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Makar Sankaranti Ka Mahattwa in Hindi

Makar Sankaranti Kab hai  2026 mai aur kya hai Mahattwa in Hindi, मकर संक्रांति का महत्त्व, क्या करे सफलता के लिए मकर संक्रांति को, सफलता के लिए ज्योतिषीय उपाय जानिए, पढ़िए सूर्य का मकर राशी में प्रवेश करने का राशिफल . Makar Sankranti Kab Hai 2026: मकर संक्रांति का त्यौहार पूरे भारत में बहुत ही उत्साह से मनाया जाता है, भारत वर्ष में मनाये जाने वाले उत्सवों में ये भी एक बड़ा उत्सव है. इस दिन बच्चे, बूढ़े, जवान, महिलाए आदि सभी लोग पतंग उड़ाना पसंद करते हैं. पूरे दिन लोग अपने परिवार वालो के साथ छत पर बिताते हैं या फिर मैदान मे, लोग तिल के लड्डू भी बनाते हैं और एक दूसरे को बाटते हैं. Makar Sankaranti Kab hai 2026 ये महत्त्वपूर्ण त्यौहार अलग अलग रूप में भारत वर्ष में मनाया जाता है जैसे की तमिल नाडू मे इसे पोंगल के नाम से मनाते हैं, आसाम में इसे बिहू के नाम से मनाते हैं, पंजाब और हरयाणा में इसे लोहरी के रूप में मनाते हैं.  आइये जानते हैं 2026 में कब है Makar Sankranti?– इस साल सूर्य 14 तारीख को दिन में लगभग 2:50 मिनट पे मकर राशि में प्रवेश करेंगे जिसके कारण मकर संक्रा...

Ashubh Shukra Ke Upaay Jyotish Me

अशुभ शुक्र के उपाय, जानिए कुछ आसान उपाय शुक्र के दुष्प्रभाव को कम करने के, कैसे पायें शुक्र की कृपा.
शुक्र के उपाय जानने से पहले आइये जानते हैं की कुंडली में ख़राब शुक्र और कमजोर शुक्र में क्या अंतर है. अशुभ शुक्र का मतलब है की शुक्र शत्रु राशि में बैठा है परन्तु कमजोर शुक्र शुभ और अशुभ दोनों हो सकता है. इस लेख में हम सिर्फ अशुभ शुक्र के उपाय ही देखने वाले है. कमजोर और दूषित शुक्र के उपाय अलग अलग होते हैं अतः भ्रमित नहीं होना चाहिए. शुक्र हमारे जीवन में बहुत महत्त्व रखता है और वैदिक ज्योतिष के हिसाब से शुक्र प्रेम, ऐशो आराम, सेक्स जीवन, विपरीत लिंग से सम्बन्ध, उर्जा, सुखी वैवाहिक जीवन, ग्लैमर की दुनिया आदि से सम्बन्ध रखता है. अगर कुंडली में शुक्र शुभ है तो जातक को सफल और आनंदायक जीवन की प्राप्ति बहुत ही आसानी से हो जाती है. वही दूषित शुक्र अनेको समस्याएं उत्पन्न करता है जीवन में.
पढ़िए कमजोर शुक्र के उपाय क्या है ज्योतिष में >>
ashubh shukra ke upay in hindi jyotish
Ashubh Shukra Ke Upaay Jyotish Me

कब होता है शुक्र अशुभ ?

  1. अगर जन्म पत्रिका में शुक्र कर्क राशि में बैठा हो तो अशुभ प्रभाव उत्पन्न करता है |
  2. कुंडली मे मौजूद सिंह राशि का शुक्र भी अशुभ होता है जिसके कारण भी जातक को कई समस्याएं आती है |
  3. जन्मपत्रिका में कन्या राशि का शुक्र तो नीच का होता है जिससे बहुत ज्यादा समस्याएं जातक को भोगना पड़ता है |
  4. इसके अलावा अगर शुक्र सूर्य के साथ बैठ जाए या फिर राहू या केतु के साथ बैठ जाए तो भी अपना शुभ प्रभाव दिखाने में कमजोर पड़ जाता है |
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आइये जानते हैं की किस प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती है ख़राब शुक्र के कारण:

  • अशुभ शुक्र के कारण जातक को संतान समस्या आ सकती है.
  • अशुभ शुक्र के कारण जातक को वैवाहिक जीवन में समस्या आ सकती है.
  • ये सेक्स करने की ताकत को कम कर सकता है.
  • जातक को प्रेम में सफलता नहीं मिल पाती.
  • जातक को सेक्सुअल बीमारियाँ होने की सम्भावना होती है.
  • ख़राब शुक्र के कारण जातक को गलत आदते लग सकती है जिससे बदनामी हो सकती है.
  • अगर ऐसा जातक ग्लेमर जगत से जुड़ा हो तो उसे सफलता के लिए बहुत संघर्ष करना होता है.
  • ऐसे जातक महिलाओं से धोखा भी खा सकते हैं.
  • जातक को ऐशो आराम के लिए बहुत अधिक परिश्रम करना होता है.
समस्या कितनी गंभीर और किस प्रकार की होगी, ये इस बात पर निर्भर करेगा की शुक्र की स्थिति कुंडली में कैसी है.
अगर शुक्र के कारण जीवन समस्या से ग्रस्त हो गया है तो अच्छे ज्योतिष से परामर्श ले के सही उपाय को अपनाना चाहिए. पढ़िए कैसे करे शुक्र को मजबूत ?

आइये जानते हैं कुछ आसान उपाय अशुभ शुक्र के प्रभाव को कम करने के लिए:

  • शुक्र शांति पूजा एक अच्छा तरीका है शुक्र के दुष्प्रभाव को कम करने का.
  • रोज शुक्र के १०८ मंत्रो का कम से कम जप करे और माता मंदिर में कपूर अर्पित करे साथ ही अपने अच्छे जीवन के लिए प्रार्थना करे.
  • शुक्रवार का व्रत करे और शुक्र के चीजो का दान करे शुक्रवार को.
  • हीरा धारण न करे अगर कुंडली में शुक्र ख़राब है तो.
  • किसी माता मंदिर में रोज जाएँ और कपूर का दीपक जलाएं.
  • शुक्रवार को खीर, चावल, दही, चांदी का दान महिलाओं को करे या फिर माता मंदिर में करे.
  • महिलाओं का आशीर्वाद जरुर ले रोज. और पढ़िए शुक्र को कैसे खुश करे>>
अतः अगर शुक्र शुभ नहीं है कुंडली में तो घबराए न, ज्योतिष से संपर्क करे और सही उपाय प्राप्त करे.



अशुभ शुक्र के उपाय, जानिए कुछ आसान उपाय शुक्र के दुष्प्रभाव को कम करने के,How to reduce ill effects of venus?, कैसे पायें शुक्र की कृपा.

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