Skip to main content

Sona Kinka Bhagya Jagata Hai jyotish Anusar

सोना किनके लिए भाग्योदय का कारक होता है जानिए ज्योतिष के माध्यम से, कब खरीदना चाहिए सोना, किनको करना चाहिए सोने का कारोबार, किनको पहनना चाहिए सोना जीवन को सफल बनाने के लिए |

बेशकीमती धातुओं में से एक धातु है सोना जो की धरती के गर्भ में मौजूद है | सोना मूलतः चमकदार नहीं होता है परन्तु जब इसे अग्नि में तपाया जाता है तो इसकी चमक बढती जाती है और जब ये तपने के बाद निखार में आता है तो लोग इसे अपने साथ रखना चाहते हैं. इस दुनिया में भी जो व्यक्ति तप करता है संघर्ष करता है, उसमे निखार आ जाता है और ऐसे लोग अपने साथ दुसरो का भी भला करने में सक्षम हो जाते हैं |

Sona Kinka Bhagya Jagata Hai jyotish Anusar
Sona Kinka Bhagya Jagata Hai jyotish Anusar

आइये जानते हैं ज्योतिष में सोने का महत्त्व:

ज्योतिष के अन्दर जब उपायों की बात आती है तब सोने का स्तेमाल बहुत होता है क्यूंकि इसे एक पवित्र धातु में गिना जाता है | इसका स्तेमाल ताबीज बनाने में, मूर्ति बनाने में, अंगूठी बनाने में, यन्त्र बनाने, दान आदि में किया जाता है | इसका कारण ये है की सोने का सम्बन्ध मुख्यतः गुरु ग्रह से होता है जो की ज्ञान, उर्जा से सम्बन्ध रखता है |

जिनको भी सोना फल जाता है, उनके वारे न्यारे हो जाते हैं, ऐसे जातक हर दिशा से सफलता अर्जित करने लगते हैं. परंतू कुछ ऐसे भी लोग हैं जो यदि सोना धारण करते हैं तो उन्हें नुक्सान होने लगता है, एलर्जी होने लगती है, घुटन सी महसूस होने लगती है आदि , इसका कारण भी हम आगे देखेंगे |

ऐसे कितने ही लोग है जिन्होंने शौक शौक में सोना धारण किया और कर्जे में आने के कारण परिवार का सोना भी उन्हें बेचना पड़ गया | अतः सोना की शक्ति को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए. ये राजा भी बना सकता है और रंक भी |

कुंडली को सूक्ष्मता से देखने से ये पता चलता है की किनके लिए सोना अत्यधिक फायदेमंद है, सिर्फ सोना धारण करने से भी ग्रहों के बल को बढ़ाया जा सकता है| ऐसे कितने ही लोग है जिनको मैंने सिर्फ सोने से बने छल्ले धारण करने को कहा और उनका भाग्योदय हो गया |

आयुर्वेद में सोने का प्रयोग :

आयुर्वेद में भी सोने का बहुत महत्त्व है और इसीलिए विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए भी सोने का स्तेमाल किया जाता है | 

सोने की तासीर गर्म है और ये उर्जा से भरपूर है | इसीलिए कमजोरी दूर करने के लिए शरीर में ओज को बढ़ाने के लिए, वीर्य शक्ति को बढ़ाने के लिए, नसों की कमजोरी को दूर करने के लिए आयुर्वेद में बहुत सी दवाइयों में स्वर्ण का प्रयोग किया जाता है अलग अलग तरीके से |

Watch Video Here:

आइये जानते हैं की किनको सोना धारण करने से पहले अच्छी तरह विचार कर लेना चाहिए?

  1. जिन लोगो को गुस्सा बहुत आता है उन्हें इसे धारण करने से बचना चाहिए |
  2. जिन लोगो का वजन तेजी से बढ़ रहा हो, उन्हें भी इसे प्रयोग करने से पहले अच्छे ज्योतिष से पूछ लेना चाहिए |
  3. जिन लोगो का अहंकार बहुत बढ़ा हुआ हो, उन्हें भी सोने से अपने आपको बचाना चाहिए.
  4. जिन लोगो के शारीर में अत्यधिक गर्मी है, उन्हें भी इसे स्तेमाल करने से पहले कुंडली दिखा देना चाहिए|
  5. अगर आपके कुंडली में गुरु अशुभ है तो भी सोच समझकर ही सोना धारण करे अन्यथा नुक्सान हो सकता है |
  6. सूर्य के अशुभ होने की अवस्था में भी सोना पहनने से पहले ज्योतिष से सलाह ले ले. 

यहाँ पर ये भी ध्यान रखे की अगर आपने उपर्युक्त अवस्था में सोना धारण किया है तो अपने ऊपर होने वाले असर को ध्यान से देखे और फिर निर्णय ले की क्या आपको सोना धारण करना चाहिए|

आइये अब जानते हैं की किनका भाग्य जगा सकता है सोना?

  • चूँकि सोने का सम्बन्ध गुरु ग्रह से होता है अतः जिनके कुंडली में गुरु शुभ है परन्तु कमजोर हो तो उन्हें सोना जरुर धारण करना चाहिए, इससे चमत्कारी रूप से जीवन में बदलाव महसूस होगा|
  • अगर आप गुरु से सम्बंधित कार्य करते हैं और उसमे आपको उन्नति नहीं मिल रही है तो ऐसे में भी आप ज्योतिष से कुंडली दिखा के सोना धारण कर सकते हैं |
  • अगर आपको ठण्ड की तासीर है सर्दी जुकाम बहुत लगता है तो ऐसे में भी सोना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है |
  • अगर आपके कुंडली में सूर्य शुभ हो परन्तु कमजोर हो तो ऐसे में भी सोना धारण करके आप उसके बल को बढ़ा सकते हैं और जीवन में नाम, यश पा सकते हैं |
  • धनु और मीन राशी वाले लोग भी सोना धारण करके लाभ ले सकते हैं |

नोट: कभी भी सोने से बने किसी चीज को अपने कमर से निचे धारण ना करें | और ये भी ध्यान रखे की अगर आप इस धातु की शक्ति को सही में परखना चाहते हैं तो इसे धारण करने के बाद अवैध गतिविधियों से दूर रहे | मांसाहार और दारु का प्रयोग करने से बचे, हिंसा ना करे |


कब खरीदना चाहिए सोना भाग्योदय के लिए?

सोना का सम्बन्ध गुरु से है और साथ ही इसका सम्बन्ध सूर्य से भी होता है जिसके कारण सोने में तेज होता है , चमक होता है, उर्जा होती है और इसे धारण करने वाले में भी सारे गुण उत्पन्न होने लगते हैं | परन्तु सोना कभी भी बिना महूरत के नहीं खरीदना चाहिए, ज्योतिष के हिसाब से अगर आप सही महूरत में सोना खरीदते हैं तो इसका फायदा कई गुना बढ़ सकता है |

आइये जानते हैं कुछ विशेष समय जब इसे खरीद के हम अपना भाग्य जगा सकते हैं :

  1. गुरु पुष्य योग में सोना जरुर खरीदना चाहिए |
  2. रवि पुष्य योग में भी सोना खरीदना शुभ होता है |
  3. इसके अलावा आप पञ्चांग देखके गुरुवार को शुभ, लाभ और अमृत के चोघडिये में सोना खरीद सकते हैं |
  4. धनतेरस को भी आप गोल्ड खरीद सकते हैं सही महूरत में |
  5. अगर गुरुवार को सर्वार्थ सिद्धि का योग पड़े तो भी आप गोल्ड खरीद सकते हैं |
  6. रविवार को भी सही महूरत में आप गोल्ड खरीद सकते हैं |

कैसे रखें सोने के आभूषणों को?

अगर आपके पास कच्चा सोना या आभूषण है तो इनको रखने का भी ध्यान रखे, सोने को साधारण तरीके से ना रखे, जहा आप इसे रखते हैं उसके निचे लाल या पीला मलमल का कपडा बिछा दे और फिर रखे. उस जगह की पवित्रता बना के रखे, इससे आपको जीवन में बहुत लाभ मिलेगा |

कुंडली से हमे और भी बहुत सी बातो को पता चलता है की :

  • क्या सोना गिफ्ट करना अच्छा होगा ?
  • क्या गोल्ड को गिफ्ट के रूप में लेना शुभता लाएगा |
  • कब जगायेगा सोना हमारे भाग्य को ?
  • किस समय हमे सोना धारण नहीं करना चाहिए?
  • क्या सोने का कारोबार से फायदा होगा ?
  • कब करे सोने का दान ?

हमारी कुंडली में मौजूद ग्रह हमारे बारे में बहुत कुछ बताते हैं जिसे जानके हम चमत्कारी रूप से अपने जीवन को बदल सकते हैं, सफलता प्राप्त कर सकते हैं |

अगर आप भी दिखाना चाहते हैं कुंडली तो संपर्क कर सकते हैं ज्योतिष से और जान सकते हैं अपने बारे में बहुत कुछ |

सोना किनके लिए भाग्योदय का कारक होता है जानिए ज्योतिष के माध्यम से, How gold bring luck in life as per astrology, कब खरीदना चाहिए सोना, किनको करना चाहिए सोने का कारोबार, किनको पहनना चाहिए सोना जीवन को सफल बनाने के लिए |

Comments

Popular posts from this blog

Suar Ke Daant Ke Totke

Jyotish Me Suar Ke Daant Ka Prayog, pig teeth locket benefits, Kaise banate hai suar ke daant ka tabij, क्या सूअर के दांत का प्रयोग अंधविश्वास है. सूअर को साधारणतः हीन दृष्टि से देखा जाता है परन्तु यही सूअर पूजनीय भी है क्यूंकि भगवान् विष्णु ने वराह रूप में सूअर के रूप में अवतार लिया था और धरती को पाताल लोक से निकाला था. और वैसे भी किसी जीव से घृणा करना इश्वर का अपमान है , हर कृति इस विश्व में भगवान् की रचना है. Suar Ke Daant Ke Totke सूअर दांत के प्रयोग के बारे में आगे बताने से पहले कुछ महत्त्वपूर्ण बाते जानना चाहिए : इस प्रयोग में सिर्फ जंगली सूअर के दांत का प्रयोग होता है. किसी सूअर को जबरदस्त मार के प्रयोग में लाया गया दांत काम नहीं आता है अतः किसी भी प्रकार के हिंसा से बचे और दुसरो को भी सचेत करे. वैदिक ज्योतिष में सूअर के दांत के प्रयोग के बारे में उल्लेख नहीं मिलता है. इसका सूअर के दांत के प्रयोग को महुरत देख के ही करना चाहिए. कई लोगो का मनना है की सुकर दन्त का प्रयोग अंधविश्वास है परन्तु प्रयोग करके इसे जांचा जा सकता है , ऐसे अनेको लोग है जो अपने बच्चो को इसक

Kala Jadu Kaise Khatm Kare

काला जादू क्या है , कैसे पता करे काला जादू के असर को, कैसे ख़त्म करे कला जादू के असर को, hindi में जाने काले जादू के बारे में. काला जादू अपने आप में एक खतरनाक विद्या है जो की करने वाले, करवाने वाले और जिस पर किया जा रहा है उन सब का नुक्सान करता है. यही कारण है की इस नाम से भी भय लगता है. अतः ये जरुरी है की इससे जितना हो सके बचा जाए और जितना हो सके उतने सुरक्षा के उपाय किया जाए. kale jadu ko khatm karne ke upaay hindi mai ज्योतिष संसार के इस लेख में आपको हम उसी विषय में अधिक जानकारी देंगे की कैसे हम काले जादू का पता कर सकते हैं और किस प्रकार इससे बचा जा सकता है. प्रतियोगिता अच्छी होती है परन्तु जब ये जूनून बन जाती है तब व्यक्ति गलत ढंग से जीतने के उपाय करने से भी नहीं चुकता है. आज के इस प्रतियोगिता के युग में लोग बस जीतना चाहते हैं और इसके लिए किसी भी हद तक जाने से नहीं चुकते हैं और यही पर काला जादू का प्रयोग करने की कोशिश करते है. संपर्क करे ज्योतिष से मार्गदर्शन के लिए >> आखिर में क्या है काला जादू? हर चीज के दो पहलु होते हैं एक अच्छा और एक बुरा. काल

Gola Khisakna Kya Hota Hai Aur Iska Ilaaj Kya Hai

Kya Hota hai gola khisakna, nabhi hatne ka matlab kya hai, kaise thik kar sakte hain dharan ko, janiye kuch asaan tarike nabhi ko thik karne ke. nabhi khisakna aur asaan ilaaj साधारण शब्दों में नाभि खिसकना : जब हम बात करते हैं शारीर के मध्य इस्थान का तब नाभि का ध्यान आता है, जब हम योग के सन्दर्भ में मनिपुरक चक्र की बात करते हैं तब हमे ध्यान आता है नाभि का, जब भी पेट में दर्द होता है तो ध्यान आता है नाभि का. अतः नाभि हमारे शारीर का एक महात्वपूर्ण अंग है, इसी नाभि को गोला या धारण भी कहते हैं. अंग्रेजी में नाभि को Navel कहते हैं. ये वास्तव में एक संगम है जहाँ से नाड़ियाँ गुजरती हैं हर प्रकार की , अतः यहाँ पर जाल बना हुआ है नाड़ियों का, इन नाड़ियो को सहारा देने के लिए मांसपेशियां भी होती है और जब ये अपनी जगह से कभी खिसकती हैकिसी कारण से तो उसे कहते हैं “नाड़ी का खिसकना या गोला खिसकना या धरण ”. कभी ये बाएं खिसकता है, कभी ये दायें खिसकता है, कभी ऊपर और कभी निचे खिसकता है. गोला खिसकने के ज्योतिषीय कारण: मैंने अपने शोध में पाया है की जिन लोगो का गोला ज्यादा खिसकता है उनके