Gupt navratri kab se shuru hogi 2026, माघ महीने की गुप्त नवरात्री का महत्त्व, Gupt Navratri Ke upay. Gupt Navratri 2026: हिन्दू पंचांग अनुसार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से गुप्त नवरात्री शुरू होती है और दैविक आराधना के लिए अती महत्त्वपूर्ण दिन शुरू हो जाते है. इस साल गुप्त नवरात्री 19 जनवरी सोमवार से शुरू होंगे और 27 जनवरी तक रहेंगे . ये 9 दिन साधना, आराधना, तंत्र, मंत्र साधना, अध्यात्मिक उन्नति के लिए बहुत ज्यादा महत्त्व रखते है. प्रतिपदा तिथि 19 तारीख को तडके लगभग 1:23 बजे शुरू हो जाएगी. Magh Mahine Ki Gupt Navratri Kab se hai गुप्त नवरात्री क्यों महत्त्व रखता है? Gupt Navratri 2026 गुप्त नवरात्री साधना के लिए अति महत्त्वपूर्ण दिन होते हैं और इस समय में कोई भी व्यक्ति अपनी मनोकामना की पूर्ति हेतु देवी आराधना कर सकते हैं | अगर कोई तंत्र साधना करना चाहते हैं तो भी उसकी शुरुआत गुप्त नवरात्री में कर सकते हैं | कोई अगर दीक्षा लेना चाहते हैं तो भी ये समय बहुत अच्छा होता है | अध्यात्मिक सफलता के लिए भी गुप्त नवरात्री में साधना को बढ़ाया जा सकता ...
पौष अमावस्या का महत्त्व, December Amavasya, जानिए पौष अमावस्या में पूजा और व्रत का महत्त्व, क्या करे पोश अमावस्या को सफलता के लिए, 12 rashiyo par asar.
Paush Amavasya: पौष का महिना बहुत महत्त्व रखता है भारतीय ज्योतिष के हिसाब से क्यूंकि इस महीने में बहुत से महत्ववपूर्ण पूजाएँ होती है. हिन्दू पंचांग के हिसाब से ये महिना दसवां महिना है और इस महीने की जो अमावस्या है वो कहलाती है “पौष अमावस्या”. इस दिन को की जाने वाली पूजाएँ सफलता के रास्ते खोल देती है, पितरो को संतुष्ट करती है, धनागमन के रस्ते खोलती है, जीवन को निष्कंटक बनाती है.
2025 में पौष अमावस्या 19 दिसम्बर शुक्रवार को है, अमावस्या तिथि 19 तारीख को तडके लगभग 5 बजे शुरू होगी और 20 तारीख को प्रातः लगभग 7:10 बजे समाप्त होगी.
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| Paush Amavasya Ka Mahattw In Hindi |
अतः अगर कोई जीवन में धन की सुरक्षा चाहते हो, पितृ दोष से मुक्ति चाहते हो, शनि, राहू, केतु , ग्रहण योग के दुष्प्रभाव को कम करना चाहते हो तो उनके लिए पौष अमावस्या बहुत महत्त्व रखती है.
जो लोग पौष अमावस्या को ह्रदय से प्रार्थना , पूजा पाठ करते हैं उनको पितरो का आशीर्वाद प्राप्त होता है , इसमें कोई शक नहीं है. ये अमावस्या सर्दियों में आता है और श्राद्ध और तर्पण करने के लिए एक बहुत ही अच्छा दिन है उन लोगो के लिए जो की ब्रह्मलीन हो चुके हैं.
आइये जानते हैं किस प्रकार की पूजाएँ हो सकती है पौष अमावस्या को : Paush Amavasya
- जो लोग पितृ दोष, कालसर्प दोष, ग्रहण दोष, काले जादू से ग्रस्त है, धन की कमी से जूझ रहे हैं उनके लिए पौष अमावस्या बहुत महत्त्व रखता है और विभिन्न प्रकार के पूजाए करके लाभ पा सकते हैं-
- अगर कुंडली में पितृ दोष है तो इस दिन तर्पण और श्राद्ध करना या फिर पितृ शांति यज्ञ करना शुभ होता है.
- कुंडली में अगर ग्रहण योग परेशानी पैदा कर रहा हो तो पौष अमावस को ग्रहण शांति पूजा भी की जा सकती है.
- अगर को काले जादू के प्रभाव में हो तो इसे हटाने के लिए भी इस दिन पूजाए शुभ मानी जाती है.
- अगर कोई आर्थिक तंगी से जूझ रहा हो तो इस दिन महालक्ष्मी की पूजा भी कर सकते हैं.
- शिव पूजा तो सभी के लिए इस दिन शुभ रहता है.
आइये अब जानते हैं कुछ ऐसे उपाय जो घर में कोई भी आसानी से कर सकता है :
- पितृ दोष को कम करने के लिए और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए पौष अमावस्या को केसर की धूप पितरो के नाम से पुरे घर में दीजिये.
- श्री गणेश का अभिषेक दूर्वा घास से करे उनके मंत्रो का जप करते हुए, इससे बहुत सी बाधायें नष्ट हो जाती है.
- अपने घर, ऑफिस की कोने कोने से सफाई करे और पवित्र जल का छिडकाव करे साथ ही गूगल या सम्ब्रानी धुप दीजिये सब तरफ.
- आप शिव मंत्रो का जप करते हुए शिवलिंग का अभिषेक भी कर सकते हैं जल से, दूध से, पंचामृत से सुखी और संपन्न जीवन के लिए. Paush Amavasya
- जरुरतमंदो की मदद करे कपडे, भोजन, धन आदि से इस दिन और पुण्य अर्जित करे.
- जानवरों के पीने के लिए जल का इन्तेजाम
- अगर कोई काले जादू से परेशान है तो उन्हें निम्बू से उतरा करना चाहिए साथ ही निम्बुओ की माला बना के महाकाली को अर्पित करना चाहिए और एक दीपक भी जलाना चाहिए, साथ ही सुरक्षा के लिए प्रार्थना करना चाहिए.
अतः अगर आप अच्छा भाग्य चाहते हैं, शुभ शक्तियों का आशीर्वाद चाहते हैं, संपन्न जीवन चाहते हैं तो पौष अमावस्या में पूजा पाठ जरुर करे अपनी क्षमता के अनुसार.
आइये जानते हैं पौष अमावस्या का 12 राशियों पर क्या असर होगा ?
मेष राशि:
19 दिसंबर को मेष राशि वालों का ध्यान शिक्षा, यात्रा और जीवन-दर्शन से जुड़े विषयों पर रहेगा क्योंकि सूर्य और मंगल धनु राशि में होकर आपके भाग्य भाव को सक्रिय कर रहे हैं। इससे आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता बढ़ेगी, लेकिन वृश्चिक राशि में स्थित चंद्रमा और शुक्र भावनाओं को तीव्र बना सकते हैं, जिससे पैसों या पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर मन थोड़ा अस्थिर हो सकता है। गुरु मिथुन में होने से विचारों में विस्तार आएगा, पर जल्दबाज़ी से लिए गए निर्णय नुकसान दे सकते हैं।
वृषभ राशि:
इस दिन वृषभ राशि वालों के जीवन में परिवर्तन और आत्ममंथन की स्थिति बनेगी क्योंकि वृश्चिक राशि में चंद्र, बुध और शुक्र आपके सप्तम और अष्टम भाव से जुड़े विषयों को प्रभावित कर रहे हैं। रिश्तों में गहराई आएगी लेकिन संदेह और भावनात्मक असुरक्षा भी उत्पन्न हो सकती है। धनु में सूर्य और मंगल आपको पुराने बंधनों से मुक्त होने का साहस देंगे, जबकि शनि मीन में आपको व्यावहारिक सोच अपनाने की सीख देगा।
मिथुन राशि:
मिथुन राशि वालों के लिए यह दिन संबंधों और साझेदारी पर केंद्रित रहेगा क्योंकि गुरु आपकी ही राशि में स्थित होकर सोच को विस्तार दे रहा है। वृश्चिक राशि में चंद्रमा और बुध कामकाज और स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ा सकते हैं। धनु में सूर्य और मंगल जीवनसाथी या सहयोगियों के साथ स्पष्ट संवाद की आवश्यकता दिखाते हैं, अन्यथा अहंकार या गलतफहमी से तनाव उत्पन्न हो सकता है।
कर्क राशि:
कर्क राशि वालों के लिए यह दिन कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियों से जुड़ा रहेगा क्योंकि धनु राशि में सूर्य और मंगल आपकी दिनचर्या और सेवा भाव को सक्रिय कर रहे हैं। वृश्चिक राशि में स्थित चंद्रमा भावनात्मक गहराई और रचनात्मकता देता है, लेकिन अधिक भावुकता के कारण निर्णयों में अस्थिरता आ सकती है। शनि मीन में होने से अनुशासन और धैर्य बनाए रखना आवश्यक होगा।
सिंह राशि:
सिंह राशि वालों के लिए यह दिन आत्म-अभिव्यक्ति और रचनात्मकता से जुड़ा रहेगा, क्योंकि धनु में सूर्य और मंगल पंचम भाव को बल दे रहे हैं। हालांकि केतु सिंह राशि में होने से आत्मविश्वास के बावजूद मन में एक प्रकार की उदासी या असंतोष बना रह सकता है। वृश्चिक में स्थित चंद्रमा पारिवारिक मामलों को लेकर भावनात्मक प्रतिक्रिया बढ़ा सकता है।
कन्या राशि:
कन्या राशि वालों का ध्यान घर, परिवार और मानसिक शांति पर रहेगा क्योंकि वृश्चिक राशि में चंद्र और शुक्र चतुर्थ भाव को प्रभावित कर रहे हैं। धनु में सूर्य और मंगल पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर सक्रियता बढ़ाएंगे, जिससे कुछ तनाव भी संभव है। गुरु मिथुन में होने से बातचीत द्वारा समस्याओं का समाधान निकल सकता है।
तुला राशि:
तुला राशि वालों के लिए यह दिन संवाद, विचार-विमर्श और सीखने से जुड़ा रहेगा। वृश्चिक राशि में चंद्र और बुध वाणी को प्रभावशाली बनाएंगे, लेकिन भावनात्मक तीखापन भी ला सकते हैं। धनु में सूर्य और मंगल साहस देंगे, जबकि राहु कुंभ में होने से नए संपर्क और तकनीकी माध्यमों से लाभ के योग बनेंगे।
वृश्चिक राशि:
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह दिन अत्यंत प्रभावशाली रहेगा क्योंकि चंद्रमा, बुध और शुक्र आपकी ही राशि में स्थित हैं। इससे आकर्षण, भावनात्मक गहराई और आत्मचिंतन बढ़ेगा। हालांकि भावनाएँ अत्यधिक प्रबल होने से निर्णयों में पक्षपात या जल्दबाज़ी हो सकती है। धनु में सूर्य और मंगल आर्थिक मामलों में सक्रियता लाएंगे, लेकिन खर्च भी बढ़ सकता है।
धनु राशि:
धनु राशि वालों के लिए यह दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा क्योंकि सूर्य और मंगल आपकी ही राशि में स्थित हैं। इससे नेतृत्व क्षमता और साहस बढ़ेगा, लेकिन क्रोध और अहंकार पर नियंत्रण आवश्यक होगा। वृश्चिक में चंद्रमा अवचेतन मन को सक्रिय करेगा, जिससे भीतर की बेचैनी या पुरानी चिंताएँ उभर सकती हैं।
मकर राशि:
मकर राशि वालों के लिए यह दिन आत्ममंथन और मानसिक विश्राम की आवश्यकता दर्शाता है। वृश्चिक राशि में चंद्रमा मन को अंतर्मुखी बनाएगा, जबकि धनु में सूर्य और मंगल अनावश्यक खर्च या ऊर्जा क्षय की स्थिति बना सकते हैं। शनि मीन में होने से धैर्य और आत्मअनुशासन बनाए रखना लाभकारी रहेगा।
कुंभ राशि:
कुंभ राशि वालों के लिए यह दिन सामाजिक जीवन और भविष्य की योजनाओं पर केंद्रित रहेगा क्योंकि राहु आपकी ही राशि में स्थित होकर महत्वाकांक्षाओं को बढ़ा रहा है। धनु में सूर्य और मंगल मित्रों और समूहों से जुड़े कार्यों में सक्रियता देंगे, जबकि वृश्चिक में चंद्रमा करियर को लेकर भावनात्मक दबाव बढ़ा सकता है।
मीन राशि:
मीन राशि वालों के लिए यह दिन करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ा रहेगा। वृश्चिक में स्थित चंद्रमा भाग्य को भावनात्मक रूप से प्रभावित करेगा, जबकि धनु में सूर्य और मंगल कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियाँ बढ़ाएंगे। शनि आपकी ही राशि में स्थित होकर धैर्य, अनुशासन और निरंतर प्रयास की परीक्षा लेगा, जिसका फल भविष्य में स्थायी सफलता के रूप में मिलेगा।
पौष अमावस्या का महत्त्व, December Amavasya, जानिए पौष अमावस्या में पूजा और व्रत का महत्त्व, क्या करे पोश अमावस्या को सफलता के लिए, 12 rashiyo par asar.

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