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Mangal ka Vrishabh Rashi mai Gochar Ka Fal

Mangal ka Vrishabh Rashi mai Gochar Ka Fal, मंगल वृषभ राशी में  कब जायेंगे, मंगल के गोचर का फल, mangal gochar  june 2026. Mangal ka Vrishabh Rashi mai Gochar July 2026: ज्योतिष के अनुसार मंगल ग्रह का सम्बन्ध साहस, शक्ति, कुछ कर गुजरने का जज्बा, भूमि, उर्जा आदि से होता है इसीलिए अगर कुंडली में मंगल शुभ और शक्तिशाली हो जाए तो जातक बहुत सफल दिखाई देता है, उसे मान, प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है |  मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी हैं मंगल | मकर राशि में ये उच्च के होते हैं और कर्क राशि में नीच के होते हैं |  मंगल ग्रह के गुणों को देखते हुए उन्हें सेनापति का दर्जा मिला हुआ है |  मंगल ग्रह 21 June २०२६ को तडके लगभग 12:22 बजे वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे. मंगल के राशि परिवर्तन का 12 राशियों पर काफी ज्यादा प्रभाव पड़ता है | Mangal ka Vrishabh Rashi mai Gochar Ka Fal Read in English about Mars Transit In Taurus Impacts on 12 zodiacs आइये जानते हैं राशिफल : Mesh Rashifal (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ): मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर दूसरे भाव में ह...

Mangal Dosh Karan Aur Nivaran

जानिए क्या है मंगल दोष कुंडली मे , कैसे दूर करे मांगलिक दोष को, क्या समस्याए आ सकती है मंगल दोष के कारण जातक को. 

आज के दौर मे देखा जा रहा है की मांगलिक दोष के कारण बहुत लोग परेशान है परन्तु यहाँ ये भी बताना चाहेंगे की हर मांगलिक कुंडली खराब नहीं होती, कई बार ऐसा भी होता है की समस्या किसी और ग्रह के कारण होती है और व्यक्ति सिर्फ मंगल के उपायों को करता रहता है अतः अच्छे ज्योतिष से परामर्श लेना जरुरी होता है.
kundli me mangal dosh ke karan aur nivaran
Mangal Dosh Karan Aur Nivaran

मंगल दोष को कुज दोष या भौम दोष के नाम से भी जाना जाता है. 
अगर कुंडली मांगलिक हो और मंगल अशुभ हो तो जातक को जीवन में बहुत अधिक परेशानी होती है.

आइये अब जानते हैं की कुंडली मे मंगल कब माना जाता है ?

कुंडली मई १२ भाव होते हैं परन्तु इनमे से प्रथम भाव, चौथा भाव, सातवा भाव, आठवां भाव, और बारहवे का मंगल की मांगलिक दोष को जन्म देता है. ऐसी कुंडली मांगलिक कुंडली कहलाती है.
मांगलिक दोष का प्रयोग साधारणतः विवाह मे ही महत्त्व रखता है, जब कुंडली मिलान होता है तो ऐसी मान्यता है की मांगलिक वर को मांगलिक वधु ही चाहिए, अगर गुण मिलान हो रहे हो और कोई एक मांगलिक हो तो भी विवाह उपयुक्त नहीं माना जाता है.
आइये अब जानते हैं की मांगलिक दोष के कारण जातक को क्या परेशानियां आ सकती है जीवन मे ?
मंगल शक्ति का प्रतिक है इसीलिए जीवन मे बहुत महत्त्व रखता है. शक्ति का कम या ज्यादा होना समस्याएं पैदा कर सकता है.

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आइये अब जानते हैं मंगल के जीवन मे प्रभाव:

  • ऐसे जातक को गर्मी अधिक लग सकती है.
  • ऐसा जातक क्रोधी स्वभाव का हो सकता है.
  • ऐसे व्यक्ति दुसरो को दबाने से भी नहीं चुकते हैं.
  • मंगल अगर ख़राब हो और ताकतवर हो तो जातक को झगडालू भी बना देता है.
  • ख़राब मंगल जीवन मे दुर्घटनाओं को भी जन्म देता है.
  • पति पत्नी मे विवाद को भी जन्म देता है.
  • कुछ लोग गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं.
  • विवाह मे देरी हो सकती है
अगर कुंडली मे मंगल ख़राब हो तो उसे शांत करने के उपाय करने चाहिए. उपाय इस बात पर निर्भर करते हैं की मंगल की शक्ति कितनी है और वो कहाँ और कैसे बैठा है. इसके लिए कुंडली का विश्लेषण किया जाता है .

आइये अब जानते हैं की मांगलिक दोष के क्या समाधान हो सकते हैं?

  1. मांगलिक लड़के को मांगलिक लड़की से ही विवाह करना चाहिए.
  2. मंगल के मंत्रो का जप भी ऐसे मे लाभ दायक हो सकता है.
  3. मंगल का दान भी शुभ होता है.
  4. मंगल शांति पूजा /कुज दोष निवारण पूजा भी ऐसे मे शुभ होता है.
  5. भगवान् गणेश और शिवलिंग की पूजा भी शुभ होती है.
  6. भात पूजा से भी लाभ होता हिया.

अगर आपको मंगल है तो आपको कुछ बातो का ध्यान रखना चाहिए :

  1. किसी भी निर्णय पर जल्दी न पहुचे
  2. अपने साथी के भावनाओं का सम्मान करे.
  3. ज्यादा मसाले और तैलीय भोजन न करे.
  4. शिवलिंग पर मीठे जल से अभिषेक करे.
  5. सिद्ध मंगल यन्त्र मंगवा के उसकी पूजा करे रोज.
  6. ज्योतिष से कुंडली दिखवा के सलाह ले.
क्या आपकी कुंडली मांगलिक है, क्या कुज दोष के कारण जीवन संकतो से घिर गया है, क्या आप मंगल शांति चाहते हैं तो अभी ज्योतिषीय समाधान प्राप्त कर सकते हैं ऑनलाइन.



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