Chandra Grahan kab lagega 2026, चंद्र ग्रहण कब लगेगा, चंद्र ग्रहण तिथि और समय, Chandra Grahan Date and Time, Chandra Grahan Rashifal, चंद्र ग्रहण का असर, 12 राशियों पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव, kin baato ka dhyan rakhen. Chandra Grahan 2026: 3 March मंगलवार को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने वाला है जो की भारत में दिखाई देगा जिससे इसका सूतक काल भी मान्य होगा। गोचर कुंडली को देखें तो ये पूर्ण चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा। इस खगोलीय घटना के दौरान, चंद्रमा पृथ्वी की छाया में चला जाएगा जिससे वो गहरे लाल रंग का हो जाएगा जिसे अक्सर "ब्लड मून" कहा जाता है। Chandra Grahan Kab Lagega इस महीने 'ब्लड मून' पूर्ण चंद्रग्रहण कहां दिखाई देगा? ये पूर्ण चन्द्र ग्रहण भारत सहित एशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका में दिखाई देगा। क्यों होता है ब्लड मून? जब हमारी पृथ्वी अपने परिक्रमा पथ पर बढ़ते हुए चं...
अशुभ मंगल के उपाय, जानिए कुछ आसान उपाय मंगल के दुष्प्रभाव को कम करने के, कैसे पायें मंगल की कृपा.
मंगल के उपाय जानने से पहले आइये जानते हैं की ख़राब मंगल और कमजोर मंगल में क्या अंतर है. अशुभ मंगल मतलब है की मंगल शत्रु राशि में बैठा है परन्तु कमजोर मंगल शुभ और अशुभ दोनों हो सकता है.
इस लेख में हम सिर्फ अशुभ मंगल के उपाय ही देखने वाले है. कमजोर और दूषित मंगल के उपाय अलग अलग होते हैं अतः भ्रमित नहीं होना चाहिए.
मंगल के उपाय जानने से पहले आइये जानते हैं की ख़राब मंगल और कमजोर मंगल में क्या अंतर है. अशुभ मंगल मतलब है की मंगल शत्रु राशि में बैठा है परन्तु कमजोर मंगल शुभ और अशुभ दोनों हो सकता है.
इस लेख में हम सिर्फ अशुभ मंगल के उपाय ही देखने वाले है. कमजोर और दूषित मंगल के उपाय अलग अलग होते हैं अतः भ्रमित नहीं होना चाहिए.
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| Ashubh Mangal Ke Upaay |
मंगल हमारे जीवन में बहुत महत्त्व रखता है और वैदिक ज्योतिष के हिसाब से मंगल छोटे भाई, रक्त/खून, गुस्से,शक्ति, आदि से सम्बन्ध रखता है.
आइये जानते हैं की कब मंगल अशुभ होता है ?
मंगल मिथुन और कन्या राशि में अशुभ हो जाता है और कर्क राशि में ये नीच का हो जाता है अतः अगर कुंडली में मंगल मिथुन राशि, कर्क या फिर कन्या राशि के साथ बैठा हो तो जातक को इसके गंभीर परिणाम भुगतना पड़ते हैं | अगर आप अपनी कुंडली देखे तो मंगल अगर ३, ४ या ६ नंबर के साथ बैठा हो तो इसका मतलब होगा की मंगल अशुभ है और इसके कारण जातक को बहुत समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है |
अगर कुंडली में मंगल शुभ है तो जातक को भूमी सुख, शक्ति, आकर्षण शक्ति की प्राप्ति बहुत ही आसानी से हो जाती है. वही दूषित मंगल अनेको समस्याएं उत्पन्न करता है जीवन में.
आइये जानते हैं की किस प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती है ख़राब मंगल के कारण:
- अशुभ मंगल से रक्त चाप की समस्या हो सकती है.
- ये जातक को गुस्सेल बना सकता है.
- जातक के अन्दर एक भय रह सकता है बिना बात के.
- अपने जीवन साथी से बिना किसी बात के ही लड़ाई झगडे हो सकते हैं.
- अचानक से अवसाद और नकारात्मकता घेर सकता है अशुभ मंगल के कारण
- अशुभ मंगल के कारण जातक के सम्बन्ध गलत लोगो से हो जाता है जिससे बदनामी भी हो सकती है.
- विवाह में देरी भी हो सकती है ख़राब मंगल के कारण
- प्रेम संबंधो में भी समस्या आ सकती है .
- अशुभ मंगल जातक को अहंकारी भी बना सकता है.
- रक्त की कमी से भी जातक झूझ सकता है.
- जातक दुर्घटनाओं का भी शिकार हो सकता है.
अगर मंगल के कारण जीवन समस्या से ग्रस्त हो गया है तो अच्छे ज्योतिष से परामर्श ले के सही उपाय को अपनाना चाहिए.
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आइये जानते हैं कुछ आसान उपाय अशुभ मंगल के प्रभाव को कम करने के लिए:
- मंगल शांति पूजा एक अच्छा तरीका है मंगल के दुष्प्रभाव को कम करने का.
- अगर जातक मांगलिक हो और मंगल शत्रु का हो तो विवाह से पहले कुम्भ विवाह शुभ होता है.
- मंगलवार का उपवास करे और मंदिर में मीठा बांटे.
- एक ताम्बे के पात्र में मंगल यंत्र रखके उसमे मीठा पानी डाल के शिवजी का अभिषेक करे मंगलवार को.
- लाल कपडे न पहने, मूंगा भी धारण न करे अगर कुंडली में मंगल ख़राब है.
- अपने छोटे भाई का ध्यान रखे.
- हनुमान चालीसा का पाठ रोज करे.
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