September 2025 Grah Gochar, कौन से ग्रह बदलेंगे राशि सितम्बर महीने में, september Prediction, planetary transits in September | सितंबर 2025 का महीना वैदिक ज्योतिष की दृष्टि से कई महत्वपूर्ण खगोलीय परिवर्तन लेकर आ रहा है। इस माह ग्रहों की स्थिति जीवन के विविध पहलुओं—धन, करियर, स्वास्थ्य, संबंध एवं आध्यात्मिकता पर गहरा प्रभाव डालेगी। 🌟 September 2025 Grah Gochar | सितंबर 2025 ग्रह गोचर भविष्यफल 🌟 साथ ही इस महीने अनेक महत्त्वपूर्ण त्यौहार और महूरत मिलेंगे जिसका स्तेमाल हम जीवन में से बाधाओं को दूर करने के लिए कर सकते है जैसे - गणपति उपासना का अत्यंत शुभ समय हमे मिलेगा. पितृ पक्ष भी इसी महीने आने वाला है जब हम श्राद्ध एवं पितरों के तर्पण कर सकते हैं और जीवन को सफल बना सकते हैं. अश्विन महीने की नवरात्री भी इसी महीने आने वाली है. September 2025 Grah Gochar: वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह एक निश्चित समय पर अपनी राशि बदलते हैं, जिसे गोचर कहा जाता है। इस बदलाव का सीधा असर हमारे जीवन, स्वास्थ्य, करियर, व्यापार और वातावरण पर पड़ता है। आइए जानते हैं क...
Bansant panchmi 2025, भारत में बसंत पंचमी का त्यौहार, जानिए क्या महत्त्व है बसंत पंचमी का, क्या करे सफलता के लिए.
हिंदी पंचांग के हिसाब से माघ महीने के शुक्ल पक्ष में पांचवे दिन बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है. ये बहुत ही आनंद का दिन होता है क्यूंकि ये दिन बहुत ही शानदार मौसम का संकेत होता है.
2025 में बसंत पंचमी 02 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा | पंचमी तिथि 2 फ़रवरी को सुबह लगभग 9:16 बजे शुरू होगी और ३ तारीख को सुबह लगभग 6:54 तक रहेगी |
इस दिन माता सरस्वती की पूजा की जाती है मुख्यतः, माँ सरस्वती विद्या की देवी है इसी कारण विद्यार्थियों के लिए बहुत महत्त्व रखती है. ऐसा माना जाता है की माँ सरस्वती का जन्म इसी दिन हुआ था इसी कारण माता के जन्म दिवस के रूप में भी ये दिन मनाया जाता है.
बसंत के मौसम में खेत पीले रंग से आच्छादित हो जाता है क्यूंकि सरसों के फूल खिल जाते हैं. इस दृश्य का लोग खूब आनंद लेते हैं.
आइये जानते हैं बसंत पंचमी सम्बंधित महत्त्वपूर्ण बातें :Bansant panchmi 2025
- मान्यता के अनुसार हिन्दू माघ महीने में गुप्त नवरात्री को पंचमी तिथि में देवी सरस्वती प्रकट हुई थी जिनके हाथ में पुस्तक, कमंडल,वीणा, पुष्प और माला थी | इसी कारण हर साल माघ मास में माँ सरस्वती का प्राकट्य उत्सव मनाया जाता है |
- बसंत पंचमी से ही बसंत राग गाया जाता है हरिशयनी एकादशी तक |
- Basant Panchmi को श्री पंचमी और वागीश्वरी जयंती के नाम से भी जाना जाता है |
- बसंत पंचमी के पूजन से ज्ञान, कला, सुख-शांति, सौभाग्य की वृद्धि होती है |
आइये जानते हैं की लोग इस दिन क्या करते हैं:
- लोग पीले कपड़े पहनते हैं.
- भक्तगण पीले फूल माता को अर्पित करते हैं.
- भोग में पिला भोजन बनाया जाता है जैसे खिचड़ी.
- पीले मीठे चावल बनाने का भी रिवाज है इस दिन जिसमे केसर भी डाला जाता है.
- पाठशालाओं में विद्यार्थि और गुरुजन मिलके माँ सरस्वती की विशेष पूजा अर्चना करते हैं. Bansant panchmi 2025
पिला रंग अध्यात्म, ज्ञान, रचनात्मकता का प्रतिक है इसीलिए इस दिन सब तरफ पीला ही पीला दीखता है.
बसंत ऋतु सभी मौसमो में सबसे बेहतर माना जाता है जब लोग पुरे दिन मौज, मस्ती कर सकते हैं, ऐसे में न तो ज्यादा ठण्ड होती है और न गर्मी, इस मौसम में पेड़ पौधों में भी नई कोपले आती है, नए फूल खिलते हैं, नए फल लगते हैं जिससे सब तरफ तरो-ताजा वातावरण बन जाता है. हर तरफ लोग ख़ुशी मनाते नजर आते हैं.
आज कल बच्चो को इन त्योहारों के बारे में कुछ पता नहीं होता है जो की ठीक नहीं है. हमे बच्चो को तीज त्योहारों के पीछे के विज्ञान को बताना चाहिए जिससे वे इनके महत्त्व को समझ सके. Bansant panchmi 2025
आइये जानते हैं 2 फ़रवरी को ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी ?
- सूर्य अपने शत्रु राशि मकर में रहेंगे |
- चन्द्रमा अपने सम राशि मीन में रहेंगे |
- मंगल अपने शत्रु राशि मिथुन में रहेंगे |
- बुध अपने सम राशि मकर में रहेंगे |
- गुरु अपने शत्रु राशि वृषभ में रहेंगे |
- शुक्र अपने उच्च राशि में रहेंगे |
- शनि अपने ही राशि कुम्भ में रहेंगे |
- राहु अपने मित्र राशि मीन में रहेंगे |
- केतु अपने मित्र राशि कन्या में रहेंगे |
देखा जाए तो इस दिन 2 राजयोग रहेगा बसंत पंचमी 2025 को - एक बुधादित्य योग और दूसरा कलात्मक योग जिसके कारण ये दिन बहुत शुभ रहेगा सभी के लिए, इस दिन से विद्यार्थी कुछ नया सीखना शुरू कर सकते हैं, नई किताबे खरीद सकते हैं, कुछ नया काम शुरू कर सकते हैं | Bansant panchmi 2025
कैसे करे बसंत पंचमी को पूजा आसान तरीके से?
- प्रातः काल जल्दी उठके नियमित कार्यो से फ्री हो जाए.
- पीले वस्त्र पहने और पीले आसन पर बैठे.
- माँ सरस्वती की पूजा करे विधिवत.
- माता को पीले भोजन का भोग लगाए.
- पिली मिठाई अर्पित करे.
- माँ सरस्वती का कोई भी मंत्र कुछ देर पढ़े या बीज मंत्र ॐ ऐं (aim ) का जप भी कर सकते हैं.
- माता से प्रार्थना करे की आपको विद्या और सफलता प्रदान करे.
- इसके बाद बड़ो और गुरुजनों का आशीर्वाद जरुर ले.
बसंत पंचमी की शुभकामनाये
भारत में बसंत पंचमी का त्यौहार, Basant panchmi ka mahattw in hindi, जानिए क्या महत्त्व है बसंत पंचमी का, क्या करे सफलता के लिए, Bansant panchmi 2025.
Comments
Post a Comment