] } Skip to main content

Latest Astrology Updates in Hindi

Saptahik Rashifal

Saptahik Rashifal Aur Panchang, 3 से 8 अगस्त 2026 तक की भविष्यवाणियां| प्रेम जीवन की भविष्यवाणी, आने वाले सप्ताह में किस राशि के जातकों को लाभ मिलेगा, आने वाले सप्ताह के महत्वपूर्ण दिन और राशिफल, जानें आने वाले सप्ताह में कितने सर्वार्थ सिद्धि योग मिलेंगे। Saptahik Rashifal : ज्योतिष में चंद्रमा के गोचर पर आधारित साप्ताहिक भविष्यवाणियाँ महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि चंद्रमा हमारी भावनाओं, सहज प्रवृत्तियों और दैनिक मनोदशाओं को नियंत्रित करता है। सबसे तेज़ गति से चलने वाला खगोलीय पिंड होने के नाते, यह लगभग हर 2.25 दिनों में राशि बदलता है, जिससे साप्ताहिक आधार पर हमारी भावनाओं, प्रतिक्रियाओं और दूसरों के साथ जुड़ाव पर असर पड़ता है। विभिन्न राशियों में चंद्रमा के गोचर और अन्य ग्रहों पर इसके प्रभावों पर नज़र रखकर, ज्योतिषी सप्ताह के दौरान भावनात्मक रुझानों, विकास के अवसरों और संभावित चुनौतियों के बारे में जानकारी प्रदान कर सकते हैं। ये भविष्यवाणियाँ व्यक्तियों को अपनी गतिविधियों को ब्रह्मांडीय लय के साथ संरेखित करने में मदद करती हैं—संचार, निर्णय लेने, आत्म-देखभाल या आत्मनिरीक्षण के लिए सर्व...

Mangal Dosh Karan Aur Nivaran

जानिए क्या है मंगल दोष कुंडली मे , कैसे दूर करे मांगलिक दोष को, क्या समस्याए आ सकती है मंगल दोष के कारण जातक को. 

आज के दौर मे देखा जा रहा है की मांगलिक दोष के कारण बहुत लोग परेशान है परन्तु यहाँ ये भी बताना चाहेंगे की हर मांगलिक कुंडली खराब नहीं होती, कई बार ऐसा भी होता है की समस्या किसी और ग्रह के कारण होती है और व्यक्ति सिर्फ मंगल के उपायों को करता रहता है अतः अच्छे ज्योतिष से परामर्श लेना जरुरी होता है.
kundli me mangal dosh ke karan aur nivaran
Mangal Dosh Karan Aur Nivaran

मंगल दोष को कुज दोष या भौम दोष के नाम से भी जाना जाता है. 
अगर कुंडली मांगलिक हो और मंगल अशुभ हो तो जातक को जीवन में बहुत अधिक परेशानी होती है.

आइये अब जानते हैं की कुंडली मे मंगल कब माना जाता है ?

कुंडली मई १२ भाव होते हैं परन्तु इनमे से प्रथम भाव, चौथा भाव, सातवा भाव, आठवां भाव, और बारहवे का मंगल की मांगलिक दोष को जन्म देता है. ऐसी कुंडली मांगलिक कुंडली कहलाती है.
मांगलिक दोष का प्रयोग साधारणतः विवाह मे ही महत्त्व रखता है, जब कुंडली मिलान होता है तो ऐसी मान्यता है की मांगलिक वर को मांगलिक वधु ही चाहिए, अगर गुण मिलान हो रहे हो और कोई एक मांगलिक हो तो भी विवाह उपयुक्त नहीं माना जाता है.
आइये अब जानते हैं की मांगलिक दोष के कारण जातक को क्या परेशानियां आ सकती है जीवन मे ?
मंगल शक्ति का प्रतिक है इसीलिए जीवन मे बहुत महत्त्व रखता है. शक्ति का कम या ज्यादा होना समस्याएं पैदा कर सकता है.

Watch video here:

आइये अब जानते हैं मंगल के जीवन मे प्रभाव:

  • ऐसे जातक को गर्मी अधिक लग सकती है.
  • ऐसा जातक क्रोधी स्वभाव का हो सकता है.
  • ऐसे व्यक्ति दुसरो को दबाने से भी नहीं चुकते हैं.
  • मंगल अगर ख़राब हो और ताकतवर हो तो जातक को झगडालू भी बना देता है.
  • ख़राब मंगल जीवन मे दुर्घटनाओं को भी जन्म देता है.
  • पति पत्नी मे विवाद को भी जन्म देता है.
  • कुछ लोग गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं.
  • विवाह मे देरी हो सकती है
अगर कुंडली मे मंगल ख़राब हो तो उसे शांत करने के उपाय करने चाहिए. उपाय इस बात पर निर्भर करते हैं की मंगल की शक्ति कितनी है और वो कहाँ और कैसे बैठा है. इसके लिए कुंडली का विश्लेषण किया जाता है .

आइये अब जानते हैं की मांगलिक दोष के क्या समाधान हो सकते हैं?

  1. मांगलिक लड़के को मांगलिक लड़की से ही विवाह करना चाहिए.
  2. मंगल के मंत्रो का जप भी ऐसे मे लाभ दायक हो सकता है.
  3. मंगल का दान भी शुभ होता है.
  4. मंगल शांति पूजा /कुज दोष निवारण पूजा भी ऐसे मे शुभ होता है.
  5. भगवान् गणेश और शिवलिंग की पूजा भी शुभ होती है.
  6. भात पूजा से भी लाभ होता हिया.

अगर आपको मंगल है तो आपको कुछ बातो का ध्यान रखना चाहिए :

  1. किसी भी निर्णय पर जल्दी न पहुचे
  2. अपने साथी के भावनाओं का सम्मान करे.
  3. ज्यादा मसाले और तैलीय भोजन न करे.
  4. शिवलिंग पर मीठे जल से अभिषेक करे.
  5. सिद्ध मंगल यन्त्र मंगवा के उसकी पूजा करे रोज.
  6. ज्योतिष से कुंडली दिखवा के सलाह ले.
क्या आपकी कुंडली मांगलिक है, क्या कुज दोष के कारण जीवन संकतो से घिर गया है, क्या आप मंगल शांति चाहते हैं तो अभी ज्योतिषीय समाधान प्राप्त कर सकते हैं ऑनलाइन.



और सम्बंधित लेख पढ़े :

जानिए क्या है मंगल दोष कुंडली मे , कैसे दूर करे मांगलिक दोष को, क्या समस्याए आ सकती है मंगल दोष के कारण जातक को.

Comments

Popular posts from this blog

Kuldevi Strotram Lyrics

Kuldevi Strotram Lyrics, कुलदेवी स्त्रोत्रम पाठ के फायदे, कुलदेवी का आशीर्वाद कैसे प्राप्त करें, कुलदेवी को प्रसन्न करने का शक्तिशाली उपाय, Hindi Meanings of Lyrics | हिन्दुओं में कुलदेवी या कुलदेवता किसी भी परिवार के मुख्य देवी या देवता के रूप में पूजे जाते हैं और ये उस परिवार के मुख्य रक्षक भी होते हैं | किसी भी विशेष कार्य को करने से पहले कुलदेवी या कुलदेवता को पूजने की मान्यता है |  आज के समय में बहुत से परिवारों को उनके कुलदेवी या कुलदेवता का पता नहीं होता है अतः ऐसे में चिंता की बात नहीं है| कुलदेवी स्त्रोत्रम का पाठ करके और सुनके हम अपने कुलदेवी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं |  Kuldevi Strotram Lyrics सुनिए YouTube में कुलदेवी स्त्रोत्रम  Lyrics of Kuldevi Strotram:  ॐ नमस्ते श्री  शिवाय  कुलाराध्या कुलेश्वरी।   कुलसंरक्षणी माता कौलिक ज्ञान प्रकाशीनी।।1   वन्दे श्री कुल पूज्या त्वाम् कुलाम्बा कुलरक्षिणी।   वेदमाता जगन्माता लोक माता हितैषिणी।।2   आदि शक्ति समुद्भूता त्वया ही कुल स्वामिनी।   विश्ववंद्यां महाघोरां त्राहिमाम्...

Mahakal Kawacham || महाकाल कवच

महाकाल कवच के बोल, महाकाल कवचम के क्या फायदे हैं। Mahakal Kavacham || Mahakaal Kavach || महाकाल कवच || इस लेख में अति गोपनीय, दुर्लभ, शक्तिशाली कवच के बारे में बता रहे हैं जिसे की विश्वमंगल कवच भी कहते हैं। कवच शब्द का शाब्दिक अर्थ है सुरक्षा करने वाला | जिस प्रकार एक योद्धा युद्ध में जाने से पहले ढाल या कवच धारण करता है, उसी प्रकार रोज हमारे जीवन में नकारात्मक्क शक्तियों से सुरक्षा के लिए महाकाल कवच ढाल बना देता है | जब भी कवच का पाठ किया जाता है तो देविक शक्ति दिन भर हमारी रक्षा करती है |  कवच के पाठ करने वाले को अनैतिक कार्यो से बचना चाहिए, मांसाहार नहीं करना चाहिए, किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करना चाहिए | Mahakal Kavach का विवरण रुद्रयामल तंत्र में दिया गया है और ये अमोघ रक्षा कवच है | Mahakal Kawacham || महाकाल कवच  किसी भी प्रकार के रोग, शोक, परेशानी आदि से छुटकारा दिला सकता है महाकाल कवच का पाठ | इस शक्तिशाली कवच के पाठ से हम बुरी शक्तीयो से बच सकते हैं, भूत बाधा, प्रेत बाधा आदि से बच सकते हैं | बच्चे, बूढ़े, जवान सभी के लिए ये एक बहुत ही फायदेमंद है | बाबा महाकाल ...

Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning

श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्, Govinda Stotram, Sharanagati Stotram, Sanskrit Stotra, Vishnu Stotra, devotional prayer, Bhakti Stotra, Govinda prayer. श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम् के लाभ (फायदे): "श्रीगोविन्दशरणागतिस्तोत्रम्" एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तोत्र है, जो भगवान श्रीकृष्ण (गोविन्द) की शरण में जाने का भाव व्यक्त करता है। इसके नियमित पाठ से अनेक आध्यात्मिक, मानसिक और सांसारिक लाभ प्राप्त होते हैं जैसे: शरणागति का भाव जागृत होता है भय और संकट से रक्षा होती है भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि होती है पापों का नाश होता है मानसिक शांति और संतुलन में मदद मिलती है दैनिक जीवन में शुभता आने लगती है भगवान की कृपा प्राप्त होती है वैकुण्ठ प्राप्ति का भी यह एक महत्त्वपूर्ण साधन है Shri Govinda Stotram With Lyrics and Hindi Meaning 🔹 मुख्य लाभ: शरणागति का भाव जागृत करता है: यह स्तोत्र हमें पूर्ण समर्पण की भावना सिखाता है। भय और संकट से रक्षा: रोग, भय, शत्रु आदि से रक्षा करता है। भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि: श्रीकृष्ण भक्ति गहराती है...