझा जाता है। कुंडली में ऐसे कई योग होते हैं जो कालसर्प से भी अधिक प्रभावशाली होते हैं।
कालसर्प योग से मुक्ति पाने के आसान टोटके
कालसर्प योग कैसे बनता है?
जब सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि – ये सातों ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तब कालसर्प योग का निर्माण होता है। यह योग जातक के जीवन में बाधाएं और विलंब पैदा करता है।
कालसर्प योग से होने वाली समस्याएँ:
- कड़ी मेहनत करने पर भी उचित फल न मिलना
- जीवन साथी मिलने में देरी
- विद्यार्थियों को पढ़ाई में कठिनाई
- संतान से संबंधित समस्याएँ
- मानसिक तनाव, उदासी और क्रोध
कालसर्प योग से छुटकारा पाने के टोटके
अगर आपकी जन्म कुंडली में कालसर्प योग है तो इन आसान उपायों को अपनाने से राहत मिल सकती है:
- पंचमी तिथि को शिवालय में जाकर नाग पूजा करें।
- नाग मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करें।
- सांप की बाम्बी की मिट्टी लाकर ताबीज में धारण करें।
- अगर पंचमी बुधवार को हो तो चांदी/तांबे का नाग-नागिन का जोड़ा जल में प्रवाहित करें।
- प्रतिदिन नवनाग स्तोत्र का पाठ करें।
- शिव पूजा सबसे प्रभावशाली उपाय है।
- चांदी/सोने/तांबे के नाग-नागिन बनवाकर 18 दिन पूजा करें और फिर उन्हें जल में विसर्जित करें।
- कालसर्प शांति पूजा कराएं।
- नाग पंचमी पर विशेष पूजा करें।
- कालसर्प यंत्र की स्थापना कर नियमित पूजन करें।
और पढ़ें: कालसर्प योग से संबंधित लेख
👉 Kalsarp Yog Se Mukti Ke Liye Totke, जन्म कुंडली में कालसर्प योग, उपाय, मंत्र और पूजा विधि जानें।
Comments
Post a Comment